Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 में मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के अपने एजेंडे को जारी रखने का संकेत दिया है. हालांकि इस बार महिलाओं के लिए कोई बहुत बड़ा या विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया, फिर भी कुछ अहम पहलें सामने आई हैं जो महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं.
सरकार ने महिला उद्यमियों को सहयोग देने के लिए कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल स्टोर्स यानी सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा है. इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर मिलेंगे. इसके अलावा महिलाओं के नेतृत्व में मत्स्य पालन गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की योजना है, जिससे ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों की महिलाओं को आय के नए साधन मिल सकें.
सरकार की चर्चित ‘लखपति दीदी’ योजना को भी जारी रखने की घोषणा की गई है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. सरकार मानती है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में अहम भूमिका निभा रही है.
महिला शिक्षा को प्राथमिकता
महिलाओं की शिक्षा को लेकर भी बजट में जोर दिया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित किया जाएगा. इसका मकसद उन लड़कियों को सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है जो उच्च शिक्षा के लिए अपने घर से दूर शहरों में आती हैं. इससे पढ़ाई के दौरान उन्हें रहने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और अधिक लड़कियां उच्च शिक्षा के लिए आगे आएंगी.
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्यों का जिक्र किया, जिनमें जन आकांक्षाओं को पूरा करना भी शामिल है. महिलाओं के लिए घोषित ये कदम उसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं.
पिछले बजट से तुलना
अगर पिछले साल के बजट पर नजर डालें तो वह GYAN—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी—पर केंद्रित था. उस समय जेंडर बजट के तहत 4.49 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जो उससे पहले के साल की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक था. यह राशि कुल बजट का करीब 8.8 फीसदी हिस्सा थी और उसे महिला-उन्मुख बजट के तौर पर पेश किया गया था.
इस बार भले ही बड़ी घोषणाएं कम दिखीं, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि महिला सशक्तिकरण उसकी नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा. उद्यमिता, शिक्षा और आजीविका के जरिए महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में ये कदम आगे भी जारी रह सकते हैं.
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