Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा क्षेत्र में हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं. डूरंड लाइन के आसपास हुई सैन्य कार्रवाइयों को लेकर दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले और जवाबी हमले के दावे किए हैं. आधिकारिक बयानों में भारी नुकसान, चौकियों पर कब्जे और हवाई कार्रवाई की बात कही गई है, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गुरुवार रात रमजान की 9वीं तारीख को सीमा पर जवाबी कार्रवाई शुरू की गई. मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन पाकिस्तान की ओर से कथित घुसपैठ और सीमा उल्लंघन के जवाब में किया गया.
Video: Afghan forces capture and set fire to a post of Pakistan’s military regime across the Durand Line in Khost.#TOLOnews_English pic.twitter.com/8zFRTJfJJ8
— TOLOnews English (@TOLONewsEnglish) February 26, 2026
बयान में दावा किया गया कि पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों के समीप स्थित पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. अफगान पक्ष का कहना है कि इस कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो सैन्य अड्डों और 19 चौकियों पर कब्जा किया गया तथा एक टैंक और सैन्य वाहन को नष्ट या जब्त किया गया.
Pakistani and Afghan border forces clashed after the Taliban launched what it called retaliatory strikes on Pakistani installations, escalating tensions after days of cross-border hostilities https://t.co/p5ma8WnaHV pic.twitter.com/e4JOEd1K9B
— Reuters (@Reuters) February 26, 2026
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मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान आठ अफगान लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए. साथ ही नंगरहार में एक शरणार्थी शिविर पर मिसाइल हमले में नागरिकों के घायल होने का आरोप लगाया गया.
डूरंड लाइन: विवाद की जड़
करीब 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है, लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का विषय रही है. अफगानिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इस सीमा को औपचारिक मान्यता नहीं दी है. सीमा पार उग्रवादी गतिविधियों और जवाबी अभियानों को लेकर पिछले कुछ महीनों में तनाव लगातार बढ़ा है.
Big Breaking 🚨
— Voice of Hindus (@Voiceofhindus) February 27, 2026
Afghanistan claimed of shooting down atleast one Pakistani fighter Jet that entered its airspace
Live visuals coming from Afghanistan-Pakistan war
Both Muslim countries will destroy each other, This is a win win situation for India 🔥 pic.twitter.com/vLF6k2oN1Q
तालिबान प्रवक्ता का बयान
तालिबान के प्रवक्ता Zabihullah Mujahid ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इन हमलों में बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
अफगान मीडिया आउटलेट TOLO News ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया कि एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, कथित तौर पर जेएफ-17, को मार गिराया गया. इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’
पाकिस्तान की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने सोशल मीडिया पर ‘खुले युद्ध’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान की आक्रामकता का “माकूल जवाब” दिया है.
🇵🇰 “Pakistan will not compromise on peace & territorial integrity. Our armed forces' response is comprehensive & decisive. Those who mistake our peace for weakness will face a strong response — and no one will be beyond reach."
— The President of Pakistan (@PresOfPakistan) February 26, 2026
~ President Asif Ali Zardari
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ के तहत सीमा पार ठिकानों को निशाना बनाया गया. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि 100 से अधिक अफगान लड़ाके मारे गए और कई चौकियां नष्ट की गईं.
राष्ट्रपति Asif Ali Zardari ने भी बयान जारी कर कहा कि देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा.
पाकिस्तान ने किस तरह का किया था दावा?
पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने सीमा पार हवाई हमलों में उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था. पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ थी. दूसरी ओर, अफगानिस्तान ने इन हमलों में नागरिकों के हताहत होने का आरोप लगाया था.
बीते कुछ वर्षों में पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में उग्रवादी हमलों में वृद्धि हुई है. इस्लामाबाद का आरोप है कि कुछ समूह अफगान क्षेत्र से संचालित होते हैं, जबकि काबुल इन आरोपों को खारिज करता रहा है.
स्थिति अभी भी संवेदनशील
सीमा पर ताजा घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास को और गहरा कर दिया है. दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीनी स्थिति को लेकर स्पष्ट और स्वतंत्र जानकारी सीमित है.
विश्लेषकों का मानना है कि अगर कूटनीतिक स्तर पर संवाद नहीं बढ़ा तो यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकता है. फिलहाल सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.
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