Bihar Election Vote Counting Updates: कहलगांव विधानसभा सीट पर शुक्रवार को हुई मतगणना पूरी तरह रोमांच से भरी रही. राउंड-दर-राउंड कभी राजद आगे रहा तो कभी जदयू, लेकिन आख़िरकार अंतिम चरण में समीकरण पूरी तरह बदल गया. जदयू उम्मीदवार शुभानंद मुकेश ने अंतिम राउंड में दमदार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक जीत दर्ज की. शुरुआत में राजद के रजनीश भारती ने मजबूत बढ़त बनाई थी, लेकिन बीच के दौर में जदयू धीरे-धीरे मुकाबले पर हावी होता चला गया.
पहले राउंड में रजनीश भारती को 3,967 वोट मिले और वे सबसे आगे रहे. जदयू के शुभानंद मुकेश 3,312 वोट लेकर दूसरे पायदान पर थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण सिंह 917 मत के साथ पीछे रहे. दूसरे राउंड तक राजद अपनी गति बनाए रहा और उनका कुल वोट बढ़कर 8,364 हो गया. इसी समय जदयू भी पीछे जरूर था, लेकिन 7,515 वोट पाकर मजबूत स्थिति में बना रहा.
तीसरे और चौथे राउंड में राजद ने बढ़त को और मजबूती दी और अपने वोट बढ़ाकर 18,944 तक पहुंचा दिए. वहीं जदयू उम्मीदवार इस चरण में 11,552 वोट तक पहुंच सके. पांचवें और छठे राउंड में भी राजद आगे चलता रहा और उनका कुल आंकड़ा 23,406 वोट तक जा पहुंचा, जिससे मुकाबला एकतरफा होता दिखने लगा.
लेकिन सातवां राउंड चुनाव का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. इसी चरण में शुभानंद मुकेश ने शानदार वापसी करते हुए 27,137 वोट हासिल किए और पहली बार राजद उम्मीदवार को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद जदयू की बढ़त लगातार मजबूत होती चली गई. 12वें राउंड तक जदयू और राजद के बीच वोट का अंतर बढ़कर 19,439 तक पहुंच गया.
जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ते गए, मुकाबला एकतरफा होता गया और जदयू की बढ़त अटल हो गई. 31वें और अंतिम राउंड में शुभानंद मुकेश ने स्पष्ट व निर्णायक बढ़त के साथ जीत अपने नाम कर ली. शुरुआती दौर में भले ही जीत का झुकाव राजद की ओर था, लेकिन अंतिम चरणों में जदयू ने पूरा खेल पलट दिया और कहलगांव सीट पर अपना परचम लहरा दिया.
Bihar Chunav Update: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच राघोपुर से आरजेडी उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने तीखा वार किया है. महुआ सीट से जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी तेज प्रताप ने कहा कि “तेजस्वी अब फेलस्वी बन चुके हैं”. महागठबंधन की भारी हार के बाद यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है.
सुबह से जारी मतगणना में तेजस्वी यादव बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन उनकी पार्टी और पूरा महागठबंधन बेहद खराब प्रदर्शन कर रहा है. ताज़ा रुझानों में एनडीए 202 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन केवल 35 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इन रुझानों से साफ संकेत है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए बड़ी बहुमत वाली सरकार बनाने जा रहा है.
दो चरणों में पूरा हुआ मतदान
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए गए. पहला चरण 6 नवंबर को हुआ जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को संपन्न हुआ. दोनों चरणों में मतदान प्रतिशत अच्छा रहा और अब अंतिम परिणाम की औपचारिक घोषणा कुछ ही समय में होने वाली है.
Ghatshila By Election Result 2025 : घाटशिला उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने बीजेपी के बाबूलाल सोरेन को भारी अंतर से पराजित करते हुए सीट अपने नाम कर ली. परिणामों के अनुसार सोमेश सोरेन को 1,04,794 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी को 66,270 वोट प्राप्त हुए. वहीं तीसरे स्थान पर रहे जेएलकेएम उम्मीदवार रामदास मुर्मू को 11,542 वोट मिले. शुरुआत से ही झामुमो की बढ़त कायम रही और हर राउंड के साथ यह अंतर बढ़ता गया.
