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Patna News: पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में एक युवक की पोखर में डूबने से मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए. मृतक की पहचान विक्रम थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी 25 वर्षीय बीरेंद्र माझी के रूप में हुई है. वह अपने रिश्तेदार के यहां आयोजित तिलक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां आया हुआ था. घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों में प्रशासन को लेकर नाराजगी बढ़ती नजर आ रही है.
देर रात पोखर किनारे गया, संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक सोमवार देर रात युवक घर से बाहर निकला और पास के पोखर के किनारे पहुंच गया. इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे पानी में चला गया. घटना की भनक लगते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे. रातभर खोजबीन की गई, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका. इससे परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती रही.
सुबह तक शव नहीं मिला, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सुबह होने तक भी शव बरामद नहीं होने से परिवार और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. मृतक की पत्नी सरस्वती देवी और तीन छोटे बच्चों की हालत बेहद खराब है. घर में चीख-पुकार मची है और गांव में शोक का माहौल छाया हुआ है. परिजन लगातार प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन उन्हें राहत कार्य में तेजी नजर नहीं आई.
ग्रामीणों का आरोप: सूचना के बाद भी देरी, सुरक्षा इंतजाम नदारद
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी देने के बावजूद बचाव कार्य में तेजी नहीं दिखाई गई. समय पर गोताखोरों की व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और बिगड़ी. ग्रामीणों ने बताया कि इसी पोखर में पहले भी सात से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. न तो चारों ओर घेराबंदी की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाया गया, जिससे खतरा बना हुआ है.
एम्स गोलंबर के पास हाईवे जाम, टायर जलाकर विरोध
घटना से नाराज लोगों ने एम्स गोलंबर के पास नेशनल हाईवे 139 को जाम कर दिया. प्रदर्शन के दौरान सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया गया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए. कुछ ही देर में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई. जाम का असर दूर तक देखने को मिला.
एम्बुलेंस तक फंसी, हंगामे में तोड़फोड़ की घटनाएं
सड़क जाम होने से एम्स आने-जाने वाले मरीजों और एम्बुलेंस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई गंभीर मरीज घंटों तक फंसे रहे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाठी-डंडों के साथ हंगामा किया. कुछ जगहों पर राहगीरों के साथ झड़प और गाड़ियों में नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आईं.
कई थानों की पुलिस मौके पर, समझाने की कोशिश
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही फुलवारी शरीफ, जानीपुर और नौबतपुर समेत आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण शव बरामदगी, मुआवजा और पोखर की स्थायी घेराबंदी की मांग पर अड़े रहे.
प्रशासन ने गोताखोरों की टीम लगाकर जल्द शव निकालने का आश्वासन दिया है. फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
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