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AIIMS Patna : झुलसे मरीजों के लिए राहत की खबर, एम्स पटना में शुरू होगी हाई-टेक बर्न केयर सुविधा

AIIMS Patna
एम्स पटना में शुरू होगी हाई-टेक बर्न केयर सुविधा.

AIIMS Patna : बिहार में जले हुए मरीजों के इलाज को लेकर अब बड़ी राहत मिलने वाली है. एम्स पटना में एक नया विशेष चिकित्सा परिसर तैयार किया गया है, जिससे बर्न ट्रीटमेंट और प्लास्टिक सर्जरी की सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध हो सकेंगी. प्रस्तावित योजना के अनुसार यह केंद्र मार्च 2026 से सेवाएं देना शुरू कर सकता है.

इस नए चिकित्सा भवन को अत्याधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है. यहां भर्ती मरीजों के लिए 50 बेड की क्षमता रखी गई है, जिनमें से 12 बेड गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए आईसीयू श्रेणी में होंगे. ऑपरेशन के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मॉड्यूलर थिएटर बनाए गए हैं. इसके साथ स्किन स्टोरेज यूनिट, डर्माटोम सिस्टम और आधुनिक जल-आधारित थैरेपी सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं.

घावों की सफाई सीधे हाथों के संपर्क के बिना होगी

इस सेंटर की खास तकनीक ऐसी होगी, जिसमें घावों की सफाई सीधे हाथों के संपर्क के बिना की जा सकेगी. इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा कम होगा और मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया तेज हो सकेगी. सर्जरी के दौरान हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोप का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऑपरेशन अधिक नियंत्रित और सुरक्षित बनेंगे.

इलाज की सीमा नहीं, विकल्पों का विस्तार

यह सुविधा केवल बर्न इंजरी तक सीमित नहीं रहेगी. यहां सौंदर्य सुधार से जुड़ी सर्जरी के साथ-साथ कई जटिल प्लास्टिक सर्जिकल प्रक्रियाएं भी की जाएंगी. माइक्रोवैस्कुलर, एंडोस्कोपिक और लेजर आधारित उपचार तकनीकें इस सेंटर का हिस्सा होंगी, जिससे मरीजों को राज्य से बाहर रेफर करने की जरूरत कम होगी.

मरीज की पूरी रिकवरी पर ध्यान

यहां इलाज के साथ-साथ रिहैबिलिटेशन को भी प्राथमिकता दी जाएगी. नर्सिंग टीम के अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, तकनीकी स्टाफ, फिजियोथेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, सामाजिक सहयोग और पोषण संबंधी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी. लक्ष्य मरीज को केवल स्वस्थ करना नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में लौटने में मदद करना है.

मार्च 2026 से संचालन की तैयारी

विभाग की प्रमुख डॉ. वीणा सिंह के अनुसार भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और आवश्यक मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति प्रक्रिया जारी है. सभी व्यवस्थाएं पूरी होते ही मार्च 2026 से इस केंद्र के शुरू होने की संभावना है.

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Tata Punch Facelift 2026 : हर बजट के लिए परफेक्ट विकल्प, सभी वैरिएंट्स की कीमतें आई सामने

Tata Punch Facelift 2026
हर बजट के लिए परफेक्ट विकल्प.

Tata Punch Facelift Price 2026 : टाटा मोटर्स ने भारतीय बाजार में अपनी अपडेटेड 2026 Tata Punch Facelift को उतार दिया है. नई जनरेशन Punch को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, और अब आधिकारिक लॉन्च के बाद इसके लुक, फीचर अपग्रेड और सेफ्टी सुधारों ने ग्राहकों का ध्यान खींचा है.

इस माइक्रो SUV की एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपये से शुरू होकर 10.54 लाख रुपये तक जाती है. खास बात यह है कि इस बार कंपनी ने पावरट्रेन विकल्पों का दायरा काफी बढ़ा दिया है. ग्राहकों को पेट्रोल और CNG के साथ मैनुअल व ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के विकल्प मिलते हैं, वहीं पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी पेश किया गया है.

