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Bihar Ka Mausam : बिहार में पारा 6 डिग्री तक गिर सकता है, 5 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

मौसम
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Ka Mausam : बिहार के कई जिलों में बुधवार को हुई बारिश के बाद ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के पांच जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है. अगले 24 से 48 घंटों में तापमान में उतार-चढ़ाव और बारिश की संभावना बनी रहेगी.

ठंड का असर और तापमान

IMD के अनुसार, अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में हल्की कमी आ सकती है. भागलपुर के सबौर क्षेत्र में 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना. इसका मतलब है कि ठंड पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और रात व सुबह के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा.

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5 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और छपरा जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है. दिन के समय मौसम कुछ हद तक सुहावना रहेगा, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ेगी.

राज्यभर का तापमान अनुमान

राज्य में अधिकतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में पारा 6 डिग्री तक भी गिर सकता है. यह बदलाव बारिश और ठंडी हवाओं के कारण हो रहा है.

सबसे ठंडा और घना कोहरा

बीते 24 घंटे में भागलपुर का सबौर 7.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा. वहीं गयाजी में घना कोहरा देखा गया, दृश्यता घटकर 100 मीटर तक पहुंच गई. बगहा में तेज बारिश और बक्सर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. औरंगाबाद, बेतिया और सुपौल समेत कई जिलों में कोहरा और बादल छाए रहे.

बारिश और ठंड के कारण

IMD के मुताबिक, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी बिहार के मौसम को प्रभावित कर रही है. इसके साथ ही पछुआ और पूरवा हवाओं के टकराव से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है. इसी वजह से जनवरी के अंतिम सप्ताह में भी बारिश और ठंड का असर देखा जा रहा है.

मौसम में बदलाव और जेट स्ट्रीम का प्रभाव

पश्चिमी हवाओं और जेट स्ट्रीम के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य बिहार में मौसम तेजी से बदल रहा है. कहीं हल्की बारिश तो कहीं घना कोहरा लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है. 30 जनवरी को भी कई जिलों में घने कोहरे की संभावना है.

पटना का मौसम

राजधानी पटना में बारिश की संभावना कम है, लेकिन हल्के बादल छाए रहेंगे. दिन में मौसम सुहावना और सुबह-शाम हल्की ठंड रहेगी. अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है.

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

कड़ाके की ठंड लौटने के आसार कम हैं, लेकिन हल्की से मध्यम ठंड अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है. यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है.

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बस
पटना के गांधी मैदान से चलेंगी BSRTC बसें.

Bihar News : बिहार और ओडिशा के बीच सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है. झारखंड के रास्ते चलने वाली इस अंतरराज्यीय बस सेवा को लेकर परिवहन विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस नई व्यवस्था से दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा. साथ ही झारखंड के कई जिलों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा. योजना के तहत बिहार के 16 से अधिक प्रमुख शहरों को ओडिशा के अलग-अलग गंतव्यों से जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. व्यापार, शिक्षा, इलाज और पर्यटन के लिहाज से इस सेवा को अहम माना जा रहा है.

झारखंड के रास्ते चलेगी बस सेवा

नई बस सेवा में झारखंड को ट्रांजिट राज्य के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. अधिकतर बसें जमशेदपुर और रांची के रास्ते बिहार में प्रवेश करेंगी. इससे तीनों राज्यों के बीच यात्रा का समय घटेगा. यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की जरूरत नहीं होगी. सड़क मार्ग से सीधा सफर संभव हो सकेगा. इससे झारखंड के कई जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. परिवहन विभाग ने मार्गों को लेकर तैयारी पूरी कर ली है.

पटना से ओडिशा के लिए सीधी बसें

पटना से भुवनेश्वर, बालासोर और रायरंगपुर के लिए सीधी बस सेवा शुरू की जाएगी. ये बसें रांची और टाटा के रास्ते चलेंगी. इससे राजधानी पटना से ओडिशा की यात्रा आसान होगी. लंबे समय से इस रूट की मांग की जा रही थी. यात्रियों को ट्रेन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. व्यापार और नौकरी के लिए जाने वालों को सुविधा मिलेगी. बस सेवा नियमित रूप से संचालित की जाएगी.

