गोड्डा : पोड़ैयाहाट के BSO को CID ने दबोचा, JSSC-JPSC समेत कई परीक्षाओं में फर्जी सफलता का आरोप

Jharkhand Competitive Exam Scam: झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां एक-एक कर बड़े चेहरे बेनकाब होने लगे हैं. सीआईडी (CID) ने मंगलवार देर रात गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसी का आरोप है कि टीडीपीएल (TDPL) कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए उसने JSSC और JPSC की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी तरीके से सफलता हासिल की और बाद में सरकारी नौकरी तक पहुंच गया.

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आधी रात की कार्रवाई से मचा हड़कंप

मंगलवार देर रात सीआईडी की विशेष टीम पोड़ैयाहाट के बांझी रोड स्थित अभय कुमार तिवारी के किराए के मकान पर पहुंची. काफी देर तक चली तलाशी में टीम ने पांच लाख रुपये नकद बरामद किए. इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई. रातभर चली कार्रवाई की खबर जैसे ही बाहर आई, पोड़ैयाहाट से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई.

एक शिकायत ने खोल दी पूरा मामला

इस कार्रवाई के पीछे नगड़ी निवासी एसएस शर्मा की लिखित शिकायत अहम मानी जा रही है. उन्होंने स्थानीय थाना, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीआईडी को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि अभय कुमार तिवारी सिर्फ परीक्षाओं में फर्जी तरीके से सफल नहीं हुआ, बल्कि वह संगठित परीक्षा सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य भी था. शिकायत के बाद सीआईडी ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की.

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एक नहीं, कई प्रतियोगी परीक्षाओं में मिली सफलता

जांच के दौरान सामने आया कि अभय कुमार तिवारी ने कई अहम प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी. इनमें PGTTCE-2023 (रोल नंबर-10309146), JSSC CGL-2023 (रोल नंबर-1237696, रैंक-2), ACF PT-2024 (रोल नंबर-24300086), MRO PT-2024 (रोल नंबर-24400147) और FSO लिखित परीक्षा-2023 शामिल हैं. अब सीआईडी यह पता लगा रही है कि इन परीक्षाओं में उसकी सफलता के पीछे क्या पूरा खेल था और इसमें कौन-कौन शामिल था.

अब सिंडिकेट के दूसरे चेहरों की तलाश

सीआईडी को उम्मीद है कि अभय कुमार तिवारी से पूछताछ में परीक्षा सिंडिकेट के कई और सदस्यों का खुलासा हो सकता है. जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक अभ्यर्थी या एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार एक बड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं. इसी वजह से आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने से इनकार नहीं किया जा रहा है.

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आज का राशिफल 22 जुलाई : सिंह-तुला समेत इन राशियों को मिल सकती है बड़ी सफलता

Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: बुधवार का दिन कई राशि वालों के लिए नई शुरुआत और अच्छे अवसर लेकर आ सकता है. किसी को नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं तो किसी के कारोबार में विस्तार के रास्ते खुल सकते हैं. वहीं कुछ राशियों के लिए परिवार के साथ समय बिताने और पुराने मतभेद दूर करने का भी मौका मिलेगा.

आइए जानते हैं आज मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन कैसा रहने वाला है.

मेष: निर्णय लेने में मिलेगा लाभ

आज आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारी या पद परिवर्तन के संकेत हैं. व्यापार में नए साझेदार या निवेशक मिल सकते हैं. परिवार के किसी सदस्य की उपलब्धि खुशी का कारण बनेगी.

वृषभ: आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें

धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे. नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. व्यापार के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए दिन अच्छा है. परिवार में बड़ों का सहयोग मिलेगा.

मिथुन: नई सीख दिलाएगी सफलता

नई जानकारी और कौशल आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे. नौकरी में आपके सुझावों को महत्व मिलेगा. कारोबार में डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाभ मिलने के संकेत हैं. विद्यार्थियों के लिए भी दिन अनुकूल रहेगा.

कर्क: घर और काम दोनों में रहेगा संतुलन

कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी. आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रह सकती है. परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और घरेलू माहौल सुखद रहेगा.

