14.1 C
Delhi
15 February 2026, Sunday
Home Blog Page 24

Muzaffarpur News : एक यात्री की चूक से गोंदिया एक्सप्रेस 15 मिनट तक रुकी, यात्रियों में अफरातफरी

गोंदिया एक्सप्रेस
एक यात्री की चूक से गोंदिया एक्सप्रेस 15 मिनट तक रुकी.

Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर जंक्शन पर मंगलवार को गोंदिया एक्सप्रेस के अचानक रुकने से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफॉर्म छोड़ते ही एक यात्री डिब्बे से नीचे उतर गया. उसे फिर से ट्रेन में चढ़ाने की कोशिश के दौरान किसी ने इमरजेंसी ब्रेक खींच दी, जिससे ट्रेन करीब 15 मिनट तक वहीं प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही.

प्लेटफॉर्म पर अचानक मची भगदड़

ट्रेन के रुकते ही प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी का माहौल बन गया. यात्रियों में डर और उलझन फैल गई, जबकि रेलवे गार्ड, आरपीएफ और जीआरपी के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. कई यात्रियों ने डिब्बों के पास इधर-उधर भागते देखा. वॉकी-टॉकी पर लगातार संदेश आने लगे और अधिकारी ट्रेन के सभी डिब्बों का निरीक्षण करते दिखे. कुछ समय तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ट्रेन अचानक क्यों रुकी है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन स्टाफ ने स्थिति को नियंत्रित किया. यात्रियों से समझाया गया और जरूरतमंदों की मदद करने की व्यवस्था की गई. प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी इस अप्रत्याशित रुकावट के कारण हल्की-सी घबराहट महसूस की.

जांच और ट्रेन की आगे की यात्रा

करीब 15 मिनट के इंतजार के बाद जब यात्रियों को सुरक्षित स्थिति में रखा गया और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी हुई, तब ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया. इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा और समयबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह घटना छोटी सी चूक के कारण हुई. हालांकि, ट्रेन समय पर न चल पाने से यात्रियों को असुविधा हुई और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी. अधिकारियों ने इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों से सतर्क रहने और निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है.

इसे भी पढ़ें-मानव तस्करी का प्रयास नाकाम, छापेमारी में मां और बेटे की गिरफ्तारी, 3 नाबालिग बच्चियां सुरक्षित

Bihar News : मानव तस्करी का प्रयास नाकाम, छापेमारी में मां और बेटे की गिरफ्तारी, 3 नाबालिग बच्चियां सुरक्षित

West Champaran
मानव तस्करी का प्रयास नाकाम.

Bihar News : पश्चिम चंपारण जिला के बगहा अनुमंडल में पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता दर्ज की है. कार्रवाई के दौरान एक महिला और उसके बेटे को पकड़ा गया, जबकि उनके साथ ले जाई जा रही तीन नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पुलिस को इनपुट मिला था कि नौरंगिया थाना क्षेत्र से कुछ लोग नाबालिग लड़कियों को बहकाकर दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी में हैं. सूचना को गंभीर मानते हुए पुलिस ने पहले इसकी पुष्टि कराई और फिर विशेष टीम का गठन किया. एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, स्थानीय थाना पुलिस, महिला पुलिसकर्मियों और एक सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों को मिलाकर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

छापेमारी में मां-बेटा गिरफ्तार, बच्चियां सुरक्षित

तैयार टीम ने हरदिया चाती इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों को रोका. जांच के दौरान तीनों नाबालिग लड़कियों को उनके कब्जे से मुक्त कराया गया. वहीं मौके से नियोती देवी और उसका पुत्र नागेश भूइया को गिरफ्तार किया गया, जो पश्चिम बंगाल के पश्चिम वर्धमान जिले के रहने वाले बताए गए हैं. पूछताछ में सामने आया कि दोनों मिलकर बच्चियों को तस्करी के इरादे से ले जा रहे थे.

इस मामले में सामाजिक संस्था के संचालक की लिखित शिकायत के आधार पर नौरंगिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और रेलवे यात्रा से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए.

कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. बरामद नाबालिग बच्चियों को फिलहाल संरक्षण गृह में रखा गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-बगहा व रामनगर में बैंकों की सुरक्षा बढ़ी, पुलिस की मोबाइल टीमें संभालेंगी मोर्चा

बगहा व रामनगर में बैंकों की सुरक्षा बढ़ी, पुलिस की मोबाइल टीमें संभालेंगी मोर्चा

West Champaran
बगहा व रामनगर में बैंकों की सुरक्षा बढ़ी.

West Champaran News : पश्चिम चंपारण के पुलिस जिला बगहा में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. बगहा बाजार और रामनगर शहर में स्थित बैंकों, एटीएम, फाइनेंस कंपनियों और व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में अब लगातार पुलिस निगरानी की जाएगी.

इसी के तहत पुलिस अधीक्षक बगहा के आदेश पर दो क्विक मोबाइल टीमों को मैदान में उतारा गया है. शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय बगहा परिसर से एसपी रामानंद कुमार कौशल ने इन टीमों को रवाना किया.

पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि एक मोबाइल टीम बगहा अनुमंडल क्षेत्र में सक्रिय रहेगी, जबकि दूसरी टीम रामनगर अनुमंडल की जिम्मेदारी संभालेगी. ये टीमें पूरे दिन बैंकिंग प्रतिष्ठानों और बाजार क्षेत्रों में गश्त कर स्थिति पर नजर रखेंगी.

उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की वित्तीय ठगी, छिनतई, संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति की सूचना मिलने पर क्विक मोबाइल टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करेगी. जरूरत पड़ने पर कानूनी कदम भी तुरंत उठाए जाएंगे.

एसपी ने स्पष्ट किया कि दोनों अनुमंडलों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इन मोबाइल टीमों की निगरानी करेंगे. पुलिस की इस पहल से आम नागरिकों को राहत मिलेगी और असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी बनी रहेगी.

इसे भी पढ़ें-फुलवारी शरीफ में पत्रकार असुरक्षित, अगवा कर की गई पिटाई, पुलिस जांच में जुटी

भूमध्य सागर में फ्रांस की बड़ी कार्रवाई, रूस से जुड़े तेल टैंकर को समुद्र में रोका

रूस से जुड़े तेल टैंकर को समुद्र में रोका.

France Seizes Russian Oil Tanker : फ्रांस ने रूस से जुड़े एक तेल टैंकर के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उसे भूमध्य सागर में रोक लिया है. फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा था और रूस पर लगे प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहा था. यह कार्रवाई गुरुवार को फ्रांसीसी नौसेना द्वारा खुले समुद्र में की गई.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद इस ऑपरेशन की जानकारी दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रांस किसी भी हाल में अंतरराष्ट्रीय कानूनों को कमजोर नहीं होने देगा और नियम तोड़ने वाले जहाजों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी.

‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े होने का शक

मैक्रों के मुताबिक, रोका गया जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की सूची में शामिल था और आशंका है कि यह रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा है. इस नेटवर्क के जहाज अक्सर अपनी असली पहचान छिपाने के लिए किसी दूसरे देश का झंडा लगाकर तेल की ढुलाई करते हैं. जहाजों की निगरानी करने वाली वेबसाइटों MarineTraffic और Vesselfinder के अनुसार, इस टैंकर पर कोमोरोस देश का झंडा लगा हुआ था.

समुद्र में रोका गया, जांच शुरू

राष्ट्रपति मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि फ्रांसीसी नौसेना ने सुबह के समय रूस से आ रहे इस तेल टैंकर को रोका. यह कार्रवाई भूमध्य सागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई, जिसमें फ्रांस के कुछ सहयोगी देशों ने भी सहयोग किया. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत की गई है. जांच शुरू कर दी गई है और फिलहाल जहाज को दूसरी दिशा में भेज दिया गया है.

मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उनका कहना है कि शैडो फ्लीट के जरिए होने वाली कमाई का इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में कर रहा है.

जहाज पर मौजूद हैं भारतीय क्रू मेंबर

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर फ्रांसीसी समुद्री अधिकारियों ने बताया कि ‘ग्रिंच’ नाम का यह जहाज गलत झंडा लगाकर परिचालन कर रहा था. यह टैंकर वर्ष 2004 में बनाया गया था और इसका कोमोरोस से कोई सीधा संबंध नहीं है, बावजूद इसके यह उसी देश का झंडा लगाए हुए था.