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गया और दरभंगा को भी मिलेगा फायदा

गया को पूरी, भुवनेश्वर, संबलपुर और बारीपदा से जोड़ा जाएगा. इससे धार्मिक और पर्यटन यात्रा को बढ़ावा मिलेगा. वहीं दरभंगा के लिए रायरंगपुर और राउरकेला से बसें चलाई जाएंगी. ये बसें टाटा और रांची के रास्ते होकर चलेंगी. उत्तर बिहार के यात्रियों को सीधी सुविधा मिलेगी. लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी. क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा.

भागलपुर और संताल परगना क्षेत्र की कनेक्टिविटी

भागलपुर को राउरकेला से दुमका के रास्ते जोड़ा जाएगा. इससे संताल परगना क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा. इस रूट पर पहले सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं थी. नई व्यवस्था से स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी. रोजगार और व्यापार के लिए आवाजाही आसान होगी. यात्रियों का समय बचेगा. सड़क संपर्क मजबूत होगा.

अन्य शहरों के लिए भी बस सेवा

बिहारशरीफ, सासाराम, मुजफ्फरपुर, आरा, सीवान, पूर्णिया, हाजीपुर, बक्सर, सुल्तानगंज, नवादा और औरंगाबाद के लिए भी ओडिशा के विभिन्न हिस्सों से बसें चलाई जाएंगी. झारसुगुड़ा से हाजीपुर, पटना, सीवान और पूर्णिया के लिए बस सेवा प्रस्तावित है. वहीं राउरकेला से बक्सर, आरा, मुजफ्फरपुर और सीवान को जोड़ा जाएगा. इससे कई जिलों को सीधी सुविधा मिलेगी. यात्रा आसान होगी. लोगों को राहत मिलेगी. क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा.

दिल्ली, यूपी और छत्तीसगढ़ की तैयारी

परिवहन विभाग ने बताया है कि बिहार के 14 शहरों से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए भी जल्द बस सेवा शुरू की जाएगी. पहले बसें केवल आनंद विहार तक जाती थीं. अब सीधे दिल्ली के भीतर तक बस संचालन की योजना है. इससे लंबी दूरी के यात्रियों को सुविधा मिलेगी. ट्रेनों की भीड़ कम होगी. निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी. यात्रियों को वैकल्पिक साधन मिलेगा.

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Ajit Pawar Funeral : अंतिम यात्रा की तैयारियां पूरी, सजी गाड़ी में ले जाए जाएंगे स्वर्गीय अजीतदादा पवार

Ajit Pawar Funeral
अंतिम यात्रा की तैयारियां पूरी.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अंतिम यात्रा के लिए विशेष रूप से सजाई गई एक वाहन में उनके पार्थिव शरीर को ले जाया जाएगा. फूलों से सजी इस गाड़ी पर अजीत पवार की तस्वीर लगी है और सामने एक बोर्ड पर लिखा है— “स्वर्गीय अजीतदादा पवार अमर रहें”.
महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक (हालांकि लगातार नहीं) उपमुख्यमंत्री रहे अजीत पवार की अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे विद्या प्रतिष्ठान परिसर (गडीमा) से शुरू होगी. श्रद्धांजलि यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए गुजरेगी और सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में समाप्त होगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया. लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी जान चली गई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने जानकारी दी है कि अजीत पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में होगा. पार्टी के अनुसार, इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है.

राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक

महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है. यह शोक 28 जनवरी से 30 जनवरी तक रहेगा. इस अवधि में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और राज्य में किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे.

बारामती विमान हादसे की जांच शुरू

पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है. पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह रिपोर्ट बारामती तालुका पुलिस थाने में दर्ज की गई है. नियमानुसार, मामले को महाराष्ट्र आपराधिक जांच विभाग (CID) को सौंपा जाएगा. जांच वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है. AAIB ने हादसे की जांच अपने हाथ में ले ली है.

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Ajit Pawar Plane Crash : उड़ान से पहले दादी को भेजा था आखिरी संदेश, को-पायलट शांभवी पाठक की भावुक कहानी

पायलट
पायलट शांभवी पाठक की फाइल फोटो.

Ajit Pawar Plane Crash : अजित पवार विमान हादसे से जुड़ा एक बेहद भावुक पहलू सामने आया है. दुर्घटनाग्रस्त विमान की को-पायलट शांभवी पाठक ने उड़ान भरने से पहले अपनी दादी को सिर्फ एक शब्द भेजा था—“गुड मॉर्निंग”. यह वही संदेश था, जो बाद में उनके परिवार के लिए आखिरी याद बन गया.

