Eid Ul Fitr 2026: देश के कई हिस्सों में गुरुवार शाम ईद-उल-फितर का चांद नजर नहीं आने के बाद अब त्योहार की तारीख को लेकर तस्वीर साफ हो गई है. धार्मिक विद्वानों और संस्थाओं की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, अब शनिवार को ईद-उल-फितर की नमाज अदा की जाएगी. इसके साथ ही शुक्रवार को रमजान का आखिरी रोजा रखा जाएगा और अलविदा जुमा अदा किया जाएगा. इस बीच, शुक्रवार शाम चांद दिखने की संभावना भी जताई गई है, जिस पर अंतिम निर्णय निर्भर करेगा. चांद के दीदार को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और मस्जिदों से लेकर बाजारों तक हलचल तेज हो गई है.
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चांद न दिखने पर धार्मिक संस्थाओं का बयान
Edara Sharia के नाजिम-ए-आला Maulana Qutubuddin Rizvi ने बताया कि गुरुवार को देश के किसी भी हिस्से में चांद नजर नहीं आया. इस कारण से रमजान का सिलसिला एक दिन और आगे बढ़ गया है. वहीं, बरियातू जामा मस्जिद के खतीब Dr. Asghar Misbahi ने जानकारी दी कि शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज विशेष तरीके से अदा की जाएगी.
उन्होंने बताया कि मस्जिद में दोपहर 12:30 बजे तकरीर की शुरुआत होगी, जिसमें रोजे की अहमियत और ईद की नमाज के तरीके पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके बाद 1:30 बजे जुमा की नमाज अदा की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
रमजान का आखिरी रोजा और ईद की तैयारी
Darul Qaza Imarat Sharia के काजी Mufti Anwar Kasmi ने बताया कि 20 मार्च को रमजान का 30वां रोजा रखा जाएगा. इसके अगले दिन यानी 21 मार्च को शव्वाल महीने की शुरुआत के साथ ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.
मरकजी अंजुमन सोसाइटी, इरबा में ईद की नमाज सुबह 9:00 बजे अदा करने का कार्यक्रम तय किया गया है. नमाज को लेकर सभी जरूरी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
बाजारों में बढ़ी रौनक, खरीदारी तेज
रमजान के अंतिम दिनों के साथ ही बाजारों में चहल-पहल तेज हो गई है. शुक्रवार को आखिरी रोजे के चलते खरीदारी अपने चरम पर रहने की संभावना है. शहर के प्रमुख इलाकों—मेन रोड, उर्दू लाइब्रेरी के आसपास और चर्च रोड—में देर रात तक भीड़ देखने को मिल रही है.
लोग कपड़े, जूते, सेवइयां, मिठाइयां और पारंपरिक खाद्य सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं. दुकानदारों के अनुसार, गुरुवार रात से ही ग्राहकों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई थी और शुक्रवार को इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है.
बैठक में उलेमा और समाजसेवियों की मौजूदगी
ईद के चांद और त्योहार की तारीख को लेकर Edara Sharia की एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता Mufti Anwar Nizami Misbahi ने की.
बैठक में कई प्रमुख उलेमा और समाजसेवियों ने हिस्सा लिया, जहां चांद के दीदार और ईद की तारीख पर विस्तार से चर्चा हुई. सभी ने एकमत से यह निर्णय लिया कि चांद न दिखने की स्थिति में ईद शनिवार को मनाई जाएगी.
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