Nagpur Explosion : महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल तहसील में स्थित एक विस्फोटक निर्माण इकाई में हुए जोरदार धमाके ने शनिवार सुबह इलाके को दहला दिया. पुलिस के अनुसार इस हादसे में 17 लोगों की जान चली गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना राउलगांव स्थित ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ के कारखाने में हुई, जहां खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती है.
कंपनी के प्रतिनिधियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि विस्फोट सुबह करीब सात बजे से सवा सात बजे के बीच डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ. धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में भी इसकी आवाज सुनी गई. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विस्फोट के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
#WATCH | Maharashtra | Visuals from the spot at SBL Energy Limited in Nagpur where 17 people died and 18 were critically injured after an explosion
— ANI (@ANI) March 1, 2026
NDRF and SDRF teams working on the spot https://t.co/gyQWRgsJiT pic.twitter.com/adOibBhAcj
प्रशासन हरकत में, जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया. जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की. नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने 17 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
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विस्फोट के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और तकनीकी जांच जारी है.
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत दल तैनात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने पुष्टि की कि हादसे में 17 लोगों की मौत हुई है और 18 अन्य घायल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी दी कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. साथ ही पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) तथा औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) की टीमें भी मौके पर पहुंच चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
कारणों की जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमाका किस वजह से हुआ. चूंकि यह इकाई खनन और औद्योगिक प्रयोजनों के लिए विस्फोटक सामग्री का निर्माण करती है, इसलिए जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और जिम्मेदारियों का निर्धारण होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्षेत्र में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजनों को प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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