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Women Reservation Bill: पटना में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला, जब बिहार के अलग-अलग जिलों से आई महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की. गांधी मैदान में हजारों की संख्या में महिलाओं की भीड़ जुटी, जहां से जन आक्रोश महिला पदयात्रा की शुरुआत हुई. हाथों में पोस्टर और नारों के साथ महिलाएं आगे बढ़ती रहीं और 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर विपक्ष के खिलाफ आक्रोश जताती नजर आईं.
इस दौरान एक महिला खुद को जंजीरों में बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुई, जिसने पूरे आयोजन का केंद्र बनकर सबका ध्यान खींचा. यह दृश्य आंदोलन के प्रतीक के रूप में सामने आया और मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
जंजीर में बंधकर जताया विरोध
पदयात्रा में शामिल एक महिला ने खुद को जंजीर से बांधकर विरोध दर्ज कराया. उसने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखने की कोशिश की जा रही है, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा. उसने स्पष्ट किया कि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना ही होगा और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा. महिला ने कहा कि अगर विपक्ष इस मांग को नहीं मानता है, तो यह आक्रोश और भी तेज होगा. इस दौरान अन्य महिलाओं ने भी एक स्वर में कहा कि उन्हें जंजीरों में बांधकर रखने की सोच अब नहीं चलेगी और वे अपना अधिकार लेकर ही रहेंगी. महिलाओं ने यह भी कहा कि यह लड़ाई सम्मान और बराबरी की है, जिसे किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा.
मंत्री श्रेयसी सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
जन आक्रोश महिला पदयात्रा में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी शामिल हुईं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात सदन में उठती है, तब विपक्ष के नेता उसे दबाने का प्रयास करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष इसे हल्के में लेता है और मेज थपथपाकर प्रतिक्रिया देता है. उन्होंने कहा कि कई शोधों में यह सामने आया है कि महिला नेतृत्व से स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं, इसके बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में हिचक दिखाई जा रही है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देना समय की मांग है.
गांधी मैदान के आसपास बदली ट्रैफिक व्यवस्था
पदयात्रा को देखते हुए गांधी मैदान के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था. ट्रैफिक एसपी सागर कुमार ने लोगों से सहयोग की अपील की और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा. गांधी मैदान के चारों तरफ ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर रोक लगा दी गई थी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके.
दानापुर से राजापुर पुल की ओर आने वाले ऑटो और ई-रिक्शा को पुलिस लाइन से वापस दानापुर की ओर मोड़ा गया. अशोक राजपथ से गायघाट की ओर आने वाली गाड़ियों को कृष्णा घाट के पास कुनकुन सिंह लेन से आगे जाने की अनुमति दी गई. एक्जीबिशन रोड पर भट्टाचार्य चौराहे से गांधी मैदान की ओर ऑटो और ई-रिक्शा को जाने से रोका गया. वहीं एसपी वर्मा रोड से आने वाले वाहनों को स्वामीनंदन तिराहा तक ही जाने दिया गया और वहां से बाटा मोड़ होते हुए वापस भेजा गया.
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