19.1 C
Delhi
18 February 2026, Wednesday
- Advertisment -

वायरल वीडियो

बिहार में ट्रेनों का एक ही ट्रैक पर अब नहीं होगी आमने‑सामने की टक्कर; ‘कवच’ प्रणाली के साथ परिचालन शुरू

Bihar Railway: पूर्व मध्य रेल ने मानपुर-सरमाटांड रेलखंड पर ‘कवच’ प्रणाली के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है. अब एक ही ट्रैक पर आमने-सामने टक्कर की संभावना समाप्त हो गई है. पहली ट्रेन 13305 सासाराम इंटरसिटी ने इस तकनीक के साथ सफल परिचालन किया.

Bihar Railway: बिहार के रेलखंड पर अब एक ही ट्रैक पर ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर होने की संभावना खत्म हो गई है. पूर्व मध्य रेल ने ‘कवच’ प्रणाली के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है. दरअसल, पूर्व मध्य रेल यात्री सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार नई तकनीकों को अपनाती रही है. इसी दिशा में आज डीडीयू-प्रधानखांटा रेलखंड के 93.3 किलोमीटर लंबे मानपुर-सरमाटांड रेलखंड पर ‘कवच’ प्रणाली के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया. यह कदम रेलवे सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

पहली ट्रेन ने किया सफल परिचालन

आज पहली ट्रेन 13305 सासाराम इंटरसिटी ने कवच तकनीक से लैस सुरक्षा सुविधाओं के साथ सुबह 07.42 बजे सरमाटांड स्टेशन से प्रस्थान किया और 09.35 बजे मानपुर स्टेशन पर सफलतापूर्वक पहुंची. इस दौरान हेड-ऑन कोलिजन टेस्ट भी किया गया, जिसमें ट्रेन ने 4,259 मीटर की दूरी पर रुकने में सफलता हासिल की.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

रेलखंड की महत्वता और संरचना

पूर्व मध्य रेल पर कुल 4,238 रूट किलोमीटर रेल मार्ग को कवच प्रणाली से लैस किया जाना है. इसमें लगभग 417 किलोमीटर लंबे पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-मानपुर-प्रधानखांटा रेलखंड का शामिल होना इसे भारतीय रेल के दिल्ली-हावड़ा रेलखंड के व्यस्ततम मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है. यह रेलखंड उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों से होकर गुजरता है.

इस मार्ग पर कुल 77 स्टेशन, 8 जंक्शन स्टेशन, 79 लेवल क्रॉसिंग गेट और 7 इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल स्थित हैं. रेलखंड पर सभी प्रकार की ट्रेनों का परिचालन होता है, जिसमें माल ढुलाई, मेल/एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों शामिल हैं. वर्तमान में इस रेलखंड पर ट्रेनों को 130 किमी/घंटा की गति से चलने की अनुमति है. मिशन रफ्तार के तहत इसे बढ़ाकर 160 किमी/घंटा तक करने के प्रयास जारी हैं.

‘कवच’ प्रणाली: सुरक्षा की नई तकनीक

‘कवच’ एक उन्नत टक्कर-रोधी तकनीक है, जो रेलवे को शून्य दुर्घटना के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी. यह प्रणाली माइक्रो प्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और रेडियो संचार के माध्यम से जुड़ी रहती है. यदि कोई दूसरी ट्रेन समान ट्रैक पर निर्धारित दूरी में आती है, तो कवच सिस्टम इंजन में लगे उपकरण के माध्यम से चालक को सतत चेतावनी देता है और स्वचालित ब्रेक लगाने में सक्षम होता है.

कवच प्रणाली मौजूदा सिग्नलिंग सिस्टम के साथ संपर्क बनाए रखती है और परिचालन से जुड़े प्राधिकृत व्यक्तियों को निरंतर जानकारी साझा करती है. यह प्रणाली किसी भी आपात स्थिति में स्टेशन और लोको ड्राइवर को तुरंत सचेत करने के साथ-साथ साइड-टक्कर, आमने-सामने की टक्कर और पीछे से होने वाली टक्करों की रोकथाम में पूर्णतः सक्षम है. प्रणाली रोल बैक, फॉरवर्ड और रिवर्स मूवमेंट के दौरान लगातार सतर्क रहती है और समपार फाटक की जानकारी स्वचालित रूप से प्रदान करती है.

बोले अधिकारी

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि यह प्रणाली यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय रेलवे के आधुनिक और सुरक्षित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

इसे भी पढ़ें-जून 2027 तक पूरा होगा दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर, 45% काम पूरा

- Advertisement -
HelloCities24
HelloCities24
HelloCities24 हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, खेल और मनोरंजन से जुड़ी ताजा खबरें लाता है. अपने शहर की बड़ी खबरें सबसे पहले पाएं HelloCities24 पर — भरोसेमंद हिंदी न्यूज प्लेटफॉर्म.
संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

- Advertisment -
Patna
haze
27 ° C
27 °
27 °
44 %
2.1kmh
0 %
Wed
29 °
Thu
31 °
Fri
33 °
Sat
33 °
Sun
33 °
- Advertisment -

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here