दहल उठा ईरान, अमेरिका ने 10 ठिकानों पर बरसाए बम; ट्रंप बोले- नहीं सुधरे तो खत्म हो जाएगा वजूद

अमेरिका ईरान युद्ध
सेंटकॉम ने ईरान में किए गए हमलों का वीडियो जारी किया.

US-Iran War Video: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ हालिया शांति समझौता पूरी तरह खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पनामा के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर भीषण हवाई हमले किए हैं. इस ताजा सैन्य टकराव के कारण दोनों देशों के बीच बना अस्थाई युद्धविराम टूटने की कगार पर पहुंच गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर 10 ठिकानों पर बमबारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि कमांडर इन चीफ डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर 27 जून को ईरान के कई ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया. वाशिंगटन का दावा है कि ईरान ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में यह कड़ा कदम उठाना जरूरी था.

सेंटकॉम के अनुसार, ईरान को शांति समझौते के सम्मान का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन उसने शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे (ईटी) पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एम/टी किकू’ पर आत्मघाती ड्रोन से हमला कर दिया. इस टैंकर में 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा हुआ था. इस आक्रामकता के विरोध में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के विमानों ने एक साथ मिलकर ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की. इन हमलों में मुख्य रूप से ईरान के रडार सिस्टम, एयर डिफेंस बेस, संचार तंत्र, ड्रोन डिपो और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने वाले केंद्रों को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी सेना ने इस पूरी कार्रवाई का एक अनक्लासिफाइड वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है.

सिरिक और केशम द्वीप पर गूंजे धमाके, ट्रंप ने दी नामोनिशान मिटाने की चेतावनी

ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण ईरान में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिरिक द्वीप के पास तेज विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. इसके साथ ही केशम द्वीप के एक ग्रामीण इलाके में भी अमेरिकी मिसाइलें गिरने का दावा किया जा रहा है.

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इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान समझौते की शर्तों को समझने में नाकाम रहा है. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों को नहीं सुधारा, तो अमेरिका के पास इस सैन्य अभियान को पूरी तरह अंजाम तक पहुंचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा, जिसके बाद ईरान का इस्लामिक रिपब्लिक हमेशा के लिए खत्म हो सकता है.

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अमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी रविवार तड़के बड़ा काउंटर अटैक शुरू कर दिया है. आईआरजीसी की नौसेना और एयरोस्पेस विंग ने मिलकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से भारी गोलाबारी करने का दावा किया है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने होर्मुज की एक मामूली घटना को ढाल बनाकर उसके पांच तटीय क्षेत्रों पर हमला किया है.

इस जवाबी हमले के बाद कुवैत की सेना ने तुरंत अपनी एयर डिफेंस प्रणालियों को एक्टिवेट कर दिया है और वे आसमान में ही दुश्मन की मिसाइलों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है.

होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण की जंग और सीजफायर टूटने का डर

इस ताजा विवाद की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार को ‘एम/वी एवर लवली’ नाम के एक कमर्शियल शिप पर हमला हुआ था. ईरान का तर्क है कि इस जहाज ने उसके द्वारा तय किए गए अधिकृत समुद्री मार्ग का उल्लंघन किया था, इसलिए उस पर कार्रवाई की गई. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी और संसदीय समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि तटीय देश होने के नाते होर्मुज जलमार्ग पर ईरान के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौते (MoU) का उल्लंघन बंद नहीं किया, तो जारी कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह ठप हो जाएगी और वे आगे भी जहाजों पर ऐसी ही कड़ी कार्रवाई करेंगे.

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मुजफ्फरपुर : पढ़ाई के सपने और शादी का दबाव, ग्रेजुएशन की छात्रा ने खटखटाया थाने का दरवाजा

मुजफ्फरपुर छात्रा शिकायत
एआई जनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में स्नातक की पढ़ाई कर रही एक युवती ने अपने भविष्य और शिक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है. युवती का आरोप है कि उसके परिजन उसकी इच्छा के विपरीत विवाह कराने की तैयारी में जुटे हैं, जबकि वह उच्च शिक्षा हासिल कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को पारिवारिक विवाद मानते हुए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है.

