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13 February 2026, Friday
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बंगाल में कितने दिनों तक बढ़ा SIR का समय? यहां जानें डिटेल्स, 14 फरवरी को प्रकाशित नहीं होगी फाइनल लिस्ट

Supreme Court
SIR का समय बढ़ा.

SIR in Supreme Court: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी प्रक्रिया अब पहले तय समय से आगे बढ़ेगी. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सत्यापन कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी है. 14 फरवरी के बाद भी एक सप्ताह तक जांच जारी रह सकेगी, जिससे मतदाता सूची से जुड़े काम को अंतिम रूप दिया जा सके. अदालत ने 8,505 अधिकारियों को तय समय तक संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के समक्ष रिपोर्ट करने का निर्देश भी दिया और कहा कि अंतिम निर्णय का अधिकार चुनाव आयोग के पास रहेगा.

सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ किया कि SIR जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में प्रशासनिक ढिलाई की गुंजाइश नहीं है. समयसीमा बढ़ाने का उद्देश्य प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करना है, न कि अनिश्चितता बढ़ाना.

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अधिकारियों की तैनाती पर खींचतान

मामले की सुनवाई में राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर मतभेद सामने आए. राज्य की ओर से दलील दी गई कि बड़े पैमाने पर मतदाता डेटा का मिलान किया जा रहा है और लाखों लोगों को त्रुटियों के आधार पर नोटिस भेजे गए हैं.
राज्य पक्ष ने यह भी कहा कि कई मामलों में वर्तनी और विवरण संबंधी गलतियां थीं, जिनके सत्यापन में समय लग रहा है. साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि आयोग ने बाहरी राज्यों से पर्यवेक्षक बुलाए, जिनका स्थानीय प्रशासन से सीधा तालमेल नहीं है.
वहीं चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर राज्य को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन अपेक्षित सहयोग समय पर नहीं मिला.

सूची देने में देरी पर नाराज

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि केवल संख्या बताना काफी नहीं, बल्कि अधिकारियों के नाम और पदनाम की पूरी जानकारी देना जरूरी है. अदालत ने पूछा कि मांगी गई तारीख पर सूची क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई.
कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अगर समय पर सहयोग नहीं मिला तो वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी करने पड़ सकते हैं. राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि सूची तैयार करने और जरूरत के अनुरूप अधिकारियों की पहचान में समय लगा.

कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठा

चुनाव आयोग ने अदालत के सामने SIR प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई. आयोग के वकील ने दावा किया कि कुछ जगहों पर डर का माहौल है और शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही.
इस पर केंद्रीय बलों और अतिरिक्त पुलिस तैनाती की जरूरत भी रखी गई, ताकि सत्यापन कार्य शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो सके. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन में सभी राज्यों की जिम्मेदारी समान है.

ममता बनर्जी से जुड़ी याचिका खारिज

इसी सुनवाई के दौरान एक याचिका में ममता बनर्जी के सार्वजनिक बयानों को लेकर सवाल उठाए गए थे. अदालत ने याचिका दायर करने वाले संगठन से उसकी प्रासंगिकता पर सवाल किया और पूछा कि चुनावी प्रक्रिया से उसका सीधा संबंध क्या है.
सुनवाई के बाद अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि SIR से जुड़े मामलों में प्राथमिकता प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया को दी जाएगी.

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झारखंड में कितनी स्कूली छात्राओं को मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड? वितरण की तैयारी में हेमंत सरकार

सेनेटरी पैड
झारखंड में स्कूली छात्राओं को मिलेगा मुफ्त सेनेटरी पैड. सांकेतिक तस्वीर

Free Sanitary Pad: झारखंड सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए नि:शुल्क सेनेटरी पैड वितरण योजना शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इस पहल से राज्य की करीब 12 से 13 लाख छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद सरकार ने योजना का प्रारूप तैयार करना और बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करना शुरू कर दिया है.

हर महीने कितना सेनेटरी पैड कराया जायेगा उपलब्ध?

योजना को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी है. बैठकों में सेनेटरी पैड की खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, भंडारण और स्कूल स्तर तक वितरण व्यवस्था जैसे बिंदुओं पर विस्तार से विचार हुआ है.

