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लखीसराय में सनसनी: नाबालिग ने नाबालिग को चाकू मारकर उतारा मौत के घाट

क्राइम
ज्वेलरी शॉप से 50 लाख+ की लूट.

Bihar Crime : लखीसराय में किऊल थाना क्षेत्र अंतर्गत वृंदावन किऊल गांव में बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे नाबालिगों के बीच चली आ रही पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया. एक नाबालिग ने दूसरे नाबालिग किशोर पर चाकू से जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी. घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई.

इस तरह हुई वारदात

मृतक की पहचान किऊल थाना क्षेत्र के गोड्डीह गांव निवासी मनोज यादव उर्फ मंजा के 16 वर्षीय पुत्र गौरव कुमार के रूप में की गई है. जानकारी के अनुसार, गौरव मध्य विद्यालय वृंदावन के समीप सड़क पर मौजूद था, तभी एक नाबालिग किशोर ने उस पर अचानक चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

पुलिस पहुंची, जांच शुरू

घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल गौरव को विद्यापीठ चौक स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया इसके बाद परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी.
सूचना मिलते ही किऊल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने घटनास्थल से ही हत्यारोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है.

बताया जा रहा है कि इस हत्या के पीछे पुरानी पारिवारिक रंजिश है. मृतक के पिता पर वर्ष 2014 में आरोपी नाबालिग के दादा की हत्या का आरोप लगा था, हालांकि उस समय पंचायत स्तर पर मामला सुलझा लिया गया था. आशंका जताई जा रही है कि उसी पुराने विवाद की आग ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया.

इधर, पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित सदर अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से पूछताछ की. एसपी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है. कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Dhanbad News : धनबाद के एसएनएमएमसीएच में MBBS सीटें बढ़ाने की कवायद तेज

धनबाद
हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विकास को बाधित करने का लगाया आरोप.

Dhanbad News : धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. कॉलेज प्रबंधन ने वर्तमान 100 सीटों को बढ़ाकर 150 करने के लिए बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) से औपचारिक अनुमति मांगी है.

आज होगा संसाधनों का निरीक्षण

सीट विस्तार के प्रस्ताव को लेकर बुधवार को बीबीएमकेयू की एक विशेषज्ञ टीम मेडिकल कॉलेज का दौरा करेगी. इस दौरान टीम कॉलेज के शैक्षणिक माहौल, उपलब्ध शिक्षकों की संख्या, अस्पताल में बेड की स्थिति, ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की आवक, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन करेगी. निरीक्षण के बाद विश्वविद्यालय अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा.

मानक पूरे हुए तो मिलेगी एनओसी

यदि निरीक्षण में सभी जरूरी मानक पूरे पाए जाते हैं, तो विश्वविद्यालय की ओर से मेडिकल कॉलेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया जाएगा. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के समक्ष 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता के लिए आवेदन करेगा.

एनएमसी की गाइडलाइन पर खरा उतरने का दावा

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि एनएमसी के नियमों के अनुरूप फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों की संख्या को मजबूत करने के लिए बीते कुछ वर्षों से लगातार काम किया गया है. कॉलेज खुद को सीट वृद्धि के लिए पूरी तरह तैयार बता रहा है.

स्थानीय छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ने से झारखंड, खासकर कोयलांचल क्षेत्र के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा. सीमित सीटों के कारण अब तक कई योग्य छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था. सीटें बढ़ने से न सिर्फ मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि फैकल्टी और संसाधनों में इजाफा होने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं भी और सुदृढ़ होंगी.

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Jharkhand Weather : झारखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, ठंड और कोहरे से बढ़ेगी परेशानी

Jharkhand Weather
झारखंड में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज.

Jharkhand Weather Forecast: झारखंड में मौसम एक बार फिर बदलाव के दौर से गुजरने वाला है. मौसम विज्ञान विभाग, रांची के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. आगामी दो दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का असर फिर तेज हो जाएगा. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है.

सुबह के समय कई इलाकों में छा सकता है कोहरा

मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कई जिलों में आने वाले दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है. इससे दृश्यता कम होगी और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों और खुले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी. दिन निकलने के बाद मौसम साफ रहने और बारिश की कोई संभावना नहीं है.