उच्च शिक्षा का सपना, लेकिन परिवार नहीं दे रहा साथ

मिठनपुरा थाना क्षेत्र की निवासी कुमारी वैष्णवी शहर के एक महिला कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं. पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य पटना जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना और आत्मनिर्भर बनना है. उनका कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पढ़ाई पूरी करना है.

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छात्रा ने आवेदन में उल्लेख किया है कि उनके पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. उनके अनुसार, परिवार अब आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग देने और बाहर भेजने के लिए तैयार नहीं है.

विवाह के लिए बनाया जा रहा दबाव

युवती का कहना है कि परिवार जल्द शादी कराने की तैयारी कर रहा है. जब उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने और करियर पर ध्यान देने की बात रखी तो परिजनों ने उच्च शिक्षा जारी रखने से इनकार कर दिया. छात्रा ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस से सुरक्षा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.

बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छात्रा की शिकायत दर्ज कर उसका पक्ष सुना. अधिकारियों का कहना है कि चूंकि युवती बालिग है, इसलिए उसे अपनी शिक्षा और जीवन से जुड़े फैसले लेने का कानूनी अधिकार है.

पुलिस अब छात्रा के माता-पिता को थाने बुलाकर काउंसलिंग करेगी. अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के माध्यम से ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा जिससे परिवार के बीच सहमति बने और छात्रा की शिक्षा प्रभावित न हो.

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बेटी की शादी वीडियो कॉल पर देखी, विदाई के कुछ ही देर बाद पिता ने दुनिया को कहा अलविदा

पिता ने देखी शादी
अस्पताल से वीडियो कॉल के जरिए बेटी का विवाह देखते पिता, Image-AI

Sitamarhi News : बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया. गंभीर रूप से बीमार एक पिता अपनी बेटी की शादी में शामिल नहीं हो सके, लेकिन अस्पताल के बिस्तर से ही वीडियो कॉल के जरिए विवाह की पूरी रस्में देखते रहे. बेटी की विदाई के कुछ समय बाद ही उनका निधन हो गया. परिवार में जहां कुछ घंटे पहले तक शादी का माहौल था, वहीं बाद में शोक छा गया.

शादी से पहले बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती

सोनबरसा बस स्टैंड क्षेत्र के रहने वाले लालबाबू महतो निजी बस में कंडक्टर के रूप में काम कर चुके थे. उनकी सबसे छोटी बेटी निधि कुमारी का विवाह मोहनपुर निवासी युवक के साथ तय था. विवाह की तैयारियां अंतिम दौर में थीं, लेकिन शादी से करीब तीन दिन पहले उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई.

हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य कारणों से वह बेटी के विवाह समारोह में शामिल नहीं हो पाए.

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Sitamarhi News : अस्पताल से ही जुड़े रहे शादी के हर पल से

परिजनों ने यह कोशिश की कि पिता अपनी बेटी के जीवन के इस खास मौके से दूर महसूस न करें. इसलिए अस्पताल में भर्ती लालबाबू महतो को वीडियो कॉल के माध्यम से शादी की प्रमुख रस्में दिखाई गईं. उन्होंने हल्दी, मेहंदी, जयमाला और विवाह की अन्य रस्में मोबाइल स्क्रीन पर देखीं.

परिवार के सदस्यों ने बताया कि दुल्हन के रूप में बेटी को देखकर वह भावुक हो गए थे. विदाई के समय उन्होंने वीडियो कॉल पर ही बेटी को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल वैवाहिक जीवन की कामना की.

बेटी की विदाई के बाद हुआ निधन

परिजनों के अनुसार, बेटी की विदाई पूरी होने के कुछ ही समय बाद अस्पताल में इलाज करा रहे लालबाबू महतो ने अंतिम सांस ली. एक ही दिन में परिवार ने खुशी और गहरे दुख, दोनों का सामना किया. जिस घर में कुछ समय पहले तक शादी का उत्सव था, वहीं थोड़ी देर बाद मातम का माहौल बन गया.

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पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार

लालबाबू महतो अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और दो बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है. जिसने भी इस मार्मिक घटना के बारे में सुना, वह भावुक हुए बिना नहीं रह सका.

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भारत आने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने दिया बड़ा अपडेट

ट्रंप भारत दौरा
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप. फोटो-X

Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले वर्ष की शुरुआत में भारत की यात्रा कर सकते हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस संभावित दौरे को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयारियां जारी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बेहतर तालमेल भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है.