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस जहाज पर काम करने वाले क्रू मेंबर भारतीय नागरिक हैं. टैंकर को पश्चिमी भूमध्य सागर में स्पेन के दक्षिणी शहर अलमेरिया के पास रोका गया. फिलहाल फ्रांसीसी नौसेना इसे सुरक्षित तरीके से एक बंदरगाह तक ले जा रही है, ताकि मामले की गहन जांच की जा सके.

ब्रिटेन की अहम भूमिका

France 24 की रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर स्पेन और मोरक्को के बीच समुद्री क्षेत्र में रोका गया. जहाज रूस के आर्कटिक क्षेत्र स्थित मुरमान्स्क बंदरगाह से रवाना हुआ था. ‘ग्रिंच’ नाम का यह टैंकर ब्रिटेन के प्रतिबंधों के दायरे में है, जबकि इसी पहचान नंबर से जुड़े ‘कार्ल’ नामक एक अन्य जहाज पर अमेरिका और यूरोप के प्रतिबंध लागू हैं.

एपी के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ब्रिटेन ने पहले से जानकारी जुटाकर फ्रांस के साथ साझा की, जिसके बाद फ्रांसीसी नौसेना समय रहते कार्रवाई कर सकी.

तेल की कमाई से चल रहा है यूक्रेन युद्ध

पश्चिमी देशों का मानना है कि रूस की अर्थव्यवस्था में तेल से होने वाली आय की बड़ी भूमिका है. इसी पैसे के जरिए रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध पर भारी खर्च कर पा रहा है, बिना अपने देश में महंगाई बढ़ाए या आर्थिक दबाव झेले. इस कार्रवाई के संबंध में मैक्रों ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें एक फ्रांसीसी सैन्य हेलीकॉप्टर टैंकर के ऊपर उड़ता नजर आ रहा है.

मैक्रों ने दोहराया कि शैडो फ्लीट से होने वाली कमाई सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल की जा रही है, इसलिए इस नेटवर्क पर कार्रवाई बेहद जरूरी है.

जेलेंस्की ने की फ्रांस की सराहना

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने फ्रांस की इस कार्रवाई का स्वागत किया और राष्ट्रपति मैक्रों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह कदम रूस को युद्ध के लिए फंड मिलने से रोकने की दिशा में बेहद अहम है.

जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि रूस के तेल से होने वाली कमाई को रोकने के लिए ऐसे मजबूत और निर्णायक कदम जरूरी हैं. उन्होंने यूरोपीय देशों से अपील की कि वे अपने आसपास चल रहे रूसी टैंकरों पर सख्त नजर रखें, शैडो फ्लीट के जहाजों को रोका जाए और उनमें मौजूद तेल को जब्त किया जाए.

पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब फ्रांस ने रूस से जुड़े तेल जहाजों के खिलाफ कदम उठाया हो. France 24 के मुताबिक, सितंबर के अंत में फ्रांस ने ‘बोराके’ नाम के एक अन्य टैंकर को भी रोका था, जो खुद को बेनिन का जहाज बता रहा था. उस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ्रांस की इस कार्रवाई को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया था.

बताया जाता है कि रूस की शैडो फ्लीट में 400 से अधिक जहाज शामिल हैं, जो अलग-अलग तरीकों से प्रतिबंधों को चकमा देने की कोशिश करते हैं. फ्रांस और उसके सहयोगी देश अब इस नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें-ट्रंप का धमाकेदार हमला, 70 मिनट में पूरी दुनिया को घेरा; कनाडा को दो टूक संदेश-बोले, अमेरिका के बिना कुछ भी नहीं

इसे भी पढ़ें-थाईलैंड में full speed से दौड़ रही ट्रेन पर गिरी क्रेन, 22 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

इसे भी पढ़ें-2500 साल बाद हुआ ऐसा कि चौंक जाएंगे आप, ईरान की शाही बेटी ने यहूदी से की शादी, चर्चा में विवाह

CM Nitish Yatra : मुख्यमंत्री आज मुजफ्फरपुर को देंगे 850 करोड़ की योजनाएं, सड़कों और हेल्थ सेक्टर पर फोकस

सीएम नीतीश कुमार
बिहार में 4896 शिक्षकों की होगी भर्ती.