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सरकार इस कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए यूनिसेफ से सहयोग लेने पर भी विचार कर रही है. माहवारी स्वच्छता पर यूनिसेफ पहले से कई जागरूकता और वितरण कार्यक्रम चलाता रहा है, जिसका अनुभव राज्य के काम आ सकता है. साथ ही अन्य राज्यों में चल रही समान योजनाओं का अध्ययन भी किया जा रहा है ताकि बेहतर मॉडल अपनाया जा सके.
प्रारंभिक खाके के मुताबिक कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को हर महीने पांच से छह सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा सकते हैं. लक्ष्य है कि योजना अगले शैक्षणिक सत्र से जमीन पर उतर जाए.

अभी सीमित स्कूलों तक सुविधा

फिलहाल राज्य के अधिकांश सरकारी स्कूलों में सेनेटरी पैड वितरण की कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है. अभी यह सुविधा मुख्य रूप से 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तक सीमित है, जहां छात्राओं को नियमित रूप से पैड उपलब्ध कराए जाते हैं.
ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को अक्सर इस सुविधा के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर असर पड़ता है. नई योजना का मकसद इसी अंतर को खत्म करना है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेजी

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूलों में छात्राओं के लिए मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने को कहा है. अदालत ने तीन महीने के भीतर इस दिशा में उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी मांगी है.
इसी के बाद झारखंड सरकार ने प्रक्रिया को तेज किया है. अधिकारियों का कहना है कि योजना केवल वितरण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि छात्राएं बिना झिझक स्कूल आ सकें.

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IND vs PAK : पहले बहिष्कार, फिर झुका पाकिस्तान—टी20 वर्ल्ड कप में अब पक्का भारत-पाक मैच

IND vs PAK
IND vs PAK मैच.

IND vs PAK : भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहुप्रतीक्षित मुकाबला अब अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही खेला जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने बहिष्कार का फैसला पलटते हुए टीम को मैदान में उतरने की मंजूरी दे दी है. मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होगा और इससे टूर्नामेंट को लेकर बना अनिश्चितता का दौर समाप्त हो गया है. यह फैसला क्षेत्रीय क्रिकेट हितों और सहयोगी देशों की पहल के बाद लिया गया.

गतिरोध कम करने के लिए किसने निभाई सक्रिय भूमिका?

गतिरोध कम करने में श्रीलंका और बांग्लादेश ने सक्रिय भूमिका निभाई. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से संपर्क कर खेल को राजनीति से अलग रखने पर जोर दिया. दूसरी ओर, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के फैसले का स्वागत किया और इसे क्षेत्रीय क्रिकेट के हित में बताया.
उनका कहना रहा कि कठिन परिस्थितियों में सहयोग की परंपरा को आगे बढ़ाना जरूरी है और बड़े टूर्नामेंट सामूहिक लाभ से जुड़े होते हैं.

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बातचीत के बाद बदला रुख

पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक रूप से कहा कि क्रिकेट की भावना और अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों को ध्यान में रखते हुए रुख में बदलाव किया गया है. बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि मित्र देशों के साथ संवाद और आग्रह के बाद स्थिति को व्यावहारिक तरीके से सुलझाया गया. अब टीम प्रबंधन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि 15 फरवरी के मुकाबले की तैयारियां तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ाई जाएं.
पहले इस मैच को लेकर संशय बना हुआ था, जिससे टूर्नामेंट के शेड्यूल और माहौल पर असर पड़ रहा था, लेकिन अब तस्वीर साफ है.

विवाद के बीच ICC ने भी नरम और संतुलित रुख अपनाया

विवाद के बीच ICC ने भी नरम और संतुलित रुख अपनाया. भारत में सुरक्षा कारणों से खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश पर किसी तरह का जुर्माना या प्रतिबंध नहीं लगाया गया. ICC ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता दंड नहीं, बल्कि समाधान और सहयोग है.
हालांकि टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है. साथ ही भविष्य में बांग्लादेश को 2028–2031 के बीच किसी ICC इवेंट की मेजबानी या अंडर-19 वर्ल्ड कप होस्ट करने का अवसर मिलने की चर्चा भी चल रही है.

PCB प्रमुख के तीखे बयान

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने संकेत दिया कि मैच खेलने का फैसला अलग बात है, लेकिन उनके रुख में सख्ती बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बोर्ड किसी दबाव में काम नहीं करता. नकवी ने ICC से भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट बहाल करने और नुकसान की भरपाई के लिए एक ट्राई सीरीज कराने का सुझाव दिया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया.
तर्क दिया गया कि भारत ने लंबे समय से ट्राई सीरीज फॉर्मेट में हिस्सा नहीं लिया है, इसलिए यह प्रस्ताव व्यावहारिक नहीं माना गया.

