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पटना में अपराधी को घेरकर किया एनकाउंटर, पुलिस ने सूर्या डॉन को मारी गोली

Encounter
घटनास्थल और आरोपी की फाइल फोटो .

Encounter In Bihar: पटना के गायघाट इलाके में बुधवार सुबह कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन के साथ पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मुठभेड़ हुई. इस एनकाउंटर के दौरान सूर्या डॉन के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत एनएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया. जानकारी के अनुसार, सूर्या डॉन पर डकैती, लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार था.

सूर्या डॉन कौन है?

सूर्या डॉन खाजेकला थाना क्षेत्र का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. वह लूट, डकैती, चोरी और रंगदारी वसूलने जैसे मामलों में संलिप्त रहा है. कई बार पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश कर चुकी है, लेकिन वह फरार रहता था. अब यह एनकाउंटर उसके अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है.

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तीन राउंड फायरिंग, पूरे इलाके में अफरा-तफरी

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सूर्या डॉन गायघाट इलाके में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही एसटीएफ और पटना पुलिस की टीम वहां पहुंची और अपराधी को घेर लिया. इस दौरान लगभग तीन राउंड फायरिंग हुई. सूर्या डॉन ने पुलिस पर भी फायरिंग की, जिससे जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी गोली चली. इसी दौरान सूर्या डॉन के पैर में गोली लग गई.

इस मुठभेड़ के कारण पूरे इलाके में सुरक्षा का अलर्ट जारी हो गया और आसपास के लोग डर और दहशत में रह गए. पुलिस ने मौके पर तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया और आस-पास के क्षेत्र को घेर लिया.

पुलिस की तरफ से बयान

पुलिस के अनुसार सूर्या डॉन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. आलमगंज थाना को सूचना मिली कि सूर्या डॉन गायघाट के पास नाविकों से रंगदारी वसूलने पहुंचा है. सूचना मिलने के बाद आलमगंज थाना की पुलिस और एसटीएफ टीम तुरंत मौके पर पहुंची.

पुलिस के घेरने पर सूर्या डॉन ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं. इस मुठभेड़ में सूर्या डॉन को पैर में गोली लगी और उसे तुरंत एनएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने मौके से देसी कट्टा और गोलियां भी बरामद की हैं. साथ ही एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया.

नए साल में पांचवां एनकाउंटर

जानकारी के अनुसार, यह साल 2026 में पुलिस का पांचवां एनकाउंटर है. पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने शहरवासियों में सुरक्षा का संदेश तो दिया, लेकिन सूर्या डॉन जैसे अपराधियों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों में डर भी पैदा किया.

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी. आस-पास के संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया और लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

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पप्पू यादव को जमानत, लेकिन जेल में ही रहेंगे; कहा– जेल में मेरी जान खतरे में

Pappu Yadav
सांसद पप्पू यादव.

Pappu Yadav: बिहार के चर्चित सांसद पप्पू यादव मंगलवार को अदालत से जमानत पाने के बाद भी फिलहाल जेल में ही बंद रहेंगे. 31 साल पुराने मामले में उन्हें जमानत मिली है, लेकिन इसके पहले उन्होंने कोर्ट में पुलिस पर भरोसा न होने और अपनी सुरक्षा की चिंता जताई. पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें सादे लिबास में ही गिरफ्तार किया गया और उन्होंने यह भी आशंका जताई कि जेल में उन्हें इंजेक्शन देकर नुकसान पहुँचाया जा सकता है.

क्यों अभी भी जेल में हैं पप्पू यादव?

31 साल पहले गर्दनीबाग थाने में धोखाधड़ी और धमकी देने के मामले में पप्पू यादव को जमानत मिली है, लेकिन फिलहाल वे जेल में ही रहेंगे. इसका कारण यह है कि उन्हें बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज केस संख्या 72/2026 और कोतवाली थाने में दर्ज केस संख्या 279/2017 में भी रिमांड किया गया है. दोनों ही मामले सरकारी कामकाज में बाधा डालने से जुड़े हैं. इन मामलों में उन्हें अलग से जमानत लेनी होगी.

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कोर्ट में हुई सुनवाई

गर्दनीबाग थाने के पुराने मामले में पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन सिविल कोर्ट में बम ब्लास्ट की धमकी मिलने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई थी. मंगलवार को उन्हें बेऊर जेल से सिविल कोर्ट में लाया गया, जहां विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने मामले की सुनवाई की.