इन बदलावों के साथ Tata Punch अब सिर्फ एक एंट्री-लेवल कार नहीं रह गई है. ज्यादा पावर, नई टेक्नोलॉजी और अलग-अलग वैरिएंट्स के कारण यह माइक्रो SUV अब व्यापक ग्राहक वर्ग को टारगेट कर रही है. यदि आप इस नए मॉडल को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आगे वेरिएंट के अनुसार कीमतों की जानकारी देख सकते हैं.

Tata Punch Facelift Price 2026 :  पेट्रोल (मैनुअल) वेरिएंट्स – कीमत (₹ लाख, एक्स-शोरूम)

वेरिएंटकीमत
Smart5.59
Pure6.49
Pure+6.99
Pure+ S7.34
Adventure7.59
Adventure S7.94
Accomplished8.29
Accomplished+ S8.99

Tata Punch Facelift Price 2026 : पेट्रोल (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स – कीमत (₹ लाख)

वेरिएंटकीमत
Pure+7.54
Pure+ S7.89
Adventure8.14
Adventure S8.94
Accomplished8.84
Accomplished+ S9.54

Tata Punch Facelift Price 2026 : CNG (मैनुअल) वेरिएंट्स – कीमत (₹ लाख)

वेरिएंटकीमत
Smart6.69
Pure7.49
Pure+7.99
Pure+ S8.34
Adventure8.59
Adventure S8.94
Accomplished9.29
Accomplished+ S9.54

Tata Punch Facelift Price 2026 : CNG (ऑटोमैटिक) वेरिएंट्स – कीमत (₹ लाख)

वेरिएंटकीमत
Pure+8.54
Adventure9.14
Adventure S9.49
Accomplished+ S10.54

Tata Punch Facelift Price 2026 : टर्बो पेट्रोल वेरिएंट्स – कीमत (₹ लाख)

वेरिएंटकीमत
Adventure8.29
Accomplished+ S9.79

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क्विक डिलीवरी की दौड़ थमी? ब्लिंकिट की टैगलाइन बदली! स्विगी और जेप्टो की अब बारी

Delivery In 10 Minutes
ब्लिंकिट की टैगलाइन बदली!

Delivery In 10 Minutes: देश में तेजी से बढ़े क्विक कॉमर्स सेक्टर में अब काम करने के तरीके को लेकर बड़ा बदलाव साफ दिखाई देने लगा है. कुछ साल पहले तक मिनटों में डिलीवरी को सबसे बड़ा हथियार बनाकर पेश करने वाली कंपनियां अब अपनी प्राथमिकताएं बदलती नजर आ रही हैं. Blinkit ने अपने प्लेटफॉर्म से बेहद कम समय में डिलीवरी के दावे को हटाकर संकेत दे दिया है कि सेक्टर अब सिर्फ रफ्तार की होड़ में आगे बढ़ने के मूड में नहीं है. यह बदलाव ऐसे समय सामने आया है, जब डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर्स की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम के दबाव को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. सरकार, समाज और खुद कर्मचारियों की आवाज के बाद अब कंपनियों को अपने मॉडल पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

मिनटों की डिलीवरी से दूरी?

Blinkit ने अपनी ब्रांडिंग में यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्राहक को सामान कितनी जल्दी मिलेगा, इसकी जगह अब यह अहम होगा कि उसे कितनी विविधता और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. कंपनी ने अपने प्रचार संदेशों से ‘10 मिनट’ जैसे शब्द हटाकर यह दिखाने की कोशिश की है कि वह केवल समय की सीमा नहीं, बल्कि बेहतर अनुभव पर ध्यान दे रही है. जानकार मानते हैं कि यह कदम सिर्फ एक टैगलाइन बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पूरा कारोबारी दृष्टिकोण बदलने की तैयारी है.

