Iran Mojtaba Khamenei Coma: ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि वह गंभीर रूप से घायल हैं और कोमा में हो सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हालिया हवाई हमलों में घायल होने के बाद उनका तेहरान के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.
सुप्रीम लीडर बनने के बाद सामने नहीं आए
रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को उनके पिता और ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद उन्हें देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. यह फैसला ईरान की धार्मिक संस्था Assembly of Experts द्वारा लिया गया था.
Iran's new Supreme Leader is 'in a coma' and has lost a leg after being seriously injured in air strikes, a report has claimed. pic.twitter.com/N5uOUT1OJw
— Daily Mail (@DailyMail) March 12, 2026
बताया जाता है कि पद संभालने के कुछ दिनों बाद उनका पहला संदेश जारी किया गया, लेकिन वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए. इससे उनकी सेहत को लेकर अटकलें और तेज हो गईं.
गंभीर चोट और कोमा की आशंका
ब्रिटिश अखबार The Sun की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई हालिया हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हमले में उनका कम से कम एक पैर काटना पड़ा और पेट या लीवर में भी गंभीर चोट आई है.
Iran’s newly appointed Supreme Leader, Mojtaba Khamenei, was presented at a mass rally in Tehran today.
— Visegrád 24 (@visegrad24) March 11, 2026
He couldn’t show up in person for some reason, so they brought out a cardboard cutout of him instead pic.twitter.com/c6eARU405b
इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह फिलहाल कोमा की स्थिति में हो सकते हैं और उनका इलाज तेहरान के एक अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच किया जा रहा है.
अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा
बताया गया है कि जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अस्पताल के उस हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है और डॉक्टरों की टीम आईसीयू में उनका इलाज कर रही है.
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के स्वास्थ्य मंत्री Mohammad Reza Zafarghandi उपचार की निगरानी कर रहे हैं, जिन्हें युद्ध में घायल मरीजों के इलाज का अनुभव रखने वाला ट्रॉमा सर्जन माना जाता है.
चोट को लेकर अलग-अलग दावे
कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में पहले यह भी कहा गया था कि शुरुआती हमलों में मोजतबा खामेनेई को मामूली चोटें आई थीं. इनमें पैर में फ्रैक्चर, आंख के पास चोट और चेहरे पर हल्के घाव का जिक्र किया गया था.
हालांकि अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में उनकी चोट की गंभीरता को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
टीवी पर पढ़कर सुनाया गया संदेश
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने 12 मार्च को नए सुप्रीम लीडर का एक संदेश प्रसारित किया. यह संदेश किसी एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया था. बताया गया कि यह उनका सत्ता संभालने के बाद पहला बयान था.
इस संदेश में कहा गया कि ईरान अपने नागरिकों पर हुए हमलों का जवाब देगा और क्षेत्रीय समुद्री मार्गों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा. इसमें Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी का भी जिक्र किया गया.
‘घोस्ट लीडर’ की चर्चा भी तेज
इसी बीच कुछ विश्लेषकों ने दावा किया है कि अगर नेता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते, तब भी देश की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था पहले से तय ढांचे के अनुसार चल सकती है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे ‘घोस्ट आयतुल्ला’ जैसी संज्ञा भी दी गई है.
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान की सैन्य रणनीति और मिसाइल कार्यक्रम ऐसी संस्थागत व्यवस्था पर आधारित हैं, जो शीर्ष नेतृत्व के बिना भी जारी रह सकते हैं.
ट्रंप ने भी जताई थी नाराजगी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा था कि ईरान के नए नेतृत्व को लेकर अमेरिका को भी भूमिका निभानी चाहिए.
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps ने नेतृत्व चयन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी.
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