ट्रॉफी को लेकर जारी खींचतान

एशिया कप ट्रॉफी को लेकर भी मतभेद खत्म नहीं हुए हैं. ट्रॉफी फिलहाल दुबई स्थित एशियन क्रिकेट काउंसिल कार्यालय में सुरक्षित रखी गई है. नकवी ने सवाल उठाया कि यदि कोई टीम ट्रॉफी लेने से मना करे तो क्या रुख समान रहता. उन्होंने साफ किया कि ट्रॉफी हस्तांतरण की प्रक्रिया पारदर्शी और मीडिया की मौजूदगी में ही होनी चाहिए.
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि मैदान के बाहर की रणनीतियां भी बड़े टूर्नामेंट की दिशा तय करती हैं, हालांकि फिलहाल फोकस 15 फरवरी के मुकाबले पर है.

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दिल्ली में 10 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप; पुलिस और बम स्क्वॉड तैनात

Delhi Schools
राजधानी में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी.

Delhi Schools Bomb Threat : दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थित 10 से अधिक स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले, जिससे प्रशासन और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई. सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बम निरोधक दस्ते को तुरंत सक्रिय किया गया.

सुबह के समय मिले धमकी भरे ईमेल

जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच कई प्रमुख स्कूलों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी संदेश पहुंचे. शुरुआती रिपोर्ट में 9 स्कूलों का जिक्र था, लेकिन बाद में संख्या बढ़कर 10 से अधिक बताई गई.

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स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान

दिल्ली अग्निशमन सेवा को अलग-अलग स्कूलों से इमरजेंसी कॉल मिलीं. इसके बाद दमकल गाड़ियां और बम निरोधक टीमें संबंधित परिसरों में भेजी गईं. अधिकारियों ने बताया कि सभी स्थानों पर गहन जांच की जा रही है.

एहतियातन खाली कराए गए स्कूल

सुरक्षा के मद्देनजर कई स्कूलों को अस्थायी रूप से खाली कराया गया. छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जबकि विशेषज्ञ टीमें संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में जुटी रहीं. फिलहाल जांच जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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भागलपुर में स्वच्छता अभियान: LBSNAA निदेशक ने सभी विभागों को जिम्मेदारी साझा करने का संदेश दिया

Cleanliness
प्रमंडलीय आयुक्त को पौधा भेंट करते जिलाधिकारी.

Bhagalpur News : जिले में स्वच्छता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा एक व्यापक जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के तहत लेगेसी वेस्ट का निस्तारण, सार्वजनिक स्थलों की सफाई और जलस्रोतों का संरक्षण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है, ताकि जिले में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके.

LBSNAA निदेशक ने साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया

इस अभियान के कार्यक्रम में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के निदेशक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह समग्र प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व है. उन्होंने लेगेसी साइट्स की सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जलस्रोतों के संरक्षण को सतत विकास के लिए अनिवार्य बताया.

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प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता का संदेश दिया

आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल ने कहा कि स्वच्छता अभियान तभी सफल होगा जब सभी स्तरों पर अनुशासन, समन्वय और नियमित निगरानी सुनिश्चित हो. उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवेश न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे जिले की समग्र छवि और जीवन गुणवत्ता में भी सुधार आता है.
जिलाधिकारी, भागलपुर ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब, झील, संपर्क पथ और लेगेसी साइट्स की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए.

उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में अभियान को गति

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अभियान का नेतृत्व उप विकास आयुक्त, भागलपुर कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिले की सभी ग्रामीण लेगेसी साइट्स और सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित कर साफ-सफाई की जा रही है. साथ ही गांवों की सड़कों, तालाबों और झीलों को कचरा मुक्त बनाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है.

स्वच्छता पर्यवेक्षकों और पदाधिकारियों के लिए कार्यशाला

अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए स्वच्छता पर्यवेक्षकों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य, फील्ड लेवल क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और जवाबदेही से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने प्रखंडों में लेगेसी वेस्ट का निस्तारण, जलस्रोतों की सफाई और ग्रामीण अधोसंरचना की सफाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें.

स्वच्छता को जनआंदोलन में बदलने का प्रयास

भागलपुर जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि स्वच्छता अभियान सिर्फ प्रशासनिक प्रयास न रह जाए, बल्कि इसे जनसहभागिता के साथ एक जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जाए. इस पहल से जिले के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित बनेंगे.