24 और 25 जनवरी को बादल, 26 जनवरी को कोहरा

पूर्वानुमान के मुताबिक 24 और 25 जनवरी को झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्के बादल रह सकते हैं. इस दौरान मौसम सामान्य बना रहेगा. वहीं 26 जनवरी को सुबह के समय कोहरे की स्थिति बन सकती है, हालांकि बाद में आसमान साफ हो जाएगा. गणतंत्र दिवस के दिन किसी प्रकार की वर्षा या खराब मौसम की आशंका नहीं जताई गई है.

बीते मंगलवार को तापमान में आई तेजी

मंगलवार, 20 जनवरी 2026, को राज्य के लगभग सभी जिलों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. चाईबासा सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में करीब 2.6 डिग्री अधिक था.

जिलों में रात का तापमान

  • मेदीनीनगर: 9.2 डिग्री सेल्सियस
  • बोकारो: 11.1 डिग्री सेल्सियस
  • खूंटी: 8.6 डिग्री सेल्सियस
  • कांके: 6.4 डिग्री सेल्सियस (सबसे ठंडा क्षेत्र)

लोगों के लिए एडवाइजरी

मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी है. कोहरे के कारण फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है.

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Ranchi News : रांची में खुले नाले में गिरने से 2 साल के बच्चे की मौत, मां ने एक बेटे को बचाया

Ranchi News
रांची में खुले नाले में गिरने से 2 साल के बच्चे की मौत.

Ranchi News : रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी में मंगलवार को एक बेहद मार्मिक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. मौलाना आजाद कॉलोनी में घर के पास खेल रहे दो नन्हे बच्चे अचानक पास से गुजर रहे खुले नाले की चपेट में आ गए. पानी का बहाव इतना तेज था कि दोनों बच्चे संभल नहीं पाए और नाले में बहने लगे.

मां ने जान जोखिम में डालकर बचाया एक बेटा

बच्चों को बहता देख उनकी मां बिना किसी देरी के नाले में उतर गई. तेज पानी के बीच उसने पूरी ताकत लगाकर एक बच्चे को पकड़ लिया और बाहर निकाल लाई. हालांकि दूसरा बच्चा उसके हाथ से फिसल गया और पानी के साथ आगे बढ़ गया. मां की आंखों के सामने दो साल का बेटा नाले में ओझल हो गया.

इलाके में मची अफरातफरी, शुरू हुई तलाश

घटना के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई. स्थानीय लोग नाले के किनारे-किनारे बच्चे को खोजने लगे. कुछ ही दूरी पर, नाले में लगे एक पाइप के पास कीचड़ में फंसा बच्चे का शव बरामद हुआ.

खेलते-खेलते नाले में गिरे दो भाई

स्थानीय निवासियों के अनुसार, हादसे का शिकार हुए दोनों बच्चे सगे भाई थे. बड़े बच्चे की उम्र करीब तीन साल थी, जबकि छोटे भाई की उम्र दो साल बताई जा रही है. दोनों घर के बाहर खेल रहे थे, तभी फिसलन के कारण उनका संतुलन बिगड़ा और वे सीधे खुले नाले में गिर गए.

तेज बहाव बना मौत की वजह

मां ने बच्चों को गिरते देख तुरंत दौड़ लगाई और बचाने की कोशिश की. बड़े बेटे को तो वह सुरक्षित निकाल लाई, लेकिन छोटे बेटे को पानी के तेज बहाव ने उससे छीन लिया. करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रयासों के बाद बच्चे का शव मिला.

खुले नाले पर लोगों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद कॉलोनी के लोग आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि यह नाला पूरी तरह खुला हुआ है और इसके चारों ओर किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. बरसात के मौसम में यहां पानी की रफ्तार बेहद खतरनाक हो जाती है. इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.

ट्रांसफार्मर भी बना हुआ है खतरा

स्थानीय लोगों और बच्चों के दादा ने बताया कि कॉलोनी में एक बिजली ट्रांसफार्मर भी घरों के बेहद पास असुरक्षित स्थिति में लगा है. लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर उसे घेरने की योजना बनाई थी, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया.

नाला सीधे स्वर्णरेखा नदी से जुड़ा

बताया जाता है कि यह नाला काफी लंबा है और आगे जाकर स्वर्णरेखा नदी में मिल जाता है. बरसात के दिनों में पानी का दबाव और अधिक बढ़ जाता है, जिससे यहां रहने वालों के लिए खतरा बना रहता है.