व्यापार समझौते पर दिया अपडेट

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है. उनके अनुसार, दोनों पक्ष इस प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप का प्रस्तावित भारत दौरा अगले साल की शुरुआत में हो सकेगा. रुबियो ने भारत को अमेरिका का भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

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ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी पर भी जोर

रुबियो ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र भारत और अमेरिका के सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है. उन्होंने बताया कि दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास भारी कच्चे तेल (हेवी क्रूड) को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है.

Donald Trump : 2020 के बाद पहली बार भारत आ सकते हैं ट्रंप

यदि यह प्रस्तावित यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो फरवरी 2020 के बाद डोनाल्ड ट्रंप का यह पहला भारत दौरा होगा. साथ ही, व्हाइट हाउस में दूसरी बार वापसी के बाद भी यह उनकी पहली भारत यात्रा मानी जाएगी. ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली आमने-सामने की द्विपक्षीय मुलाकात फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जो लगभग 16 महीने के अंतराल के बाद हुई बैठक थी.

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राम मंदिर दान राशि चोरी मामले में SIT का शिकंजा, 80 लाख रुपये बरामद, 8 आरोपी अरेस्ट

राम मंदिर दान मामला
अयोध्या राम मंदिर, फोटो-सोशल मीडिया

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित तौर पर दान राशि में गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को अहम सफलता मिली है. जांच के दौरान अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों के पास से करीब 80 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं. इस घटनाक्रम के बाद मंदिर की दान संग्रह और प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

कैश काउंटिंग प्रक्रिया में मिली कथित अनियमितता

एसआईटी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मंदिर में दान पेटियों से प्राप्त राशि की गिनती के लिए बनाई गई कैश काउंटिंग यूनिट में कथित अनियमितताएं हुईं. जांच एजेंसियों का आरोप है कि दान पेटियों से निकाली गई नकदी का गबन किया गया. शुरुआती जांच यह भी संकेत देती है कि यह गतिविधि किसी एक दिन तक सीमित नहीं थी, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से संचालित हो रही हो सकती है.

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Ayodhya Ram Mandir News: चोरी मामले का बड़ा खुलासा

जांच के दौरान कैश काउंटिंग यूनिट से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

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बरामद रकम की हो रही जांच

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लगभग 80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. अब यह पता लगाया जा रहा है कि उनके पास यह रकम कहां से आई. इसके साथ ही जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं, ताकि कथित तौर पर गबन की गई कुल राशि का आकलन किया जा सके.

दान व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने की तैयारी

घटना के बाद मंदिर प्रशासन दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. एसआईटी अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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रातों-रात बदली बिहार की जेलों की तस्वीर, 30 उपाधीक्षकों का ट्रांसफर; जानिए किसे कहां भेजा गया

बिहार जेल तबादला आदेश
बिहार की जेलों में बड़ा फेरबदल

Bihar Transfer News: बिहार सरकार ने कारा प्रशासन में व्यापक बदलाव करते हुए राज्य की विभिन्न जेलों में कार्यरत 30 उपाधीक्षकों का तबादला कर दिया है. गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए सभी अधिकारियों को नए पदस्थापन स्थल पर शीघ्र योगदान देने का निर्देश दिया है. यह बदलाव केंद्रीय, मंडल और जिला कारागारों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है.

बेऊर जेल प्रकरण के बाद तेज हुई प्रशासनिक गतिविधियां

हाल के दिनों में बेऊर केंद्रीय कारा के अधीक्षक पर हुई कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई थी. इसी क्रम में सरकार ने विभिन्न कारागारों में पदस्थापित उपाधीक्षकों की नई तैनाती का फैसला लिया है. इस बड़े स्तर के तबादले को कारा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.

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तुरंत नए पदस्थापन स्थल पर योगदान का निर्देश

गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, वे बिना अनावश्यक विलंब किए अपने नए कार्यस्थल पर योगदान सुनिश्चित करें. विभाग के अनुसार यह निर्णय प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि जेल प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके.