सरकारी दखल ने बदला माहौल

केंद्रीय श्रम मंत्रालय की ओर से क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ हुई बैठकों में डिलीवरी कर्मियों पर पड़ने वाले दबाव को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी. मंत्रालय का मानना है कि बेहद कम समय में ऑर्डर पूरा करने की अपेक्षा से सड़क दुर्घटनाओं, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ते हैं. इसी पृष्ठभूमि में कंपनियों से कहा गया कि वे अपने संचालन मॉडल और मार्केटिंग रणनीति पर पुनर्विचार करें. माना जा रहा है कि इसी दबाव के बाद कंपनियों ने रफ्तार के बजाय संतुलन पर जोर देना शुरू किया है.

दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी पड़ सकता है असर

Blinkit के फैसले के बाद क्विक कॉमर्स सेक्टर में यह चर्चा तेज हो गई है कि अन्य प्लेटफॉर्म भी जल्द ही इसी राह पर चल सकते हैं. अभी कुछ ऐप्स पर तेज डिलीवरी को लेकर पुराने दावे दिखाई देते हैं, लेकिन उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में यह तस्वीर बदल सकती है. सरकार और सार्वजनिक बहस के चलते पूरे सेक्टर की मार्केटिंग भाषा और वादों में बदलाव संभव है.

गिग वर्कर्स की नाराजगी पहले ही दे चुकी थी संकेत

तेज डिलीवरी के मॉडल के खिलाफ गिग वर्कर्स की असंतुष्टि पहले भी सामने आ चुकी है. पिछले वर्ष देश के कई शहरों में डिलीवरी कर्मियों ने काम की परिस्थितियों, असुरक्षा और आय से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया था. उनका कहना था कि समय की सख्त पाबंदियां उन्हें जोखिम उठाने के लिए मजबूर करती हैं. इन आंदोलनों ने यह साफ कर दिया था कि रफ्तार की कीमत सबसे पहले कर्मचारियों को चुकानी पड़ रही है.

कंपनियों का पक्ष और जमीनी सच्चाई

कंपनियों की ओर से यह तर्क दिया जाता रहा है कि तेज डिलीवरी का मतलब तेज रफ्तार ड्राइविंग नहीं होता, बल्कि डार्क स्टोर्स की नजदीकी इसका कारण है. हालांकि, जमीनी स्तर पर काम करने वाले कई कर्मियों का कहना है कि रेटिंग, इंसेंटिव और समय की गणना का दबाव अंततः उन्हीं पर पड़ता है. यही कारण है कि अब इस मॉडल की व्यावहारिकता पर सवाल उठने लगे हैं.

संसद और नीति स्तर पर चर्चा

गिग वर्कर्स की स्थिति संसद में भी उठ चुकी है. सांसदों ने ऐप आधारित काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्पष्ट नियम, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग की है. सामाजिक सुरक्षा संहिता और ई-श्रम पोर्टल के जरिए सरकार ने पहली बार प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक ढांचे में लाने की पहल की है. इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में कंपनियों को ज्यादा जवाबदेह होना पड़ेगा.

आगे की राह

Blinkit का यह कदम क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए एक संकेत है कि आने वाला दौर सिर्फ तेजी का नहीं, बल्कि संतुलन और जिम्मेदारी का हो सकता है. अगर अन्य कंपनियां भी इसी दिशा में आगे बढ़ती हैं, तो इससे डिलीवरी कर्मियों की स्थिति में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को भी अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिल सकेगी.

भाषा इनपुट के साथ

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मकर संक्रांति से पहले तेज प्रताप ने भाई और माता-पिता से की मुलाकात, दही-चूड़ा भोज का दिया निमंत्रण

Tej Pratap Yadav
दही-चूड़ा भोज का दिया निमंत्रण.

