LPG Crisis: देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति की समीक्षा की है. गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्यों के मुख्य सचिवों, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर जरूरी निर्देश दिए.
बिक्री और आपूर्ति सुचारू रखने पर जोर
बैठक के दौरान गृह सचिव ने डीजीपी को निर्देश दिया कि एलपीजी सिलेंडर की बिक्री और आपूर्ति हर हाल में सुचारू बनी रहे. उन्होंने कहा कि इस दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति भी नहीं बिगड़नी चाहिए.
मुख्य सचिवों से कहा गया है कि वे पुलिस और संबंधित अधिकारियों से नियमित रूप से स्थिति की रिपोर्ट लेते रहें और केंद्र सरकार के निर्देशों की जानकारी भी स्थानीय प्रशासन तक पहुंचाएं.
अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी चिंता जताई गई. गृह सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ईंधन की कथित कमी से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, गैस की कोई कमी नहीं
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय के अनुसार उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्ध है.
लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें और सामान्य तरीके से ही गैस बुकिंग करें.
उत्पादन बढ़ाया गया, नए स्रोतों से आपूर्ति
मंत्रालय के अनुसार घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है. साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते संभावित बाधा के बाद भारत ने कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए नए स्रोतों की व्यवस्था भी की है.
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है और इसमें लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है. ऐसे में किसी भी संभावित बाधा को देखते हुए सरकार ने वाणिज्यिक उपयोग की तुलना में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.
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