सुबह-सुबह विक्रमशिला फीडर में फॉल्ट, 4 घंटे तक संकट झेलती रही दक्षिण भागलपुर की एक लाख आबादी

भागलपुर बिजली कटौती
भागलपुर में कल पावर कट.

Bhagalpur News : भागलपुर के दक्षिणी हिस्से में गुरुवार की सुबह लोगों के लिए परेशानी लेकर आई. विक्रमशिला फीडर की 11 हजार वोल्ट लाइन में आई खराबी के कारण बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई, जिससे करीब चार घंटे तक कई मोहल्लों में अंधेरा छाया रहा. बिजली कटने का सबसे अधिक असर जलापूर्ति पर पड़ा. घरों की टंकियां नहीं भर सकीं और लोगों को पीने के पानी के लिए भी जूझना पड़ा. सुबह के समय बिजली नहीं रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित हुआ और लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई.

पानी की किल्लत से बढ़ी परेशानी

बिजली आपूर्ति ठप रहने का असर घर-घर में महसूस किया गया. मोटर नहीं चलने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई. कई परिवारों को सुबह की आवश्यक जरूरतें पूरी करने में कठिनाई हुई. बच्चों को स्कूल भेजने और नौकरीपेशा लोगों को समय पर तैयार होने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बिजली बहाली में हो रही देरी से लोगों की चिंता बढ़ती रही और वे लगातार स्थिति की जानकारी लेने में जुटे रहे.

पार्षदों ने घेरा, अधिकारियों से मांगा हिसाब; नगर निगम बैठक में उठे जनसुविधाओं के सवाल

विक्रमशिला फीडर की लाइन में आया फॉल्ट

बिजली विभाग के अनुसार अलीगंज पावर सब स्टेशन से संचालित विक्रमशिला फीडर की 11 केवी लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण आपूर्ति बाधित हुई. फॉल्ट की सूचना मिलने के बाद तकनीकी कर्मियों ने लाइन की जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती स्तर पर खराबी का सटीक स्थान पता नहीं चल सका. इसके कारण बिजली बहाल करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा.

भागलपुर में सुबह-सुबह स्कूल वैन और कार की भिड़ंत, 2 बच्चे घायल, जांच में जुटी पुलिस

Bhagalpur News : घंटों की जांच के बाद लौटी आपूर्ति

फॉल्ट का पता लगाने के लिए तकनीकी टीम ने लाइन के विभिन्न हिस्सों की जांच की और लगातार पेट्रोलिंग की. चरणबद्ध तरीके से लाइन की पड़ताल के बाद खराबी वाले हिस्से की पहचान की गई. मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी. इस दौरान कमलनगर कॉलोनी, सिकंदपुर, हसनगंज, कलबगंज, वारसलीगंज, मिरजानहाट रोड, मोहद्दीनगर समेत डेढ़ दर्जन से अधिक मोहल्लों की करीब एक लाख आबादी प्रभावित रही. लंबे समय तक बिजली और पानी की समस्या से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली.

इसे भी पढ़ें-

भागलपुर-कटिहार यात्रियों को राहत, स्पेशल ट्रेन 10 जुलाई तक चलेगी
भागलपुर की नई डीएम अलंकृता पांडेय ने संभाली कमान, श्रावणी मेला तैयारियों पर रहेगा विशेष फोकस
आर्थिक तंगी से परेशान अतिथि शिक्षक ने मांगी इच्छा मृत्यु, बर्खास्तगी के विरोध में परिवार संग धरने पर बैठे

सरकारी बंगले पर सख्ती, राबड़ी देवी को आवास खाली करने का अंतिम नोटिस; जानिए आगे क्या होगा

राबड़ी देवी आवास नोटिस
राबड़ी देवी.

Rabri Devi Awas Patna: पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है. भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए उन्हें अंतिम अवधि निर्धारित करते हुए नया नोटिस जारी किया है. विभाग के अनुसार निर्धारित समयसीमा अब समाप्ति के करीब है और 29 जून तक आवास खाली करने की अपेक्षा की गई है.

विभाग ने दी सात दिन की अंतिम मोहलत

भवन निर्माण विभाग द्वारा 22 जून को जारी नोटिस में कहा गया है कि आवास खाली करने के लिए सात दिनों का अंतिम अवसर दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय अवधि समाप्त होने के बाद बिहार सरकारी परिसर (आवंटन, किराया, वसूली एवं बेदखली) संशोधन अधिनियम 2024 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है.