काउंटिंग के दौरान ही बीजेपी उम्मीदवार का कैंप खाली
गिनती में लगातार पीछे रहने के कारण बीजेपी उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन बीच में ही काउंटिंग सेंटर छोड़कर चले गए. उनके हटते ही कार्यकर्ताओं की भी भीड़ कम होने लगी. दूसरी ओर, झामुमो के समर्थकों ने 10वें राउंड के बाद ही जश्न मनाना शुरू कर दिया था. यह झामुमो की घाटशिला सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है. तुलनात्मक रूप से, पिछले विधानसभा चुनाव (2024) में बाबूलाल सोरेन को 75,910 वोट और दिवंगत पूर्व मंत्री रामदास सोरेन को 98,356 वोट मिले थे. वहीं जेएलकेएम उम्मीदवार रामदास मुर्मू ने इस बार अपने पुराने प्रदर्शन (8,092 वोट) से बेहतर परिणाम दर्ज किया है.
झामुमो-बीजेपी ने झोंकी थी पूरी ताकत
घाटशिला उपचुनाव को लेकर दोनों ही प्रमुख दलों ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. बीजेपी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्रियों—रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और चंपाई सोरेन—ने जमकर प्रचार किया. ओडिशा और बंगाल के कई दिग्गज नेताओं ने भी चुनावी रैलियां कीं. इसी तरह झामुमो की तरफ से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, कई मंत्री और विधायक मैदान में डटे रहे. व्यापक प्रचार और उच्चस्तरीय रणनीति के बीच झामुमो ने अंततः भारी जीत हासिल कर ली.
PM Modi Speech On Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को मिले भारी बहुमत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने इसे बिहार के मतदाताओं की जीत बताते हुए कहा कि यह जनादेश विकास की राजनीति की ओर लौटने का संकेत है. संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने बिहार की संस्कृति को सलाम करते हुए मिथिला आर्ट वाला दुपट्टा धारण किया और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों का उत्साह भी बढ़ाया. उनके भाषण में कई अहम संदेश छिपे थे—यहाँ पेश हैं दस बड़ी बातें.
पीएम मोदी ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार की जनता भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में घिरे नेताओं को स्वीकार करने के मूड में नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य ने साफ संकेत दिया है—भरोसा उन्हीं पर होगा जो सुशासन का मॉडल दें.
जनता के विश्वास ने लिखी रिकॉर्ड जीत की कहानी
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए को मिला जनादेश यह दिखाता है कि जनता विकास की राजनीति पर भरोसा करती है. उनका कहना था कि बिहार के लोगों ने एक बार फिर स्थिर शासन को चुना है और यह भरोसे का प्रतीक है.
जंगलराज की वापसी वाली आशंकाएँ जनता ने नकार दीं
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जिस “जंगलराज की वापसी” की चेतावनी दी थी, उसका मजाक उड़ाया गया, लेकिन अंत में वोटरों ने इसे गंभीर मुद्दा माना और अव्यवस्था वाले दौर को वापस न आने देने का फैसला किया.
मतदाताओं के प्रति विशेष धन्यवाद
पीएम मोदी ने उच्च मतदान प्रतिशत की प्रशंसा की और इसे बिहार की लोकतांत्रिक परिपक्वता की मिसाल बताया. उन्होंने कहा कि यह जनादेश समृद्ध बिहार की ओर बड़े बदलाव का संकेत है.
नया MY फार्मूला: “महिला और युवा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दल अभी भी पुराने MY (मुस्लिम–यादव) समीकरण पर टिके रहे, जबकि बिहार के लोगों ने इस बार नया MY अपनाया—”महिला और युवा”. उन्होंने कहा कि दोनों वर्गों का भारी समर्थन एनडीए के पक्ष में गया.
लोकतंत्र की ताकत का प्रमाण
उन्होंने कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है. चुनाव आयोग द्वारा शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया.
“पुराने बिहार” की घटनाओं का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार एक समय ऐसा भी था जब बूथ लूट, हिंसा और माओवादी व्यवधान आम बात थे. लेकिन आज की व्यवस्था ने इन चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड मतदान का नया इतिहास बनाया है.
यह जीत विकास की गति को आगे बढ़ाएगी
उन्होंने कहा कि एनडीए इस जनादेश को अपने काम की स्वीकृति मानता है और आने वाले वर्षों में बिहार की गति और तेज करने का संकल्प लेकर चल रहा है.