सिंह: नेतृत्व क्षमता आएगी काम

आज आपकी कार्यशैली लोगों को प्रभावित करेगी. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में प्रचार-प्रसार का लाभ मिलेगा. समाज में सम्मान बढ़ने के योग हैं.

कन्या: पुराने काम पूरे होंगे

लंबे समय से रुके कार्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा. नौकरी में आपकी विश्लेषण क्षमता की सराहना होगी. व्यापार में बेहतर प्रबंधन लाभ दिला सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.

तुला: समझदारी से सुलझेंगे विवाद

आज संतुलित व्यवहार आपको सफलता दिलाएगा. साझेदारी के कारोबार में लाभ मिल सकता है. कला, डिजाइन और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ रहेगा.

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वृश्चिक: रणनीति से बनेगा काम

महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कारोबार में नई योजना लाभदायक रहेगी. सरकारी और कानूनी मामलों में प्रगति के संकेत हैं. गोपनीय बातों को साझा करने से बचें.

धनु: नए अवसर देंगे आगे बढ़ने का मौका

शिक्षा, शोध और विदेश से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. नौकरी में आपकी दूरदर्शिता की सराहना होगी. व्यापार में नए क्षेत्रों से जुड़ने का मौका मिलेगा.

मकर: अनुशासन दिलाएगा सफलता

समय का सही उपयोग आपको आगे बढ़ाएगा. नौकरी में नेतृत्व क्षमता सामने आएगी. व्यापार में लाभ बढ़ाने की योजना सफल हो सकती है. जल्दबाजी से बचें.

कुंभ: नए विचार बनेंगे ताकत

तकनीक और आधुनिक सोच आपके लिए नए अवसर लेकर आएगी. नौकरी में आपके इनोवेटिव आइडिया की सराहना होगी. कारोबार में डिजिटल विस्तार लाभदायक रहेगा.

मीन: सूझबूझ से मिलेंगे अच्छे परिणाम

आज आपका अंतर्ज्ञान सही फैसले लेने में मदद करेगा. नौकरी और व्यापार दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा.

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बेडरूम की सही दिशा और सजावट से आएगी सकारात्मक ऊर्जा, जानें वास्तु नियम

Vastu Tips for Bedroom: घर का शयनकक्ष सिर्फ आराम करने की जगह नहीं, बल्कि मानसिक शांति, दांपत्य जीवन और सकारात्मक ऊर्जा का भी केंद्र माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम की दिशा, पलंग की स्थिति, रंग और सजावट का असर परिवार के माहौल और पति-पत्नी के रिश्तों पर पड़ सकता है. कुछ आसान वास्तु नियम अपनाकर घर में सकारात्मक वातावरण बनाया जा सकता है.

राधा-कृष्ण या नृत्य करते मयूर की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता

वास्तु शास्त्र के अनुसार दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बनाए रखने के लिए शयनकक्ष की उत्तर दिशा में राधा-कृष्ण या नृत्य करते हुए मयूर की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है.

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इसके अलावा विवाह की तस्वीर बेडरूम में लगाने से पति-पत्नी के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ने की मान्यता है. वहीं संतान की इच्छा रखने वाले दंपति बाल स्वरूप श्रीकृष्ण या गाय-बछड़े की तस्वीर लगा सकते हैं.

Vastu Tips for Bedroom: किस दिशा में सिर करके सोना शुभ?

वास्तु के अनुसार दक्षिण या पूर्व दिशा में सिर करके सोना बेहतर माना जाता है. मान्यता है कि इससे अच्छी नींद आती है और मानसिक शांति बनी रहती है.

इसके साथ ही पलंग को कभी भी बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए. वास्तु मान्यताओं में इसे रिश्तों में तनाव और मानसिक दबाव का कारण माना गया है. यदि पलंग हटाना संभव न हो तो बीम के नीचे विंड चाइम या बांसुरी लगाने की सलाह दी जाती है.

बेडरूम में कौन-से रंग माने जाते हैं शुभ?

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार शयनकक्ष में हल्के और शांत रंगों का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है.