पुरानी घटनाओं की याद फिर ताजा

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2006-07 के दौरान भी इसी इलाके में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं. पूर्व मेयर रमा खलखो ने बताया कि 2008 में कुछ पुलों का निर्माण जरूर हुआ था, लेकिन नाले को ढकने या सुरक्षा दीवार बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए.

नगर निगम पर उठ रहे गंभीर सवाल

लोगों का कहना है कि नगर निगम इन दिनों अतिक्रमण हटाने के नाम पर घरों को तोड़ने में व्यस्त है, जबकि शहर के भीतर मौजूद ऐसे खुले और जानलेवा नालों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा. बरसात के मौसम में राजधानी के अलग-अलग इलाकों से बच्चों के नाले में गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं.

स्थायी समाधान की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि नगर विकास विभाग से नाले को ढकने, गार्डवाल निर्माण और नियमित सफाई की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े.

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Accident
रांची में सड़क हादसा.

Aurangabad News : औरंगाबाद में मखरा और सिहाड़ी के बीच दाउदनगर-गोह-गया रोड पर मंगलवार देर रात बाइक और कार की टक्कर में चाचा और भतीजे की मौत हो गई. मृतकों की पहचान बिनकिटेश कुमार (36) और हर्ष कुमार (19) के रूप में हुई है, दोनों आपस में रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं.

श्राद्ध समारोह से घर लौट रहे थे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों बारुण थाना क्षेत्र के सिमरा गांव में रिश्तेदार के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान उनकी बाइक और एक ऑल्टो कार की आमने-सामने टक्कर हो गई.

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पहली मौत स्थल पर हुई

हादसे के तुरंत बाद बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. दूसरा घायल व्यक्ति तुरंत अनुमंडल अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई.

पुलिस और अस्पताल की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद डायल 112 की टीम और दाउदनगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. दोनों शवों को अनुमंडल अस्पताल लाया गया. दाउदनगर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी और मौके पर कार्रवाई की निगरानी की.

पोस्टमार्टम और आगे की जांच

थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा जाएगा. पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

स्थानीय लोगों में शोक और प्रशासनिक सतर्कता

हादसे ने आसपास के इलाके में शोक का माहौल फैला दिया. पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तेज की जा रही है.

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Toll Tax New Rules : अब टोल बकाया हुआ तो न मिलेगी NOC, न होगा फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू

Toll Tax
टोल बकाया हुआ तो नहीं मिलेगी NOC.

Toll Tax New Rules : राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चलाने वालों के लिए केंद्र सरकार ने टोल व्यवस्था को लेकर एक अहम सख्त कदम उठाया है. अब टोल टैक्स से संबंधित किसी भी प्रकार की बकाया राशि वाहन मालिक के लिए प्रशासनिक अड़चन बन सकती है. यदि वाहन पर टोल शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है, तो उससे जुड़े कई जरूरी दस्तावेज जारी या नवीनीकृत नहीं किए जाएंगे.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करते हुए वर्ष 2026 के लिए नया प्रावधान अधिसूचित किया है. इन बदलावों के तहत टोल भुगतान को वाहन से जुड़ी अनिवार्य सेवाओं से सीधे जोड़ा गया है. सरकार का कहना है कि इसका मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल प्रणाली को प्रभावी बनाना और टोल चोरी जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाना है.
केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में किया गया संशोधन

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन को अधिसूचित किया है. इन बदलावों का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह व्यवस्था को और प्रभावी बनाना तथा टोल चोरी पर सख्ती से रोक लगाना है.

एनओसी पाने के लिए टोल भुगतान जरूरी

संशोधित नियमों के अनुसार, यदि कोई वाहन मालिक अपना वाहन बेचने या एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहता है, तो उसे पहले टोल का पूरा बकाया चुकाना होगा. बकाया राशि रहने की स्थिति में अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा.

फिटनेस सर्टिफिकेट नवीनीकरण पर भी असर

वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण को भी अब टोल भुगतान से जोड़ा गया है. जब तक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दर्ज लंबित यूजर फी का भुगतान नहीं होता, तब तक फिटनेस प्रमाणपत्र को रिन्यू नहीं किया जाएगा.

नेशनल परमिट के लिए भी अनिवार्य शर्त

व्यावसायिक वाहनों के लिए नेशनल परमिट लेना या उसे बनाए रखना अब तभी संभव होगा, जब संबंधित वाहन पर कोई भी टोल बकाया न हो. इससे कमर्शियल वाहन संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ेगी.