पटना में फायर सेफ्टी जांच तेज, खान ग्लोबल समेत 106 कोचिंग संस्थानों को नोटिस, यहां देखें लिस्ट

Rabri Devi Awas Patna: दूसरे मंत्री को आवंटित किया जा चुका है आवास

सरकारी अभिलेखों के अनुसार 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला पहले ही डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नन्द किशोर राम के नाम आवंटित किया जा चुका है. हालांकि आवास अभी तक खाली नहीं होने के कारण वे वहां शिफ्ट नहीं हो सके हैं. विभाग ने नोटिस में इसी स्थिति का उल्लेख करते हुए शीघ्र कब्जा हस्तांतरण की आवश्यकता बताई है.

पुराने नोटिसों का भी किया गया उल्लेख

नवीनतम नोटिस में यह भी बताया गया है कि राबड़ी देवी को इससे पहले कई बार आवास खाली करने संबंधी सूचना भेजी जा चुकी है. विभाग के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को भी इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया था, लेकिन अब तक आवास हस्तांतरित नहीं किया गया है. इसी आधार पर विभाग ने अंतिम चेतावनी जारी की है.

पटना में बदलेगी सिटी बसों की तस्वीर, CNG बसों की जगह उतरेंगी 150 नई ई-बसें

स्वास्थ्य कारणों का दिया था हवाला

पूर्व में जारी नोटिस के जवाब में राबड़ी देवी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय की मांग की थी. उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख करते हुए कहा था कि चिकित्सकों ने उनके लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.

नए आवास में विशेष व्यवस्था की मांग

राबड़ी देवी ने अपने पत्र में कहा था कि 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवंटित आवास में भी वैसी ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं जैसी 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में मौजूद हैं. उन्होंने लालू प्रसाद के लिए अलग कमरे और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का अनुरोध किया था.

व्यवस्था पूरी होने के बाद शिफ्ट होने की बात

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि नए आवास में आवश्यक निर्माण और व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद वे 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगले में स्थानांतरित हो जाएंगी. फिलहाल विभाग द्वारा जारी अंतिम नोटिस के बाद इस पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है.

इसे भी पढ़ें-भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, मां की अर्जी पर SDPO-थानेदार समेत 5 पुलिसकर्मियों पर केस

वेनेजुएला में डबल भूकंप का कहर, 39 सेकंड में दो बड़े झटके; दरकी सड़कें, मची अफरातफरी

वेनेजुएला भूकंप तबाही
वेनेजुएला में डबल भूकंप का कहर.

Venezuela Earthquake Videos: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार को दो शक्तिशाली भूकंपों की चपेट में आ गया. कुछ ही सेकंड के अंतराल पर आए झटकों ने कई इलाकों में दहशत फैला दी. विभिन्न क्षेत्रों से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने, इमारतों में दरारें पड़ने और लोगों के घरों से बाहर निकलने की तस्वीरें सामने आई हैं. शुरुआती आकलनों में बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की आशंका जताई गई है.

एक के बाद एक दर्ज हुए दो बड़े भूकंप

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र सैन फेलिप क्षेत्र के पास दर्ज किया गया. यह स्थान राजधानी काराकस से लगभग 284 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है. यह झटका 22:04 GMT पर रिकॉर्ड किया गया. इसके केवल 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप यूमारे के निकट आया, जो काराकस से करीब 293 किलोमीटर पश्चिम में है.

कतर के गैस टर्मिनल में ब्लास्ट,भारतीयों समेत 13 की मौत, दर्जनों घायल

यूएसजीएस के मुताबिक दोनों घटनाओं के केंद्रों के बीच लगभग 45 किलोमीटर की दूरी थी और दोनों की गहराई भी अलग-अलग दर्ज की गई. झटकों का असर केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश कोलंबिया के कई हिस्सों में भी कंपन महसूस किया गया.

सड़कों में दरारें, सार्वजनिक स्थलों पर अफरा-तफरी

भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हुए. कुछ स्थानों पर सड़कों के बीच बड़ी दरारें दिखाई दीं. एक एयरपोर्ट टर्मिनल में मौजूद यात्रियों को कंपन महसूस होते ही बाहर निकलते देखा गया. वहीं काराकस की एक ऊंची इमारत की छत पर बने स्विमिंग पूल से पानी बहने के दृश्य भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने.