कई मंडल और केंद्रीय काराओं में बदले गए अधिकारी

जारी आदेश के अनुसार पूर्णिया निवासी राजेश कुमार मिश्रा को मुंगेर मंडल कारा का उपाधीक्षक बनाया गया है. अरवल के रामानुज राम को मोतिहारी केंद्रीय कारा में नई जिम्मेदारी मिली है. पश्चिम चंपारण के जितेंद्र प्रसाद गुप्ता को मधेपुरा मंडल कारा भेजा गया है, जबकि उसी जिले के सरवर इमाम खान को शेखपुरा मंडल कारा में पदस्थापित किया गया है.

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इसके अलावा भागलपुर के शिवमंगल प्रसाद को समस्तीपुर मंडल कारा, लखीसराय के प्रेमजीत कुमार को कटिहार मंडल कारा और नालंदा के धीरज कुमार को बेतिया मंडल कारा में उपाधीक्षक के रूप में तैनात किया गया है. अधिसूचना में अन्य अधिकारियों के नए पदस्थापन का भी उल्लेख किया गया है.

रातों-रात बदली बिहार की जेलों की तस्वीर, 30 उपाधीक्षकों का ट्रांसफर; जानिए किसे कहां भेजा गया Ara Divisional Jail 1
रातों-रात बदली बिहार की जेलों की तस्वीर, 30 उपाधीक्षकों का ट्रांसफर; जानिए किसे कहां भेजा गया Ara Divisional Jail 2 1
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वेनेजुएला में फिर कांपी धरती, तबाही के बीच आया नया झटका; 920 मौतों के बाद राहत अभियान पर बढ़ी चुनौती

Venezuela earthquake aftermath
वेनेजुएला में फिर कांपी धरती.

Venezuela Earthquake:वेनेजुएला में हाल ही में आए दो विनाशकारी भूकंपों के बाद हालात अभी सामान्य भी नहीं हो पाए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी. देश के उत्तरी तटीय हिस्से में महसूस किए गए इस नए झटके का असर राजधानी कराकस और मराकाय सहित कई शहरों तक दर्ज किया गया. शुरुआती रिपोर्ट में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहले से प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

अंतरराष्ट्रीय भूकंप निगरानी एजेंसी ईएमएससी (EMSC) के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर दर्ज किए गए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 रही. वहीं अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) ने इसी घटना की तीव्रता 4.7 दर्ज की है. एजेंसी के अनुसार भूकंप का केंद्र एल लिमोन से लगभग 54 किलोमीटर उत्तर में स्थित था. यह झटका 26 जून 2026 को रात 10 बजकर 16 मिनट (UTC) पर दर्ज किया गया. इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर मापी गई, जबकि केंद्र का स्थान 10.800° उत्तरी अक्षांश और 67.599° पश्चिमी देशांतर बताया गया है.

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पहले आए दो शक्तिशाली भूकंप से हुई थी भारी तबाही

भूकंप विशेषज्ञ इस नए झटके को 24 जून को आए दो बड़े भूकंपों के बाद का आफ्टरशॉक मान रहे हैं. दो दिन पहले वेनेजुएला में महज कुछ सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए गए थे. इन झटकों को देश के पिछले सौ वर्षों के सबसे भीषण भूकंपों में शामिल किया जा रहा है.

सबसे अधिक नुकसान ला ग्वाइरा, कराकस और उत्तरी तटीय राज्यों में हुआ, जहां अनेक इमारतें धराशायी हो गईं और सड़क, बिजली तथा अन्य बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची. आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस आपदा में अब तक कम से कम 920 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 3,360 लोग घायल हुए हैं. वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शुक्रवार को इन आंकड़ों की पुष्टि की.

हजारों लोग अब भी लापता, मलबे में जारी है तलाश

राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों की तलाश है, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. प्रशासन का कहना है कि करीब 50 हजार लोग अभी भी लापता हैं. इसी कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है.

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बचाव दल लगातार ढही हुई इमारतों और मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. प्रभावित इलाकों में दिन-रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके.

कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

भीषण तबाही के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत सहायता भी तेज हो गई है. अमेरिका, भारत, मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और कोलंबिया समेत कई देशों ने बचाव दल, चिकित्सा विशेषज्ञ और राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है.