डिजिटल और बैरियर-फ्री टोल व्यवस्था की तैयारी

सरकार इस फैसले को आने वाले समय में लागू होने वाली बैरियर-फ्री और मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्रणाली से जोड़कर देख रही है. इस व्यवस्था में वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरेंगे और शुल्क स्वतः डिजिटल माध्यम से कट जाएगा.

फॉर्म 28 में भी किए गए बदलाव

एनओसी से संबंधित फॉर्म 28 में भी संशोधन किया गया है. अब आवेदन के दौरान वाहन मालिक को यह घोषणा देनी होगी कि उसके वाहन पर कोई टोल बकाया नहीं है. साथ ही, फॉर्म से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे आम लोगों को सहूलियत मिलेगी.

राजस्व बढ़ाने और जाम कम करने की उम्मीद

सरकार का मानना है कि इन कड़े प्रावधानों से टोल वसूली अधिक पारदर्शी होगी, सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुचारू होने से जाम की समस्या में भी कमी आएगी.

(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)

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Railway News : 14 जुलाई 2026 तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुकिंग पर 3% छूट, जानें डिटेल्स

RailOne
टिकट बुकिंग पर 3% छूट.

Railway News : रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवन (RailOne) मोबाइल एप के माध्यम से अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है. यह विशेष सुविधा 14 जनवरी 2026 से शुरू की गई है और 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी.

डिजिटल भुगतान पर मिलेगी सीधी छूट

रेलवन एप पर आर-वॉलेट को छोड़कर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों—जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग—से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को 3 प्रतिशत की सीधी छूट का लाभ मिलेगा.

आर-वॉलेट से भुगतान पर कैशबैक सुविधा

रेलवन एप के आर-वॉलेट से अनारक्षित टिकट बुक करने पर पहले से ही 3 प्रतिशत कैशबैक बोनस की सुविधा उपलब्ध है. इस प्रकार डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने वाले यात्रियों को रेलवन एप पर अतिरिक्त लाभ सुनिश्चित किया गया है.

डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने की पहल

रेल प्रशासन के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल माध्यम से टिकट खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना और नकद लेन-देन को कम करना है. इस योजना से डिजिटल टिकटिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को अधिक सुविधा प्राप्त होगी.

एक ही एप पर कई सुविधाएं उपलब्ध

रेलवन मोबाइल एप के माध्यम से यात्री आरक्षित, अनारक्षित एवं प्लेटफॉर्म टिकट की बुकिंग के साथ-साथ ट्रेन की लाइव लोकेशन, पीएनआर स्टेटस, कोच पोजिशन, भोजन बुकिंग, शिकायत एवं सुझाव, पार्सल ट्रैकिंग जैसी कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.

रेलवन एप से बढ़ा यात्रियों का भरोसा

विदित हो कि 14 जनवरी 2026 से अब तक रेलवन मोबाइल एप के माध्यम से पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार में 2 लाख से अधिक यात्रियों ने टिकट बुक कर यात्रा की है, जिससे पूर्व मध्य रेल को 20 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है.

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Bhagalpur News : भागलपुर में इलेक्ट्रिसिटी यूटिलिटी शिफ्टिंग व आरओबी निर्माण पर डीएम के निर्देश

Bhagalpur DM
आरओबी निर्माण पर डीएम के निर्देश.

Bhagalpur News : जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं परियोजना निदेशकों के साथ बैठक आयोजित की गई.

बैठक में जिला अंतर्गत महत्वपूर्ण लंबित योजनाओं की समीक्षा की गई. साथ ही उन योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जो दो विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी के कारण लंबित हैं.

पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल भागलपुर द्वारा बताया गया कि विद्युत आपूर्ति प्रमंडल (पूर्वी, शहरी) से संबंधित तीन योजनाओं के लिए इलेक्ट्रिसिटी यूटिलिटी शिफ्टिंग का प्राक्कलन अब तक अप्राप्त है. वर्तमान में तीनों योजनाओं का प्राक्कलन जिला स्तर से मुख्यालय भेजा जा चुका है. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से विभागीय स्तर पर फॉलो-अप करने का निर्देश दिया.