शांभवी की दादी मीरा पाठक, जो फिलहाल ग्वालियर में रहती हैं, ने बताया कि सुबह संदेश देखकर उन्हें हैरानी जरूर हुई, क्योंकि शांभवी आमतौर पर इस तरह नियमित रूप से मैसेज नहीं भेजती थी. करीब 11 बजे उनके छोटे बेटे का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई है, उसमें शांभवी भी सवार थीं.

12 अक्टूबर को हुई थी आखिरी मुलाकात

मीरा पाठक ने बताया कि उनकी पोती से उनकी 12 अक्टूबर को आखिरी बार मुलाकात हुई थी. उन्होंने कहा कि हादसे की खबर सुनने के बाद शांभवी के पिता और उनके बड़े बेटे ने फोन कर बताया कि वे पुणे शव लेने के लिए रवाना हो रहे हैं.

एयरफोर्स परिवार से थी शांभवी

दादी ने बताया कि शांभवी के पिता विक्रम पाठक, वायुसेना में पायलट रह चुके हैं और अब सेवानिवृत्त हैं. शांभवी ने अपने पिता की एयरफोर्स स्टेशन में तैनाती के दौरान एयरफोर्स विद्या भारती स्कूल से पांचवीं तक पढ़ाई की थी. बाद में पिता के ट्रांसफर के बाद परिवार दिल्ली के लोधी कॉलोनी में रहने लगा.

न्यूजीलैंड से ली थी कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग

मीरा पाठक के अनुसार, शांभवी ने न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली थी. वह एक कुशल पायलट थीं और ब्रिटेन, रूस समेत कई देशों के लिए उड़ानों का संचालन कर चुकी थीं.

हादसे में पांच लोगों की गई जान

इस दर्दनाक विमान दुर्घटना में अजित पवार, को-पायलट शांभवी पाठक (25), कैप्टन सुमित कपूर, एयर होस्टेस पिंकी माली और पवार के सहयोगी विदीप जाधव की मौत हो गई.

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Bihar Road Project : जून 2027 तक पूरा होगा दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर, 45% काम पूरा

Bihar
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

Bihar Road Project : बिहार की बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर अहम अपडेट सामने आया है. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. फिलहाल कॉरिडोर का करीब 45 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 55 प्रतिशत काम को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है.

यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक अरबिन्द कुमार ने दी. वे बुधवार को दानापुर पहुंचे, जहां उन्होंने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और निर्माण की प्रगति की समीक्षा की.

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25 किलोमीटर लंबा, 1969 करोड़ की लागत वाला प्रोजेक्ट

अरबिन्द कुमार ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 25 किलोमीटर है और इस पर लगभग 1969 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पटना और पश्चिमी बिहार के बीच यातायात को सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध बनाना है.

परियोजना शुरू होने से पहले इस मार्ग पर रोज़ाना भारी ट्रैफिक का दबाव रहता था. लंबा जाम आम बात थी, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र, मरीज और व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित होते थे. परिवहन सेवाओं के लिए भी यह रास्ता बड़ी चुनौती बना हुआ था.

बिहटा एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

परियोजना निदेशक ने बताया कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने से बिहटा एयरपोर्ट को सीधी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी.

निर्माण के दौरान कई चुनौतियों से जूझी परियोजना

अरबिन्द कुमार ने स्वीकार किया कि परियोजना के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. घनी आबादी वाले इलाकों में सीमित जगह में निर्माण, पुराने यातायात को चालू रखते हुए काम करना और मौसम की मार प्रमुख बाधाएं रहीं.

उन्होंने बताया कि इन सभी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए काम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया, ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो.

NHAI का भरोसा—समय पर पूरी होगी परियोजना

परियोजना निदेशक ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और निर्माण एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया है. सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता दी गई है. एनएचएआई का दावा है कि यह परियोजना निर्धारित समय पर पूरी होगी, जिससे पटना और पश्चिमी बिहार की यातायात व्यवस्था और विकास की तस्वीर बदल जाएगी.

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Ajit Pawar Plane Crash : एविएशन एक्सपर्ट का दावा—ILS होता तो टल सकती थी बारामती विमान दुर्घटना

Ajit Pawar
एविएशन एक्सपर्ट का दावा.