शुभ रंग—

  • हल्का गुलाबी
  • हल्का हरा
  • पीला
  • आसमानी

इन रंगों से कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है. वहीं काले और बहुत गहरे रंगों के उपयोग से बचने की सलाह दी जाती है.

फर्नीचर और रोशनी का भी रखें ध्यान

बेडरूम में लकड़ी का चौकोर या आयताकार फर्नीचर शुभ माना जाता है. वहीं रोशनी की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि उसकी सीधी किरणें पलंग पर न पड़ें. इससे कमरे का वातावरण अधिक शांत और आरामदायक बना रहता है.

इन बातों की अनदेखी न करें

वास्तु शास्त्र में कुछ छोटी-छोटी बातों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है—

  • अटैच टॉयलेट हो तो उसका दरवाजा हमेशा बंद रखें.
  • पलंग के नीचे कबाड़ या बेकार सामान न रखें.
  • कमरे में लगा आईना सोते समय ढककर रखें.
  • युद्ध, हिंसा, अशांति या नकारात्मक भाव वाले चित्र लगाने से बचें.
  • बेडरूम के लिए कौन-सी दिशा मानी जाती है सबसे अच्छी?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग दिशाओं का अलग महत्व बताया गया है—

  • उत्तर-पश्चिम: प्रेम, आकर्षण और रिश्तों में मधुरता.
  • दक्षिण-पश्चिम: वैवाहिक जीवन में स्थिरता और पारिवारिक जिम्मेदारियों को मजबूत करने वाली दिशा.
  • पश्चिम: लाभ और समृद्धि का प्रतीक.

वहीं उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा में बेडरूम बनाने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इन दिशाओं का प्रभाव क्रमशः नीरसता और क्रोध बढ़ाने वाला हो सकता है.

Disclaimer: वास्तु शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता. इन मान्यताओं का पालन करना या न करना पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और विश्वास पर निर्भर करता है.

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रियलिटी शोज से दूरी बनाने पर पहली बार बोलीं सुनिधि चौहान, बताई असली वजह

Sunidhi Chauhan: बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान लंबे समय तक कई सिंगिंग रियलिटी शोज में जज की भूमिका निभाती रहीं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह ऐसे कार्यक्रमों से दूर हैं. अब उन्होंने खुद बताया है कि आखिर उन्होंने यह फैसला क्यों लिया. अभिनेता शेखर सुमन के चैट शो ‘शेखर टुनाइट’ में सुनिधि ने कहा कि एक समय उन्हें महसूस हुआ कि रियलिटी शो अब उस दिशा में नहीं रहे, जिसके लिए वह उनसे जुड़ी थीं. यही वजह रही कि उन्होंने ऐसे शोज से दूरी बना ली.

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‘अब लगा कि यह मेरे लिए सही जगह नहीं’

बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने कहा कि सुनिधि हमेशा विवादों से दूर रहती हैं और काफी समय से किसी रियलिटी शो में भी नजर नहीं आई हैं. इस पर सुनिधि ने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-समझकर लिया था.

उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा आया जब मुझे महसूस हुआ कि अब रियलिटी शो मेरे लिए सही जगह नहीं रहे. इसके बाद मैंने उनसे दूरी बनाने का फैसला किया.”

टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल पर जताई चिंता

सुनिधि चौहान ने बातचीत के दौरान रियलिटी शोज में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि पहले ऑटो-ट्यून और मेलोडाइन जैसे टूल्स का इस्तेमाल रिकॉर्ड किए गए गानों को बेहतर बनाने के लिए किया जाता था, लेकिन अब इनका प्रभाव रियलिटी शोज में भी दिखाई देने लगा है.

उनके मुताबिक, किसी भी सिंगिंग रियलिटी शो का उद्देश्य असली प्रतिभा और ईमानदार प्रस्तुति को सामने लाना होना चाहिए. जब तकनीक का दखल बढ़ने लगा तो उन्हें लगा कि शो अपनी मूल भावना से दूर जा रहे हैं. इसी वजह से उन्होंने खुद को इन कार्यक्रमों से अलग कर लिया.

लाइव परफॉर्मेंस को लेकर साझा किया अनुभव

इंटरव्यू के दौरान शेखर सुमन ने लाइव शो के दौरान कलाकारों के साथ होने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए सुनिधि से उनका अनुभव भी पूछा.