Exit Poll Misses: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों के मतदान के बाद आए लगभग सभी एग्जिट पोल इस बार उम्मीद के मुताबिक साबित हुए. भले ही सीटों के आंकड़ों में हर एजेंसी की भविष्यवाणी पूरी तरह मेल नहीं खाई, लेकिन एनडीए की सत्ता में वापसी को लेकर लगभग सभी एग्जेंसियां एकमत रहीं. इनमें ‘पोल डायरी’ का अनुमान सबसे अधिक सटीक रहा. उसने एनडीए को 184–209 सीटों का आकलन दिया था, जबकि परिणामों में गठबंधन को 203 सीटें (समाचार लिखे जाने तक) मिल चुकी हैं.
2025 के एग्जिट पोल में एनडीए की वापसी की स्पष्ट भविष्यवाणी
इस बार मतदान समाप्त होने के बाद कुल 16 एग्जिट पोल सामने आए. इनमें से 15 ने साफ तौर पर कहा कि एनडीए फिर से सत्ता हासिल करेगा. इन पोल्स में एनडीए का सीट अनुमान न्यूनतम 133 और अधिकतम 209 के बीच रहा. यह रेंज बताती है कि अधिकांश एजेंसियों ने जनता के रुझान को करीब-करीब पकड़ लिया था.
दो विधानसभा चुनाव जहां एग्जिट पोल बुरी तरह चूके
बीते एक दशक में बिहार के दो विधानसभा चुनाव ऐसे रहे हैं, जिनमें एग्जिट पोल पूरी तरह गलत साबित हुए. वर्ष 2015 और 2020 दोनों ही चुनावों में टीवी चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने एनडीए और महागठबंधन के प्रदर्शन को लेकर जो तस्वीर दिखाई, वास्तविक नतीजे उसके ठीक उलट आए. यही वजह है कि इस बार के एग्जिट पोल की सटीकता विशेष रूप से चर्चा में रही.
2015 और 2020: दो बड़े चुनावी उदाहरण जहां एग्जिट पोल फ्लॉप
2015 के बिहार चुनाव में आज तक–सिसेरो सहित कई एजेंसियों ने भाजपा नीत एनडीए को बहुमत के करीब दिखाया था. जबकि हकीकत में महागठबंधन ने 178 सीटों के विशाल आंकड़े के साथ सरकार बनाई. ठीक यही स्थिति 2020 के चुनाव में भी देखी गई. लगभग सभी एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत का दावा किया गया, पर मतगणना में एनडीए 125 सीटें जीतकर सरकार तक पहुंच गया, जबकि महागठबंधन 110 सीटों पर सिमट गया.
एजेंसी/चैनल का नाम
एनडीए
महागठबंधन
आज तक-सिसेरो
113 से 127
111 से 123
एबीपी न्यूज
108
130
टुडे चाणक्य
155
85
टाइम्स नाऊ-सी वोटर्स
111
122
न्यूज नेशन
115 से 119
120 से 124
न्यूज एक्स-सीएनएक्स
90 से 100
130 से 140
2015 में एनडीए को बढ़त दिखाने वाली भविष्यवाणियां
2015 के एग्जिट पोल आंकड़ों पर नज़र डालें तो आज तक–सिसेरो ने एनडीए को 113–127 सीटों की संभावित रेंज दी थी. टुडे चाणक्य ने 155 सीटें तक का अनुमान जताया. न्यूज नेशन ने 115–119 और टाइम्स नाऊ–सी वोटर्स ने 122 सीटें तक बताईं. दूसरी ओर कुछ पोल्स ने महागठबंधन को 130–140 के आसपास दिखाया था. लेकिन परिणामों में भाजपा सिर्फ 53 सीटें जीत सकी और एनडीए कुल 58 सीटों पर सिमट गया.
2020: महागठबंधन की सरकार की भविष्यवाणी फेल
2020 के चुनाव में भी एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी जमीन पर टिक नहीं पाई. अधिकांश पोल्स में महागठबंधन की सरकार बनने की बात कही गई थी. इंडिया टीवी ने एनडीए को 90–110 सीटें और महागठबंधन को 103–120 सीटें बताई थीं. आज तक के सर्वे में एनडीए को 69–91 और महागठबंधन को 139–161 सीटें दी गई थीं. रिपब्लिक टीवी और न्यूज 24 ने भी एनडीए को 91–119 और महागठबंधन को 116–138 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की थी. हालांकि परिणामों में एनडीए ने सरकार बनाई और सारी भविष्यवाणियां उलट गईं.
Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का जनादेश स्पष्ट है—नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भारी बहुमत के साथ एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने जा रहा है. भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जदयू दूसरी सबसे बड़ी शक्ति बनी है. तेजस्वी यादव अपनी सीट बचाने में सफल जरूर रहे, पर उनकी पार्टी और महागठबंधन गठबंधन को भाजपा–जदयू–लोजपा आर–रालोमो–हम की संयुक्त ताकत के आगे करारी हार झेलनी पड़ी. पूरा महागठबंधन सिर्फ 33 सीटों पर सिमट गया.
महागठबंधन में अंतर्कलह, एनडीए में सहज तालमेल
एनडीए की जीत की पृष्ठभूमि में सबसे बड़ा तत्व गठबंधन का आंतरिक तालमेल रहा. जहां तेजस्वी यादव महागठबंधन में खुद को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार दबाव बनाते रहे, वहीं एनडीए में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं दिखी. यह अलग बात है कि भाजपा नेतृत्व ने औपचारिक रूप से कभी यह घोषणा नहीं की कि नीतीश ही सीएम पद के उम्मीदवार होंगे, लेकिन गठबंधन की चुनावी मशीनरी में कोई दरार नजर नहीं आई.
महागठबंधन में समन्वय की कमी, सीट बंटवारे में विवाद
तेजस्वी को आधिकारिक रूप से सीएम उम्मीदवार घोषित न करने से राजद–कांग्रेस के रिश्तों में लगातार खटास बनी रही. चुनाव घोषित होने से पहले भी और उसके बाद भी महागठबंधन की बैठकों में टकराव और असहमति की बातें खुलकर सामने आती रहीं. वहीं एनडीए के भीतर सीट बंटवारे से लेकर प्रचार रणनीति तक हर मुद्दे पर एकसमान गति दिखी, जो चुनाव नतीजों में भी साफ झलकी.
तेजस्वी के रोजगार वादों पर लोगों ने भरोसा नहीं किया
राजद नेता तेजस्वी यादव ने हर परिवार को रोजगार जैसी कई आकर्षक घोषणाएं कीं, लेकिन मतदाताओं—खासकर युवाओं और महिलाओं—ने इन्हें विश्वसनीय नहीं माना. इस बार के जनादेश में यह साफ दिखा कि मतदाताओं ने जातीय समीकरणों से ऊपर उठकर विकास, स्थिरता और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी. नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को लोगों ने ज्यादा भरोसेमंद माना.
महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ने बदली चुनावी हवा
महिलाओं के बैंक खातों में चुनाव से पहले 10,000 रुपये ट्रांसफर करने का निर्णय एनडीए के लिए बड़ा गेमचेंजर बना. इससे पहले सरकारी नियुक्तियों में तेजी का भी फायदा सरकार को मिला. शराबबंदी जैसे फैसलों ने पहले ही नीतीश सरकार के लिए महिला वोटरों में मजबूत आधार बना रखा था, जिस पर 10,000 रुपये की राशि और 35% आरक्षण की घोषणा ने अतिरिक्त समर्थन जोड़ दिया.
नौकरियों में आरक्षण और शिक्षक सुविधाओं ने बनाई महिला समर्थक छवि
महिला आरक्षण के अलावा सरकार ने महिला शिक्षकों को स्कूटी खरीदने पर टैक्स में राहत दी और दूर के स्कूलों में पोस्टिंग होने पर आवास खोजने में सहायता जैसी योजनाएं लागू कीं. इससे महिलाओं में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई, जो सीधे एनडीए के वोट बैंक में बदल गई. जनादेश यह भी दर्शाता है कि मतदाता अभी भी लालू राज के दौर की अव्यवस्था को लेकर सतर्क हैं.
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों का नकारात्मक प्रभाव इस चुनाव में भी दिखाई दिया. युवाओं ने तेजस्वी की घोषणाओं को अविश्वसनीय माना और महागठबंधन को विकल्प के रूप में गंभीरता से नहीं लिया. नतीजा यह हुआ कि एनडीए को 200 से अधिक सीटें मिलीं और नवीनतम आंकड़ों के अनुसार गठबंधन 205 सीटों पर आगे है, जो इसकी अभूतपूर्व जीत को पुख्ता करता है.