इस दौरान उनके वकील विजय आनंद और अजय कुमार ने अदालत को बताया कि पप्पू यादव पूर्व में भी जमानत पर थे, लेकिन जानकारी के अभाव में बॉन्ड खंडित हो गया. सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पहले भी इनकी जमानत रद्द की गई थी. सुनवाई के बाद अदालत ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर पप्पू यादव को जमानत देने का आदेश दिया.

पप्पू यादव की कोर्ट में प्रतिक्रिया

कोर्ट में पप्पू यादव ने कहा, “मैं सांसद हूँ और मेरे पास कई सरकारी कार्य हैं. मैं कभी कोर्ट से भागा नहीं हूँ और सरेंडर करने ही वाला था. मेरे आवास पर सादे लिबास में आए लोगों ने धमकी दी. उस समय और लोग भी सादे लिबास में थे. एसपी और अन्य अधिकारी वहां नहीं थे, नहीं तो पता नहीं क्या होता. मेरे साथ गलत व्यवहार किया गया.”

बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज मामला

पुलिस टीम जब गर्दनीबाग केस में पप्पू यादव को उनके उत्तरी मंदिरी आवास से गिरफ्तार करने गई, तो उनके समर्थकों ने हंगामा किया. पुलिस जब उन्हें अपनी गाड़ी से ले जा रही थी, तो समर्थक भी पुलिस से भिड़ गए. इस घटना में बुद्धा कॉलोनी थाने में पप्पू यादव और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया.

राजनीतिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य

पप्पू यादव का मामला केवल पुराना विवाद नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से भी चर्चित है. उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हुए झड़प ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल अदालत ने उन्हें जमानत दी है, लेकिन सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाएं अभी पूरी होनी बाकी हैं.

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नीतीश सरकार 25 जिलों में नई चीनी मिलें लगाएगी, किसानों और युवाओं को मिलेगा फायदा

CM नीतीश
नीतीश सरकार 25 जिलों में नई चीनी मिलें लगाएगी.

Bihar Government: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए अहम फैसला लिया है. राज्य के 25 जिलों में नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी. गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान ने कहा कि सभी जिलों के डीएम को जमीन तलाशने और परियोजना की योजना बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं. इसका उद्देश्य न केवल किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा करना है.

इन जिलों में लगेगी मिलों की झड़ी

नई मिलों की योजना में शामिल जिलों में मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पटना, पूर्णिया, बेतिया और मोतिहारी जैसे बड़े जिले शामिल हैं. इसके अलावा, दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में सहकारिता विभाग के माध्यम से काम की शुरुआत होगी. सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की मंजूरी भी दे दी है. इससे यह साफ है कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि इसे ठोस रूप में लागू किया जाएगा.

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बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा

सरकार की योजना केवल नई मिलों तक सीमित नहीं है. उन इकाइयों पर भी ध्यान दिया जा रहा है जो लंबे समय से बंद हैं. मोतीपुर, बिहटा, मढ़ौरा और सासामूसा जैसी मिलों को फिर से चालू करने की तैयारी की जा रही है. समीक्षा बैठक में यह तय किया गया कि इन मिलों के संचालन में आने वाली बिजली की आपूर्ति और तकनीकी समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जाएगा, ताकि उत्पादन समय पर शुरू हो सके.

दूसरे राज्यों से मॉडल सीखकर बिहार में लागू होगा

बिहार को गन्ना उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के मॉडल का अध्ययन करेगी. वहां की गन्ना नीतियों और तकनीक को देखकर इसे राज्य में लागू किया जाएगा. इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों को स्थानीय बाजार में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा.

रोजगार और किसान कल्याण दोनों का फायदा

नई और पुरानी मिलों के संचालन से किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और युवाओं के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी रोजगार पैदा होंगे. सरकार का यह कदम उद्योग, कृषि और रोजगार को जोड़ने का बड़ा प्रयास है. इसके जरिए बिहार का औद्योगिक और आर्थिक विकास भी मजबूत होगा और राज्य में निवेश का माहौल भी सुधरेगा.

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पटना के गांधी मैदान से चलेंगी BSRTC बसें, बिहार से दिल्ली सिर्फ 1000 रुपये में; टाइम-टेबल देखें

बस
पटना के गांधी मैदान से चलेंगी BSRTC बसें.

BSRTC Special Bus: होली और ईद के मौके पर बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) 23 फरवरी से 23 मार्च तक लगभग 200 विशेष बसें चलाएगा. इन बसों का मुख्य ध्यान उन लोगों पर होगा, जो दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बिहार आ रहे हैं. बसों की ऑनलाइन बुकिंग 5 फरवरी से शुरू हो चुकी है, ताकि यात्री समय रहते अपनी सीट सुनिश्चित कर सकें.

