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Bihar News : पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर मुख्यालय में क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 86वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजभाषा के प्रयोग को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया. बैठक की अध्यक्षता महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने की, जहां अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि हिंदी में कामकाज को प्राथमिकता दी जाए और निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नोट्स और आदेश भी यदि हिंदी में लिखे जाएं, तो इससे पूरे सिस्टम में सकारात्मक बदलाव आ सकता है.
अधिकारियों को निर्देश: रोजमर्रा के काम में बढ़े हिंदी का उपयोग
बैठक के दौरान यह बात सामने रखी गई कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में आता है, जहां स्वाभाविक रूप से हिंदी का उपयोग अधिक होना चाहिए. इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अभी भी सुधार की आवश्यकता है. अधिकारियों से कहा गया कि सरल और सहज भाषा का प्रयोग करते हुए दैनिक कार्यों को हिंदी में करने की आदत विकसित की जाए, ताकि अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिले.
उत्कृष्ट कार्य पर विद्युत विभाग को सम्मान
राजभाषा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले विभागों को भी इस मौके पर सम्मानित किया गया. विद्युत विभाग को अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान की गई, जिसे प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर राजीव कुमार वर्णवाल ने ग्रहण किया. इसके साथ ही “पूर्व मध्य रेल दर्पण” राजभाषा बुलेटिन के नवीन अंक का भी लोकार्पण किया गया.
तिमाही समीक्षा में प्रदर्शन का आकलन
यह बैठक दिसंबर 2025 और मार्च 2026 तक की अवधि में राजभाषा के उपयोग और प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी. विभिन्न मंडलों और इकाइयों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग की स्थिति से समिति को अवगत कराया. साथ ही जहां कमियां सामने आईं, उन्हें दूर करने के लिए सुझाव भी साझा किए गए.
समन्वय और इच्छाशक्ति पर जोर
अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी तालमेल और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की बैठकों से न केवल प्रगति का आकलन होता है, बल्कि आगे की दिशा भी तय होती है.
100 प्रतिशत हिंदी में कामकाज का लक्ष्य
मुख्य राजभाषा अधिकारी सविता गेडाम ने कहा कि ‘क’ क्षेत्र में होने के कारण यहां अधिकतम कार्य हिंदी में होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य यही है कि सभी कार्यालयी कामकाज पूरी तरह हिंदी में हों, इसके लिए निरंतर प्रयास जरूरी है.
सहयोग से ही संभव है राजभाषा का विस्तार
बैठक का संचालन करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) केशव त्रिपाठी ने कहा कि राजभाषा का विस्तार सामूहिक प्रयास से ही संभव है. अंत में राजभाषा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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