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PM मोदी का इजरायल दौरा: लेजर शील्ड से और आक्रामक होगा भारत का ‘सुदर्शन चक्र’

Narendra Modi Israel Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा रक्षा सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है. लेजर आधारित ‘आयरन बीम’ सिस्टम पर भारत की दिलचस्पी चर्चा में है. यह साझेदारी देश की बहुस्तरीय एयर डिफेंस रणनीति को नई मजबूती दे सकती है.

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Narendra Modi Israel Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात बेहद संवेदनशील हैं. इस यात्रा को रक्षा तकनीक, संयुक्त निर्माण और भविष्य की युद्ध रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

गाजा संघर्ष के बाद वैश्विक राजनीति में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने संतुलित रुख अपनाते हुए रणनीतिक संवाद को प्राथमिकता दी है.

रणनीतिक साझेदारी में दिखी गर्मजोशी

इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पीएम मोदी को अपना घनिष्ठ मित्र बताया और दोनों देशों को “इनोवेशन और सुरक्षा का स्वाभाविक साझेदार” कहा. पीएम मोदी ने भी कहा कि पिछले वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं.

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डिनर कूटनीति के दौरान नेतन्याहू का ‘मोदी जैकेट’ पहनना चर्चा का विषय बना रहा.

‘सुदर्शन चक्र’ मॉडल: भारत का बहुस्तरीय एयर डिफेंस प्लान

भारत अब सीमित सुरक्षा से आगे बढ़कर पूरे एयरस्पेस को कवर करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसे अनौपचारिक तौर पर बहुस्तरीय सुरक्षा कवच कहा जा रहा है. इसकी प्रमुख परतें इस प्रकार हैं:

सबसे बाहरी परत

  • रूस से प्राप्त S-400 मिसाइल प्रणाली
  • 2018 की डील के तहत तीन रेजिमेंट तैनात
  • शेष यूनिट्स 2026 तक शामिल होने की योजना
  • साथ ही स्वदेशी “प्रोजेक्ट कुशा” पर काम जारी

मीडियम रेंज लेयर

  • भारत-इजरायल का संयुक्त Barak-8 (MR-SAM)
  • दुश्मन के एयरक्राफ्ट और मिसाइलों को मध्यम दूरी से निष्क्रिय करने में सक्षम

शॉर्ट रेंज लेयर

  • Akash-NG
  • QRSAM
  • सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा के लिए तैनाती

नजदीकी सुरक्षा घेरा

  • पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम
  • ड्रोन और हेलीकॉप्टर जैसे कम ऊंचाई वाले खतरों से निपटने के लिए

‘आयरन बीम’ क्यों चर्चा में?

इजरायल की लेजर आधारित प्रणाली Iron Beam आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप का जवाब मानी जा रही है.

कैसे काम करती है?

  • फाइबर लेजर तकनीक से लक्ष्य पर उच्च ऊर्जा बीम डाली जाती है
  • कुछ सेकंड में ड्रोन या रॉकेट को निष्क्रिय करने की क्षमता

लागत का पहलू

  • पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की तुलना में प्रति शॉट लागत बेहद कम
  • बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों के खिलाफ किफायती विकल्प

सीमाएं

  • धुंध, बारिश या धूल भरी परिस्थितियों में प्रभाव घट सकता है.
  • इसलिए इसे मिसाइल सिस्टम के साथ पूरक के रूप में देखा जा रहा है.

स्वदेशी ‘DURGA-II’ को मिल सकता है तकनीकी सहयोग

भारत डायरेक्टेड एनर्जी वेपन ‘DURGA-II’ परियोजना पर काम कर रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इजरायल के अनुभव से लेजर बीम कंट्रोल, ट्रैकिंग और टार्गेटिंग क्षमता में सुधार संभव है. इससे भविष्य में रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सकती है.

संसद संबोधन और स्पष्ट संदेश

पीएम मोदी ने इजरायल की संसद Knesset को संबोधित किया. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराई और क्षेत्र में स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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