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Samrat Choudhary: बिहार में नई राजनीतिक व्यवस्था के गठन को लेकर स्थिति लगभग स्पष्ट हो चुकी है. तय योजना के अनुसार Samrat Choudhary मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि शुरुआती चरण में मंत्रिपरिषद बेहद सीमित होगी. शुरुआती शपथ ग्रहण समारोह में केवल कुछ ही प्रमुख चेहरे शामिल होंगे और बाकी मंत्रियों की नियुक्ति बाद में की जाएगी.
पहले चरण में छोटा मंत्रिमंडल, जदयू के दो वरिष्ठ चेहरे शामिल
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती सरकार में जनता दल यूनाइटेड की ओर से दो अनुभवी नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है. इनमें Vijay Kumar Chaudhary और Bijendra Prasad Yadav के नाम पर सहमति बनी है. यह निर्णय जदयू की कोर कमेटी की बैठक में विचार-विमर्श के बाद लिया गया बताया जा रहा है. शुरुआती चरण में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मंत्रिमंडल को छोटा रखा जा रहा है.
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आगे कैबिनेट विस्तार की योजना, मई में हो सकता है बड़ा फेरबदल
नई सरकार बनने के तुरंत बाद पूरा मंत्रिमंडल घोषित नहीं किया जाएगा. बाकी विभागों के लिए नामों पर विचार बाद में किया जाएगा. संभावना जताई जा रही है कि मई के पहले सप्ताह में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है, जिसके बाद सभी विभागों का बंटवारा पूरा किया जाएगा.
विजय कुमार चौधरी का लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव
Vijay Kumar Chaudhary लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें नीतीश कुमार के भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है. वे पहले भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी रह चुके हैं और बाद में राजनीति में आए. 1982 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली चुनावी जीत दर्ज की थी. बाद में 2005 में वे जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए. वर्तमान में वे सरायरंजन से विधायक हैं और जल संसाधन एवं संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे वित्त, शिक्षा और वाणिज्यकर जैसे महत्वपूर्ण विभागों का काम भी देख चुके हैं.
बिजेंद्र प्रसाद यादव का लगातार राजनीतिक अनुभव
Bijendra Prasad Yadav बिहार के सबसे अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और वे लंबे समय से सुपौल विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. 1990 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे यादव वर्तमान में ऊर्जा, वित्त और वाणिज्यकर विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने लालू प्रसाद यादव सरकार के समय मंत्री पद संभाला था और तब से राज्य की राजनीति में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. संगठनात्मक स्तर पर भी वे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं.
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