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Bhagalpur News : भागलपुर शहर के तिलकामांझी चौक के किनारे लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा भवन गुरुवार देर शाम से ध्वस्त किया जाने लगा. यह भवन काफी समय से आवागमन में बाधा बना हुआ था और लोगों के लिए खतरे का कारण भी माना जा रहा था. नगर निगम प्रशासन ने उच्च न्यायालय से लगी रोक हटने के बाद यह कार्रवाई शुरू की. संबंधित भवन नगर निगम की संपत्ति थी, जिसे लीज पर देकर रिमझिम होटल संचालित किया जा रहा था. जब निगम ने भवन खाली कराया, तो संचालक अदालत पहुंच गए और वर्ष 2021 से इस पर रोक लग गई थी. इसी कारण इसे हटाने की प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रही, जबकि इसके आसपास के अन्य जर्जर ढांचे पहले ही गिराए जा चुके थे.
स्टे हटते ही तेज हुई कार्रवाई
कानूनी अड़चन दूर होने के बाद निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. गुरुवार देर शाम से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसे रातभर जारी रखने की योजना बनाई गई. अधिकारियों का कहना है कि भवन को जल्द से जल्द हटाकर यातायात को सामान्य करना प्राथमिकता है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका समाप्त की जा सके.
मशीनों और मजदूरों की मदद से चला अभियान
भवन को गिराने के लिए शुरुआत में दो जेसीबी मशीनें लगाई गईं. कुछ समय बाद एक और जेसीबी मंगाकर काम की गति बढ़ाई गई. इसके साथ ही मलबा हटाने के लिए दो ट्रैक्टर लगाए गए और करीब 20 मजदूरों को तैनात किया गया. लगातार मशीनों के संचालन के जरिए ढांचे को गिराने का काम तेजी से आगे बढ़ाया गया.
सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. तिलकामांझी थाना क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल मौके पर तैनात रहे. एक दंडाधिकारी को भी मौके पर प्रतिनियुक्त किया गया, ताकि पूरी प्रक्रिया पर निगरानी बनी रहे. नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे और व्यवस्था संभालते रहे.
भवन गिराने से पहले पूरे क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया. तिलकामांझी चौक से बरारी की ओर जाने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा गया. यह व्यवस्था ध्वस्तीकरण कार्य पूरा होने तक जारी रखने की योजना बनाई गई है.
मलबा हटाकर सड़क होगी साफ
भवन ध्वस्त होने के बाद सड़क को साफ करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके तहत मलबे को पहले एक स्थान पर इकट्ठा कर किनारे किया जाएगा, ताकि यातायात बहाल किया जा सके. इसके बाद प्रशासन यह तय करेगा कि मलबे का अंतिम निपटान कहां किया जाए. निर्णय होने के बाद मलबा निर्धारित स्थल पर भेजा जाएगा.
खाली जमीन के उपयोग पर होगा फैसला
ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई जमीन को लेकर भी निगम प्रशासन आगे निर्णय करेगा. इस स्थान पर निगम कार्यालय बनाने या सड़क चौड़ीकरण करने, दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. यदि सड़क चौड़ीकरण का निर्णय लिया जाता है, तो पहले हटाए गए भवन की जगह बने पार्क को भी हटाना पड़ सकता है. इस संबंध में अंतिम निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया जाएगा, जिसके बाद आगे की योजना पर काम शुरू होगा.
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