Tej Pratap Yadav : मकर संक्रांति से पहले तेज प्रताप यादव ने लालू परिवार के सभी सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने त्योहार से पहले सभी को अपने घर पर होने वाले दही-चूड़ा समारोह का निमंत्रण दिया. इस दौरान परिवारिक बातें हुईं और आने वाले त्योहार को लेकर हलचल दिखाई दी. सात महीने बाद भाई तेजस्वी यादव के साथ यह पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी. परिवारिक माहौल में सभी सदस्यों के बीच बातचीत और हंसी-मज़ाक का समय भी रहा.

परिवार के सदस्यों से की मुलाकात

तेज प्रताप यादव ने अपने पिता और मां से समय बिताया और दोनों को दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का निमंत्रण दिया. उन्होंने पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत की.

भाई तेजस्वी से हुई मुलाकात

भाई तेजस्वी यादव को भी समारोह में आने का निमंत्रण दिया गया. मुलाकात में दोनों के बीच शांति और सौहार्दपूर्ण बातचीत देखने को मिली. यह मुलाकात दोनों भाइयों के संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.

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भतीजी के साथ बिताया समय

तेज प्रताप यादव ने अपनी भतीजी कात्यायनी के साथ खेलते हुए समय बिताया. उन्होंने इसे आनंददायक पल बताया और सोशल मीडिया पर भी साझा किया. इससे पहले उन्होंने राबड़ी देवी के जन्मदिन पर उनके साथ केक काटा था.

दही-चूड़ा समारोह और राजनीतिक चर्चा

तेज प्रताप यादव ने विजय सिन्हा के यहां भी दही-चूड़ा समारोह में हिस्सा लिया था. उन्होंने मीडिया को बताया कि राजनीतिक निर्णय समय आने पर स्पष्ट होंगे. परिवार और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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कोलकाता में निपाह वायरस का बढ़ा खतरा; वेंटिलेटर पर 2 नर्स, डॉक्टर और स्टाफ पीपीई में, 102 क्वारंटाइन

Nipah Virus in Bengal
कोलकाता में निपाह वायरस का बढ़ा खतरा

Nipah Virus in Bengal : पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह तेजी से बढ़ता ही जा रहा है. दो नर्सें गंभीर रूप से संक्रमित हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. उनके सैंपल पुणे लेबोरेटरी में जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. संक्रमित क्षेत्रों के निजी अस्पतालों में अब सभी डॉक्टर और स्टाफ मास्क पहनकर काम कर रहे हैं और डॉक्टर पीपीई किट का उपयोग कर रहे हैं. अब तक 102 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है और निगरानी जारी है.

Nipah Virus in Bengal: चार स्वास्थ्यकर्मी आइसोलेशन में

संक्रमित नर्स के संपर्क में आए चार स्वास्थ्यकर्मियों को आइसोलेशन में रखा गया है. साथ ही, 50 लोगों के नमूने एकत्र किए गए हैं. नर्स के घर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान शुरू किया है, ताकि संक्रमितों के संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान की जा सके.

आईडी अस्पताल तैयार, बेड और संसाधन उपलब्ध

बेलियाघाटा आईडी अस्पताल को इमरजेंसी के लिए तैयार किया गया है. अस्पताल में 10 इमरजेंसी बेड और 68 वार्ड बेड तैयार रखे गए हैं. संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए 48 लोगों की सूची बनाई गई है. मरीजों द्वारा हाल ही में घूमी गई तीन जगहों को हाई रिस्क जोन घोषित किया गया है. आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और अस्पताल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है.

सुरक्षा उपाय और जागरूकता

अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. डॉक्टर और स्टाफ पीपीई किट पहनकर मरीजों की देखभाल कर रहे हैं. राज्य स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने और संक्रमण से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.

निगरानी अभियान को किया और तेज

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि लोगों को संक्रमित नर्स के संपर्क में आने से बचने और किसी भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल संपर्क करने की हिदायत दी गई है. निगरानी अभियान को और तेज किया जा रहा है ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके.

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Bhagalpur News : भागलपुर जंक्शन पर यात्रियों की देखभाल करने वालों में कंबल वितरित

Blanket distribution
यात्रियों की देखभाल करने वालों में कंबल वितरित.

