Bangladesh Former PM Khaleda Zia Passes Away : बांग्लादेश की राजनीति में दशकों तक अपनी छाप छोड़ने वाली पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है. उनका अंतिम समय ढाका के अपोलो अस्पताल में बीते लंबे समय से चल रही गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान रहा. 80 वर्ष की उम्र में मंगलवार सुबह फज्र की नमाज के बाद करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. बीएनपी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें. पार्टी ने यह भी बताया कि उनकी जनाजा की तारीख और समय बाद में साझा किया जाएगा.
खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण हस्ती थीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने इतिहास रचा. पिछले कई वर्षों से उनकी सेहत लगातार बिगड़ी हुई थी और वह कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें लीवर की उन्नत सिरोसिस, गठिया, मधुमेह, फेफड़े और हृदय संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा था. उनके निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है.
The BNP Chairperson and former Prime Minister, Begum Khaleda Zia, passed away today at 6:00 a.m., shortly after the Fajr prayer. Inna lillahi wa inna ilayhi raji‘un. We pray for the forgiveness of her soul and request everyone to offer prayers for her departed soul. pic.twitter.com/KY2948UPD5
— Bangladesh Nationalist Party-BNP (@bdbnp78) December 30, 2025
वेंटिलेटर पर जीवन के अंतिम दिन
खालिदा जिया 23 नवंबर से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते एवरकेयर अस्पताल में भर्ती थीं. महीने की शुरुआत में उनके चिकित्सकों ने उनकी हालत को बेहद गंभीर बताया था. 11 दिसंबर को फेफड़ों और अन्य अंगों को आराम देने के लिए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. उस समय अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत में उनके निजी चिकित्सक डॉ. जाहिद ने कहा था कि उनकी हालत नाज़ुक है और सुधार के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं. उन्होंने देशवासियों से उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की अपील की थी.
परिवार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी
खालिदा जिया के इलाज में देश और विदेश के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल थे. उनकी बहू, डॉ. जुबैदा रहमान भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थीं. बीएनपी पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें विदेश भेजने का प्रयास किया गया था, लेकिन चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को हवाई यात्रा के लिए असुरक्षित माना. इस कारण उनका इलाज ढाका में ही जारी रहा. अंतिम समय में उनके परिवार के सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके पास मौजूद थे.
बीएनपी ने बताया कि अंतिम समय में अस्पताल में उनके बड़े बेटे और बीएनपी कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान, उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान, पोती जाइमा रहमान, छोटे बेटे की पत्नी शारमिली रहमान सिथि, छोटे भाई शमीम एस्कंदर और उनकी पत्नी, बड़ी बहन सेलिना इस्लाम, पार्टी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और गठित मेडिकल बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे.
17 साल बाद बेटे से हुई मुलाकात
खालिदा जिया का निधन ऐसे समय में हुआ जब उनके बेटे तारिक रहमान हाल ही में लंदन से बांग्लादेश लौटे थे. वह 2008 से आत्म-निर्वासन में थे और लगभग 17 साल बाद पहली बार अपनी मां से अस्पताल में मिले.
पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली और विवादित हस्तियों में शुमार थीं. बीएनपी की अध्यक्ष और दो बार प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने दशकों तक देश की राजनीतिक दिशा, नीति और बहस पर गहरा असर डाला. उनके निधन से न केवल पार्टी बल्कि पूरे देश की राजनीति में एक युग का अंत हुआ माना जा रहा है.
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