JPSC Scam: सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी का करीबी और कर्मचारी दबोचे गए

JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) भर्ती घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभय तिवारी के करीबी अरविंद कुमार और जेपीएससी के कर्मचारी सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों की गिरफ्तारी सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 (22 जुलाई 2026) के तहत हुई है. अब जांच एजेंसी दोनों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है.

विधवा के हक में 12 साल बाद आया फैसला, मुआवजे समेत अंतिम संस्कार खर्च देने का निर्देश

JPSC Scam: मुख्य आरोपी के करीबी तक पहुंची जांच

सीआईडी की जांच में मिले इनपुट के आधार पर अरविंद कुमार को हिरासत में लिया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि वह मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी सहयोगी है. वहीं जेपीएससी कर्मचारी सोनू कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया.

पूरे रैकेट का खुलासा करने में जुटी सीआईडी

सीआईडी और विशेष जांच दल (एसआईटी) दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े कई नए नाम सामने आ सकते हैं. जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही.

अधिकारी और बिचौलिए भी जांच के घेरे में

जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह के तार कुछ अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से जुड़े होने की आशंका है. इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. सीआईडी का कहना है कि किसी भी संदिग्ध को बिना जांच के क्लीन चिट नहीं दी जाएगी.

सिल्ली थाना में जन शिकायत शिविर, छह मामलों की सुनवाई; चार का मौके पर हुआ समाधान

नए साक्ष्य मिलते ही होगी अगली कार्रवाई

सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है. जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. भर्ती घोटाले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-

सिल्ली थाना में जन शिकायत शिविर, छह मामलों की सुनवाई; चार का मौके पर हुआ समाधान
बड़गाईं जमीन घोटाले में तीन साल बाद बड़ी न्यायिक कार्रवाई, 14 आरोपियों पर आरोप तय
 प्रदर्शन खत्म होते ही खुली सड़कें, बैरिकेड हटे तो सामान्य हुआ ट्रैफिक

मीराबाई चानू के गोल्डन दांव पर भारत की नजर, बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग में भी पदकों की आस

Commonwealth Games 2026 Day 4 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का चौथा दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी अहम रहने वाला है. ओलंपिक पदक विजेता स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू एक बार फिर इतिहास रचने के इरादे से मंच पर उतरेंगी. महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में मीराबाई के पास लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने का मौका होगा. वहीं लॉन बॉल्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ी पदक की उम्मीदों को मजबूत करने उतरेंगे.

मीराबाई के सामने तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने की चुनौती

गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में स्वर्ण पदक जीत चुकी मीराबाई चानू इस बार भी अपनी बादशाहत बरकरार रखने के इरादे से उतरेंगी. महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में उनका मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 6:45 बजे शुरू होगा. इसके बाद रात 8:37 बजे पदक वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा. यदि मीराबाई स्वर्ण जीतने में सफल रहती हैं तो यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार तीसरा गोल्ड होगा.

मयंक ने मचाई तबाही, वैभव ने बरसाए रन, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

लॉन बॉल्स में रूपा रानी और पिंकी की अग्निपरीक्षा

लॉन बॉल्स में भारत की महिला पेयर्स टीम की रूपा रानी टिर्की और पिंकी के सामने चौथे दिन दो कड़े मुकाबले होंगे. भारतीय जोड़ी पहले नामीबिया से भिड़ेगी, जबकि दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम का सामना करेगी. बर्मिंघम 2022 में भारतीय लॉन बॉल्स टीम ने इतिहास रचा था. ऐसे में इस बार भी दोनों खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन और पदक की उम्मीद की जा रही है.

World Cup 2027: ICC ने तय की कटऑफ डेट, इस दिन साफ हो जाएगी 14 टीमों की तस्वीर

बॉक्सिंग में तीन भारतीयों पर रहेगी नजर

बॉक्सिंग में भी भारत के लिए दिन व्यस्त रहेगा. महिला मुक्केबाज प्रीति पवार अपने अभियान की शुरुआत मलावी की डेबोरा मटेनजे के खिलाफ करेंगी. पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के सुमामा रहमान से होगा, जिस पर भारतीय खेल प्रेमियों की खास नजर रहेगी. वहीं 65 किलोग्राम वर्ग में आदित्य प्रताप सिंह युगांडा के नूहू बैटे के खिलाफ रिंग में उतरेंगे.