यात्रा अब होगी किफायती और सुविधाजनक

इस बार BSRTC ने सफर को न केवल आसान बल्कि किफायती भी बनाया है. सरकार ने प्रमुख रूटों पर भारी सब्सिडी लागू की है. उदाहरण के लिए, पटना से दिल्ली जाने वाली एसी सीटर बस का किराया सब्सिडी के बाद केवल 1254 रुपये रहेगा, जबकि स्लीपर बस का किराया 1893 रुपये होगा.

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मुजफ्फरपुर, गया और सीवान जैसे जिलों से दिल्ली और अंबाला के लिए भी सस्ती बसें उपलब्ध होंगी. इससे प्राइवेट बस ऑपरेटरों की मनमानी और अधिक किराया वसूलने की आदत पर भी लगाम लगेगा.

जानें रूट और समय-सारिणी

यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए BSRTC ने बसों का समय और रूट तय कर दिया है. दिल्ली जाने वाली बसें पटना के गांधी मैदान से सुबह 11:30 बजे और गया से शाम 7:30 बजे रवाना होंगी. पूर्णिया से अंबाला और मुजफ्फरपुर से रांची के लिए भी सुविधाजनक समय निर्धारित किया गया है.

दिल्ली रूट पर कुल 62 बसें लगाई गई हैं, हरियाणा के लिए 40, झारखंड के लिए 10, और उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के लिए भी बसें चलाई जाएँगी.

हाई-टेक सुविधाओं से बढ़ी आरामदायक यात्रा

इन स्पेशल बसों में यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए तकनीक का पूरा उपयोग किया गया है. यात्री टिकट UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए आसानी से बुक कर सकते हैं. इसके अलावा बस के अंदर ऑन-स्पॉट ई-टिकटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.

यह कदम उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जिन्हें आखिरी समय तक ट्रेन का कंफर्म टिकट नहीं मिलता. अब परिवार के साथ बिना किसी झंझट और कम खर्च में त्योहार मनाने के लिए बिहार आने-जाने का सफर और भी आसान हो गया है.

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बिहार में दिन में धूप, सुबह-शाम हल्की ठंड; जानें अभी भी कौन सा जिला सबसे ठंडा

Bihar
झारखंड में ठंड जारी

Bihar Ka Mausam : बिहार में इन दिनों मौसम में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है. सुबह के समय कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को विजिबिलिटी में थोड़ी कठिनाई होती है. लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ता है, आसमान साफ हो जाता है और तेज धूप लोगों का स्वागत करती है. जनवरी के मुकाबले ठंड की तीव्रता कम हो गई है और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग ने बताया है कि फिलहाल यह स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रहने की संभावना है.

नालंदा सबसे ठंडा जिला, कई इलाकों में सुबह कुहासा

बीते 24 घंटों में राज्य का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें नालंदा सबसे ठंडा जिला रहा. मधेपुरा और आसपास के कई जिलों में सुबह घना कुहासा छाया रहा. कोहरे की वजह से सुबह के समय दृष्टि सीमित रही, लेकिन दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया. दिन में तेज धूप निकलने से लोगों को ठंड से काफी राहत मिली.

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय बिहार में शुष्क मौसम का प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर स्थिति है. जब उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं होता और बारिश की गतिविधियां थम जाती हैं, तब बादलों की संख्या कम हो जाती है और सूर्य की किरणें सीधे धरती तक पहुँचती हैं. इसका सीधा असर तापमान में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देता है. साथ ही ठंडी पछुआ हवाओं का असर भी धीरे-धीरे कम हो रहा है.

दिन में गर्मी, सुबह-शाम हल्की ठंड

पटना और आसपास के जिलों में फरवरी की धूप अब पूरी तरह असर दिखा रही है. मंगलवार को सुबह से ही नीला आसमान नजर आया और अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई. मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं का प्रभाव अब घटने लगा है, जिससे न्यूनतम तापमान में सुधार होने की संभावना है. इस बदलाव के साथ ही बिहार में वसंत जैसे मौसम का अहसास होने लगा है. दिन में तेज धूप के कारण लोग बाहर अधिक समय बिताने में सहज महसूस कर रहे हैं.

