Railway News : रेल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है. रेलवे बोर्ड ने सभी 18 जोनों को निर्देश जारी कर नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है. इसके तहत अब ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट पहले की तुलना में काफी पहले तैयार किया जाएगा, जिससे यात्रियों को अंतिम समय तक असमंजस में नहीं रहना पड़ेगा.
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) संजय मनोचा द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि चार्ट तैयार करने के समय में एकरूपता लाकर यात्रियों को उनकी सीट की स्थिति समय रहते बताना आवश्यक है. अभी तक कई ट्रेनों में चार्ट प्रस्थान के बेहद करीब बनता था, जिससे यात्रियों को यह तय करने में कठिनाई होती थी कि यात्रा करनी है या टिकट रद्द करना है.
पहले चार्ट में देरी से होती थी परेशानी
अब तक की व्यवस्था में कई ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट सिर्फ चार घंटे पहले तैयार किया जाता था. इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर रात में चलने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत होती थी. वेटिंग या आरएसी टिकट वाले यात्री आखिरी समय तक सीट कंफर्म होने का इंतजार करते रहते थे.
कई मामलों में यात्री समय रहते यात्रा की तैयारी नहीं कर पाते थे या फिर अंतिम समय में टिकट रद्द करने पर उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता था. रेलवे को लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं.
सुबह और दोपहर की ट्रेनों के लिए नई समयसीमा
नए नियम के अनुसार सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच रवाना होने वाली ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट अब एक दिन पहले रात 8:00 बजे तक तैयार कर दिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि यदि किसी यात्री की ट्रेन सुबह या दोपहर में है, तो उसे एक रात पहले ही अपनी सीट की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी.
इससे यात्री समय रहते यात्रा की योजना बना सकेंगे और अनावश्यक इंतजार से बच सकेंगे.
दोपहर, रात और तड़के चलने वाली ट्रेनों में भी बदलाव
दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक तथा रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला रिजर्वेशन चार्ट अब ट्रेन के प्रस्थान से 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. पहले यह चार्ट केवल चार घंटे पहले बनता था, जिससे यात्रियों को बेहद कम समय में फैसला लेना पड़ता था.
नई व्यवस्था से वेटिंग और आरएसी टिकट वाले यात्रियों को अपनी स्थिति पहले ही पता चल सकेगी.
यात्रियों को क्या होगा फायदा
रेलवे के अनुसार नए नियम से यात्रियों को कई स्तर पर राहत मिलेगी. सीट कंफर्म होने की जानकारी पहले मिलने से यात्रा की तैयारी आसान होगी. अंतिम समय में टिकट रद्द करने की मजबूरी कम होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी. साथ ही यात्रियों का मानसिक तनाव भी घटेगा.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है और आने वाले समय में डिजिटल सिस्टम के जरिए इसे और प्रभावी बनाया जाएगा.
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