Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र स्थित शाहपुर गांव के बरवहिया टोला में एक गरीब किसान की सालभर की मेहनत पल भर में तबाह हो गई. खलिहान में जमा करीब 350 बोझा अरहर की फसल को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरी उपज जलकर राख में तब्दील हो गई. इस घटना ने न केवल किसान की आर्थिक स्थिति को झकझोर दिया है, बल्कि उसके परिवार के सामने जीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. घटना देर रात की बताई जा रही है, जब परिवार घर में सो रहा था और इसी बीच खलिहान में आग भड़क उठी.
आधी रात को लगाई गई आग, देखते ही देखते फैली लपटें
जानकारी के मुताबिक, बुधवार की देर रात अज्ञात शरारती तत्वों ने इस वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित किसान विदेशी भुइयां और उनका परिवार उस समय गहरी नींद में था. इसी दौरान खलिहान में रखी अरहर की फसल में आग लगा दी गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा खलिहान उसकी चपेट में आ गया.
लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश में जुट गए. ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू पाने तक पूरी फसल जलकर खत्म हो चुकी थी.
ग्रामीणों ने जताई साजिश की आशंका
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि आपसी दुश्मनी के कारण की गई सोची-समझी हरकत है. ग्रामीणों का आरोप है कि रंजिश के चलते ही किसान को निशाना बनाया गया है.
इस घटना से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है. लोग दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके.
पीड़ित परिवार पर गहराया संकट
विदेशी भुइयां बेहद साधारण आर्थिक स्थिति वाले किसान हैं, जो मजदूरी के सहारे अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं. उनके लिए यह अरहर की फसल ही साल की सबसे बड़ी पूंजी थी. फसल के नष्ट हो जाने से परिवार पूरी तरह संकट में आ गया है. घटना के बाद घर में मातम जैसा माहौल है और परिजन सदमे में हैं.
मुआवजा और सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है. उनका कहना है कि पीड़ित किसान को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके. साथ ही घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की भी मांग उठाई गई है.
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं.
प्रशासनिक कदमों पर टिकी उम्मीद
यह घटना एक परिवार की आर्थिक रीढ़ टूटने जैसी है. अब पूरे इलाके की नजर प्रशासन पर है कि वह इस मामले में कितनी तेजी से जांच कर दोषियों तक पहुंचता है और पीड़ित को किस तरह की सहायता उपलब्ध कराता है. न्याय और राहत दोनों ही इस मामले में अहम मुद्दे बने हुए हैं.
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