इस पर सिंगर ने कहा कि वह खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हैं. उनके अनुसार, आज तक किसी भी लाइव परफॉर्मेंस के दौरान उनके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. जहां-जहां उन्होंने प्रस्तुति दी, वहां दर्शकों ने उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान दिया.

कई सुपरहिट गानों को दी है आवाज

सुनिधि चौहान ने अपने करियर में बॉलीवुड को कई यादगार गाने दिए हैं. उनके लोकप्रिय डांस नंबरों में—

  • कमली
  • शीला की जवानी
  • देसी गर्ल
  • बीड़ी
  • क्रेजी किया रे
  • ऐंवई ऐंवई

शामिल हैं.

वहीं रोमांटिक गानों में—

  • लाए डूबा
  • दरखास्त
  • हे शौना

जैसे गीत भी काफी लोकप्रिय रहे हैं. अपनी दमदार आवाज और अलग अंदाज की गायकी की बदौलत सुनिधि चौहान आज भी हिंदी फिल्म संगीत की सबसे चर्चित गायिकाओं में गिनी जाती हैं.

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Petrol Diesel Price Today: बिहार, झारखंड समेत कई शहरों में बदले दाम, जानिए कहां कितना हुआ बदलाव

Petrol Diesel Price 22 July 2026: अगर आज आप बाइक या कार में पेट्रोल-डीजल भरवाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का नया रेट जरूर देख लें. सरकारी तेल कंपनियों ने 22 जुलाई 2026 के लिए ईंधन की नई कीमतें जारी कर दी हैं. आज भी देश के अधिकांश बड़े शहरों में दाम स्थिर हैं, लेकिन बिहार, झारखंड और कर्नाटक के कुछ शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट बदले हैं.

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मुंबई से दिल्ली तक दाम जस के तस

देश के चारों प्रमुख महानगरों में आज ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ. मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में भी पुराने रेट ही लागू हैं. इसके अलावा गुरुग्राम, नोएडा, लखनऊ और भोपाल में भी तेल कंपनियों ने कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया.

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Petrol Price 22 July 2026:

शहरआज का रेट (₹/लीटर)कल का रेट (₹/लीटर)बदलाव
पटना₹113.37₹113.53-₹0.16
बेगूसराय₹114.27₹113.59+₹0.68
भागलपुर₹114.37₹113.61+₹0.76
दरभंगा₹114.16₹114.10+₹0.06
गया₹114.31₹113.93+₹0.38
मुजफ्फरपुर₹114.10₹114.10कोई बदलाव नहीं
देवघर₹105.82₹104.99+₹0.83
धनबाद₹105.72₹105.36+₹0.36
जमशेदपुर ₹105.72₹105.28+₹0.44
रांची₹105.72₹106.19-₹0.47
लखनऊ₹101.86₹101.86कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली₹102.12₹102.12कोई बदलाव नहीं
मुंबई₹111.21₹111.21कोई बदलाव नहीं
कोलकाता₹113.51₹113.51कोई बदलाव नहीं
चेन्नई₹107.76₹107.76कोई बदलाव नहीं
गुरुग्राम₹102.97₹102.97कोई बदलाव नहीं
नोएडा₹101.96₹101.96कोई बदलाव नहीं
बेंगलुरु₹111.68₹110.82+₹0.86
भोपाल₹114.54₹114.54कोई बदलाव नहीं

बिहार-झारखंड में बदले रेट

दूसरी ओर बिहार और झारखंड के कई शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया. कहीं ईंधन महंगा हुआ तो कहीं उपभोक्ताओं को मामूली राहत मिली. इसलिए इन राज्यों के लोगों के लिए घर से निकलने से पहले अपने शहर का ताजा रेट देखना जरूरी है.