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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी के निदेशक ने किया पदाधिकारियों के साथ संवाद

संवाद कार्यक्रम
भागलपुर में पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम.

Bhagalpur News : भागलपुर के समीक्षा भवन में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक एकेडमी, मसूरी के निदेशक श्री श्रीराम तारिणिकांती की अध्यक्षता में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए.

विभागीय कार्यों और लीडरशिप पर चर्चा

संवाद के दौरान निदेशक ने जिला स्तरीय पदाधिकारियों से उनके विभागों के कार्य, बजट, संचालन के दृष्टिकोण और अधीनस्थों के साथ सहयोग के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने पदाधिकारियों को टीम भावना और व्यापक दृष्टिकोण अपनाने के लिए टिप्स दिए, ताकि विभागीय कार्यों की उपलब्धियों में निरंतर वृद्धि हो सके और कार्य प्रणाली निर्बाध रूप से चल सके.

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अधीनस्थों की क्षमता वर्धन और बजट पर जोर

श्री तारिणिकांती ने कहा कि सभी पदाधिकारी एकेडमिक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन सहयोगी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और उनका दृष्टिकोण व्यापक बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने नन प्लान बजट से अधिक, प्लान बजट पर जोर देने की सलाह दी, ताकि विकास और आम जनता के कल्याण के लिए अधिक कार्य किया जा सके.

विभागीय अधिकारियों के साथ विशेष संवाद

उन्होंने इस अवसर पर अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था राकेश रंजन, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण धीरेंद्र कुमार मिश्रा, महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र खुशबू कुमारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा अंकिता चौधरी, जिला कृषि पदाधिकारी और जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित कई अधिकारियों के साथ सीधे संवाद किया.

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

इस बैठक में आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल अवनीश कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक नवगछिया प्रेरणा कुमार, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम किसलय कुशवाह, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार और संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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टी20 वर्ल्ड कप 2026: श्रीलंका ने अंतिम ओवर में छीन ली जीत, आयरलैंड को लगा झटका; 20 रन से शिकस्त

T20 World Cup 2026
Sri Lanka Vs Ireland T20 World Cup 2026. फोटा-नवभारत

Sri Lanka Vs Ireland T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के छठे मुकाबले में श्रीलंकाई टीम ने रविवार को आयरलैंड के खिलाफ नाटकीय जीत दर्ज की. कमजोर मानी जा रही आयरलैंड टीम ने शुरूआती मुकाबले में मेजबान श्रीलंका को कड़ी टक्कर दी और जीत की राह कठिन बना दी. हालांकि अंतिम ओवर में वानिंदु हसरंगा और महेश तीक्ष्णा की घातक गेंदबाजी ने श्रीलंका की टीम को जीत दिलाई.

पहले बल्लेबाजी कर कितने का खड़ा किया स्कोर?

श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 163 रन बनाए. शुरुआत में आयरलैंड के गेंदबाज मार्क एडायर ने कामिल मिश्रा के हाथों 14 रन पर श्रीलंका का पहला विकेट गिरा दिया. जल्दी ही 86 रन पर चार और विकेट गिर गए और टीम संकट में दिखाई दी. लेकिन कामिंदु मेंडिस ने 44 और कुसल मेंडिस ने 56 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला. इस तरह श्रीलंका 20 ओवर में निर्धारित स्कोर तक पहुंचने में सफल रही.

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तो क्या आयरलैंड की बल्लेबाजी भी शानदार रही?

आयरलैंड की टीम ने भी बैटिंग में दमदार खेल दिखाया. हैरी टेक्टर ने 40 और रॉस एडायर ने 34 रन बनाए. विकेटकीपर लोरकान टकर ने 21 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली. टीम ने 105 रन पर दो विकेट खोकर जीत के करीब पहुंचकर श्रीलंका को कड़ी टक्कर दी.

अंतिम ओवर में आया रोमांच

मुकाबला काफी हद तक आयरलैंड के पक्ष में जा रहा था, लेकिन श्रीलंका के गेंदबाजों ने अंतिम ओवर में दबाव बनाए रखा. महेश तीक्ष्णा और वानिंदु हसरंगा ने 3-3 विकेट लिए, जबकि मथीशा पथिराना ने दो और दुश्मंथा चमीरा तथा दुनिथ वेलालेज ने एक-एक विकेट चटकाए. अंततः आयरलैंड अपनी पूरी टीम 143 रन पर ऑल आउट हो गई और श्रीलंका ने 20 रन की अंतर से जीत दर्ज की.