मंगलवार को राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राज्य में सबसे अधिक तापमान कैमूर में 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा. दोपहर के समय, विशेषकर 12 बजे से 3 बजे तक, धूप का असर काफी तेज रहा. देर रात और सुबह हल्की ठंड का अनुभव हुआ, जो फिलहाल सामान्य स्थिति है.

धूप का अनुभव बढ़ा, कई जिलों में गर्मी का असर

राज्य के कई जिलों में दिन के समय अब धूप महसूस होने लगी है. कैमूर, मोतिहारी, बक्सर, गया, औरंगाबाद, नालंदा, शेखपुरा और किशनगंज में अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री के आसपास रहा. दक्षिण बिहार के जिलों में अधिकतम तापमान 25.4 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे धूप का असर और स्पष्ट हो गया.

मौसम विभाग ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक बिहार में मौसम में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है. राज्य के अधिकतर हिस्सों में शुष्क मौसम रहेगा. सुबह हल्का कोहरा रह सकता है, दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड का अनुभव रहेगा. बारिश की संभावना बहुत कम है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में धूप का असर लगातार महसूस होगा.

पटना का हाल: साफ आसमान और हल्की ठंड

पटना में आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है. आसमान अधिकतर साफ रहेगा और तेज धूप देखने को मिलेगी. अधिकतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. सुबह और देर रात हल्की ठंड बनी रहेगी, जबकि दिन में धूप का असर बढ़ने से वसंत जैसी हल्की गर्मी का अनुभव होगा.

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Bhagalpur : कहलगांव कोर्ट परिसर में नई सुविधाओं का विस्तार, एमेनिटी व हाजत भवन के साथ 9 ई-सेवा केंद्र शुरू

Bhagalpur
कहलगांव कोर्ट परिसर में नई सुविधाओं का विस्तार.

Bhagalpur News : कहलगांव व्यवहार न्यायालय में नवनिर्मित एमेनिटी बिल्डिंग और हाजत भवन सहित भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया व्यवहार न्यायालयों के 9 ई-सेवा केंद्रों का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने किया.

न्यायिक ढांचे को मिला विस्तार

उद्घाटन समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद, सुनील दत्त मिश्रा, पार्थ सारथी, अंशुमान, सौरेन्द्र पांडे, रितेश कुमार और अंशुल समेत अन्य न्यायाधीश व रजिस्ट्रार जनरल मौजूद रहे. कहलगांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह सहित न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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आम लोगों को बेहतर सुविधा पर जोर

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नए भवनों से न्यायालय की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इससे न्यायालय के प्रति भरोसा बढ़ेगा, पारदर्शिता आएगी और समय पर न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

न्याय तक पहुंच होगी आसान

प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि ये सुविधाएं न्यायमंडल में वादियों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करेंगी. ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से लोगों को न्यायिक सेवाएं लेने में सहूलियत मिलेगी और प्रक्रियाएं अधिक सरल होंगी.

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Bhagalpur : सड़क और बिजली परियोजनाओं की प्रगति पर प्रशासन की नजर, अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश

bhagalpur
सड़क और बिजली परियोजनाओं की प्रगति पर प्रशासन की नजर.

Bhagalpur News : समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले में चल रही आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे.

टोल प्लाजा भू-अर्जन भुगतान में तेजी के निर्देश

एनएच भागलपुर के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि भागलपुर-कहलगांव-मिर्जाचौकी सड़क परियोजना के तहत टोल प्लाजा निर्माण के लिए 18 रैयतों को भू-अर्जन राशि देनी थी. इनमें 10 रैयतों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 8 का भुगतान लंबित है. जिलाधिकारी ने डीसीएलआर कहलगांव को एनएच के साथ समन्वय कर शेष भुगतान जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया.

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पावर सब स्टेशन के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्देश

प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिसिटी के कार्यपालक अभियंता ने जानकारी दी कि कहलगांव और नाथनगर प्रखंड में पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए भूमि की जरूरत है. इस पर जिलाधिकारी ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर भूमि चिन्हित करने और संबंधित अंचलाधिकारी से समन्वय कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा.

सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सर्वे और प्राथमिकता सूची

ग्रामीण कार्य विभाग भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव के अभियंताओं को आरडब्ल्यूडी सड़कों के चौड़ीकरण हेतु सर्वे कराने का निर्देश दिया गया. बीडीओ और एसडीओ के साथ चर्चा कर प्राथमिकता सूची तैयार कर विभाग को प्रस्ताव भेजने को कहा गया.
साथ ही सभी अभियंताओं को संवेदकों के साथ नियमित बैठक और औचक निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

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पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर, डीएम ने दिए तेजी के निर्देश

भागलपुर
पीएम किसान योजना में पंजीकरण व e-KYC बढ़ाने पर जोर.