यूएसजीएस ने बताया ‘अर्थक्वेक डबलट’

भूकंप विज्ञानियों ने इस घटना को “अर्थक्वेक डबलट” की श्रेणी में रखा है. यूएसजीएस ने बताया कि 7.5 तीव्रता का मुख्य झटका आने से ठीक पहले 7.2 तीव्रता का एक अन्य भूकंप आया था. दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई मानी जा रही हैं और इसी वजह से इन्हें डबलट भूकंप कहा गया है.

14 पॉइंट डील पर अमेरिका-ईरान की मुहर, जानिए किन मुद्दों पर बनी सहमति और क्या होंगे असर

Venezuela Earthquake Videos: राजधानी में दहशत, लोग घरों से बाहर निकले

काराकस समेत कई शहरों में झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर निकल आए. राजधानी में रहने वाली 80 वर्षीय मारिया रोमेरो ने बताया कि उन्हें पुलिस की सहायता से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया. उनके अनुसार यह अनुभव बेहद भयावह था और उन्हें अतीत के विनाशकारी भूकंपों की याद दिला गया.

जनहानि को लेकर गंभीर अनुमान

यूएसजीएस ने प्रारंभिक आकलन में कहा है कि इस घटना से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है. एजेंसी के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा हो सकता है. शुरुआती अनुमान में मृतकों की संख्या 10 हजार से लेकर 1 लाख तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. हालांकि यह केवल प्रारंभिक आकलन है और वास्तविक स्थिति का पता विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही चल सकेगा.

सरकार ने हालात पर नजर रखने की बात कही

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही नागरिकों को स्थिति की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. उन्होंने संकेत दिया कि प्रभावित इलाकों से लगातार रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है.

राहत और बचाव कार्य जारी

भूकंप के बाद राजधानी काराकस सहित कई स्थानों पर आपातकालीन सेवाओं और दमकल इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया. प्रशासनिक एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं. वालेंसिया शहर के एक निवासी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनकी इमारत की कई दीवारों में दरारें पड़ गईं, जिसके बाद उन्होंने तुरंत भवन खाली कर दिया.

आफ्टरशॉक की आशंका बनी हुई

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित क्षेत्र में आगे भी झटके महसूस किए जा सकते हैं. राहत एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जाएंगे.

इसे भी पढ़ें-

ओमान तट के समीप हादसे का शिकार हुआ MSV विराट 1, 14 भारतीयों के लिए बचाव अभियान
ईरान के साथ समझौते पर ट्रंप का बयान, कहा- डील के बाद सामान्य होगी समुद्री आवाजाही

पार्षदों ने घेरा, अधिकारियों से मांगा हिसाब; नगर निगम बैठक में उठे जनसुविधाओं के सवाल

नगर निगम में सामान्य बोर्ड की बैठक.

Bhagalpur News : नगर निगम की सामान्य बोर्ड बैठक बुधवार को मेयर डॉ. बसुंधरा लाल की अध्यक्षता में हुई. बैठक में शहर के विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. हालांकि बैठक शुरू होने से पहले पार्षदों की उपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही. 51 वार्डों वाले निगम क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम संख्या में पार्षद बैठक में पहुंचे, जबकि कुछ सदस्य कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन में शामिल हुए.

निर्धारित समय पर नहीं शुरू हो सकी कार्यवाही

बैठक का समय पूर्व निर्धारित था, लेकिन कार्यवाही तय समय से बाद में शुरू हुई. बैठक शुरू होने के बाद विभिन्न वार्डों से जुड़े मुद्दों को एक-एक कर उठाया गया. पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की.

भागलपुर में सुबह-सुबह स्कूल वैन और कार की भिड़ंत, 2 बच्चे घायल, जांच में जुटी पुलिस

Bhagalpur News : पेयजल परियोजनाओं की रफ्तार पर उठे सवाल

बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा शहर में चल रही जलापूर्ति योजनाओं को लेकर हुई. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिन इलाकों में योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए था, वहां अभी भी अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है. इस पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया.

समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ स्थानों पर कार्य एजेंसियों की ओर से काम की गति संतोषजनक नहीं है. इस पर नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन वेंडरों या एजेंसियों की वजह से परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं, उनके संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएं. साथ ही स्थल स्तर पर निरीक्षण कर समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया गया.