इन देशों की ओर से मेडिकल टीम, खोज एवं बचाव विशेषज्ञ, प्रशिक्षित खोजी कुत्ते, अस्थायी अस्पताल और आवश्यक राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है. भारत ने भी दो C-130 विमान के माध्यम से करीब 35 टन राहत सामग्री भेजी है. इसके साथ भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल की 41 सदस्यीय टीम भी रवाना हुई है, जिसमें नौ डॉक्टर शामिल हैं. इसके अलावा चिकित्सा सुविधाओं से लैस दो BHISHMA पोर्टेबल हॉस्पिटल भी सहायता मिशन का हिस्सा बनाए गए हैं.

आफ्टरशॉक पर बनी हुई है निगरानी

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया झटका पहले आए विनाशकारी भूकंपों से जुड़ा आफ्टरशॉक हो सकता है. इसी वजह से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एजेंसियों को अलर्ट रखा गया है.

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बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस हादसा टला
बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस हादसा टला. सांकेतिक तस्वीर

Gaya Ji News: गया जंक्शन से राजगीर की ओर जा रही बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस गुरुवार देर रात एक संभावित बड़े रेल हादसे से सुरक्षित बच गई. रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध तरीके से रखी गई लोहे की प्लेट को समय रहते देख लेने के कारण ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया. चालक और गार्ड की सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई. घटना के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों में घबराहट का माहौल बना, लेकिन रेलवे और आरपीएफ की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो गई.

गया जंक्शन से रवाना होने के कुछ देर बाद दिखी संदिग्ध वस्तु

मिली जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस रात करीब 1:05 बजे गया जंक्शन से राजगीर के लिए रवाना हुई थी. यात्रा के दौरान चालक की नजर रेलवे लाइन पर रखी लोहे की एक प्लेट पर पड़ी. खतरे का अंदेशा होते ही उन्होंने तत्काल ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित की और अंतिम रोक सिग्नल के पास सुरक्षित ढंग से ट्रेन रोक दी. इस त्वरित निर्णय से किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका टल गई.

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चालक और गार्ड ने तत्काल अधिकारियों को दी सूचना

घटना के बाद ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार ने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए तुरंत स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल और अन्य संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. दोनों कर्मचारियों ने स्थिति का तेजी से आकलन किया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू कराई.

आरपीएफ और रेलवे टीम ने मौके पर संभाली स्थिति

सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची. ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया गया और लाइन पर रखी गई लोहे की प्लेट को हटाया गया. इसके बाद अधिकारियों ने पूरी रेल लाइन की जांच कर यह सुनिश्चित किया कि आगे परिचालन में कोई खतरा नहीं है.

करीब 10 मिनट बाद फिर शुरू हुई ट्रेन की यात्रा

सुरक्षा जांच पूरी होने और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद लगभग 10 मिनट के भीतर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को आगे रवाना कर दिया गया. इस दौरान यात्रियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया, जिससे उनके बीच फैली चिंता धीरे-धीरे समाप्त हो गई.

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अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में मची हलचल

रात के समय ट्रेन के अचानक रुक जाने और ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी फैलते ही कई यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकल आए. हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने सभी से शांत रहने की अपील की तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद यात्री दोबारा अपनी सीटों पर लौट गए.

लोहे की प्लेट ट्रैक पर कैसे पहुंची, जांच शुरू

रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाया जा रहा है कि रेलवे लाइन पर लोहे की प्लेट किसने और किस उद्देश्य से रखी. आरपीएफ और संबंधित विभाग आसपास के क्षेत्र में जांच-पड़ताल कर रहे हैं. यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ की हो रही सराहना

इस पूरे घटनाक्रम में चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार की तत्परता की व्यापक सराहना की जा रही है. उनकी सतर्कता के कारण संभावित बड़ा रेल हादसा टल गया और ट्रेन में सफर कर रहे सभी यात्री सुरक्षित रहे. रेलवे अधिकारियों ने भी दोनों कर्मचारियों की जिम्मेदारी निभाने के तरीके की प्रशंसा की है. यात्रियों ने भी चालक और गार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समय पर की गई कार्रवाई ने सभी की जान बचा ली.

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भागलपुर में भोलानाथ और बौंसी ROB की हकीकत आई सामने, रेलवे और एजेंसियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम

भोलानाथ आरओबी निरीक्षण
भोलानाथ और बौंसी आरओबी का निरीक्षण करते मेयर और नगर आयुक्त.