यहां देखें बिहार की 243 सीटों का रिजल्ट, किसने की जीत हासिल और कौन हारा
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर की तीन प्रमुख विधानसभा सीटों—बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज—में इस बार नोटा ने उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज की है. मतगणना के दौरान सामने आए आंकड़ों ने यह स्पष्ट किया कि हजारों मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार को न चुनते हुए नोटा का विकल्प दबाया. यह रुझान बताता है कि चुनावी माहौल में मतदाताओं का एक तबका अभी भी राजनीतिक विकल्पों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है.
बिहपुर में 3,269 मतदाताओं ने नोटा को चुना, जो कुल मतदान का 1.87 प्रतिशत है. वहीं गोपालपुर में नोटा ने तीनों सीटों में सबसे अधिक प्रभाव दिखाया और 4,782 वोट हासिल किए, जो 2.50 प्रतिशत है. सुल्तानगंज में भी स्थिति अलग नहीं रही और 4,108 लोगों ने नोटा पर भरोसा जताया, जिसका प्रतिशत 1.96 रहा. इन आंकड़ों से साफ है कि तीनों क्षेत्रों में वोटरों ने असंतोष व्यक्त करने के लिए नोटा को एक प्रभावी माध्यम बनाया.
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों—बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज—के पोस्टल बैलेट परिणाम शुक्रवार को मतगणना केंद्र में सार्वजनिक कर दिए गए. डाक मतों की गिनती ने मुख्य परिणामों की दिशा को और स्पष्ट करते हुए विजयी प्रत्याशियों की बढ़त को अतिरिक्त मजबूती दी. पहले रुझानों से ही संकेत मिल रहा था कि पोस्टल बैलेट का पैटर्न ईवीएम मतों से अलग नहीं होगा, और अंतिम आंकड़ों ने इसे पूरी तरह साबित कर दिया.
बिहपुर: भाजपा उम्मीदवार को पोस्टल बैलेट में सबसे बड़ी बढ़त
बिहपुर सीट पर भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेंद्र ने डाक मतों में सबसे ज्यादा 219 वोट हासिल किए, जिससे उनकी बढ़त निर्णायक दिखी. वीआईपी की अर्पणा कुमारी को 107 और जन सुराज पार्टी के पवन चौधरी को 32 पोस्टल बैलेट मिले. पोस्टल बैलेट के पैटर्न ने यहां भी मुख्य मतों की दिशा की पुष्टि कर दी.
गोपालपुर में जदयू को साफ लाभ, विपक्ष पीछे
गोपालपुर में जदयू उम्मीदवार शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को 177 डाक मत प्राप्त हुए. वीआईपी प्रत्याशी प्रेम सागर उर्फ डबलू यादव को 96 और जन सुराज पार्टी के मंटू सिंह को 44 वोट मिले. नतीजों ने साफ किया कि ईवीएम और पोस्टल बैलेट—दोनों में एक ही रुझान कायम रहा.
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सुल्तानगंज में भी दोहराया गया वही ट्रेंड
सुल्तानगंज में जदयू के ललित नारायण मंडल को 189 पोस्टल बैलेट मिले, जिससे उन्हें बढ़त मजबूत करने में सहजता मिली. कांग्रेस के ललन कुमार को 31 और जन सुराज पार्टी के राकेश कुमार को 38 डाक मत प्राप्त हुए. यहां भी वोटरों की पसंद दोनों स्तरों पर एक जैसी रही.
पोस्टल बैलेट ने तीनों सीटों पर रुझान को पक्का किया
तीनों विधानसभा क्षेत्रों के डाक मतों ने यह साफ कर दिया कि मतदाताओं की पसंद ईवीएम और पोस्टल बैलेट—दोनों में समान रही. विजयी उम्मीदवारों को हर स्तर से मजबूत समर्थन मिला, जिससे अंतिम परिणाम बिल्कुल स्पष्ट हो गए.
