I-PAC: कोलकाता और नई दिल्ली से जुड़े आई-पैक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. इस मामले में गिरफ्तार Vinesh Chandel को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है. मतदान प्रक्रिया से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी की गई थी, जिसके बाद मतदान समाप्त होने के बाद उन्हें राहत मिलने को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.
चंदेल को 13 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय धोखाधड़ी, बेहिसाब लेन-देन और हवाला नेटवर्क के जरिए विदेशों में धन भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था. हालांकि इस बार कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी और खास बात यह रही कि ईडी ने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है.
अंतरिम जमानत याचिका और अदालत में दलीलें
जानकारी के अनुसार, विनेश चंदेल ने मंगलवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी. अपनी याचिका में उन्होंने बताया कि उनकी मां स्मृतिभ्रंश से पीड़ित हैं और घर में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, इसलिए उन्हें अंतरिम राहत दी जाए. हालांकि इससे पहले अदालत ने 48 घंटे पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. बाद में दोबारा हुई सुनवाई में मामले पर विचार किया गया और आज की सुनवाई में निर्णय सामने आया.
ईडी का रुख और जांच में सहयोग का दावा
सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने अदालत में कहा कि विनेश चंदेल जांच में सहयोग कर रहे हैं. इसी आधार पर ईडी ने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया. हालांकि एजेंसी ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि जमानत कुछ शर्तों के साथ दी जाए ताकि जांच प्रभावित न हो. इसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत याचिका स्वीकार कर ली.
जमानत की सख्त शर्तें लागू
अदालत ने आदेश दिया कि विनेश चंदेल किसी भी सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे. उन्हें जांच में पूरा सहयोग देना होगा और सभी आवश्यक जानकारी एजेंसी को उपलब्ध करानी होगी. इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, बिना अनुमति किसी भी क्षेत्र से बाहर नहीं जाना होगा और यात्रा की जानकारी जांच अधिकारियों को देनी होगी.
गौरतलब है कि 13 अप्रैल को गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 अप्रैल को दस दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेजा गया था. उस समय जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने माना था कि करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले में उनकी सक्रिय भूमिका हो सकती है और धन के लेन-देन में उनकी संलिप्तता के पर्याप्त संकेत मिले हैं.
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