जरूरतमंदों तक अधिक कंबल पहुंचाने का प्रस्ताव

सदन में सामाजिक कल्याण से जुड़े विषय भी उठे. पार्षदों ने सर्दी के मौसम में गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली सहायता को बढ़ाने की मांग रखी. विचार-विमर्श के बाद यह सहमति बनी कि पहले की तुलना में अधिक संख्या में कंबल उपलब्ध कराए जाएं. बैठक में यह भी कहा गया कि वितरण के लिए खरीदे जाने वाले कंबलों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

भागलपुर-कटिहार यात्रियों को राहत, स्पेशल ट्रेन 10 जुलाई तक चलेगी

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर बनी कार्ययोजना

शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी चर्चा हुई. नगर आयुक्त ने बताया कि नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य आगामी महीने से शुरू किया जाएगा. इसके लिए समयबद्ध लक्ष्य तय किया गया है ताकि प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में रोशनी की व्यवस्था मजबूत हो सके.

बरारी शवदाह गृह को जल्द शुरू करने की तैयारी

बैठक में बरारी स्थित श्मशान घाट परिसर में तैयार किए जा रहे नए शवदाह गृह की प्रगति रिपोर्ट भी रखी गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शेष कार्यों को जल्द पूरा कर सुविधा को आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए. निगम प्रशासन ने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना प्राथमिकता है.

विभिन्न विकास योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक के दौरान शहर में चल रहे अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई. पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दों को सदन के समक्ष रखा और कई सुझाव दिए. निगम प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि उठाए गए मामलों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें-

भागलपुर-कटिहार यात्रियों को राहत, स्पेशल ट्रेन 10 जुलाई तक चलेगी
भागलपुर की नई डीएम अलंकृता पांडेय ने संभाली कमान, श्रावणी मेला तैयारियों पर रहेगा विशेष फोकस
आर्थिक तंगी से परेशान अतिथि शिक्षक ने मांगी इच्छा मृत्यु, बर्खास्तगी के विरोध में परिवार संग धरने पर बैठे

बीआरएबीयू की दूसरी चयन सूची जारी, 25 जून तक पूरा करना होगा नामांकन

BRABU दूसरी मेरिट लिस्ट
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय.

BRABU UG Admission 2026: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 के नामांकन की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने दूसरी चयन सूची प्रकाशित कर दी है. सूची में शामिल विद्यार्थियों को 25 जून तक आवंटित महाविद्यालयों में प्रवेश लेना होगा. सूची देर शाम जारी होने के कारण छात्रों को नामांकन के लिए अपेक्षाकृत कम समय मिल पाया है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

तय तारीख से बाद में अपलोड हुई सूची

विश्वविद्यालय की ओर से पहले दूसरी चयन सूची 22 जून को जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन निर्धारित तिथि पर सूची उपलब्ध नहीं हो सकी. मंगलवार शाम करीब पांच बजे पोर्टल पर सूची अपलोड होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने आवंटित कॉलेज की जानकारी देख सके. देर से सूची आने का असर नामांकन प्रक्रिया पर भी पड़ा और पहले दिन कई कॉलेजों में प्रवेश कार्य शुरू नहीं हो पाया.

सीटें खाली, फिर भी बड़ी संख्या में छात्रों का चयन

विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों में अभी भी पर्याप्त सीटें रिक्त हैं. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विभिन्न विषयों में नामांकन की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. इसके बावजूद दूसरी चयन सूची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जिससे आने वाले दिनों में प्रवेश प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

मुजफ्फरपुर में छात्रा की मौत से सनसनी, घर में मिला शव, परिजनों पर लगे गंभीर आरोप

प्रवेश के समय जरूरी होंगे ये प्रमाणपत्र

नामांकन के लिए चयनित विद्यार्थियों को आवंटन पत्र के साथ मैट्रिक और इंटर की अंकतालिका, एसएलसी, आधार कार्ड, अपार आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना होगा. दूसरे बोर्ड से उत्तीर्ण छात्रों को माइग्रेशन प्रमाणपत्र की मूल प्रति भी प्रस्तुत करनी पड़ेगी.

फैमिली ट्रिप की आड़ में शराब तस्करी का खेल, नवविवाहित जोड़े समेत 4 गिरफ्तार

BRABU UG Admission 2026: आरक्षित वर्ग के लिए अलग व्यवस्था

आरक्षण श्रेणी के अभ्यर्थियों को संबंधित प्रमाणपत्रों के साथ आय प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए चयनित छात्रों को समय रहते नामांकन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है.

