Jharkhand Weather Report: झारखंड में सरहुल और ईद के मौके पर शनिवार को मौसम ने अचानक रुख बदल लिया और राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया. शहरी इलाकों से लेकर गांवों तक इसका असर साफ देखा गया. कहीं बिजली व्यवस्था ठप हो गई तो कहीं खेतों में खड़ी और कटी फसल को नुकसान पहुंचा. इस बदलाव से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों और बिजली उपभोक्ताओं के सामने नई दिक्कतें खड़ी हो गईं. मौसम के इस अचानक बदलाव ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी.
धनबाद में बिजली व्यवस्था चरमराई, सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर प्रभावित
धनबाद में शनिवार शाम आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने बिजली आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया. शहर के विभिन्न इलाकों में 200 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मरों के फ्यूज उड़ गए, जिसके कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. पुलिस लाइन के समीप 11 हजार वोल्ट का तार टूटने से हीरापुर सब स्टेशन से जुड़े इलाकों में अंधेरा छा गया. बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ओलावृष्टि के चलते उपकरणों में तकनीकी खराबी आई. बारिश थमने के बाद शिकायतों की संख्या अचानक बढ़ गई और देर रात तक मरम्मत का काम चलता रहा.
झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
रांची समेत कई शहरों में गिरा तापमान, ठंड का अहसास
राजधानी रांची सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. रांची में करीब 35 मिमी वर्षा हुई, जिससे अधिकतम तापमान घटकर 26.4 डिग्री सेल्सियस रह गया. पिछले 24 घंटे में इसमें 6.8 डिग्री की कमी आई. वहीं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 15.4 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम है. ठंडी हवाओं और लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों को हल्की सर्दी जैसा अनुभव हुआ.
कई जिलों में अच्छी बारिश, मौसम हुआ सुहावना
राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई. सिमडेगा में 15 मिमी, चाईबासा में 21 मिमी, जमशेदपुर में 3 मिमी, गुमला में 5 मिमी और लोहरदगा में 2 मिमी वर्षा हुई. बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा 50 मिमी बारिश पाकुड़ में रिकॉर्ड की गई. इस बारिश के कारण कई जिलों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया, जिससे मौसम सुहावना बन गया.
फसलों को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
अचानक हुई इस बेमौसम बारिश ने किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई ग्रामीण इलाकों, खासकर ठाकुरगंगटी प्रखंड में तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं. मसूर, सरसों, अरहर और चना जैसी फसलें पकने की अवस्था में थीं, लेकिन बारिश के कारण फूल झड़ने लगे हैं. किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा और भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
घाटशिला में जलजमाव, लोगों को हुई परेशानी
घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के बाद कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई. मुख्य सड़कों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई. छोटे दुकानदारों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ा. बारिश के दौरान बाजारों में भीड़ कम रही और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकले.
22 मार्च को मौसम रहेगा शुष्क, फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार 22 मार्च को राज्य में आंशिक बादल रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है. इस दौरान तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट बनी रह सकती है. इसके बाद 23 मार्च से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी और 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जिससे फिर से गर्मी का असर महसूस होने लगेगा.
रामनवमी पर फिर बदल सकता है मौसम
पूर्वानुमान के मुताबिक 27 मार्च, यानी रामनवमी के दिन झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है. इस दौरान बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है. ऐसे में त्योहार के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम का बदला मिजाज, राहत के साथ चुनौती भी
कुल मिलाकर झारखंड में मौसम का यह बदला स्वरूप दोहरी तस्वीर पेश कर रहा है. एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों, बिजली विभाग और आम जनजीवन के सामने नई समस्याएं खड़ी हो गई हैं. आने वाले दिनों में मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी होगा.
इसे भी पढ़ें-बस में छिपाकर ले जा रहा था गांजा, सिमडेगा पुलिस ने बिहार के तस्कर को दबोचा

