Meghalaya Mining Accident: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू इलाके में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में हुए जोरदार विस्फोट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. अब तक 18 मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि कई अन्य के खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और प्रशासन ने राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया है.
अंदर कितने मजदूर थे, स्पष्ट जानकारी नहीं
राज्य के पुलिस महानिदेशक आई. नोंगरंग के अनुसार विस्फोट के समय खदान में मौजूद मजदूरों की वास्तविक संख्या का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं है. अवैध खनन होने की वजह से मजदूरों की एंट्री का आधिकारिक ब्यौरा नहीं मिल पाया है. यही कारण है कि अंदर फंसे लोगों की संख्या को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है.
राहत दल गैस, धुएं और मलबे के बीच सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. सुरक्षा को देखते हुए विशेषज्ञ टीमों को भी लगाया गया है ताकि आगे कोई और नुकसान न हो.
Union Home Minister Amit Shah spoke to Meghalaya Chief Minister Conrad Sangma and took stock of the situation of incident in which 18 people lost their lives after an explosion at a suspected illegal coal mine in a village in Meghalaya’s East Jaintia Hills district. He also… pic.twitter.com/V2Gy2Y4vMO
— ANI (@ANI) February 5, 2026
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
हादसे के बाद एक बार फिर इलाके में चल रही अवैध खनन गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खदान किसके संचालन में थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी.
केंद्र सरकार ने जताया शोक, राहत राशि का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है. पीएमओ ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की.
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मुआवजा
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की तरफ से 3 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की. उन्होंने अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए.
गृह मंत्री ने लिया हालात का जायजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर घटना की जानकारी ली. उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया, ताकि बचाव कार्य में कोई कमी न रहे.
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जताई संवेदना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे को दुखद बताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी जानमाल के नुकसान पर दुख जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
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