इसे भी पढ़ें-

फैमिली ट्रिप की आड़ में शराब तस्करी का खेल, नवविवाहित जोड़े समेत 4 गिरफ्तार
एक रात में चार घरों पर हाथ साफ, लाखों के जेवर और नकदी ले उड़े बदमाश

मुजफ्फरपुर : तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से युवक गंभीर, हालत बिगड़ने पर पटना रेफर

मुजफ्फरपुर के अहियापुर में हाईवे से नीचे पलटा मालवाहक ट्रक
सांकेतिक तस्वीर.

Muzaffarpur Road Accident : मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड में सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना गरहां चौक-हथौड़ी मुख्य मार्ग पर बरहेता पेट्रोल पंप के समीप हुई, जहां तेज गति से गुजर रहे एक ट्रैक्टर ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी. दुर्घटना के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को सड़क से उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बोचहां पहुंचाया. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया.

मुजफ्फरपुर में छात्रा की मौत से सनसनी, घर में मिला शव, परिजनों पर लगे गंभीर आरोप

घायल की पहचान बोचहां थाना क्षेत्र के बरहेता हरिबलभ गांव निवासी 25 वर्षीय श्याम पासवान के रूप में हुई है.

Muzaffarpur Road Accident : सिर और पैर में गंभीर चोट

परिजनों के अनुसार श्याम पासवान किसी आवश्यक कार्य से बाइक पर निकला था. इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. दुर्घटना में उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि सिर पर भी गहरी चोट लगी है.

 फैमिली ट्रिप की आड़ में शराब तस्करी का खेल, नवविवाहित जोड़े समेत 4 गिरफ्तार

एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने बुधवार को उसे पटना रेफर कर दिया. फिलहाल उसका उपचार पटना के एक निजी अस्पताल में चल रहा है.

चालक की तलाश की तैयारी

घटना के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है. परिजनों का कहना है कि इस समय उनकी प्राथमिकता घायल युवक का इलाज कराना है. उन्होंने बताया कि उपचार संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी.

परिजनों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है.

इसे भी पढ़ें-

फैमिली ट्रिप की आड़ में शराब तस्करी का खेल, नवविवाहित जोड़े समेत 4 गिरफ्तार
एक रात में चार घरों पर हाथ साफ, लाखों के जेवर और नकदी ले उड़े बदमाश

बिहार के कॉलेजों में प्रिंसिपल बनना अब आसान नहीं, राजभवन ने लागू किए नए नियम

बिहार प्रिंसिपल चयन नियम
बिहार के कॉलेजों में प्रिंसिपल चयन की नई व्यवस्था लागू.

Bihar principal rules : बिहार के अंगीभूत महाविद्यालयों में प्रधानाचार्य नियुक्ति की प्रक्रिया अब नए नियमों के तहत संचालित होगी. राजभवन ने इस संबंध में विश्वविद्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं. नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों के शीर्ष प्रशासनिक पद पर नियुक्ति के लिए अनुभव, आयु, चयन प्रक्रिया और सेवा आचरण से जुड़े मानकों को स्पष्ट किया गया है.

लंबे अध्यापन अनुभव वालों को ही मिलेगा अवसर

नए प्रावधानों के मुताबिक किसी भी अभ्यर्थी को प्रधानाचार्य पद के लिए तभी योग्य माना जाएगा, जब उसके पास कम से कम 15 वर्षों का शिक्षण अनुभव हो. राजभवन का मानना है कि संस्थानों का नेतृत्व अनुभवी शिक्षकों के हाथों में रहने से शैक्षणिक और प्रशासनिक गुणवत्ता बेहतर होगी.

आबकारी सिपाही के पदों पर भर्ती शुरू, 24 जून तक करें आवेदन, सैलरी होगी 63200

आरक्षण नीति के अनुसार होगी नियुक्ति

विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि प्रधानाचार्य चयन के दौरान राज्य सरकार की आरक्षण व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया जाए. किसी भी स्तर पर आरक्षण नियमों से विचलन पाए जाने पर जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.

