इस खबर में क्या है?
Bihar Train Update: 26 अप्रैल को जमालपुर और किऊल के बीच रेलवे लाइन पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य के चलते कई घंटों का ब्लॉक लिया जाएगा, जिसका असर पूरे रूट की ट्रेनों पर पड़ेगा. यह ब्लॉक सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक लागू रहेगा. इस दौरान कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के समय और संचालन में बदलाव किया गया है. रेलवे के इस फैसले से खासतौर पर दैनिक यात्रियों को दिक्कत हो सकती है.
लेवल क्रॉसिंग हटाकर बनाया जाएगा सबवे
रेलवे इस ब्लॉक का इस्तेमाल अभयपुर और कजरा स्टेशनों के बीच मौजूद दो लेवल क्रॉसिंग को खत्म करने के लिए कर रहा है. इनकी जगह पर अब मजबूत आरसीसी ढांचे वाला सबवे तैयार किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से सड़क और रेल दोनों मार्गों पर यातायात ज्यादा सुरक्षित और सुचारु होगा. अक्सर गेट बंद रहने से लगने वाले जाम की समस्या भी खत्म होने की उम्मीद है.
किन ट्रेनों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
ब्लॉक के कारण सबसे पहले पैसेंजर और मेमू सेवाओं पर असर देखने को मिलेगा. गया-जमालपुर, जमालपुर-सहरसा, जमालपुर-किऊल और सहरसा-जमालपुर जैसी कई लोकल ट्रेनें उस दिन नहीं चलेंगी. इन ट्रेनों पर रोजाना निर्भर रहने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ सकती है.
कुछ ट्रेनों का बदला गया रूट और दायरा
रेलवे ने कुछ ट्रेनों के संचालन में आंशिक बदलाव भी किया है. मालदा टाउन से किऊल जाने वाली इंटरसिटी अब अपने तय गंतव्य तक नहीं जाएगी और उसे जमालपुर तक सीमित कर दिया गया है. इसी तरह साहिबगंज से चलने वाली मेमू सेवा को भागलपुर तक ही चलाया जाएगा. इन बदलावों का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो पूरी दूरी की यात्रा करते हैं.
लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी तय
ब्लॉक का असर केवल लोकल ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई लंबी दूरी की ट्रेनों की समय-सारिणी भी प्रभावित होगी. कुछ प्रमुख ट्रेनों के चार घंटे तक लेट होने की संभावना जताई गई है. वहीं कई अन्य ट्रेनों में एक से पांच घंटे तक की देरी हो सकती है. इससे यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग यात्रा भी प्रभावित हो सकती है.
ब्लॉक के पहले और बाद का संचालन
रेलवे ने यह भी तय किया है कि ब्लॉक शुरू होने से पहले कुछ प्रमुख ट्रेनें सामान्य रूप से गुजरेंगी, ताकि यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके. इसी तरह ब्लॉक खत्म होते ही कुछ ट्रेनों का संचालन प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा. इससे धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य किया जाएगा.
सुरक्षा और सुविधा को बताया गया प्राथमिक कारण
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा काम यात्रियों की सुरक्षा और लंबे समय की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. सबवे बनने के बाद बार-बार गेट बंद होने की समस्या खत्म होगी और सड़क पार करने में जोखिम भी कम होगा. इससे स्थानीय लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा.
यात्रियों को दी गई सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें. इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या स्टेशन पर पूछताछ की जा सकती है. सही जानकारी होने से यात्रा के दौरान होने वाली असुविधा से बचा जा सकता है.
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