Mamata Banerjee attacked President Droupadi Murmu: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के एक दिवसीय दौरे के बाद राज्य की राजनीति अचानक गरमा गई है. कार्यक्रम स्थल और स्वागत व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है.
राष्ट्रपति की ओर से कार्यक्रम को लेकर जताई गई नाराजगी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
PM Narendra Modi tweets, "This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened. The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in… https://t.co/o4RnIHJeuf pic.twitter.com/qUnluizTcW
— ANI (@ANI) March 7, 2026
जाहेरथान की स्थिति और कार्यक्रम स्थल बदलने पर राष्ट्रपति ने जताई चिंता
राष्ट्रपति Droupadi Murmu शनिवार को उत्तर बंगाल के दौरे पर सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर क्षेत्र पहुंचीं. यहां आदिवासी समाज के एक वार्षिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थानीय जाहेरथान की स्थिति को लेकर चिंता जताई.
#WATCH | Darjeeling, West Bengal | President Droupadi Murmu says, "Today was the International Santal Conference. When I came here after attending it, I realised it would have been better if it had been held here, because the area is so vast… I don't know what went through the… pic.twitter.com/zMYyvDo0Y2
— ANI (@ANI) March 7, 2026
राष्ट्रपति ने कहा कि जिस स्थान पर पहले कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी, वहां पर्याप्त जगह उपलब्ध थी और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो सकते थे. उनके अनुसार उस स्थान पर लाखों लोगों के बैठने की व्यवस्था संभव थी, लेकिन कार्यक्रम को बाद में दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया.
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उन्होंने यह भी कहा कि जिस नए स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहां तक पहुंचना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है. राष्ट्रपति ने यह भी सवाल उठाया कि मूल स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति क्यों नहीं दी गयी.
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ में नहीं आया कि प्रशासन ने इस फैसले की जरूरत क्यों महसूस की. उनके अनुसार यदि कार्यक्रम पहले तय स्थान पर होता तो आदिवासी समाज के ज्यादा लोग उसमें शामिल हो सकते थे.
स्वागत व्यवस्था को लेकर भी जताया आश्चर्य
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि उत्तर बंगाल के दौरे के समय राज्य सरकार की ओर से कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि स्वागत के लिए मौजूद नहीं था.
उन्होंने कहा कि आम तौर पर ऐसे मौकों पर मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री राष्ट्रपति की अगवानी के लिए पहुंचता है. इस संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए आश्चर्य जताया कि क्या वह किसी बात से नाराज हैं.
कार्यक्रम में सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही प्रमुख जनप्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे, जिन्होंने एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत किया.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार
राष्ट्रपति के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति को इस तरह की राजनीतिक बातें नहीं करनी चाहिए.
#WATCH | Kolkata | On President Droupadi Murmu's statement, West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, "… You never thought of minorities. You didn't say anything about the scheduled castes, Buddhists, Punjabis, Parsis, Jains, or even Hindus. You know how to do politics.… https://t.co/o4RnIHJeuf pic.twitter.com/PXQAExPBhy
— ANI (@ANI) March 7, 2026
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार आदिवासी समाज के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है और इस संबंध में कई योजनाएं लागू की गई हैं.
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने आदिवासी समाज के महान नेताओं के सम्मान में कई कदम उठाए हैं. उन्होंने बिरसा मुंडा और रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर अवकाश घोषित करने का उदाहरण भी दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी राज्य सरकार कई कार्यक्रम चला रही है. उनके अनुसार इन सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी राष्ट्रपति को भेजी जाएगी.
मतदाता सूची और अल्पसंख्यक मुद्दे का भी उठाया जिक्र
ममता बनर्जी ने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े कई लोग मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि ओल चिकी और संताली भाषा बोलने वाले कई लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.
उन्होंने सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर कोई चर्चा क्यों नहीं हो रही है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े सवालों पर भी राष्ट्रपति ने कुछ नहीं कहा.
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है और इस संबंध में सभी तथ्यों की जानकारी राष्ट्रपति को भेजी जाएगी.
पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की टिप्पणी को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बारे में इस तरह की बात कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
प्रधानमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रपति ने जिस पीड़ा और चिंता को व्यक्त किया है, उससे देश के लोगों को दुख हुआ है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और आदिवासी समाज के सम्मान में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए यह स्थिति निराशाजनक है.
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उनके अनुभव तथा भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. उनके अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार का रवैया इस मामले में सवालों के घेरे में है.
आदिवासी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं थीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी समाज के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था. शुरुआत में यह कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित होने वाला था.
बाद में प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थागत कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थल को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोसाईंपुर में स्थानांतरित कर दिया.
उधर कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में धरने पर बैठी हुई थीं. इसी दौरान राष्ट्रपति के दौरे को लेकर उठे सवालों ने राज्य की राजनीति को और अधिक गरमा दिया.
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