Ajit Pawar Plane Crash : बारामती विमान हादसे को लेकर एक एविएशन एक्सपर्ट ने बड़ा बयान दिया है. रिटायर्ड पायलट एहसान खालिद का कहना है कि अगर बारामती एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगा होता, तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी. ILS की मदद से कम विजिबिलिटी में भी पायलट को रनवे तक सुरक्षित मार्गदर्शन मिल जाता है.

चौंकाने वाला दावा

पीटीआई से बातचीत में एहसान खालिद ने कहा कि बारामती एयरपोर्ट का रनवे भले ही छोटा हो, लेकिन वह लियरजेट जैसे विमानों की लैंडिंग के लिए पर्याप्त है. उन्होंने साफ किया कि यह हादसा रनवे पर नहीं, बल्कि रनवे से पहले या बाहर हुआ, इसलिए रनवे को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर एयरपोर्ट पर ILS या कोई अन्य इंस्ट्रूमेंट-आधारित लैंडिंग सिस्टम होता, तो खराब विजिबिलिटी में पायलट को बेहतर गाइडेंस मिलती और दुर्घटना से बचाव संभव था.

लैंडिंग के दौरान लगाया गया गो-अराउंड

खालिद के मुताबिक, उपलब्ध जानकारी से ऐसा लगता है कि विमान ने पहले लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन बाद में गो-अराउंड यानी दोबारा चक्कर लगाने का फैसला किया. इसका मतलब है कि पायलट ने पहली कोशिश में ही लैंडिंग रद्द कर दी थी.

उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे का असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल यह साफ नहीं है कि गो-अराउंड खराब विजिबिलिटी, मौसम, रनवे न दिखने या अस्थिर अप्रोच की वजह से किया गया था.

बारामती एयरपोर्ट पर ILS की सुविधा नहीं

एहसान खालिद ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार बारामती एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम मौजूद नहीं है. ऐसे में कम विजिबिलिटी की स्थिति में पायलट को रनवे को आंखों से देखकर ही लैंडिंग करनी पड़ती है और उपकरणों से बहुत सीमित मदद मिलती है.

पायलट सुमित कपूर का अनुभव था बेहद मजबूत

खालिद ने विमान के पायलट सुमित कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास 15,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था. दुर्घटना के वक्त वे मध्यम आकार के लियरजेट-45 को उड़ा रहे थे.

उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कॉकपिट में उस समय क्या परिस्थितियां थीं, या खराब मौसम के साथ कोई तकनीकी खराबी भी थी या नहीं, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया.

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Bihar News : दरभंगा में पुलिसिंग के मामले में SSP ने लिया सख्त निर्णय, दारोगा सस्पेंड

SSP
SSP Jagunath Reddy(File photo)

Bihar News : दरभंगा जिले में पुलिसिंग के तरीके को लेकर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कड़ा कदम उठाया है. बेंता थाना के थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है.

वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई

यह कदम सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर उठाया गया. वीडियो में देखा गया कि थानाध्यक्ष हरेन्द्र कुमार ड्यूटी के दौरान एक वाहन चालक से ऊँची आवाज में बात कर रहे थे और गाली-गलौज सहित अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे थे. पुलिस की गरिमा के खिलाफ यह आचरण माना गया.

SSP का आदेश

वीडियो सामने आने के बाद मामला सीधे एसएसपी तक पहुंचा. जांच के बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने तुरंत थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया. एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि यह व्यवहार पुलिस नियमावली और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है.

जनता की सेवा ही पुलिस की जिम्मेदारी

आदेश में स्पष्ट किया गया कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा और सेवा करना है, किसी को डराना या अपमानित करना नहीं. थानाध्यक्ष का यह आचरण लापरवाही, मनमानी और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. इसके आधार पर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

निलंबन और मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान हरेन्द्र कुमार को सामान्य जीवन-यापन भत्ता मिलेगा. उनका मुख्यालय पुलिस लाइन, दरभंगा निर्धारित किया गया है. एसएसपी ने साफ कहा कि किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

थाना प्रभारियों को चेतावनी

एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को भी सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जनता के साथ सम्मानजनक और शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. इस घटना के बाद दरभंगा पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

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जहानाबाद
जहानाबाद में अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव. फोटो-प्रभात खबर

Bihar Crime : जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड में गुलाबगंज बाजार में अतिक्रमण हटाने के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए. हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्रवाई के दौरान कुछ अतिक्रमणकारी उग्र हो गए और पुलिस टीम पर पत्थर फेंकने लगे.

