Dhanbad News: धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सहराज गांव में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान छापेमारी दल पर हुए हमले के मामले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. निरसा-1 के सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार ने गुरुवार को गोविंदपुर थाना पहुंचकर इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने अभियंता के आवेदन के आधार पर कांड संख्या 42/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
छापेमारी के दौरान ग्रामीणों ने किया विरोध, स्थिति हुई बेकाबू
पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु प्रसाद राउत के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल मंगलवार को सहराज गांव पहुंचा था. टीम को सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहा है. इसी सूचना के आधार पर जब टीम संबंधित परिसर की जांच कर रही थी, तभी कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर साजिश के तहत भीड़ इकट्ठा कर ली और छापेमारी दल से बहस शुरू कर दी.
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लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला, सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त
प्राथमिकी के अनुसार, विवाद बढ़ते ही ग्रामीणों ने टीम के काम में बाधा डालनी शुरू कर दी. स्थिति संभलने से पहले ही भीड़ ने लाठी, डंडे और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से छापेमारी दल में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए टीम के सदस्य मौके से भागने लगे, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की.
हमले में चार बिजलीकर्मी गंभीर रूप से घायल
इस घटना में छापेमारी टीम में शामिल हरेंद्र कुमार रवानी, देवेंद्र कच्छप, जितेंद्र गोराई और प्रसनजीत मोदक गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया. घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मियों में रोष देखा गया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.
मानव दिवस कर्मी समेत कई नामजद आरोपी
सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि सहराज गांव का मानव दिवस कर्मी हफीजुद्दीन अंसारी उर्फ शाहरुख अंसारी ने भीड़ को उकसाने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा तफिक अंसारी (पिता आबुल मियां), मिनाज अंसारी (पिता पियारूद्दीन), जाकिर अंसारी (पिता कालू मियां), अख्तर अंसारी (पिता आलटू अंसारी), अरशद अंसारी (पिता हमीद अंसारी), रवि दे (पिता चिनू दे) और हलीम अंसारी—सभी निवासी सहराज गांव—को इस हमले में शामिल बताया गया है.
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने लगाए बिजली कर्मियों पर आरोप
दूसरी ओर, इस मामले में सहराज गांव की मुखिया रुखसाना बीबी, पूर्व मुखिया जाकिर अंसारी और हकीमुद्दीन अंसारी ने गोविंदपुर पुलिस और सिटी एसपी को अलग-अलग आवेदन सौंपा है. उनके अनुसार, बिजली विभाग के कर्मी निर्दोष ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
पुलिस जांच में जुटी, आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल गोविंदपुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. घटना ने बिजली चोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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