Iran Princess Iman Pahlavi married Jewish Man : ईरान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच, शाही परिवार के निर्वासित सदस्य, क्राउन प्रिंस रजा पहलवी, लगातार अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में बने हुए हैं. रजा पहलवी लगातार ईरानी नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए सड़क पर उतरें. उनका कहना है कि परिवर्तन तभी संभव है जब लोग अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाएं. इस आंदोलन में उनके साथ उनकी तीन बेटियां—नूर जहरा (जन्म 3 अप्रैल 1992), ईमान लाया (12 सितंबर 1993) और फराह मित्रा (17 जनवरी 2004)—भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. बेटियों का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना न केवल विरोध के संदेश को वैश्विक स्तर तक पहुंचा रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी इस आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहा है.
ईमान पहलवी और ब्रैडली शेरमैन का विवाह
जून 2025 में, प्रिंसेस ईमान पहलवी ने पेरिस, फ्रांस में अमेरिकी यहूदी कारोबारी ब्रैडली शेरमैन से शादी की. इस विवाह को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहलवी परिवार में पहली पीढ़ीगत शादी थी जिसमें किसी यहूदी परिवार का सदस्य शामिल हुआ. इस घटना को जुईश मीडिया ने फारसी शाही परिवार में 2500 साल बाद यहूदी सदस्य के प्रवेश के रूप में देखा. विवाह समारोह केवल पारिवारिक खुशी का अवसर नहीं था, बल्कि यह शाही परिवार और मौजूदा ईरानी सरकार के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश का प्रतीक भी बन गया.
ईमान पहलवी की मुलाकात ब्रैडली शेरमैन से दोस्तों के जरिए हुई थी. ब्रैडली शिकागो में जन्मे हैं और पेशे से बिजनेस डेवलपमेंट एक्सपर्ट हैं. उन्होंने अमेरिकी टेक उद्योग में कई वर्षों तक काम किया. ईमान न्यूयॉर्क में अमेरिकन एक्सप्रेस में कार्यरत हैं और सार्वजनिक जीवन में कम सक्रिय रहती हैं. दोनों की पहली मुलाकात 2017 में हुई थी और बाद में उन्होंने अमेरिका में ही अपना जीवन बसाया. अब ईमान सोशल मीडिया के माध्यम से ईरान में जारी लोकतांत्रिक आंदोलन और प्रदर्शन के प्रति जागरूकता फैलाने में भी भाग ले रही हैं.
विवाह का सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व
इस शादी को केवल पारिवारिक समारोह नहीं माना जा रहा. रजा पहलवी इसे ईरानी जनता के लिए धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी मानते हैं. मौजूदा इस्लामिक सरकार के दृष्टिकोण के विपरीत, यह विवाह शाही परिवार में सांस्कृतिक विविधता और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक बन गया. विवाह के दौरान पेरिस में पारंपरिक यहूदी ‘चेयर डांस’ का आयोजन किया गया. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि ईमान यहूदी धर्म अपनाएँगी.
पहलवी परिवार और इजरायल के प्रति दृष्टिकोण
पहलवी परिवार अक्सर इजरायल के प्रति खुले समर्थन के लिए जाना जाता है. वर्तमान ईरानी सरकार का दृष्टिकोण इसके बिल्कुल विपरीत है. इस शादी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह संदेश दिया कि शाही परिवार सांस्कृतिक और धार्मिक सीमाओं से परे मित्रता और सहयोग को महत्व देता है. शादी समारोह में पूरे परिवार ने भाग लिया, जिनमें ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी की पत्नी और महारानी फराह भी शामिल थीं.
ऐतिहासिक संदर्भ: एस्थर की कहानी और पुरीम पर्व
इस विवाह को फारसी-यहूदी इतिहास की प्रसिद्ध कथा से भी जोड़ा जा रहा है. हिब्रू में ‘मेगिलात एस्थर’ के रूप में जानी जाने वाली पुस्तक में यहूदी युवती एस्थर की कहानी है. एस्थर फारसी साम्राज्य की रानी बनी और अपने लोगों के नरसंहार को रोकने में सफल रही. उन्होंने राजा अहश्वेरोश के सामने अपनी पहचान उजागर कर प्रधानमंत्री हामान की साजिश को नाकाम किया. इस साहसिक कदम के कारण यहूदियों को अपने बचाव में विजय मिली और उसी दिन की स्मृति में पुरीम पर्व मनाया जाता है. इस पर्व में उपहार देना, दान करना और एस्थर की पुस्तक का पाठ शामिल होता है.
वैश्विक और राजनीतिक संदेश
ईमान पहलवी की शादी सिर्फ पारिवारिक या धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है. इसे ईरान में राजनीतिक और सामाजिक बहस में प्रतीकात्मक घटना के रूप में देखा जा रहा है. यह विवाह शाही परिवार के अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों को दर्शाता है. ब्रैडली शेरमैन का शामिल होना परिवार में एक नया अध्याय जोड़ता है और युवा पीढ़ी को वैश्विक संस्कृति और बहुसांस्कृतिक सहयोग की ओर प्रेरित करता है.
यह विवाह शाही परिवार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक राजनीति के लिए एक नया संदेश लेकर आया है. यह न केवल पारिवारिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ है, बल्कि ईरान में जारी राजनीतिक आंदोलन और सांस्कृतिक बहुलता के संदर्भ में भी इसका महत्व अत्यधिक है.
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