CM Nitish Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा आज सातवें दिन मुजफ्फरपुर जिले में पहुंचेगी. सीएम का कार्यक्रम माधोपुर में प्रस्तावित है, जहां वे कई विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, जीविका दीदियों से संवाद और आम जनता को संबोधन भी कार्यक्रम में शामिल है.

850 करोड़ की विकास योजनाओं का एलान

मुख्यमंत्री आज मुजफ्फरपुर को करीब 850 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात देंगे. इसमें सिक्स लेन सड़क परियोजना, ग्रामीण सड़कों का निर्माण, बाइपास रोड, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, नए पुल, 520 बेड का अति पिछड़ा बालिका छात्रावास, 32 पंचायत सरकार भवन समेत कई अहम योजनाएं शामिल हैं. चंदवारा पुल और बाजार समिति परिसर में बने नए भवन का उद्घाटन भी किया जाएगा.

बिहार ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विभागीय योजनाओं की होगी गहन समीक्षा

सीएम नीतीश कुमार एनएचएआई, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे.

सिक्स लेन सड़क परियोजना पर विशेष चर्चा

रामदयालु नगर से चांदनी चौक तक प्रस्तावित सिक्स लेन सड़क को एनएचएआई से एनओसी न मिलने के कारण अब तक शुरू नहीं किया जा सका है. इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री आज अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे. साथ ही प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा होगी.

ट्रैफिक व्यवस्था में अस्थायी बदलाव

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिले में आज ट्रैफिक रूट बदला गया है. पटना जाने वाले यात्रियों से समय से पहले निकलने की अपील की गई है. जीरोमाइल से बखरी की ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी. दरभंगा से आने वाली भारी गाड़ियां मैठी टोल प्लाजा से पिलखी पुल होते हुए सकरा-मुरौल के रास्ते समस्तीपुर रोड पहुंच सकेंगी.

प्रशासन के अनुसार, यह ट्रैफिक व्यवस्था सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक लागू रहेगी. आदेश एसडीओ पूर्वी द्वारा जारी किया गया है.

इसे भी पढ़ें-मुजफ्फरपुर में होटल उद्घाटन के दौरान रंगदारी का प्रयास, 1 आरोपी गिरफ्तार

इसे भी पढ़ें-मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट नये साल में होगा चालू; उत्तर बिहार के यात्रियों के लिए राहत

Goat Bank : चौंकिए मत… सिर्फ पैसों या ब्लड बैंक ही नहीं, अब खुल गया बकरी बैंक, जानिए क्या है पूरा मॉडल

Goat Bank
बकरी बैंक के जानिए क्या है पूरा मॉडल?

Goat Bank : बैंकिंग सिस्टम का नाम आते ही पैसों का लेन-देन दिमाग में आता है, लेकिन महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में एक ऐसा बैंक भी चल रहा है जहां लेन-देन पैसे से नहीं, बकरी से होता है. यह अनोखी पहल महाराष्ट्र के जलगांव जिले और अकोला क्षेत्र में सफलतापूर्वक काम कर रही है. यहां जरूरतमंद महिलाओं को कैश लोन की जगह मादा बकरी दी जाती है, जिससे वे अपनी आजीविका शुरू कर सकें.

पैसे की जगह पशुधन से होता है कर्ज का भुगतान

इस मॉडल के तहत महिला को शुरुआत में एक मादा बकरी दी जाती है. महिला उसकी देखभाल करती है और जब बकरी से मादा बच्ची जन्म लेती है, तो वही बच्ची बैंक को लौटा दी जाती है. इस तरह कर्ज की भरपाई नकद नहीं बल्कि पशुधन के रूप में की जाती है. इसके बाद बची हुई बकरियां महिला की स्थायी आय का साधन बन जाती हैं.