वेटलिफ्टिंग में तीन खिलाड़ियों से मेडल की उम्मीद

मीराबाई चानू के अलावा भारत के दो और वेटलिफ्टर चौथे दिन अपनी चुनौती पेश करेंगे. ऋषिकांत सिंह पुरुषों की 60 किलोग्राम स्पर्धा में दोपहर 2:15 बजे मंच पर उतरेंगे. वहीं राजा मुथुपंडी पुरुषों की 65 किलोग्राम स्पर्धा में देर रात अपना दम दिखाएंगे. भारतीय दल को इन दोनों खिलाड़ियों से भी पदक की उम्मीद रहेगी.

तैराकी की रिले टीम पर भी टिकी निगाहें

भारतीय पुरुष तैराकी टीम 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले के हीट्स में उतरकर फाइनल का टिकट हासिल करने की कोशिश करेगी. यदि भारतीय टीम हीट्स पार करने में सफल रहती है तो देर रात होने वाले फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेगी. ऐसे में चौथे दिन तैराकी से भी भारत को अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है.

Commonwealth Games 2026 Day 4: चौथे दिन भारत का पूरा शेड्यूल (भारतीय समयानुसार)

लॉन बॉल्स

  • दोपहर 1:00 बजे – 2:15 बजे: महिला पेयर्स – भारत vs नामीबिया
  • रात 10:05 बजे – 11:15 बजे: महिला पेयर्स – भारत vs इंग्लैंड

वेटलिफ्टिंग

  • दोपहर 2:15 बजे: ऋषिकांत सिंह – पुरुष 60 किग्रा
  • शाम 4:07 बजे: पुरुष 60 किग्रा पदक समारोह
  • शाम 6:45 बजे: मीराबाई चानू – महिला 48 किग्रा
  • रात 8:37 बजे: महिला 48 किग्रा पदक समारोह
  • रात 11:15 बजे: राजा मुथुपंडी – पुरुष 65 किग्रा
  • रात 1:07 बजे (अगले दिन): पुरुष 65 किग्रा पदक समारोह

स्विमिंग

  • दोपहर 3:00 बजे – शाम 5:30 बजे: विभिन्न स्पर्धाओं के हीट्स
  • शाम 4:39 बजे: पुरुष 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स
  • रात 11:30 बजे – सुबह 2:45 बजे: विभिन्न स्पर्धाओं के फाइनल्स
  • सुबह 1:56 बजे (अगले दिन): पुरुष 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले फाइनल
  • सुबह 2:26 बजे (अगले दिन): पदक समारोह

बॉक्सिंग

  • रात 10:45 बजे: प्रीति पवार (भारत) vs डेबोरा मटेनजे (मलावी) – महिला 54 किग्रा
  • रात 11:45 बजे: जादुमणि सिंह (भारत) vs सुमामा रहमान (पाकिस्तान) – पुरुष 55 किग्रा
  • रात 12:45 बजे (अगले दिन): आदित्य प्रताप सिंह (भारत) vs नूहू बैटे (युगांडा) – पुरुष 65 किग्रा

नेटबॉल

  • रात 8:30 बजे – 10:00 बजे: दक्षिण अफ्रीका vs टोंगा

आज का सबसे बड़ा आकर्षण: शाम 6:45 बजे महिलाओं की 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में मीराबाई चानू लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक के लक्ष्य के साथ उतरेंगी.

इसे भी पढ़ें-

हार्दिक पंड्या को मिल सकता है आराम, जानिए BCCI का प्लान
टीम इंडिया को बड़ा झटका, अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हुए विराट कोहली

तेजप्रताप यादव गिरफ्तार, पुलिस ने दंगा फैलाने का लगाया आरोप, जानिए कैसे हुई कार्रवाई

Tej Pratap Yadav Arrested: बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उन पर दंगा फैलाने, पुलिस पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है. इस मामले में तेजप्रताप यादव समेत कुल 209 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. गांधी मैदान और कोतवाली थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

गांधी मैदान और कोतवाली थाने में दर्ज हुई एफआईआर

पटना पुलिस के अनुसार हिंसा की घटना को लेकर गांधी मैदान और कोतवाली थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. गांधी मैदान थाने में दर्ज एफआईआर में पुलिस पर हमला, सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पथराव और थानाध्यक्ष को घायल करने सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.