Bhagalpur News : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसान पंजीकरण और ई-केवाईसी की प्रगति को लेकर जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की, जिसमें उप विकास आयुक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, बीडीओ और सीओ शामिल हुए.

अब तक की प्रगति और शेष लक्ष्य

बैठक में बताया गया कि जिले के 2,74,158 किसान पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे थे, जिनका पंजीकरण और ई-केवाईसी होना है. अब तक 1,08,000 किसानों का पंजीकरण और 2,10,000 किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है, जबकि 1,02,000 किसानों का पंजीकरण शेष है. केंद्र सरकार ने किसान पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 तय की है.

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पंचायत स्तर पर बढ़ेगी टीम

जिलाधिकारी ने पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए. पंचायत रोजगार सेवक, आवास सहायक, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायकों को आईटी आईडी बनाकर इस कार्य में लगाने को कहा गया. जानकारी दी गई कि प्रत्येक प्रखंड में 95 आईडी सृजित की जा सकती हैं.

तीन दिन में 50 हजार पंजीकरण का लक्ष्य

डीएम ने अधिकारियों को अगले तीन दिनों में 50,000 किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बताया गया कि बिहार के लिए केंद्र सरकार ने लक्ष्य तय किया है और पूर्ण आवंटन प्राप्त करने के लिए इसे समय पर पूरा करना जरूरी है. इस कार्य की मुख्य सचिव स्तर से प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है.

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Bhagalpur : डीएम ने दवा खाकर की एमडीए अभियान की शुरुआत, 17 दिन चलेगा फाइलेरिया रोधी अभियान

Bhagalpur
डीएम ने दवा खाकर की एमडीए अभियान की शुरुआत.

Bhagalpur News : जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की शुरुआत कर दी गई है. जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने स्वयं फाइलेरिया की दवा खाकर 17 दिवसीय अभियान का उद्घाटन किया और कहा कि सामूहिक दवा सेवन से ही समुदाय को इस बीमारी से मुक्त किया जा सकता है. यह अभियान मंगलवार से 28 फरवरी तक चलेगा.

घर-घर जाकर दी जाएगी दवा

डीएम ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी 14 दिनों तक घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को उम्र के अनुसार दवा देंगे. दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की माताओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी. दवा खाली पेट नहीं लेनी है और सेवन से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि पिछले चार घंटे के भीतर भोजन किया गया हो.

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सुरक्षित है फाइलेरिया की दवा

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि पोलियो और चेचक जैसी बीमारियों पर देश ने सामूहिक प्रयासों से जीत हासिल की है, उसी तरह फाइलेरिया उन्मूलन भी संभव है.

सभी विभागों से सहयोग की अपील

अभियान की सफलता के लिए शिक्षा, आईसीडीएस, जीविका, पंचायती राज, पुलिस प्रशासन, महादलित विकास मिशन और आपूर्ति विभाग सहित सभी संबंधित विभागों से सहयोग देने की अपील की गई. कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद, डीबीबीडीसीओ डॉ. दीनानाथ, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष टीगा समेत कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.

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पटना में नीट छात्रा मौत मामले पर उबाल, विधानसभा घेराव को निकले प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग

पटना
पटना में नीट छात्रा मौत मामले पर उबाल.

Patna News: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मंगलवार को इस घटना को लेकर राजधानी की सड़कों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. AISA और AIPWA से जुड़े कार्यकर्ता बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा घेराव के लिए निकले.

गांधी मैदान से डाकबंगला तक टकराव

प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और महिला कार्यकर्ता जुटे. जुलूस जैसे ही डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी. इसके बावजूद आक्रोशित प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने लगे. गांधी मैदान इलाके में भी रोकने की कोशिश हुई, लेकिन वहां भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी.

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महिलाओं ने बुलंद किए नारे

इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही. उन्होंने महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए गए. संगठनों का कहना है कि छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

विधानसभा सत्र में भी गूंजा मामला

नीट छात्रा की मौत का मुद्दा बिहार विधानसभा के बजट सत्र में भी लगातार उठ रहा है. विपक्षी दल सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इस मामले से जुड़े घटनाक्रम में पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर भी सियासत गरम है. उनका आरोप है कि छात्रा मामले को उठाने की वजह से उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ा.

घटना के बाद से राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और छात्र संगठनों ने न्याय की मांग तेज कर दी है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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