Goat Bank : चौंकिए मत… सिर्फ पैसों या ब्लड बैंक ही नहीं, अब खुल गया बकरी बैंक, जानिए क्या है पूरा मॉडल Goat Bank 1
बकरी बैंक की ऑफिशियल साइट

लोन से पहले दी जाती है पूरी ट्रेनिंग

इस पहल में केवल बकरी देना ही पर्याप्त नहीं माना गया. जलगांव जिले की चालीसगांव तहसील में महिलाओं को बकरी सौंपने से पहले पशुपालन की ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें बकरियों के खानपान, स्वास्थ्य देखभाल, बीमारियों से बचाव और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी शामिल होती है. इसका उद्देश्य यह है कि महिलाएं इस काम को लंबे समय तक सफलतापूर्वक चला सकें.

सैकड़ों महिलाओं को मिला रोजगार का जरिया

इस बकरी बैंक का संचालन पुणे की सेवा सहयोग फाउंडेशन कर रही है. संस्था के अनुसार अब तक 300 से अधिक गरीब, विधवा और भूमिहीन महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जा चुका है. यह उन महिलाओं के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हुई है, जिन्हें पारंपरिक बैंकों से लोन मिलना मुश्किल होता है.

महिलाओं ने मिलकर बनाई उत्पादक कंपनी

इस पहल से जुड़ी महिलाओं ने आगे बढ़ते हुए एक सामूहिक कदम भी उठाया है. बकरियों की बिक्री और बाजार तक सीधी पहुंच के लिए उन्होंने एक प्रोड्यूसर कलेक्टिव बनाया है. इसका नाम गिरना परिसर महिला पशुपालक उत्पादक कंपनी रखा गया है. यह कंपनी महिलाओं को बेहतर कीमत और सीधे बाजार से जोड़ने में मदद कर रही है.

दूसरे राज्यों तक मॉडल फैलाने की तैयारी

इस अनोखे बकरी बैंक मॉडल को लेकर आयोजकों का मानना है कि यह ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रभावी साबित हो सकता है. अब इस योजना को महाराष्ट्र से बाहर अन्य ग्रामीण इलाकों में लागू करने की तैयारी की जा रही है. उम्मीद है कि यह मॉडल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.

इसे भी पढ़ें-झारखंड की खास परंपरा; यहां लगता सिर्फ महिलाओं का अनोखा मेला, नहीं होता पुरुषों का प्रवेश

इसे भी पढ़ें-मध्य प्रदेश में 17 जिलों की कलेक्टर और 12,319 ग्राम पंचायतों की महिला सरपंच दे रही हैं नेतृत्व की मिसाल

UPSC IES: एक अंक से चूकीं, फिर रैंक 21 हासिल कर मृदुपाणि नंबी बनीं अधिकारी

IES
IES Mridupani Nambi (Image: Instagram)

IES Mridupani Nambi Success Story: यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती से भी मिलती है. IES अधिकारी मृदुपाणि नंबी की कहानी इसी सोच को मजबूत करती है. पहले प्रयास में मिली असफलता ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि खुद को बेहतर बनाने की दिशा दी. उन्होंने यह साबित किया कि एक छोटा सा अंतर भी बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकता है.

कहां से शुरू हुआ सफर?

मृदुपाणि नंबी हैदराबाद की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई वहीं से हुई, जहां से उनके अनुशासन और पढ़ाई के प्रति गंभीरता की नींव पड़ी. स्कूल के दिनों से ही वह अकादमिक रूप से मजबूत रहीं और कठिन विषयों से घबराने के बजाय उन्हें समझने की कोशिश करती रहीं.

विज्ञान और गणित में रुचि के चलते मृदुपाणि ने बहुत पहले तय कर लिया था कि वह इंजीनियरिंग को ही अपना करियर बनाएंगी. 12वीं के बाद उन्होंने तकनीकी पढ़ाई की दिशा में कदम बढ़ाया और इंजीनियर बनने के सपने को साकार करने में जुट गईं.

भविष्य को लेकर भी गंभीरता से सोचने लगीं

मृदुपाणि ने जी नारायण इंस्टीट्यूट से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की. कॉलेज के समय में उन्होंने न केवल पाठ्यक्रम पर ध्यान दिया, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी गंभीरता से सोचने लगीं.

इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्हें UPSC द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं की जानकारी मिली. IAS और IPS के साथ-साथ इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस (IES) ने उनका खास ध्यान खींचा. यहीं से उन्होंने तय किया कि वह IES परीक्षा की तैयारी करेंगी.