हिंसक प्रदर्शन के बाद सीवान में इंटरनेट सेवा बंद, अगले आदेश तक नेट पर रोक

पुलिस ने बताया कि एक प्राथमिकी पुलिस पदाधिकारी के बयान पर तेजप्रताप यादव के खिलाफ दर्ज की गई है, जबकि दूसरी गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के बयान पर दर्ज हुई है.

Tej Pratap Yadav Arrested: थानाध्यक्ष के पैर में लगी चोट

पुलिस का दावा है कि हिंसक प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा के पैर में चोट लगी. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया. इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया.

पहले हिरासत में लिया, फिर सेंट्रल मॉल से किया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक गांधी मैदान इलाके में हंगामा, पथराव और पुलिस वाहन पलटने की घटना के बाद तेजप्रताप यादव को शुरुआती दौर में हिरासत में लिया गया था. हालांकि कुछ देर बाद वह थाने से बाहर निकल गए. इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. छापेमारी के दौरान फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम उन्हें गुप्त स्थान पर ले गई, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

बिहार के कई जिलों में बवाल, छपरा में पुलिस वाहन फूंका, सीवान में एसपी घायल; जानिए कहां क्या हुआ

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि पूरे मामले में अब तक कुल 209 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सभी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है.

अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी

पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है. अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

इसे भी पढ़ें-

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर
अभिजीत दीपके का एलान- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा CJP का आंदोलन
सोनम वांगचुक ने खत्म की 26 दिन की भूख हड़ताल, केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में टूटा अनशन
हिरासत के बाद राहुल-प्रियंका सहित सभी विपक्षी नेता रिहा, खरगे बोले-डर से कांप रही सरकार

हिंसक प्रदर्शन के बाद सीवान में इंटरनेट सेवा बंद, अगले आदेश तक नेट पर रोक

Siwan Internet Ban : नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर शनिवार को हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तनाव के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे जिले में इंटरनेट सेवा अगले आदेश तक बंद कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने इंटरनेट सेवा निलंबित किए जाने की पुष्टि की है.

प्रदर्शन के दौरान बिगड़े हालात, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प

शनिवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की. साथ ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और लगातार निगरानी की जा रही है.

बिहार के कई जिलों में बवाल, छपरा में पुलिस वाहन फूंका, सीवान में एसपी घायल; जानिए कहां क्या हुआ

Siwan Internet Ban : अफवाहों पर रोक लगाने के लिए लिया गया फैसला

प्रशासन का कहना है कि तनावपूर्ण हालात में सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं. ऐसी अफवाहें कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं. इसी आशंका को देखते हुए एहतियातन पूरे जिले में इंटरनेट सेवा अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है.

एसपी बोले- हालात पर लगातार रखी जा रही नजर

पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं. शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें.

छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा; धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद, जानिए क्या बोले

प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें. यदि कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना मिले तो उसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दें.

स्थिति सामान्य होने पर बहाल होगी इंटरनेट सेवा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट सेवा पर लगी रोक स्थायी नहीं है. जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद ही इंटरनेट सेवा बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा. तब तक प्रतिबंध प्रभावी रहेगा.

इसे भी पढ़ें-

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर
अभिजीत दीपके का एलान- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा CJP का आंदोलन
सोनम वांगचुक ने खत्म की 26 दिन की भूख हड़ताल, केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में टूटा अनशन
हिरासत के बाद राहुल-प्रियंका सहित सभी विपक्षी नेता रिहा, खरगे बोले-डर से कांप रही सरकार

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर

Pralhad Joshi : नीट (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही, कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनकी अपनी जिम्मेदारियों के अलावा शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
​राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री जोशी अपने वर्तमान विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे.

बिहार के दो क्रिकेटर बने DSP, ऑफर लेटर लेकर सीएम सम्राट चौधरी से लिया आशीर्वाद

छात्रों के प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया. अपने त्यागपत्र में प्रधान ने कहा कि वे सदैव देश की प्रजातांत्रिक शक्ति और युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते आए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से वे व्यथित थे, जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया.

इसे भी पढ़ें-

पेपर लीक से लेकर सोशल मीडिया तक सख्ती, विधानसभा से 13 बड़े विधेयकों को मिली मंजूरी
बिहार के भागलपुर में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, बिजली कनेक्शन के नाम पर चार हजार घूस लेते JE धराया
भागलपुर में कोरोना का दूसरा मरीज मिला, संक्रमित बुजुर्ग की बेटी भी पॉजिटिव

छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा; धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद, जानिए क्या बोले

Dharmendra Pradhan resigns : नीट-यूजी परीक्षा में हुई धांधली के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जारी देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री को भेज दिया है. अपने पत्र में उन्होंने देश की युवा शक्ति, छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की अखंडता को बनाए रखने का हवाला देते हुए इस बड़े कदम की मुख्य वजहें उजागर की हैं.