अफरा-तफरी का बना माहौल

पथराव के चलते बाजार में भगदड़ मच गई. दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करने लगे और लोग इधर-उधर भागते नजर आए. इस दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया.

पुलिस वाहन और जवान हुए प्रभावित

पथराव की घटना में पुलिस की एक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई और शीशा टूट गया. कई पुलिसकर्मी भी पत्थर लगने से घायल हुए. सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में किया गया. उपद्रव कर रहे लोगों को खदेड़कर इलाके में शांति बहाल की गई.

आरोपियों की पहचान और कार्रवाई

पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

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Ajit Pawar की लीडरशिप जर्नी: बचपन से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री तक

अजित पवार
अजित पवार (फोटो क्रेडिट-फेसबुक)

Ajit Pawar : महाराष्ट्र की राजनीति को बुधवार को बड़ा झटका लगा, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया. सिर्फ 65 साल की उम्र में उनका जाना राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक लेकर आया. उनके जीवन, राजनीतिक योगदान और शिक्षा को लेकर लोग इंटरनेट पर जानकारी खोज रहे हैं. अजित पवार के जीवन में राजनीति, परिवार और शिक्षा से जुड़े पहलुओं को लोग जानने की कोशिश कर रहे हैं. आइए उनके शैक्षिक सफर पर नजर डालते हैं.

स्कूल से राजनीति तक का सफर

अजित पवार के स्कूल के दिनों से ही सामाजिक कार्यों में रुचि थी, जो बाद में उन्हें राजनीति की दुनिया में लेकर गया. उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन डिग्री पूरी नहीं कर पाए. इसके बावजूद, उनका राजनीतिक करियर बेहद प्रभावशाली और सफल रहा.

पांच बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री

राजनीति में उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की. अजित पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के पद पर कुल 5 बार रहे—पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फड़णवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में. यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व और अनुभव का प्रमाण है.

विमान हादसे में असमय निधन

अजित पवार का निधन मुंबई से बारामती जा रही चार्टर्ड फ्लाइट के क्रैश-लैंडिंग के दौरान हुआ. हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई, जिसमें क्रू मेंबर और उनकी सुरक्षा टीम के सदस्य भी शामिल थे. दुर्घटना सुबह 8:45 बजे बारामती के रनवे के पास हुई.

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Ajit Pawar death : अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की पहली तस्वीर आयी सामने, हाथ जोड़े बैठीं और शोक में डूबीं

सुनेत्रा पवार
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, CM देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Photo-IANS)

Ajit Pawar death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को विमान क्रैश में निधन होने के बाद पूरे राज्य और देश में शोक की लहर फैल गई. इस हादसे में डिप्टी सीएम के साथ विमान में सवार कुल पांच लोगों की मौत हुई. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार की पहली तस्वीर सामने आई, जिसमें वह गहरी शोकाकुल नज़र आ रही हैं. तस्वीर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद हैं, और दोनों उदासी में डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं.

सुनेत्रा पवार हाथ जोड़े बैठी नजर आ रही हैं, जबकि उनके दोनों तरफ मुख्यमंत्री फड़णवीस और राज्यपाल आचार्य देवव्रत खड़े हैं. इस माहौल से स्पष्ट है कि परिवार और राजनीतिक नेताओं के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और कठिन है.

CM और डिप्टी CM ने अर्पित की श्रद्धांजलि

अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान पहुंचे. इस दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मौजूद थे. नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके दुख में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया.

परिवार के सदस्यों से मिलने के बाद भावुक हुईं सुनेत्रा पवार

अजित पवार की बहन सुप्रिया सुले और अन्य परिवारजन भी शोक में डूबे दिखाई दिए. विमान हादसे के बाद परिवार से मिलने के दौरान सुनेत्रा पवार भावुक हो उठीं और रो पड़ीं. इस दृश्य ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को हिलाकर रख दिया. श्रद्धांजलि देने आए नेताओं और आम जनता के चेहरे पर भी गहरी संवेदनाएं झलक रही थीं.

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