Bhagalpur News : भागलपुर शहर में जल-जमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर निगम की ओर से संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में मेयर, नगर आयुक्त, संबंधित वार्ड पार्षद और नगर निगम के वरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया. टीम ने भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन एसटीपी, भोलानाथ पुल तथा बौंसी पुल के समीप चल रहे रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.

इस दौरान जल निकासी व्यवस्था और निर्माण कार्य से जुड़ी कई खामियां सामने आईं. इसके बाद नगर आयुक्त ने रेलवे विभाग, पुल निर्माण निगम और संबंधित निर्माण एजेंसियों को 24 घंटे के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया. साथ ही किए गए कार्यों की फोटोयुक्त अनुपालन रिपोर्ट भी निर्धारित समय में उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया.

निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रेलवे यार्ड का एसटीपी अभी तक चालू नहीं होने के कारण गंदा पानी सीधे भोलानाथ पुल के समीप नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लगातार जल-जमाव बना रहता है. वहीं भोलानाथ और बौंसी पुल के नीचे ड्रेनेज सिस्टम भी कई स्थानों पर पूरी तरह अवरुद्ध मिला. निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण और जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई. पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य लंबित रहने के कारण कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य प्रभावित होने की भी जानकारी मिली.

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रेलवे विभाग को दिए गए प्रमुख निर्देश

  • रेलवे यार्ड का एसटीपी तत्काल संचालित कर गंदे पानी के डिस्चार्ज को एसटीपी चैंबर में डायवर्ट किया जाए तथा केवल ट्रीटमेंट के बाद का पानी ही बाहर छोड़ा जाए.
  • भोलानाथ पुल और बौंसी पुल के नीचे जाम पड़े रेलवे ड्रेनेज सिस्टम की तत्काल सफाई कर जल निकासी बहाल की जाए.
  • मानसून के बाद रेलवे क्षेत्र के कच्चे नाले को पक्का बनाने के लिए शीघ्र प्राक्कलन तैयार किया जाए.
  • पानी के ओवरफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक स्थानों पर करीब एक मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण कराया जाए.
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पुल निर्माण निगम को दिए गए निर्देश

  • जहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित है, वहां जल निकासी बनाए रखने के लिए तत्काल अस्थायी कच्ची नालियों का निर्माण कराया जाए.
  • निर्माण स्थल और आसपास की सड़कों की प्रतिदिन सफाई कराई जाए तथा वाटर स्प्रिंकलर के माध्यम से धूल नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए.
  • पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए बुडको के साथ जल्द संयुक्त सर्वेक्षण कराया जाए.
  • बुडको द्वारा पाइपलाइन स्थानांतरित किए जाने से पहले किसी भी परिस्थिति में संबंधित निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाए.

निर्माण एजेंसियों से 24 घंटे में मांगी गई फोटो रिपोर्ट

नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी कमियों को 24 घंटे के भीतर दूर करने का निर्देश दिया है. संबंधित विभागों के अलावा निर्माण एजेंसियों श्रीराम कंस्ट्रक्शन और हरदेव कंस्ट्रक्शन को भी आदेश दिया गया है कि सभी निर्देशों के अनुपालन के बाद फोटो सहित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए. प्रशासन का कहना है कि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित कर शहरवासियों को जल-जमाव और निर्माण कार्य के कारण होने वाली धूल की समस्या से जल्द राहत दिलाई जाएगी.

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वेनेजुएला में भूकंप का कहर, 235 की मौत; 4,300 लोग घायल, लापता लोगों की तलाश जारी

Venezuela earthquake ruins
लापता लोगों की तलाश जारी, फोटो-X

Venezuela Earthquake Death Toll : वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ तबाही की तस्वीर और भयावह होती जा रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कम से कम 4,300 लोग घायल हैं. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रशासन को आशंका है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है. प्रभावित इलाकों में राहत दल मलबा हटाने के साथ-साथ जीवित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.

सबसे ज्यादा तबाही ला ग्वायरा में

भूकंप का सबसे गंभीर असर राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित तटीय क्षेत्र ला ग्वायरा में देखा गया. यहां कई इमारतें धराशायी हो गईं और सबसे अधिक जनहानि की सूचना मिली है. देश का प्रमुख हवाई अड्डा भी इसी इलाके में स्थित है, जिसे नुकसान पहुंचने के बाद बंद करना पड़ा. इसके कारण राहत सामग्री और बचावकर्मियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई.

