Weather Update : मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी तेजी से पैर पसारने लगती है, वहीं इस बार मौसम ने अलग ही रुख दिखाया है. देश के कई हिस्सों में तापमान अचानक नीचे आ गया है और सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास हो रहा है. कुछ इलाकों में तो सुबह के समय धुंध की हल्की परत भी नजर आई, जिससे ऐसा माहौल बन गया जैसे सर्दी ने एक बार फिर वापसी कर ली हो. इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता भी बढ़ा दी है.
मध्य और पूर्वी भारत में सक्रिय सिस्टम, कई जगह बारिश के आसार
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में वातावरण में नमी और अस्थिरता बनी हुई है. इसके कारण 21 मार्च तक कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में अलग-अलग समय पर बारिश होने के संकेत हैं. वहीं पूर्वी राज्यों में कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है, जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है.
इस पूरे बदलाव की जड़ एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जिसने पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों के मौसम को प्रभावित किया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है, जबकि मैदानों में बारिश और ओलावृष्टि का असर देखा जा रहा है. इसके चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में सुबह के समय धुंध और हल्का कोहरा भी बना रहा, जिससे यातायात पर असर पड़ा.
पूर्व से पश्चिम तक असर, तेज हवा और तूफान का खतरा
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है. खासकर पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवा का दबाव अधिक रह सकता है, जहां हवा की गति काफी तेज होने का अनुमान है.
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम स्थिर नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में यहां हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह उतार-चढ़ाव कुछ दिनों तक जारी रहेगा और तापमान में अचानक बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल कम है.
तापमान में गिरावट, गर्मी की रफ्तार धीमी
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर साफ देखा जा रहा है. जिन इलाकों में कुछ दिन पहले गर्मी का असर तेज हो रहा था, वहां अब तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. कई राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है और रात के समय हल्की ठंड का एहसास हो रहा है.
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में बारिश के कारण वातावरण ठंडा बना हुआ है. इससे मार्च के महीने में ही लोगों को राहत मिल गई है और फिलहाल भीषण गर्मी की स्थिति टलती नजर आ रही है.
एक हफ्ते तक राहत, दक्षिण में अलग स्थिति
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह तक देश में कहीं भी लू जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है. इससे साफ है कि फिलहाल तेज गर्मी का खतरा टला हुआ है. हालांकि दक्षिण भारत के कुछ तटीय क्षेत्रों में नमी अधिक रहने के कारण उमस महसूस हो सकती है, जिससे वहां के लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है.
कुल मिलाकर देश में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप कुछ दिनों तक बना रह सकता है. बीच-बीच में बारिश, तेज हवाएं और बादलों की आवाजाही से तापमान नियंत्रित रहेगा और गर्मी की रफ्तार धीमी बनी रहेगी.
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