इस खबर में क्या है?
Bihar News : फुलवारी शरीफ स्थित एम्स पटना ने बिहार और झारखंड के मरीजों को बड़ी राहत देते हुए थायरॉयड कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब यहां रेडियो-आयोडीन थेरेपी और पीईटी-सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में शुरू कर दी गई हैं. पहले इस तरह के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की अधिक खपत होती थी.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब मरीजों को जांच से लेकर इलाज तक की पूरी प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी. इससे न केवल उपचार में तेजी आएगी बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी. यह पहल क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
एक ही जगह पर जांच और इलाज की सुविधा
एम्स पटना में शुरू की गई इस नई सुविधा के तहत मरीजों को थायरॉयड कैंसर से जुड़ी सभी जरूरी जांच और उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे. इसमें पीईटी-सीटी स्कैन, स्पेक्ट-सीटी और रेडियो-आयोडीन थेरेपी का समेकित उपयोग किया जाएगा. इससे बीमारी का सटीक पता लगाने में मदद मिलेगी और मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल सकेगा. पहले अलग-अलग जगहों पर जांच और उपचार के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है.
विशेषज्ञों ने बताया तकनीक का महत्व
इस सुविधा का उद्घाटन कार्यकारी निदेशक सह सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल द्वारा किया गया. उन्होंने इसे मरीजों को बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सेवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. वहीं न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज कुमार ने जानकारी दी कि थेरानॉस्टिक तकनीक के इस्तेमाल से जांच और इलाज को सीधे जोड़ा गया है. इस तकनीक के जरिए मरीजों को अधिक सटीक और लक्षित उपचार मिल सकेगा, जिससे इलाज की सफलता दर भी बेहतर होने की संभावना है.
बाहर जाने की जरूरत खत्म, खर्च में भी कमी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अब राज्य के बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इससे यात्रा और रहने पर होने वाले अतिरिक्त खर्च में कमी आएगी. साथ ही इलाज में देरी की समस्या भी दूर होगी. समय पर निदान और उपचार मिलने से मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना भी बढ़ेगी. खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह सुविधा बेहद फायदेमंद साबित होगी.
क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल
एम्स पटना अब बिहार और झारखंड के लिए एक ऐसा प्रमुख सरकारी संस्थान बनकर उभरा है, जहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हैं. इस पहल को क्षेत्र के मरीजों के लिए नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाओं के विस्तार से बड़े शहरों पर दबाव कम होगा और क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सशक्त बनेंगी.
यह कदम न केवल थायरॉयड कैंसर के मरीजों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में भी सामने आया है.
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