पहला प्रयास और निराशा लगी हाथ

साल 2020 में मृदुपाणि ने IES परीक्षा का पहला प्रयास किया, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा. प्रीलिम्स में वह सिर्फ एक अंक से आगे नहीं बढ़ सकीं. यह अनुभव भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन उन्होंने इसे अंत नहीं माना.

असफलता के बाद मृदुपाणि ने खुद का विश्लेषण किया. उन्होंने समझा कि तैयारी में मेहनत के साथ-साथ एकाग्रता भी जरूरी है. इसी सोच ने उन्हें अपनी दिनचर्या में बदलाव करने के लिए प्रेरित किया.

मोबाइल से दूरी का फैसला ने दिलायी सफलता

मृदुपाणि ने तय किया कि वह मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाएंगी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने ध्यान भटकाने वाली चीजों को पूरी तरह छोड़ दिया. इस कदम से उनका फोकस पढ़ाई पर पूरी तरह टिक गया.

डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से दूर रहने के बाद उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता में साफ सुधार दिखने लगा. नियमित रिवीजन, सीमित संसाधन और अनुशासन उनकी तैयारी का आधार बने. उन्होंने कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देना शुरू किया.

मेहनत का मिला फल, युवाओं के लिए सीख

लगातार प्रयास और बदली रणनीति का नतीजा अगले प्रयास में सामने आया. मृदुपाणि नंबी ने UPSC IES परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 21 हासिल की और 2022 बैच की IES अधिकारी बनीं.

मृदुपाणि नंबी की कहानी यह संदेश देती है कि असफलता स्थायी नहीं होती. सही फैसले, आत्मअनुशासन और धैर्य के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

इसे भी पढ़ें-बिहार के इस जिले में निःशुल्क शिक्षा व आवासन के लिए आवेदन शुरू, 1 मार्च को परीक्षा

इसे भी पढ़ें-यहां नौकरी मिलते ही बदल जाएगी किस्मत, सैलरी 1 लाख से ऊपर, तुरंत करें आवेदन

Bihar News : सीवान में पटाखा बम बनाते समय विस्फोट, एक की मौत, मकान ध्वस्त

पटाखा बम
सीवान में पटाखा बम बनाते समय विस्फोट.

Bihar News : सीवान जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. पटाखा बम तैयार करने के दौरान हुए अचानक विस्फोट में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि धमाके से संबंधित मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया.

यह घटना हुसैनगंज थाना अंतर्गत बडरम गांव की है. बताया जा रहा है कि जिस घर में धमाका हुआ, वहां पटाखा बम बनाया जा रहा था. काम के दौरान विस्फोट हो गया, जिससे तेज आवाज के साथ पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया.

हादसे में मुर्तुजा अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई. उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया. आसपास के लोग भी धमाके की आवाज से दहशत में आ गए.

सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें और कौन-कौन शामिल थे.

इसे भी पढ़ें-फुलवारी शरीफ में पत्रकार असुरक्षित, अगवा कर की गई पिटाई, पुलिस जांच में जुटी

Patna News : फुलवारी शरीफ में पत्रकार असुरक्षित, अगवा कर की गई पिटाई, पुलिस जांच में जुटी

पत्रकार
पत्रकार को अगवा कर की पिटाई.

Patna News : फुलवारी शरीफ. फुलवारी शरीफ में नगर परिषद चुनाव में अभी काफी समय है लेकिन फुलवारी शरीफ नगर परिषद से पिछले बार चुनाव में उपसभापति के प्रत्याशी रहे एक मीडिया कर्मी सुधीर कुमार को अगवा कर मारपीट करने का मामला सामने आया है जिसमें एक वर्तमान वार्ड पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस मामले के बाद फुलवारी शरीफ नगर परिषद इलाके में गहमा गहमी का माहौल है. वहीं वार्ड पार्षद ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है ,उनके खिलाफ आरोप गलत है.

कैसे हुई घटना, क्या है पीड़ित का आरोप?