Bihar principal rules : चयन से पहले होगी पृष्ठभूमि की जांच

प्रधानाचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की सेवा संबंधी जानकारी और रिकॉर्ड की जांच की जाएगी. जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ गंभीर प्रकृति के मामले या आरोप लंबित होंगे, उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया में आगे बढ़ाने पर रोक लगाई जा सकती है. इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में जवाबदेह नेतृत्व सुनिश्चित करना बताया गया है.

बिहार के इन तीन पारंपरिक उत्पादों को मिला GI टैग, क्या आप जानते हैं सही जवाब?

यूजीसी मानकों को बनाया गया आधार

राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी. विश्वविद्यालयों को चयन प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्तर की पात्रता और गुणवत्ता मानकों को प्राथमिकता देने को कहा गया है.

पांच साल का रहेगा कार्यकाल

प्रधानाचार्य पद पर चयनित व्यक्ति को पांच वर्ष के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रदर्शन के आधार पर एक और अवधि दिए जाने का प्रावधान रखा गया है. हालांकि यह विस्तार स्वतः नहीं मिलेगा, बल्कि निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद ही संभव होगा.

पद पर बने रहने के लिए आचरण भी अहम

नियमों में यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि कार्यकाल के दौरान किसी प्रधानाचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप प्रमाणित होते हैं, तो उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है. इससे प्रशासनिक जवाबदेही बनाए रखने की कोशिश की गई है.

इंटरव्यू और उम्र सीमा भी तय

चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार को भी महत्व दिया गया है. इंटरव्यू के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं. वहीं उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 60 वर्ष तय की गई है. इससे अधिक आयु वाले शिक्षक इस पद के लिए पात्र नहीं होंगे.

समिति करेगी अंतिम अनुशंसा

प्रधानाचार्य चयन की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति को दी गई है. यही समिति उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार करेगी. नए दिशा-निर्देशों को कॉलेज प्रशासन में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ें-

बिहार में डाक विभाग की फ्रेंचाइजी से कमाई का मौका, गांव में ही शुरू कर सकेंगे यह काम
रिजर्व बैंक के साथ काम करने का मौका, 12 विशेषज्ञ पदों के लिए निकली वैकेंसी

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत के बीच सरकार की एंट्री, मंत्री ने कही ये बड़ी बात

भरत तिवारी मामला मंत्री बयान
आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा.

Bharat Tiwari Encounter : भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण को लेकर बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत के बीच बिहार सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है. आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने कहा है कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों की भूमिका की हो रही जांच

मंत्री ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. सरकार का उद्देश्य पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, मां की अर्जी पर SDPO-थानेदार समेत 5 पुलिसकर्मियों पर केस

महापंचायत को लेकर भी दिया जवाब

बिलौटी गांव में जुटी भीड़ और आयोजित महापंचायत को लेकर पूछे गए सवाल पर रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर है. उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या राजनीतिक गतिविधि पर टिप्पणी करने के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के निर्णय लिए जाएंगे.

टेंडर मामले में विपक्ष पर साधा निशाना

सरकार पर लगाए जा रहे टेंडर घोटाले से जुड़े आरोपों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष बिना ठोस आधार के आरोप लगा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में किसी व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. सरकार किसी भी स्तर पर अनियमितता को संरक्षण नहीं दे रही है.

कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी

पटना समेत अन्य जिलों के कोचिंग संस्थानों को जारी नोटिस के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है.

पटना में फायर सेफ्टी जांच तेज, खान ग्लोबल समेत 106 कोचिंग संस्थानों को नोटिस, यहां देखें लिस्ट

मानसून और बाढ़ को लेकर विभाग अलर्ट

आपदा प्रबंधन मंत्री ने मानसून की स्थिति पर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विभाग संभावित बाढ़ और अन्य आपदाओं को लेकर पूरी तरह तैयार है. सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए विभाग तत्पर रहेगा.

इसे भी पढ़ें-

सिपाही बनने का शॉर्टकट पड़ा भारी, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया युवक
दरभंगा से जयपुर के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस, इस तारीख से शुरू होगी नियमित सेवा

शराब तस्करी के मामले में आया फैसला, चार साल बाद आरोपी को 5 साल की सजा

गोपालगंज कोर्ट फैसला
सांकेतिक तस्वीर.

Gopalganj News : अवैध शराब बरामदगी से जुड़े एक मामले में गोपालगंज की उत्पाद अदालत ने चार साल बाद अपना फैसला सुनाया है. अदालत ने चैनपुर गांव के एक व्यक्ति को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा दी है. इसके अलावा उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. निर्धारित राशि जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह जेल में बिताने होंगे.

