Bhagalpur News : भागलपुर में श्मशान घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है, जिसके कारण आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यह सार्वजनिक सुविधा पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ शोकग्रस्त परिवारों के लिए एक सम्मानजनक और सुविधाजनक विकल्प भी प्रदान करती है. इसके बंद रहने से लोगों को मजबूरी में पारंपरिक दाह संस्कार अपनाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. सूजागंज कार्मिक संघ के अध्यक्ष प्रतीक झुनझुनवाला का कहना है कि प्रशासन की ओर से लंबे समय से केवल आश्वासन दिया जा रहा है कि “एक महीने में ठीक हो जाएगा”, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
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नागरिकों में बढ़ता आक्रोश
लगातार मिल रहे आश्वासनों के बावजूद विद्युत शवदाह गृह का संचालन शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई न होने से विश्वास में कमी आई है और समस्या जस की तस बनी हुई है.
सामाजिक संगठनों की सक्रियता
मारवाड़ी सेवा समिति द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए सहायता प्रदान की जा रही है. समिति की ओर से कई बार विद्युत शवदाह गृह को चालू कराने के लिए शिकायतें और अनुरोध किए गए हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
प्रशासन पर गंभीर सवाल
प्रतीक झुनझुनवाला का आरोप है कि यह मामला प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण है. बार-बार शिकायतों के बावजूद मरम्मत और संचालन को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है.
तत्काल कार्रवाई की मांग
लोगों ने मांग की है कि विद्युत शवदाह गृह को शीघ्र चालू किया जाए और इसकी मरम्मत एवं रखरखाव के लिए स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए.
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