युवाशक्ति को किसी भी भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे: प्रधान

इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे देश की लोकतांत्रिक ताकत और युवाओं के सपनों का सदैव सम्मान करते रहे हैं. पिछले 10 दिनों से चल रहे घटनाक्रम ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है. उन्होंने लिखा कि वे देश की युवाशक्ति को किसी भी भ्रम के जाल में नहीं फंसने देंगे. जंतर-मंतर और देश भर के मौजूदा हालात का फायदा कोई राष्ट्रविरोधी तत्व न उठा सके, देश की एकता अक्षुण्ण रहे और भारत के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी दांव-पेच में न उलझे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है.

बिहार के कई जिलों में बवाल, छपरा में पुलिस वाहन फूंका, सीवान में एसपी घायल; जानिए कहां क्या हुआ

Dharmendra Pradhan resigns : परीक्षा पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

  • NEET-UG परीक्षा विवाद पर दी सफाई: धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में कहा कि परीक्षा से जुड़े पूरे घटनाक्रम में सरकार ने हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई की.
  • गड़बड़ी सामने आते ही रद्द हुई परीक्षा: 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई. परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया और अगले साल से इसे पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने की घोषणा की गई.
  • 21 जून को 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा: केंद्र, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के समन्वय से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई.
  • 16 जुलाई को घोषित हुए नतीजे: धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परिणामों में आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की.

छात्रों को गुमराह करने और सुधार प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने का प्रयास : धमेंद्र प्रधान

पूर्व शिक्षा मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ली थी. उनका एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी योग्य छात्र का अहित न हो. हालांकि, इसके बावजूद कुछ जिम्मेदार पदों पर आसीन व्यक्तियों ने छात्रों को गुमराह करने और सुधार प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने का प्रयास किया, जिससे उनका मन बहुत आहत हुआ है.

बिहार के दो क्रिकेटर बने DSP, ऑफर लेटर लेकर सीएम सम्राट चौधरी से लिया आशीर्वाद

युवाओं के सेवा कार्य में निरंतर समर्पित रहेंगे

चार दशकों से भी अधिक समय से शिक्षा क्षेत्र में अपने योगदान का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया. उन्होंने कैबिनेट के अपने सहयोगियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य है और वे भगवान श्री जगन्नाथ जी की कृपा से आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा युवाओं के सेवा कार्य में निरंतर समर्पित रहेंगे.

इसे भी पढ़ें-

पेपर लीक से लेकर सोशल मीडिया तक सख्ती, विधानसभा से 13 बड़े विधेयकों को मिली मंजूरी
बिहार के भागलपुर में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, बिजली कनेक्शन के नाम पर चार हजार घूस लेते JE धराया
भागलपुर में कोरोना का दूसरा मरीज मिला, संक्रमित बुजुर्ग की बेटी भी पॉजिटिव

जमशेदपुर : कार मालिक और चालक से पुलिस की पूछताछ, हंगामा करने वालों पर भी होगी कार्रवाई

Jamshedpur News : बागबेड़ा डीबी रोड पर हुए सड़क हादसे की जांच में पुलिस ने तेजी ला दी है. मामले में कार मालिक अवधेश शर्मा और चालक अरुण सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं हादसे में घायल प्रेम महतो और सिद्धेश्वर यादव का इलाज जारी है. प्रेम महतो की हालत गंभीर बनी हुई है.

घायल के भाई की शिकायत पर केस दर्ज

घायल प्रेम महतो के भाई रौशन कुमार महतो के बयान पर बागबेड़ा थाना में कार चालक, कार मालिक और अन्य के खिलाफ तेज व लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने का मामला दर्ज किया गया है.

लोको पायलटों को सर्पदंश से बचाव का प्रशिक्षण, सांपों की पहचान भी सिखाई

गौरतलब है कि गुरुवार को बागबेड़ा डीबी रोड पर कार की टक्कर से प्रेम महतो, सिद्धेश्वर यादव, सरोज शर्मा और एक महिला घायल हो गए थे. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर डीबी रोड चौक जाम कर दिया था. इससे कुछ देर तक यातायात भी प्रभावित रहा.