फुलवारी शरीफ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 में बुधवार देर शाम चार पहिया वाहन सवार बदमाशों द्वारा एक पत्रकार सह फोटोग्राफर को जबरन उठा कर मारपीट किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है.
पीड़ित पत्रकार सुधीर कुमार के अनुसार बुधवार शाम करीब 7.15 बजे वह खोजा इमली स्थित पाल स्वीट्स के पास खड़े थे, तभी काले रंग के एक लग्जरी चार पहिया वाहन में सवार बदमाशों ने उन्हें जबरन वाहन में खींच कर बैठा लिया.

आरोप है कि बदमाशों ने वाहन के अंदर ही जमकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए करीब पांच किलोमीटर दूर बाइपास में तेज प्रताप नगर के पास ले जाकर छोड़ दिया.
किसी तरह वहां से जान बचाकर लौटने के बाद पीड़ित पत्रकार ने फुलवारी शरीफ थाना में लिखित आवेदन देकर वार्ड संख्या 10 के वार्ड पार्षद हरे राम सिंह, उनके पुत्र, पुत्र के मित्र समेत अन्य लोगों पर घटना को अंजाम देने, मारपीट की साजिश रचने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है.

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है.
पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.
सीसीटीवी फुटेज में काले रंग का चार पहिया वाहन नजर आया है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा लगा हुआ दिखाई दिया है.
हालांकि अंधेरे और लाइट की चकाचौंध के कारण वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका है.

पुलिस अन्य मार्गों पर लगे कैमरों की भी फुटेज तलाश कर रही है.
सुधीर कुमार ने बताया कि वह फुलवारी शरीफ नगरपरिषद कि पिछले बार चुनाव में उपसभापति का उम्मीदवार था और वार्ड नंबर 10 में उसका घर है .इस बार वह वार्ड नंबर 10 से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है. उसने कहा कि उसके अगवा करने मारपीट करने के मामले में पूरी साजिश वार्ड पार्षद हरे राम सिंह के द्वारा रची गई है.

पार्षद का खंडन, पुलिस जांच में जुटी

इस पूरे मामले में बात करने पर वार्ड नंबर 10 के बाद पार्षद हरे राम सिंह ने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है उनके खिलाफ लगाया जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत है.
इस संबंध में फुलवारी शरीफ थाना अध्यक्ष मोहम्मद गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि मीडिया कर्मी सुधीर कुमार द्वारा अगवा कर ले जाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें : 14 जुलाई 2026 तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुकिंग पर 3% छूट, जानें डिटेल्स

ट्रंप का धमाकेदार हमला, 70 मिनट में पूरी दुनिया को घेरा; कनाडा को दो टूक संदेश-बोले, अमेरिका के बिना कुछ भी नहीं

Donald Trump
ट्रंप का धमाकेदार हमला, 70 मिनट में पूरी दुनिया को घेरा.

Donald Trump : दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को अपने तीखे और विवादित अंदाज़ की झलक दिखाई. तय समय 45 मिनट था, लेकिन ट्रंप पूरे 70 मिनट तक बोलते रहे. इस दौरान उनका भाषण आत्मप्रशंसा, व्यंग्य और कई देशों व नेताओं पर सीधी टिप्पणियों से भरा रहा. यूरोप से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध और नाटो तक, शायद ही कोई बड़ा मुद्दा हो जिस पर ट्रंप ने अपनी राय न रखी हो.

यूरोप को लेकर सख्त रुख: “पहचान खोता जा रहा महाद्वीप”

ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत ही यूरोप पर तीखे प्रहार से की. उन्होंने कहा कि यूरोप के कई इलाके अब वैसे नहीं दिखते जैसे पहले दिखते थे और यह बदलाव बेहतर नहीं, बल्कि चिंता का विषय है. ट्रंप के मुताबिक, यूरोप एक गलत दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि वहां के नेता जमीनी हकीकत से कट चुके हैं और अपने ही फैसलों से अपने देशों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

रिन्यूएबल एनर्जी पर कटाक्ष, चीन को बताया असली फायदा उठाने वाला

यूरोप की हरित ऊर्जा नीतियों पर भी ट्रंप ने सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी के नाम पर यूरोप दरअसल चीन को फायदा पहुंचा रहा है. ट्रंप के अनुसार, चीन यूरोप को पवन चक्कियां बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा है और यूरोपीय नेता बिना सोचे-समझे इन्हें अपनाने में लगे हैं. उनका दावा था कि इस पूरी व्यवस्था में यूरोप खुद घाटे में जा रहा है.