Diesel Price 22 July 2026:

शहरआज का रेट (₹/लीटर)कल का रेट (₹/लीटर)बदलाव
पटना₹99.36₹99.54-₹0.18
बेगूसराय₹100.20₹99.57+₹0.63
भागलपुर₹100.30₹99.59+₹0.71
दरभंगा₹100.10₹100.05+₹0.05
गया₹100.26₹99.91+₹0.35
मुजफ्फरपुर₹100.05₹100.05कोई बदलाव नहीं
देवघर₹100.91₹100.21+₹0.70
धनबाद₹100.86₹100.56+₹0.30
जमशेदपुर ₹100.86₹100.48+₹0.38
रांची₹100.86₹101.31-₹0.45
लखनऊ₹95.36₹95.36कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली₹95.20₹95.20कोई बदलाव नहीं
मुंबई₹97.83₹97.83कोई बदलाव नहीं
कोलकाता₹99.82₹99.82कोई बदलाव नहीं
चेन्नई₹99.55₹99.55कोई बदलाव नहीं
गुरुग्राम₹95.64₹95.64कोई बदलाव नहीं
नोएडा₹95.44₹95.44कोई बदलाव नहीं
बेंगलुरु₹99.56₹98.77+₹0.79
भोपाल₹99.64₹99.64कोई बदलाव नहीं

बेंगलुरु में दोनों ईंधन हुए महंगे

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आज पेट्रोल 86 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया. वहीं डीजल की कीमत में भी 79 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

रोज सुबह छह बजे जारी होते हैं नए रेट

देश की सरकारी तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और राज्यों के स्थानीय टैक्स के आधार पर अलग-अलग शहरों में ईंधन के दाम तय होते हैं. इसी वजह से एक ही दिन विभिन्न राज्यों में कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं.

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Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश से जुड़े किसी भी तरह के खरीद-फरोख्त का सुझाव HelloCities24 द्वारा नहीं दिया जाता है. यहां प्रकाशित बाजार विश्लेषण विभिन्न मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज संस्थानों के आकलन पर आधारित होते हैं. निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

World Cup 2027: ICC ने तय की कटऑफ डेट, इस दिन साफ हो जाएगी 14 टीमों की तस्वीर

World Cup 2027: ICC Men’s ODI World Cup 2027 तक पहुंचने की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 सितंबर 2026 को जारी होने वाली वनडे टीम रैंकिंग ही यह तय करेगी कि कौन-सी टीमें सीधे विश्व कप में जगह बनाएंगी और किन टीमों को क्वालिफायर टूर्नामेंट खेलना पड़ेगा. ऐसे में अगले एक साल तक खेला जाने वाला हर वनडे मुकाबला टीमों के लिए बेहद अहम होगा.

दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह विश्व कप 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा. इस बार टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और इसका प्रारूप भी पहले की तुलना में अलग होगा.

मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की सीट पक्की

मेजबान होने के कारण दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे ने पहले ही विश्व कप के लिए अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है. इन दोनों टीमों को रैंकिंग की चिंता नहीं करनी होगी.

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हालांकि तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को स्वत: प्रवेश मिलेगा या नहीं, इस पर अभी तक आईसीसी की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में बाकी सभी टीमों की नजर 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग पर टिकी है.

रैंकिंग से तय होगी बाकी टीमों की किस्मत

मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के अलावा ICC ODI रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें सीधे विश्व कप के लिए क्वालिफाई करेंगी. इसलिए अगले एक साल में होने वाली हर द्विपक्षीय वनडे सीरीज और बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट का असर सीधे रैंकिंग पर पड़ेगा.

मौजूदा रैंकिंग के हिसाब से इन टीमों की दावेदारी मजबूत

फिलहाल सीधे क्वालिफिकेशन की दौड़ में ये टीमें सबसे मजबूत मानी जा रही हैं—

  • भारत
  • न्यूजीलैंड
  • ऑस्ट्रेलिया
  • पाकिस्तान
  • श्रीलंका
  • इंग्लैंड

इसके अलावा यदि अफगानिस्तान और बांग्लादेश 30 सितंबर 2026 तक क्रमशः आठवें और नौवें स्थान पर बने रहते हैं, तो वे भी सीधे विश्व कप का टिकट हासिल कर सकते हैं.