Bhagalpur News : पूर्व रेलवे, मालदा मंडल के अंतर्गत भागलपुर जंक्शन पर कड़ाके की ठंड को देखते हुए केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं आरपीएफ, जीआरपी के संयुक्त तत्वाधान में स्टेशन परिसर में यात्रियों की देखभाल करने वाले कुली, सफाई कर्मी, मोची एवं अन्य लोगों के बीच 340 कंबल वितरित किए गए.

कार्यक्रम का उद्देश्य और विस्तार

संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष विष्णु खेतान ने बताया कि यह कार्यक्रम 16 जनवरी तक चलेगा. इसमें पीरपैंती बाजार, कहलगांव और नवगछिया में भी कंबल वितरण किया जाएगा, ताकि ठंड से प्रभावित लोगों को राहत मिल सके.

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस कार्यक्रम में आरपीएफ के प्रभारी अनिल गिरी, जीआरपी प्रभारी उमेश कुमार, संस्था के राजेश टंडन, मनोज भुडिया, अमित शाह, प्रकाश गोयनका, डॉक्टर सीताराम शर्मा, संदीप झुनझुनवाला, सुमित अग्रवाल, मिलन शाह, मणिभूषण सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित रहे.

वितरण का महत्व

कंबल वितरण के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ठंड में यात्रियों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों को राहत प्रदान करना और उनके प्रयासों की सराहना करना है.

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Bhagalpur News : अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ; बोले डीडीसी

DDC Inspection
विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का डीडीसी का निर्देश.

Bhagalpur News : उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने मंगलवार को सबौर प्रखंड का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निष्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया.

प्रखंड कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक

भ्रमण के दौरान प्रखंड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सरकार की विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई. डीडीसी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए.

विभागवार कार्यों की समीक्षा

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आईसीडीएस, कृषि, ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई. डीडीसी ने संबंधित पदाधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की और लंबित मामलों के कारणों की जानकारी ली. उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया.

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स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, पोषण अभियान और दवाओं की उपलब्धता पर चर्चा हुई. वहीं शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों में नामांकन, छात्र उपस्थिति, शिक्षण गुणवत्ता, मध्याह्न भोजन योजना तथा विद्यालयों की आधारभूत संरचना की स्थिति की समीक्षा की गई.

आईसीडीएस, कृषि और ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा

आईसीडीएस के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और पोषण सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई. कृषि विभाग की समीक्षा में फसल उत्पादन, बीज एवं उर्वरक वितरण, किसान कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा हुई. ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान और अन्य विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई.

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

डीडीसी ने सभी विभागों को कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी.

अधिकारी रहे उपस्थित

समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. डीडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें.

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Bihar News : बिहार में अब रोज-रोज नहीं होगा किचकिच, सप्ताह में 2 दिन लगेगा बिजली दरबार

Bihar Electricity
सप्ताह में 2 दिन लगेगा अब बिजली दरबार.

Bihar News : बिहार राज्य के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने की दिशा में ऊर्जा विभाग ने एक अहम पहल की है. सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) के तहत अब बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों की नियमित सुनवाई कार्यालयों में की जाएगी. इस व्यवस्था के माध्यम से उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें सीधे संबंधित अधिकारियों से मिलने का अवसर मिलेगा.

ऊर्जा विभाग का उद्देश्य है कि शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण हो, जिससे उपभोक्ताओं का भरोसा विभाग पर और मजबूत हो. इसी क्रम में यह नई व्यवस्था पूरे राज्य में लागू की जा रही है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक

ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने सभी आपूर्ति अंचल कार्यालयों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की. बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें.

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19 जनवरी से लागू होगी नई व्यवस्था

यह व्यवस्था 19 जनवरी से पूरे राज्य में लागू होगी. इसके तहत सभी अंचल, प्रमंडल, अवर प्रमंडल एवं सेक्शन कार्यालयों में सप्ताह के दो कार्यदिवस उपभोक्ताओं की शिकायतों की सुनवाई की जाएगी.