मैक्रों के स्टाइल पर तंज, साथ में पुराना हिसाब भी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी ट्रंप की टिप्पणियों से नहीं बच सके. दावोस में मैक्रों के धूप का चश्मा पहनकर भाषण देने पर ट्रंप ने चुटकी ली और कहा कि यह सब देखकर वे हैरान रह गए. हालांकि, इसके बाद ट्रंप ने यह भी माना कि दवाओं की कीमतों के मुद्दे पर मैक्रों सख्त नजर आए. लेकिन यहीं बात खत्म नहीं हुई. ट्रंप ने मैक्रों से यह कहने का दावा किया कि फ्रांस दशकों से अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाता रहा है और अब यह रवैया बदलना होगा.

कनाडा को लेकर नाराज़गी, प्रधानमंत्री को चेतावनी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर भी ट्रंप का गुस्सा फूटा. कार्नी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने अमेरिका की अगुवाई वाली वैश्विक व्यवस्था के कमजोर होने की बात कही थी, ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका के योगदान को नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने यह तक कह दिया कि कनाडा की सुरक्षा और स्थिरता अमेरिका की वजह से है और कनाडाई नेतृत्व को सार्वजनिक बयान देते वक्त यह बात याद रखनी चाहिए.

रूस-यूक्रेन युद्ध पर बड़ा दावा

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर ट्रंप ने एक बार फिर खुद को समाधानकर्ता के तौर पर पेश किया. उन्होंने कहा कि वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की—दोनों के संपर्क में हैं. ट्रंप ने दो टूक कहा कि अगर दोनों नेता शांति समझौते से पीछे हटते हैं, तो यह उनकी मूर्खता होगी. उनके मुताबिक, यह टिप्पणी किसी एक के लिए नहीं बल्कि दोनों पर समान रूप से लागू होती है.

नाटो, ग्रीनलैंड और अमेरिकी बोझ

नाटो को लेकर ट्रंप ने पुराना राग दोहराया. उन्होंने संगठन पर अमेरिका के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया. साथ ही ग्रीनलैंड का मुद्दा उठाते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका न सिर्फ ग्रीनलैंड बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा करता है. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अमेरिका इतना बड़ा जिम्मा उठा रहा है, तो ग्रीनलैंड को लीज पर लेकर उसकी सुरक्षा और बेहतर तरीके से क्यों न की जाए.

डेनमार्क पर तीखा हमला, दूसरे विश्व युद्ध का हवाला

डेनमार्क पर ट्रंप की टिप्पणी सबसे ज्यादा विवादित रही. उन्होंने डेनमार्क को ‘एहसान फरामोश’ बताते हुए इतिहास का हवाला दिया. ट्रंप ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान डेनमार्क जर्मनी के सामने कुछ ही घंटों में हार गया था. उनके मुताबिक, डेनमार्क न तो खुद की रक्षा करने में सक्षम है और न ही ग्रीनलैंड की, जबकि सुरक्षा की असली जिम्मेदारी अमेरिका निभा रहा है.

कुल मिलाकर, दावोस में ट्रंप का यह भाषण वैश्विक मंच पर एक बार फिर उनके आक्रामक, बेबाक और टकराव भरे राजनीतिक अंदाज़ की पहचान बन गया, जिसने समर्थकों और आलोचकों—दोनों को बोलने का मौका दे दिया.

इसे भी पढ़ें-थाईलैंड में full speed से दौड़ रही ट्रेन पर गिरी क्रेन, 22 लोगों की मौत, दर्जनों घायल

इसे भी पढ़ें-2500 साल बाद हुआ ऐसा कि चौंक जाएंगे आप, ईरान की शाही बेटी ने यहूदी से की शादी, चर्चा में विवाह

Patna
mist
14 ° C
14 °
14 °
82 %
0kmh
0 %
Sun
27 °
Mon
28 °
Tue
30 °
Wed
30 °
Thu
30 °

जरूर पढ़ें