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इसी क्षेत्र में सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक जुआन अल्बर्टो मेंदान्यो तबाही के बीच लोगों की मदद करने पहुंचे. उन्होंने बताया कि रास्ते में उन्हें एक शव दिखाई दिया. कुछ दूरी आगे बढ़ने पर एक महिला मलबे में फंसी मिली, जो हाथ हिलाकर मदद मांग रही थी. उनके अनुसार महिला की चीख सुनाई दे रही थी, लेकिन उसे बाहर निकालने के लिए उस समय कोई उपकरण उपलब्ध नहीं था. उन्होंने उम्मीद जताई कि बचाव दल समय रहते उसे सुरक्षित निकालने में सफल होगा.

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने सरकारी मीडिया से बातचीत में बताया कि अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों को लाया गया. उनके अनुसार लगभग 235 ऐसे लोग अस्पताल पहुंचे, जिनकी या तो घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी या उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. घायलों की संख्या लगातार बढ़ने से चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है.

एक के बाद एक दो झटकों ने मचाई तबाही

बुधवार शाम आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे वेनेजुएला को हिला दिया. विशेषज्ञों के अनुसार ये झटके पिछले एक सदी से अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हैं. तेज कंपन के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. अनेक भवन क्षतिग्रस्त हो गए और सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों को खाली कराया गया. झटकों का असर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किया गया, जहां भी कई इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया.

मलबे से निकल रही दर्दनाक कहानियां

प्रभावित शहरों में बचावकर्मी लगातार मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं. कई घायल धूल और खून से लथपथ हालत में मिले. बचाए गए लोगों में बच्चे और जानवर भी शामिल हैं. सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में एक महिला भारी सीमेंट स्लैब के नीचे फंसी दिखाई दी, जिसका केवल एक पैर बाहर नजर आ रहा था. काफी प्रयासों के बाद उसे जीवित बाहर निकाल लिया गया. वहीं एक अन्य स्थान पर मलबे में दबे पूरे परिवार को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया.

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अपने लोगों को खोजते रहे परिवार

भूकंप के बाद अनेक परिवार अस्पतालों, राहत शिविरों और क्षतिग्रस्त इलाकों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करते रहे. कई लोग मलबे के आसपास खड़े होकर अपने परिजनों के नाम पुकारते रहे. एक महिला अपने तीन और दस वर्ष के बच्चों के शव कंबल में लपेटकर ले जाती दिखाई दी. कुछ देर बाद वह गहरे सदमे में सड़क पर ही गिर पड़ी. कई अन्य लोग भी अपनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने से बदहवास नजर आए.

राहत कार्यों को लेकर उठे सवाल

कुछ प्रभावित इलाकों में लोगों ने राहत कार्यों की गति पर असंतोष जताया. राजधानी काराकस के बाहरी क्षेत्रों में रहने वाली तीन बच्चों की मां दयाना डेलगाडो ने कहा कि सरकारी भारी मशीनें समय पर नहीं पहुंचीं और शुरुआती घंटों में स्थानीय लोगों तथा पड़ोसियों ने ही मलबा हटाने का काम संभाला. उन्होंने अपने आठ वर्षीय लापता बेटे का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिर्फ यह जानना चाहती हैं कि उनका बच्चा मलबे में है या किसी राहत शिविर में सुरक्षित पहुंच गया है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद की पहल

आपदा के बाद कई देशों ने वेनेजुएला को राहत सामग्री और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई. रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक विशेष टीम को वेनेजुएला भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार, राहत सामग्री की आपूर्ति और लापता लोगों का पता लगाना है.

अमेरिका ने प्रतिबंधों में दी अस्थायी राहत

वेनेजुएला को सहायता देने की दिशा में अमेरिका ने भी कदम उठाया है. इसी वर्ष की शुरुआत में अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था. अब भूकंप के बाद राहत कार्यों को सुगम बनाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 23 अक्टूबर तक कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है. इस निर्णय का उद्देश्य ऐसे वित्तीय लेन-देन को अनुमति देना है, जो राहत और बचाव अभियान से जुड़े हैं और सामान्य परिस्थितियों में प्रतिबंधों के दायरे में आते.

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