आयरलैंड ने श्रीलंका को सोचने पर मजबूर किया

श्रीलंका की टीम भले ही जीत गई, लेकिन आयरलैंड की बैटिंग और गेंदबाजी ने मेजबान टीम को कई बार हार के कगार पर ला दिया. एक समय तो आयरलंकाई बल्लेबाज दो विकेट पर 105 रन बना चुके थे, जिससे जीत की राह बेहद चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रही थी. इस रोमांचक जीत के साथ श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की.

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बिहार से हैं तो आपके प्रखंड में खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज, घर के पास स्नातक स्तर की पढ़ाई संभव

नीतीश कुमार
बिहार के हर प्रखंड में अब होगी स्नातक स्तर की पढ़ाई.

Bihar Government: बिहार सरकार ने राज्य के 213 ऐसे प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, जहां अब तक उच्च शिक्षा के संसाधन मौजूद नहीं थे. योजना के अनुसार, इन कॉलेजों में जुलाई 2026 से स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य है. इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अपनी पढ़ाई के लिए शहरों तक नहीं जाएंगे और उन्हें घर के पास ही उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी.

भवन बनने तक अस्थायी कक्षाओं से शुरू होगी पढ़ाई

चूंकि नए कॉलेजों के भवन तैयार होने में समय लगेगा, इसलिए सरकार ने एक अस्थायी व्यवस्था बनाई है. प्रखंडों के नए प्लस-टू स्कूल भवनों में कॉलेज की कक्षाएं चलेंगी. शिक्षा विभाग सुनिश्चित करेगा कि स्कूल और कॉलेज की कक्षाओं का समय अलग-अलग रखा जाए, ताकि दोनों का संचालन बिना बाधा हो. इन कॉलेजों को संबंधित विश्वविद्यालयों से मान्यता और सरकारी दर्जा भी प्राप्त होगा.

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नई कॉलेजों में कितने विभाग होंगे?

नई कॉलेजों में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के विषयों के साथ-साथ, वोकेशनल कोर्स के लिए अलग विभाग होंगे. हर वोकेशनल विभाग में एक प्रोफेसर और दो सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति होगी. इसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है.

अनुभवी शिक्षकों से गुणवत्ता होगी सुनिश्चित

छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अनुभवी हेडमास्टर और प्रोफेसर नियुक्त किए जाएंगे. प्रत्येक कॉलेज में शिक्षण और संसाधनों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता सुनिश्चित हो.

10,000 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान

इस योजना के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसमें नए कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ 55 मौजूदा कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलने की योजना भी शामिल है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार खुद भूमि चयन और निर्माण प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं. कई प्रखंडों में जमीन पहले ही चिन्हित हो चुकी है.

ग्रामीण छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे

इन कॉलेजों के खुलने से ग्रामीण छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे. इससे शहरों की ओर पलायन की समस्या भी कम होगी और स्थानीय युवाओं का विकास उनके अपने क्षेत्र में संभव होगा.

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India–US Trade Deal : टैरिफ में राहत के पीछे क्या है असली वजह?, क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है?

पीएम मोदी
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति, फाइल-फोटो

India–US Trade Deal: अमेरिका ने 7 फरवरी को घोषणा करते हुए भारत पर रूसी तेल आयात से जुड़ी 25% पेनाल्टी हटाने और भारतीय सामान पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने का फैसला बताया. इस कदम को सतही तौर पर बड़ी राहत माना जा रहा है, लेकिन इसके पीछे की परिस्थितियां और संकेत कई सवाल खड़े करते हैं.

पेनाल्टी हटाने की वजह पर किस तरह के उठे सवाल?

अमेरिकी दस्तावेजों में यह इशारा किया गया कि भारत ने रूस से तेल खरीद घटाने की दिशा में भरोसा दिया है. इसी संदर्भ में पेनाल्टी हटाने का निर्णय लिया गया. दूसरी ओर, भारत और अमेरिका के साझा बयान में रूस से तेल आयात रोकने जैसी कोई स्पष्ट बात दर्ज नहीं है.

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भारत का आधिकारिक रुख अब तक यही रहा है कि ऊर्जा आयात का फैसला कीमत, उपलब्धता और राष्ट्रीय हितों के आधार पर होता है. ऐसे में किसी औपचारिक प्रतिबद्धता की बात सामने नहीं आई है. यही अंतर दोनों पक्षों के दावों को लेकर चर्चा पैदा कर रहा है.

आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 2023 में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल स्रोत रहा. 2025 में भी उसकी हिस्सेदारी प्रमुख बनी हुई है, हालांकि साल के अंत में आयात में कुछ गिरावट दर्ज की गई.

रूस से तेल खरीद पूरी तरह रोकना कितना संभव?

भारत और रूस के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रणनीतिक और रक्षा सहयोग तक फैले हैं. कई दशकों से दोनों देशों के बीच गहरे संबंध रहे हैं. रक्षा जरूरतों से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक रूस अहम भागीदार रहा है.

वर्षरूस से आयात (bpd)भारत के कुल क्रूड आयात का अनुपातट्रेंड / टिप्पणी
2021100,000 (0.1 मिलियन)2–3%रूस पहले छोटा सप्लायर
2022740,00015%पश्चिम के प्रतिबंधों के बाद रूस से खरीद में तेज वृद्धि
20231,754,00036–39%रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया.
20241,7–2,08 मिलियन35–40%आंकड़े बताते हैं कि कई महीनों में 2M+ bpd रहा
20251,2–1,8 मिलियन20–35%जनवरी में गिरावट; टैरिफ दबा

तेल आयात में भी रूस की भूमिका बड़ी है. 2023 में भारत के कुल आयात का लगभग 39% हिस्सा रूस से आया. 2025 में यह अनुपात घट-बढ़कर 20–35% के बीच रहा. इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि भारत स्रोतों में विविधता ला रहा है, लेकिन पूरी तरह रोक की संभावना कम मानी जाती है. इसकी एक वजह दीर्घकालिक खरीद समझौते भी हैं.

क्या अमेरिका से तेल लेना व्यावहारिक विकल्प?

अमेरिकी कच्चे तेल को विकल्प मानने में लागत और तकनीकी दोनों चुनौतियां हैं. अमेरिका से लंबी दूरी की ढुलाई महंगी पड़ती है. इसके अलावा अमेरिकी तेल का ग्रेड हल्का होता है, जबकि भारत की कई रिफाइनरियां मीडियम और हैवी क्रूड के अनुकूल बनी हैं.

इसी कारण भारत परंपरागत रूप से रूस और पश्चिम एशिया से ज्यादा तेल लेता रहा है. हां, गैस यानी LNG के क्षेत्र में अमेरिका भारत के लिए महत्वपूर्ण सप्लायर बन सकता है.

क्या समझौते में भारत ने अपने हित छोड़े?

टैरिफ में कटौती के बाद यह बहस उठी कि कहीं भारत ने ज्यादा रियायत तो नहीं दे दी. लेकिन जानकारी के अनुसार, भारत ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाजार खोलने से बचाव किया है. यानी घरेलू सेक्टरों को प्राथमिकता दी गई.

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों का संतुलन साधने की कोशिश है. ऊर्जा, व्यापार और भू-राजनीति—तीनों कारक इस समीकरण को प्रभावित कर रहे हैं. आगे की नीतिगत घोषणाएं तस्वीर को और स्पष्ट करेंगी.

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सिवान के निजी चाइल्ड क्लिनिक पर लापरवाही का आरोप, बच्चों की मौत को लेकर हंगामा

Siwan
सिवान में निजी चाइल्ड क्लिनिक के बाहर जुटी भीड़.

Bihar News: सिवान में एक निजी चाइल्ड क्लिनिक को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है. बच्चों की कथित मौतों और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज़ परिजन और स्थानीय लोग क्लिनिक के बाहर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

इलाज में कोताही के आरोप

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि क्लिनिक में उपचार के दौरान लापरवाही बरती जा रही है. परिजनों का आरोप है कि कई मामलों में बच्चों की हालत बिगड़ने के बावजूद समय रहते उन्हें बेहतर सुविधा वाले अस्पताल रेफर नहीं किया गया. इससे स्थिति और गंभीर हो गई.

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मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि वे अपने बच्चों के इलाज की उम्मीद से यहां आते हैं, लेकिन डर बना रहता है. उनका दावा है कि समय पर उचित चिकित्सा मिलती तो कुछ बच्चों की जान बचाई जा सकती थी.

जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई.

बताया जा रहा है कि विरोध बढ़ता देख क्लिनिक के कुछ डॉक्टर और स्टाफ वहां से हट गए. यह मामला सिवान में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. विकास कुमार के क्लिनिक से जुड़ा बताया जा रहा है. फिलहाल इलाके में तनाव की स्थिति है और लोग प्रशासनिक कदम का इंतजार कर रहे हैं.

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