🟡 Gold (10g) : ₹ 1,41,624.98 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 2,12,566.67 💵 USD / INR : ₹ 95.67 📈 Sensex : 77,540.83 (0.82%) 📊 Nifty 50 : 24,252.00 (0.08%)
🟡 Gold (10g) : ₹ 1,41,624.98 ⚪ Silver (1kg) : ₹ 2,12,566.67 💵 USD / INR : ₹ 95.67 📈 Sensex : 77,540.83 (0.82%) 📊 Nifty 50 : 24,252.00 (0.08%)
विज्ञापन

वायरल वीडियो

‘मेड इन चाइना’ का घटता जादू; पाकिस्तान को मदद देकर चीनी कंपनियों ने कर लिया भारी नुकसान

Share Market: "मेड इन चाइना" हथियारों की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चीनी डिफेंस कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

विज्ञापन
Source :X

Share Market: "मेड इन चाइना" हथियारों की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चीनी डिफेंस कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

विज्ञापन

Share Market: हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई और “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों के खात्मे ने वैश्विक स्तर पर डिफेंस टेक्नोलॉजी के समीकरणों को बदल दिया है. इस घटनाक्रम ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को उजागर किया है, बल्कि “मेड इन चाइना” हथियारों की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चीनी डिफेंस कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

पाकिस्तान की विफलता और चीन का नुकसान

22 अप्रैल को हुए हमले के बाद पाकिस्तान ने भारत पर पलटवार करने के लिए तुर्की और चीन द्वारा निर्मित हथियारों का इस्तेमाल किया. TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने चीन की एविक चेंगदू द्वारा निर्मित J-10C फाइटर जेट और झूझोउ होंगडा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्प द्वारा विकसित PL-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का प्रयोग किया. हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन सभी प्रयासों को विफल कर दिया. एयर ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल एयर मार्शल ए. के. भारती ने स्पष्ट किया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम एक अभेद्य दीवार की तरह है, जिसे भेदना पाकिस्तान के बस की बात नहीं.

इसे भी पढ़ें-

चीनी कंपनियों से उठा रहा भरोसा

पाकिस्तान की यह विफलता सीधे तौर पर चीनी हथियारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है. इस घटनाक्रम का सीधा असर चीनी शेयर बाजार पर पड़ा है. एविक चेंगदू के शेयरों में लगातार तीन कारोबारी सत्रों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. इसी तरह, झूझोउ होंगडा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्प के शेयरों में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. चाइना एयरोस्पेस टाइम्स इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्राइट लेजर टेक्नोलॉजीज, नॉर्थ इंडस्ट्रीज ग्रुप, चाइना स्पेससैट और एवीआईसी एयरक्राफ्ट जैसी अन्य चीनी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भी 5-10 प्रतिशत की गिरावट आई है. यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशकों का “मेड इन चाइना” डिफेंस उत्पादों से भरोसा उठ रहा है.

भारत की डिफेंस कंपनियों में उछाल

एक ओर जहां चीनी डिफेंस कंपनियां गिरावट का सामना कर रही हैं, वहीं भारतीय डिफेंस सेक्टर में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स ने मात्र तीन दिनों में 10 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है. आइडियाफोर्ज, जीआरएसई, कोचीन शिपयार्ड और भारत डायनेमिक्स जैसी कंपनियों के शेयरों में एक हफ्ते के भीतर 38 प्रतिशत तक का उछाल आया है. यह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय डिफेंस टेक्नोलॉजी की बढ़ती क्षमता और विश्वसनीयता के कारण घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.

विज्ञापन
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
संबंधित खबरें
विज्ञापन

जरूर पढ़ें

Patna
overcast clouds
29 ° C
29 °
29 °
89%
4.1m/s
100%
शनि
36 °
रवि
37 °
सोम
39 °
मंगल
38 °
बुध
30 °

अन्य खबरें