Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana: हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को नए स्वरूप में लागू करने का फैसला किया है. 1 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में योजना के नियमों में संशोधन को हरी झंडी दी गई. सरकार का कहना है कि अब यह योजना सिर्फ आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार को भी प्रोत्साहित करेगी.
नई व्यवस्था के तहत जिन महिलाओं के बच्चे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे या जिनकी सेहत पहले की तुलना में सुधरेगी, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा.
₹2,100 की राशि किस तरह दी जाएगी?
अब योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि एकमुश्त नहीं दी जाएगी. कुल ₹2,100 को दो हिस्सों में बांटा गया है. ₹1,100 रुपये सीधे महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे, जबकि शेष ₹1,000 रुपये सरकार महिला के नाम से एफडी या आरडी में जमा करेगी. यह राशि तय समय के बाद ब्याज सहित दी जाएगी, जिसकी अवधि पांच साल से अधिक नहीं होगी. यदि लाभार्थी महिला की मृत्यु हो जाती है, तो यह रकम उसके नामित व्यक्ति को दी जाएगी.
हरियाणा कैबिनेट बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY) 2025 के विस्तार एवं अहम संशोधनों को मंजूरी। pic.twitter.com/ou2vLxXNn6
— CMO Haryana (@cmohry) January 1, 2026
- कुल सहायता राशि ₹2,100 तय की गई है.
- ₹1,100 रुपये महिला के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होंगे.
- ₹1,000 रुपये सरकार महिला के नाम से FD या RD में जमा करेगी.
- जमा की गई राशि तय अवधि के बाद ब्याज सहित दी जाएगी.
- यह अवधि अधिकतम 5 साल होगी.
- लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में राशि नॉमिनी को मिलेगी.
योजना में किए गए प्रमुख बदलाव
सरकार ने पात्रता से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया है. अब ₹1.80 लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाएं इस योजना में शामिल होंगी. इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कुछ नए मानदंड जोड़े गए हैं—
- सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मां को लाभ मिलेगा.
- 10वीं या 12वीं में 80% से अधिक अंक आने पर पात्रता.
- निपुण मिशन के तहत कक्षा 1 से 4 का तय स्तर पूरा होना.
- कुपोषण या एनीमिया से उबरकर ग्रीन जोन में आए बच्चों की माताएं भी शामिल.
पहले किए गए बदलावों का असर
इस योजना को लेकर इससे पहले भी नियम बदले जा चुके हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी महिलाओं को ₹2,100 प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन 15 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना में शर्तें कड़ी कर दी गईं. उम्र सीमा बढ़ाई गई, आय सीमा तय की गई और कई श्रेणियों की महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया.
- न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 23 वर्ष की गई.
- पारिवारिक आय सीमा ₹1 लाख तय की गई.
- हरियाणा का स्थायी निवासी होना या 15 साल से रहना जरूरी किया गया.
- सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं को बाहर किया गया.
- विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन पाने वाली महिलाएं अपात्र रहीं.
इन शर्तों का असर यह हुआ कि अनुमानित लाभार्थियों की संख्या 80 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गई. नवंबर 2025 में जब पहली किस्त जारी की गई, तब सिर्फ 5.22 लाख महिलाओं को ही राशि मिल सकी. 1 जनवरी 2026 तक भी कुल पंजीकरण लगभग 10 लाख तक ही पहुंच पाया.
इसका क्या असर पड़ा?
- अनुमानित लाभार्थी 80 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गए.
- नवंबर 2025 में पहली किस्त जारी हुई.
- सिर्फ 5.22 लाख महिलाओं को भुगतान हो सका.
- 1 जनवरी 2026 तक लगभग 10 लाख रजिस्ट्रेशन हुए.
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