Sultanganj Nagar Parishad News: भागलपुर जिले में सुलतानगंज नगर परिषद के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल प्रणाली को तेजी से लागू किया जा रहा है. इसी कड़ी में शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में दोहरी लेखा प्रणाली और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यशाला में नगर निकायों के कर्मचारियों को लेखांकन, बजट योजना और डिजिटल वित्तीय प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं.
नगर निकायों के लिए आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण
नगर परिषद सुलतानगंज में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय म्युनिसिपल अकाउंटिंग और बजट प्लानिंग रखा गया था. इसमें विभिन्न नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के कर्मियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने नगर निकायों में वित्तीय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की.
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कार्यशाला में यह भी बताया गया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से नगर निकायों के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. इसके लिए लेखांकन प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है.
संपत्ति कर संग्रहण को बनाया जा रहा डिजिटल
नगर परिषद सुलतानगंज के प्रधान सहायक राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि नगर निकायों के कार्यों को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में कई पहल की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि संपत्ति कर संग्रहण को भी डिजिटल करने का निर्णय लिया गया है.
इसके तहत पांच टैक्स तहसीलदारों को स्वाइप मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिसके जरिए डिजिटल तरीके से कर वसूली शुरू हो चुकी है. अब तक करीब चार लाख रुपये की राशि डिजिटल माध्यम से संग्रहित की जा चुकी है.
उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से कर संग्रहण में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को भी भुगतान करने में सुविधा मिलेगी. साथ ही रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा.
नगर निकाय कर्मियों को दी गई वित्तीय प्रबंधन की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर निकायों की लेखा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए जरूरी बिंदुओं पर भी चर्चा की गई. इसमें बताया गया कि बजट प्लानिंग को किस तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके.
विभाग से आए प्रशिक्षक रोहित कुमार ने नगर निकाय कर्मियों को म्युनिसिपल अकाउंटिंग की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बजट निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और वार्षिक लेखा-जोखा तैयार करने से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया.
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक लेखा प्रणाली का उपयोग बेहद जरूरी है.
कई नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुलतानगंज के अलावा नवगछिया, बांका, अमरपुर और कहलगांव के नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. चार्टर्ड अकाउंटेंट के प्रतिनिधि पुष्पराज ने डिजिटल लेखा प्रणाली, बजट निर्माण और वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया.
कार्यक्रम में कई नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर नई व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की. हालांकि बेगूसराय, तेघरा, बीहट और बखरी नगर निकायों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री के बेगूसराय दौरे के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके.
इस मौके पर कहलगांव नगर परिषद के प्रधान सहायक देवेंद्र कुमार, कर्मी उद्गार राय, सुलतानगंज नगर परिषद के सिटी मैनेजर रवीश चंद्र वर्मा और स्वच्छता पदाधिकारी अमित कुमार भगत समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में नगर निकाय के अधिकांश कामों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा. इससे कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी.
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