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वेस्टइंडीज के सामने फिर मुश्किल चुनौती

दो बार की विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज की स्थिति फिलहाल आसान नहीं है. मौजूदा समीकरणों में टीम सीधे क्वालिफिकेशन की सीमा से बाहर दिखाई दे रही है. यदि आने वाले महीनों में वह अपनी वनडे रैंकिंग में सुधार नहीं कर पाती, तो उसे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर टूर्नामेंट खेलना होगा.

यह वेस्टइंडीज के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि टीम 2023 वनडे विश्व कप के लिए भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकी थी.

30 सितंबर 2026 तक हर वनडे मुकाबला होगा निर्णायक

आईसीसी ने साफ कर दिया है कि 30 सितंबर 2026 तक खेले जाने वाले सभी वनडे मुकाबले रैंकिंग में शामिल होंगे. ऐसे में किसी भी टीम के लिए अब कोई मैच औपचारिक नहीं रहेगा. हर जीत या हार सीधे विश्व कप की दौड़ को प्रभावित करेगी.

2027 विश्व कप का नया फॉर्मेट

इस बार आईसीसी ने विश्व कप का प्रारूप भी बदला है. टूर्नामेंट चार चरणों में खेला जाएगा.

पहला चरण : सुपर सीरीज

  • क्वालिफाई करने वाली सबसे निचली रैंक वाली तीन टीमें खेलेंगी.
  • मुकाबले राउंड-रॉबिन प्रारूप में होंगे.
  • तीन में से सिर्फ एक टीम अगले दौर में पहुंचेगी.
  • बाकी दो टीमें बाहर हो जाएंगी.

दूसरा चरण : ग्रुप स्टेज

  • सुपर सीरीज से आगे बढ़ने वाली टीम सहित कुल 12 टीमें खेलेंगी.
  • दो समूह बनाए जाएंगे.
  • प्रत्येक समूह में छह-छह टीमें होंगी.
  • दोनों ग्रुप की शीर्ष टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी.

तीसरा चरण : सुपर 7

  • ग्रुप चरण के बाद टीमें सुपर 7 में खेलेंगी.
  • यहां के प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी.

अंतिम चरण

  • दो सेमीफाइनल मुकाबले होंगे.
  • दोनों विजेता टीमों के बीच फाइनल खेला जाएगा.
  • इसी मुकाबले से 2027 विश्व कप का नया चैंपियन तय होगा.
  • इन टीमों के प्रदर्शन पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

आने वाले महीनों में विश्व कप क्वालिफिकेशन की दौड़ में इन टीमों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी—

  • अफगानिस्तान
  • बांग्लादेश
  • वेस्टइंडीज
  • आयरलैंड
  • स्कॉटलैंड
  • नीदरलैंड्स

इन टीमों के लिए हर वनडे मैच विश्व कप की उम्मीदों को मजबूत भी कर सकता है और बड़ा झटका भी दे सकता है.

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JPSC CID Raid: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परीक्षा सिंडिकेट के आरोपों को लेकर मंगलवार को सीआईडी ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की. सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपीएससी मुख्यालय सहित सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, आयोग के कई कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) से जुड़े परिसरों तक पहुंची. टीम ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं. इन्हें खंगालकर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है.

फिलहाल जेपीएससी और टीडीपीएल से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. सीआईडी की कार्रवाई देर रात तक जारी रही.

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मुख्यमंत्री तक पहुंचीं शिकायतें, तब खुली जांच की फाइल

बताया जा रहा है कि पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं. आयोग के एक सदस्य सहित कई लोगों ने सरकार को दस्तावेजों के साथ शिकायत भेजी थी. शिकायतों के आधार पर सरकार ने सीआईडी को जांच का निर्देश दिया. इसके बाद सीआईडी ने अपने थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और मंगलवार को एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी.

छापेमारी के बीच अध्यक्ष एल खियांग्ते ने छोड़ी कुर्सी

सीआईडी की कार्रवाई के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया. जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया. हालांकि राजभवन की ओर से देर शाम तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी.

1988 बैच के आईएएस अधिकारी एल खियांग्ते मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी के अध्यक्ष बनाए गए थे. आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों की जानकारी अध्यक्ष और उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तक ही सीमित रहती थी.

ब्लैकलिस्ट एजेंसी पर क्यों रहा JPSC का भरोसा?