बैठक में यह भी पाया गया कि भागलपुर–गोराडीह मार्ग पर भागलपुर–बौसी रेलवे लाइन पुल संख्या-2 (RUB) पर पहुँच पथ सहित आरओबी निर्माण कार्य के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय, भागलपुर द्वारा एक्सपर्ट कमिटी का गठन लंबित है. जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर एक्सपर्ट कमिटी का गठन करने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना को शीघ्र पूरा किया जा सके.

इसके अतिरिक्त, सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभाग की महत्वपूर्ण एवं बड़ी योजनाओं को चिन्हित करें, जिन्हें माननीय मुख्यमंत्री बिहार की समृद्धि यात्रा के दौरान प्रदर्शित किया जा सके. साथ ही जिन परियोजनाओं का शिलान्यास या उद्घाटन समृद्धि यात्रा के दौरान प्रस्तावित है, उनके प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया.

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Bhagalpur News : भागलपुर के GI टैग उत्पादों को नई पहचान दिलाने की तैयारी, प्रमोशन और एक्सपोर्ट पर जोर

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GI टैग्ड उत्पादों को नई पहचान दिलाने की तैयारी.

Bhagalpur News : भागलपुर के GI टैग प्राप्त उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. इसी कड़ी में मंगलवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कतरनी चावल, जर्दालू आम, तसर सिल्क और मंजूषा पेंटिंग के विकास और प्रचार-प्रसार पर विस्तृत चर्चा हुई.

किसानों, बुनकरों और कलाकारों के साथ हुआ विचार-विमर्श

बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के अलावा किसान, बुनकर, व्यापारी और मंजूषा कलाकार शामिल हुए. सभी हितधारकों से GI टैग्ड उत्पादों के उत्पादन, गुणवत्ता, विपणन और ब्रांडिंग को लेकर सुझाव लिए गए और कई महत्वपूर्ण निर्णय भी किए गए.

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GI टैग को बताया जिले के लिए बड़ी उपलब्धि

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि भागलपुर जिले के लिए यह गर्व की बात है कि कतरनी चावल, जर्दालू आम, तसर सिल्क और मंजूषा पेंटिंग को GI टैग मिला है. उन्होंने कहा कि अब चुनौती इन उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाने, बेहतर पैकेजिंग और प्रोसेसिंग के जरिए उत्पादकों को अधिक लाभ दिलाने की है.

जिला और राज्य स्तर पर समाधान की रणनीति

जिलाधिकारी ने बताया कि बैठक के दौरान सामने आए बिंदुओं को गंभीरता से नोट किया गया है. जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही हल किया जाएगा, जबकि राज्य स्तर से जुड़े विषयों के लिए प्रस्ताव भेजकर नियमित फॉलोअप किया जाएगा.

कतरनी चावल और सिल्क पर रहेगा विशेष फोकस

उन्होंने कहा कि फिलहाल जिला प्रशासन ने दो उत्पादों—कतरनी चावल और तसर सिल्क—को प्राथमिकता में रखा है. इन दोनों के प्रमोशन और एक्सपोर्ट की संभावनाओं पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.

गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर काम

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सबसे पहले उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा. इसके बाद आधुनिक पैकेजिंग और प्रोसेसिंग पर ध्यान दिया जाएगा और फिर इन्हें बाजार से जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों, बुनकरों और कलाकारों को सीधा लाभ मिल सके.

‘मेड इन भागलपुर’ से बनेगी अलग पहचान

उन्होंने बताया कि इन GI टैग्ड उत्पादों की ब्रांडिंग “मेड इन भागलपुर” नाम से की जाएगी. इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि भागलपुर जिले को भी एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.

जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

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Eastern Railway : ईस्टर्न रेलवे की रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं पर अहम निर्णय, सांसदों संग बनी सहमति

Eastern Railway
ईस्टर्न रेलवे की रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं पर अहम निर्णय.

Eastern Railway : ईस्टर्न रेलवे ने आज आसनसोल में आसनसोल और मालदा डिवीजनों से जुड़े सांसदों के साथ एक उच्चस्तरीय डिवीजनल कमेटी की बैठक आयोजित की. बैठक ईस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई. इसका उद्देश्य दोनों डिवीजनों में चल रही विकास परियोजनाओं, यात्री सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करना था.