Bihar Election Result 2025 : भागलपुर की बिहपुर, गोपालपुर और सुल्तानगंज विधानसभा सीटों के नतीजे शुक्रवार को महिला आईटीआई कॉलेज में शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई मतगणना के बाद घोषित कर दिए गए. पूरे दिन चली गिनती के दौरान न कहीं तनाव की स्थिति बनी, न ही किसी तरह का विवाद खड़ा हुआ. तीनों सीटों पर मुकाबला लगभग एकतरफा रहा और हर क्षेत्र में विजेताओं ने शुरुआती राउंड से लेकर अंतिम चरण तक अपनी बढ़त कायम रखी, जो अंत में निर्णायक जीत में बदल गई.
बिहपुर में भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेंद्र ने 91,458 मतों के साथ 52.39% वोट हासिल कर जीत दर्ज की. वीआईपी की अर्पणा कुमारी 61,433 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. जन सुराज पार्टी के पवन चौधरी को 8,821 मत मिले. पूरे चुनावी गणना के दौरान शैलेंद्र की बढ़त कभी कम नहीं हुई और अंतिम राउंड तक वे सबसे आगे रहे.
गोपालपुर: जदयू के बुलो मंडल की एकतरफा जीत
गोपालपुर सीट पर जदयू के शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने 1,08,630 वोट और 56.75% वोट शेयर के साथ प्रचंड जीत हासिल की. वीआईपी प्रत्याशी प्रेम सागर उर्फ डबलू यादव 50,495 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. जन सुराज पार्टी के मनकेश्वर सिंह (मंटू सिंह) को 4,701 मत मिले. शुरुआती चरणों से ही बुलो मंडल की बढ़त स्पष्ट थी, जो राउंड दर राउंड और मजबूत होती गई.
सुल्तानगंज: जदयू के ललित नारायण मंडल ने मारी बाज़ी
सुल्तानगंज विधानसभा में भी जदयू ने अपना प्रभाव बनाए रखा. ललित नारायण मंडल ने 1,08,712 वोट और 51.81% वोट प्रतिशत के साथ जीत दर्ज की. कांग्रेस के ललन कुमार को 2,754 वोट मिले, जबकि जन सुराज पार्टी के राकेश कुमार ने 4,402 वोट हासिल किए. यहां भी मतगणना के हर दौर में ललित नारायण मंडल की स्थिति मजबूत बनी रही.
शांतिपूर्ण रहा मतगणना केंद्र
महिला आईटीआई कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी. मतगणना हॉल में प्रवेश से लेकर अंतिम परिणाम तक पूरी प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के संपन्न हुई. प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतगणना के रूप में सफलतापूर्वक संचालित किया.
Bihar Election Result 2025 LIVE: बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी है और शुरुआती दौर में भाजपा के नीतिश मिश्र और लोकगायिका से नेता बनीं मैथिली ठाकुर आगे चल रही हैं. सीटों पर पहले से ही कांटे की टक्कर की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती राउंड ने भाजपा खेमे में उत्साह बढ़ा दिया है.
वहीं, आरजेडी के दिग्गज नेता समीर महासेठ और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर पिछड़ते दिख रहे हैं. हालांकि, चुनावी नतीजों में कई बार रुझान बदलते हैं, इसलिए फाइनल तस्वीर आने में अभी समय है.
रिकॉर्ड वोटिंग और महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों—6 नवंबर और 11 नवंबर—में संपन्न हुए. मतदाताओं का उत्साह इस कदर था कि राज्य में पहली बार मतदान प्रतिशत 65% के पार पहुंच गया. इतना ही नहीं, पिछले चुनावों की तुलना में पाँच लाख से अधिक महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले अधिक मतदान किया, जिससे बिहार देश में केरल के बाद दूसरा ऐसा राज्य बन गया, जहां महिलाओं ने वोटिंग में पुरुषों को पीछे छोड़ा है.
काउंटिंग सेंटरों पर बढ़ी हलचल, रुझान पलटने का सिलसिला जारी
सुबह से ही काउंटिंग सेंटरों पर हलचल बढ़ गई है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रत्येक राउंड के बाद दलों के दफ्तरों और मीडिया में सरगर्मी तेज होती जा रही है. जैसे-जैसे रुझान साफ होते जाएंगे, यह भी तय होगा कि किस सीट पर किसकी जीत होगी और कौन इस बार चुनावी बिसात पर मात खाएगा.
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