जांच का सबसे अहम पहलू टीडीपीएल एजेंसी को लेकर है. 20 मई 2025 को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने परीक्षा अनियमितताओं के आरोप में टीडीपीएल को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार भी पहले इस कंपनी को काली सूची में डाल चुकी थी.

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इसके बावजूद जेपीएससी ने इस एजेंसी को न सिर्फ काम जारी रखा, बल्कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े लगभग सभी संवेदनशील कार्य भी इसी कंपनी को सौंप दिए. ऑनलाइन आवेदन से लेकर एडमिट कार्ड तैयार करने, प्रश्नपत्र छापने, ओएमआर शीट स्कैन करने, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग और अंतिम रिजल्ट तैयार करने तक का पूरा जिम्मा टीडीपीएल के पास था.

बताया जाता है कि कंपनी के निदेशक सतपाल सिंह और रणवीर सिंह हैं.

तबादले के बाद भी JPSC क्यों आती रहीं श्वेता गुप्ता?

सीआईडी की कार्रवाई के दौरान यह सवाल भी उठता रहा कि उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का करीब डेढ़ महीने पहले तबादला हो चुका था, फिर भी वह जेपीएससी में नियमित रूप से क्यों आ रही थीं. किसके निर्देश पर वह आयोग के कामकाज में सक्रिय थीं और उनकी भूमिका क्या थी, यह अब जांच का हिस्सा बन गया है.

मनोज तिवारी पर भी गंभीर आरोप

टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी के खिलाफ पहले ही कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं. नगड़ी निवासी एसएस शर्मा ने थाना, सीबीआई और ईडी सहित विभिन्न एजेंसियों से शिकायत कर आरोप लगाया था कि मनोज तिवारी जेपीएससी और जेएसएससी की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुआ.

शिकायत के अनुसार वह—

  • पीजीटीटीसीई-2023
  • जेएसएससी-सीजीएल-2023 (रैंक-2)
  • एसीएफ (पीटी)-2024
  • एमआरओ (पीटी)-2024
  • एफएसओ लिखित परीक्षा-2023

में सफल रहा. आरोप है कि वह कथित परीक्षा सिंडिकेट के लिए काम करता था. इन आरोपों की भी जांच की जा रही है.

350 से ज्यादा OMR शीट में हेराफेरी का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वन रेंज अधिकारी (FRO) परीक्षा की 350 से अधिक तथा सहायक वन संरक्षक (ACF) परीक्षा की 150 से ज्यादा ओएमआर शीट में हेराफेरी की गई. आरोप यह भी है कि कुछ अभ्यर्थियों से पहले ही शैक्षणिक प्रमाणपत्र, रद्द चेक, खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरित ए-4 शीट जमा करा ली गई थीं.

एक अन्य शिकायत में कहा गया कि 13 जुलाई 2025 को सहायक वनरक्षक पीटी परीक्षा में शामिल एक महिला अभ्यर्थी ने सिर्फ रोल नंबर भरकर ओएमआर शीट खाली छोड़ दी थी. बाद में होटल में उसकी ओएमआर शीट भरकर उसे परीक्षा में सफल करा दिया गया. सीआईडी इस आरोप की भी जांच कर रही है.

इन परीक्षाओं पर भी उठे सवाल

एल खियांग्ते के कार्यकाल में आयोजित कई परीक्षाएं विवादों के घेरे में आ गईं. इनमें—

  • सिविल सेवा परीक्षा-2025
  • फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती
  • सहायक वन संरक्षक भर्ती
  • झारखंड पात्रता परीक्षा
  • प्रोजेक्ट मैनेजर भर्ती
  • सिविल जज (जूनियर डिवीजन)
  • मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती
  • एपीपी नियुक्ति परीक्षा

शामिल हैं.

JPSC का पुराना विवादों से नाता

जेपीएससी पहले भी कई भर्ती विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है. आयोग की सिविल सेवा, इंजीनियर, मार्केटिंग ऑफिसर समेत 18 भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच पहले से चल रही है. चौथी, पांचवीं और छठी सिविल सेवा परीक्षा, कार्यपालक अभियंता नियुक्ति सहित कई मामलों में आयोग को विरोध के बाद संशोधित परिणाम जारी करने पड़े. एडहॉक शिक्षकों से कॉपियों का मूल्यांकन कराने और ब्लैकलिस्ट कंपनी को परीक्षा का काम देने के आरोप भी लग चुके हैं. आयोग की अधिकांश भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले झारखंड हाईकोर्ट में लंबित हैं.