2022 की कार्रवाई से जुड़ा है मामला

यह मामला अक्टूबर 2022 में हथुआ थाना क्षेत्र में हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है. उस समय पुलिस टीम ने चैनपुर गांव में छापेमारी की थी. कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने का दावा किया गया था. मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.

सिपाही बनने का शॉर्टकट पड़ा भारी, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया युवक

आरोप पत्र दाखिल होने के बाद शुरू हुई सुनवाई

पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा. आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद नियमित रूप से सुनवाई चलती रही. इस दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी और जांच से जुड़े साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए अपनी दलीलें रखीं.

दोनों पक्षों की बहस के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था. बाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश उत्पाद धीरज कुमार मिश्र की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध माना और सजा का आदेश सुनाया.

पटना में फायर सेफ्टी जांच तेज, खान ग्लोबल समेत 106 कोचिंग संस्थानों को नोटिस, यहां देखें लिस्ट

सजा सुनते ही न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

अदालत का फैसला आने के बाद दोषी को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया. इसके बाद उसे गोपालगंज मंडल कारा भेज दिया गया. न्यायालय ने आदेश में कहा कि जुर्माने की राशि जमा नहीं होने पर निर्धारित अतिरिक्त सजा भी लागू होगी.

अवैध शराब कारोबार पर सख्त संदेश

उत्पाद मामलों में आए इस फैसले को शराब तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इससे ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के बीच कानून का संदेश और मजबूत होगा.

इसे भी पढ़ें-

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, मां की अर्जी पर SDPO-थानेदार समेत 5 पुलिसकर्मियों पर केस
दरभंगा से जयपुर के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस, इस तारीख से शुरू होगी नियमित सेवा

सिपाही बनने का शॉर्टकट पड़ा भारी, दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया युवक

सोना लूटकांड का आरोपी बिक्रम गिरफ्तार
लूटकांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार. सांकेतिक तस्वीर.

Police Constable Recrutment Exam : बिहार के नालंदा जिले में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान एक संदिग्ध परीक्षार्थी पकड़े जाने से हड़कंप मच गया. प्रथम पाली की परीक्षा में दस्तावेज और पहचान सत्यापन के दौरान केंद्र प्रशासन को गड़बड़ी का संदेह हुआ. जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि परीक्षा कक्ष में बैठा युवक उस अभ्यर्थी से अलग है, जिसके नाम पर प्रवेश पत्र जारी किया गया था. सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई.

परीक्षा केंद्र से पुलिस को भेजी गई सूचना

लोहरी सोहडीह स्थित सरस्वती पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र से मंगलवार दोपहर नूरसराय थाना को मामले की जानकारी दी गई. केंद्र प्रशासन ने बताया कि एक परीक्षार्थी की पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ है. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों तथा अभ्यर्थी के विवरण का मिलान किया.

पटना में फायर सेफ्टी जांच तेज, खान ग्लोबल समेत 106 कोचिंग संस्थानों को नोटिस, यहां देखें लिस्ट

जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित रोल नंबर पर पंजीकृत अभ्यर्थी की जगह कोई अन्य युवक परीक्षा दे रहा था. बायोमेट्रिक सत्यापन और प्रवेश पत्र पर उपलब्ध फोटो के मिलान में भी अंतर पाया गया.

पूछताछ में सामने आया युवक का परिचय

पुलिस हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ करने लगी. प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम धीरज कुमार बताया. साथ ही उसने भागलपुर जिले के झंडापुर थाना क्षेत्र स्थित कहारपुर गांव का निवासी होने की जानकारी दी. इसके बाद उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए थाना ले जाया गया.

लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

परीक्षा केंद्र प्रशासन द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मामले को दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर बैठकर परीक्षा देने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी परीक्षा केंद्र पहुंचे. उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों से बातचीत की और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की. साथ ही परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मियों को पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, मां की अर्जी पर SDPO-थानेदार समेत 5 पुलिसकर्मियों पर केस

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक अकेले इस प्रक्रिया में शामिल था या उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है. साथ ही हिरासत में लिए गए युवक की पृष्ठभूमि और पूर्व गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

इसे भी पढ़ें-दरभंगा से जयपुर के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस, इस तारीख से शुरू होगी नियमित सेवा