पिछले एक वर्ष के कार्यों की विस्तृत प्रस्तुति

बैठक के दौरान आसनसोल और मालदा डिवीजनों द्वारा पिछले एक साल में किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन, परिचालन सुधार और यात्री-केंद्रित पहलों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया. इन प्रयासों में स्टेशनों का पुनर्विकास, लिफ्ट व एस्केलेटर की बड़े पैमाने पर स्थापना और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार शामिल रहे.

बैठक की अध्यक्षता कर रहे माननीय सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने इन पहलों की विशेष रूप से सराहना की और यात्रियों के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करने की दिशा में रेलवे के प्रयासों को सराहा.

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वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में ईस्टर्न रेलवे के प्रमुख विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे. इनमें CAO (कंस्ट्रक्शन), PCE, PCCM, PCOM, CAO (कंस्ट्रक्शन–RSP), PCEE, PCSTE, PCME और IG-cum-PCSC सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. इसके अलावा आसनसोल और मालदा डिवीजनों के डिवीजनल रेलवे मैनेजर तथा ईस्टर्न रेलवे के DGM (G) भी बैठक में मौजूद रहे.

सांसदों और प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

बैठक में आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा, बांका से गिरिधारी यादव, दुमका से नलिन सोरेन, भागलपुर से अजय कुमार मंडल और राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद ने भाग लिया. इसके अलावा जमुई, दुर्गापुर, धनबाद, गिरिडीह, बीरभूम, मालदा, उत्तर मालदा, कोडरमा, गोड्डा और जंगीपुर लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बड़े बदलाव

आसनसोल और मालदा डिवीजनों के डीआरएम ने सदस्यों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. इसके तहत प्रमुख स्टेशनों पर आधुनिक कॉनकोर्स, बेहतर वेटिंग हॉल, उन्नत सर्कुलेटिंग एरिया और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है.

लिफ्ट और एस्केलेटर से बेहतर हुई पहुंच

दोनों डिवीजनों के प्रमुख स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर की व्यापक स्थापना से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को बड़ी राहत मिली है. इस पहल को बैठक के चेयरपर्सन द्वारा विशेष रूप से सराहा गया.

नई ट्रेन सेवाएं और ऐतिहासिक उपलब्धियां

बैठक में नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत और विस्तार पर भी चर्चा हुई. इसमें अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन और कई लंबी दूरी की ट्रेनों को एलएचबी रेक में परिवर्तित करने की जानकारी दी गई.
एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में यह बताया गया कि भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जो मालदा डिवीजन से होकर गुजरती है, तथा अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया.

तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा पर फोकस

अन्य प्रमुख पहलों में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का संचालन, यार्ड रीमॉडलिंग, 130 किमी प्रति घंटे की गति के लिए सेफ्टी फेंसिंग, सिग्नलिंग और टेलीकॉम नेटवर्क को मजबूत करना शामिल रहा.
इसके साथ ही यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कोच और ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, सीसीटीवी निगरानी, मशीनीकृत सफाई, मुफ्त वाई-फाई, बेबी फीडिंग रूम, वॉटर वेंडिंग मशीन, ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ स्टॉल और पीएमबीजेके सुविधाओं की जानकारी दी गई.

अतिरिक्त ठहराव और स्पेशल ट्रेनों का संचालन

बैठक में बताया गया कि बीते वर्ष दोनों डिवीजनों में बड़ी संख्या में नए ट्रेन स्टॉपेज दिए गए, जिससे लंबे समय से चली आ रही जन मांगों को पूरा किया गया. सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने कुछ और स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव के सुझाव भी दिए, जिन पर आगे जांच का आश्वासन दिया गया.

इसके अलावा श्रावणी मेला, गर्मी और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन किया गया, जिससे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के तीर्थयात्रियों, प्रवासी श्रमिकों और लंबी दूरी के यात्रियों को काफी सुविधा मिली.

सांसदों की सराहना और रेलवे का आश्वासन

सांसदों ने विकास कार्यों की गति पर संतोष व्यक्त करते हुए पूर्वी रेलवे के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की. बेहतर कनेक्टिविटी, अतिरिक्त स्टॉपेज, नई सेवाएं, रेक परिवर्तन, रोड ओवर ब्रिज निर्माण और यात्री सुविधाओं में और सुधार को लेकर सुझाव दिए गए.

महाप्रबंधक मिलिंद देवस्कर ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेने और तकनीकी व आर्थिक दृष्टिकोण से उनकी जांच कर रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि ईस्टर्न रेलवे सुरक्षा, यात्री सुविधा और समावेशी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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