2024 में शुरू हुई थी पूरी कहानी

सूत्रों के अनुसार पूरे विवाद की शुरुआत 2024 में हुई थी. तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा ने टीडीपीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष को जानकारी दी थी. इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया. उनकी जगह श्वेता गुप्ता ने परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी संभाल ली. इसी दौरान टीडीपीएल का काम लगातार बढ़ता गया और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंच गईं. इसके बाद सरकार ने सीआईडी जांच के निर्देश दिए और अब पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं.

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हिरासत के बाद राहुल-प्रियंका सहित सभी विपक्षी नेता रिहा, खरगे बोले-डर से कांप रही सरकार

Congress Protest: छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस और विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन उस समय और तेज हो गया, जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने सड़क पर धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दें. गतिरोध खत्म नहीं होने पर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया. हालांकि, देर रात सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.

PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी-अमित शाह से मांगा इस्तीफा

हिरासत में लेने के बाद पुलिस राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम लेकर गई, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया. पुलिस कार्रवाई के दौरान राहुल और प्रियंका ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बस में बैठाकर वहां से हटा दिया.

सरकार की पहल भी नहीं सुलझा सकी विवाद

धरना खत्म कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया. उन्होंने राहुल गांधी से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी. बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शन जारी रहा और अंततः पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेताओं को हिरासत में ले लिया.

राहुल बोले- इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकेगी

हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दबाव और कार्रवाई से आंदोलन नहीं थमेगा. उन्होंने कहा, “मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रोके नहीं रुकेगी.”

खरगे का आरोप- सांसदों को घसीटकर ले गई पुलिस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में लिया. उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से हटाया गया.

खरगे ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है.” उन्होंने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर करोड़ों बच्चों का भविष्य प्रभावित किया है. साथ ही आरोप लगाया कि संसद के गेट बंद कर सांसदों को अंदर ही रोक दिया गया, विपक्ष की संयुक्त चर्चा की मांग नहीं मानी गई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया गया.

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जयराम रमेश बोले- तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि “तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है.”

उन्होंने बताया कि संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य सांसद अचानक ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ के निकट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए.

प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “प्रधानमंत्री इस्तीफा दो”, “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे लगाए. धरना शुरू होने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल समेत कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में ले लिया.

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PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी-अमित शाह से मांगा इस्तीफा

Congress Protest: छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के निकट धरने पर बैठ गए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाए और सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया.

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राहुल बोले- देश से माफी मांगें प्रधानमंत्री, अमित शाह भी दें इस्तीफा

धरना शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. राहुल ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी छात्रों की पिटाई की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए.

प्रियंका का आरोप- छात्रों की आवाज संसद में भी दबाई जा रही

प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष को संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाने तक की अनुमति नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सदन उन्हीं युवाओं का है, जिन पर सरकार लाठी चला रही है और आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. उन्होंने मांग की कि छात्रों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाए.

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Congress Protest: पीएमओ के राज्य मंत्री ने धरना खत्म करने का किया आग्रह

धरना स्थल पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे. उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास के निकट चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करने का आग्रह किया. हालांकि कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में ले लिया. इस पर कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जब सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो छात्रों के साथ क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

संसद में मुद्दा उठाने नहीं देने का आरोप

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और मणिक्कम टैगोर ने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद में उठाने की कोशिश की गई, लेकिन विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं दिया गया. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री संसद में विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं हैं, इसलिए सांसदों को अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास तक आना पड़ा.

कांग्रेस ने रखीं ये प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, दिल्ली पुलिस की भूमिका की जांच और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग की. नेताओं का आरोप है कि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति भी नहीं दी गई और विरोध प्रदर्शन के दौरान सांसदों को हिरासत में ले लिया गया.

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