हंगामा करने वालों पर प्राथमिकी की तैयारी

हादसे के बाद सड़क जाम कर हंगामा करने वालों के खिलाफ भी बागबेड़ा थाना पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है. इसके लिए घटनास्थल पर बने वीडियो और फोटो फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस इनकी मदद से हंगामा करने वालों की पहचान कर रही है. पहचान पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

इसे भी पढ़ें-

एमजीएम अस्पताल के होमगार्ड और आउटसोर्सिंग कर्मियों को जल्द मिलेगा बकाया वेतन
रिसर्च लैब्स का ‘सिरदर्द’ दूर करेगा जमशेदपुर के प्रशांत का AI टूल, मिला वैश्विक सम्मान

जमेशदपुर : लोको पायलटों को सर्पदंश से बचाव का प्रशिक्षण, सांपों की पहचान भी सिखाई

jamshedpur News : रेलकर्मियों को सर्पदंश जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए जागरूक बनाने के उद्देश्य से टाटानगर रेल सिविल डिफेंस ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. भारत सरकार के राष्ट्रीय सर्पदंश रोकथाम, नियंत्रण एवं संरक्षण अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 140 लोको पायलट और सहायक लोको पायलट शामिल हुए.

इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में रांची, आद्रा, खड़गपुर और चक्रधरपुर रेल मंडल के वंदे भारत, सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ी से जुड़े लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलटों ने हिस्सा लिया.

रेल सिविल डिफेंस के इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति पदक से सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि रेलकर्मियों का कार्यक्षेत्र अक्सर जंगलों और सुनसान इलाकों से होकर गुजरता है, जहां सर्पदंश का खतरा बना रहता है. ऐसे में सही जानकारी और समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल प्रस्तुति, टेली फिल्म और डमी सर्प की मदद से प्रतिभागियों को विषैले और गैर-विषैले सांपों की पहचान कराई गई. साथ ही सर्पदंश के लक्षण, प्राथमिक उपचार की सही प्रक्रिया और शरीर पर विष के प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

इसे भी पढ़ें-

एमजीएम अस्पताल के होमगार्ड और आउटसोर्सिंग कर्मियों को जल्द मिलेगा बकाया वेतन
रिसर्च लैब्स का ‘सिरदर्द’ दूर करेगा जमशेदपुर के प्रशांत का AI टूल, मिला वैश्विक सम्मान

धनबाद : ड्रोन से अवैध खनन पर CISF की नजर, केबल लूट और कोयला चोरी की पड़ताल तेज

Dhanbad News : ईसीएल के मुगमा क्षेत्र में केबल लूट, कोयला चोरी और अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए सीआईएसएफ ने अभियान तेज कर दिया है. शुक्रवार को शीतलपुर सीआईएसएफ के कमांडेंट राहुल सिंह गौतम के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न कोलियरियों का निरीक्षण किया और ड्रोन सर्विलांस के जरिए पूरे इलाके का हवाई आकलन किया.

निरीक्षण के दौरान टीम ने पहले बंद कराई गई अवैध सुरंगों, संभावित अवैध खनन स्थलों और ईसीएल प्रबंधन की ओर से कराई गई डोजरिंग की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया. ड्रोन से कई स्थानों की तस्वीरें और अन्य साक्ष्य जुटाए गए.

जेल में बंद प्रमोद की बढ़ीं मुश्किलें, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल की चार्जशीट

अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल की जा रही साइकिलें और कोयला भी जब्त किया गया. सीआईएसएफ की टीम ने मुगमा, भालोकसुंदा, दुधियापानी और गलफरबाड़ी क्षेत्र का दौरा कर अवैध खनन और केबल लूट से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई.

अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों में बड़े पैमाने पर केबल लूट और अवैध खनन के संकेत मिले हैं. ड्रोन सर्विलांस के दौरान कई महत्वपूर्ण तस्वीरें भी ली गई हैं. साथ ही अवैध खनन में शामिल लोगों और चोरी के कोयले की खपत के ठिकानों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है.

सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया कि पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों के साथ-साथ कोयला मंत्रालय को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

इसे भी पढ़ें-

धनबाद में शर्मनाक वारदात: बुजुर्ग महिला से दरिंदगी का आरोप, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया
फुटपाथ दुकानदारों पर प्रशासन सख्त, दो दर्जन से अधिक को अतिक्रमण हटाने का नोटिस