तय समय पर होगी शिकायतों की सुनवाई

निर्देशानुसार, सोमवार को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक तथा शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा.

अधिकारी रहेंगे अनिवार्य रूप से उपस्थित

शिकायत सुनवाई के दौरान विद्युत कार्यपालक अभियंता अपने डिवीजन कार्यालय में, सहायक विद्युत अभियंता सब-डिवीजन कार्यालय में तथा कनीय अभियंता सेक्शन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. उपभोक्ता अपनी बिजली से संबंधित समस्याएं लेकर सीधे अधिकारियों से मिल सकेंगे.

उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी सुविधा

विद्युत कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह के निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को सभी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, अवर प्रमंडल एवं प्रशाखा कार्यालयों में अधिकारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे. इससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार भटकना नहीं पड़ेगा.

अच्छे व्यवहार और त्वरित समाधान के निर्देश

ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को उपभोक्ताओं से अच्छे व्यवहार के साथ मिलने, उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनने और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

कार्यालयों में मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों में उपभोक्ताओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. साथ ही प्राप्त सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए.

जीवन आसान बनाने की दिशा में अहम पहल

यह पहल बिजली उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी और उनके दैनिक जीवन को और अधिक आसान बनाएगी. उल्लेखनीय है कि बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है. ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर सुशासन को मजबूत करना है.

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Bhagalpur News : नगर निगम कार्यालय में शुभम कुमार को विदाई, किसलय कुशवाहा का अभिनंदन

Municipal Commissioner Welcome
भागलपुर में नये नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा का अभिनंदन.

Bhagalpur News : भागलपुर नगर निगम के मेयर कार्यालय वेश्म में मंगलवार को एक गरिमामय विदाई सह स्वागत समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर निवर्तमान नगर आयुक्त शुभम कुमार को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, जबकि नवपदस्थापित नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा का औपचारिक स्वागत किया गया.

समारोह के दौरान मेयर ने निवर्तमान नगर आयुक्त शुभम कुमार को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया. उन्होंने उनके कार्यकाल के दौरान नगर निगम क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों, प्रशासनिक समन्वय और जनहित से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

इसके पश्चात मेयर ने नवनियुक्त नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया. उन्होंने विश्वास जताया कि नए नगर आयुक्त के नेतृत्व में नगर निगम की योजनाओं को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा तथा शहर के विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी. मेयर ने कहा कि नगर आयुक्त की भूमिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सेतु की होती है और आपसी समन्वय से ही नगर के समग्र विकास को गति मिलती है.

समारोह में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी एवं कई पार्षद मौजूद रहे. सभी ने निवर्तमान नगर आयुक्त को विदाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की और नए नगर आयुक्त के सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं.

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Happy Lohri 2026 Wishes Quotes Live : अपने प्यार और दोस्ती के संदेशों से बनाएं पर्व खास

Hapyy Lohri 2026
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Happy Lohri 2026 Wishes Quotes Live : लोहड़ी का त्योहार मिलजुलकर खुशियां बांटने और अपनापन जताने का समय है. यह दिन दोस्ती और रिश्तों को निखारने का अवसर देता है. आग की गर्मी, ढोल की थाप और स्वादिष्ट पकवानों के साथ अपने चाहने वालों को दिल से शुभकामनाएं भेजना इसे और भी खास बनाता है.

छोटे-छोटे संदेश और प्यार भरे शब्द रिश्तों में मिठास बढ़ाते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं. दोस्तों या परिवार को भेजे गए संदेश सिर्फ खुशी ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आपसी जुड़ाव और अपनापन भी गहरा करते हैं.

इस लोहड़ी पर अपने संदेशों में स्नेह, उमंग और अच्छे विचारों को शामिल करें. हर संदेश में उत्साह और हर्ष हो, ताकि यह पर्व सभी के लिए यादगार और खुशियों भरा बन जाए.