Bihar News: पटना में 10वीं के छात्र से अप्राकृतिक यौनाचार का प्रयास, बांड पर छूटा आरोपित शिक्षक

Bihar News: पटना में एक निजी स्कूल के शिक्षक पर 10वीं के छात्र ने अप्राकृतिक यौनाचार करने के प्रयास का आरोप लगाया है. मामला बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र की है. आरोपित शिक्षक को पुलिस ने हिरासत में लिया है. जांच में पुष्टि नहीं हुई तो बांड भरवा कर आरोपी शिक्षक को छोड़ दिया गया.

Bihar News: पटना में एक निजी स्कूल पर आरोप लगा है कि वह 10वीं कक्षा के छात्र के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने का प्रयास किया है. मामला पटना बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र की है. इस संबंध में छात्र व उसके परिजनों ने थाने में लिखित शिकायत की है. छात्र का आरोप है कि शिक्षक ने डेढ़ माह पहले उसके साथ गंदी हरकत की थी. इसके बाद उस शिक्षक के कहने पर कुछ छात्रों ने मारपीट की. मामले की जानकारी मिलते ही डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद पहुंचे. इसके बाद शिक्षक को हिरासत में ले लिया गया.

डीएसपी ने आधा घंटा तक छात्र से की पूछताछ

डीएसपी ने आधा घंटा तक छात्र से पूछताछ की है और इसके बाद स्कूल के डायरेक्टर से भी बात की है. छात्र ने स्कूल की जिस जगह पर मारपीट की बात कही थी, वहां के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की है, लेकिन, मारपीट की पुष्टि नहीं हो पायी. इसके बाद शिक्षक को बांड भरवा कर छोड़ दिया गया.

जानें, मामले में डीएसपी ने क्या कहा?

डीएसपी के अनुसार जांच में सामने आया है कि यह मामला कुछ महीने पहले की है. इसकी शिकायत छात्र ने डायरेक्टर से की थी. छात्र ने मारपीट का भी आरोप लगाया है. लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है. शिक्षक को छोड़ दिया गया है. छात्र ने शिक्षक पर डेढ़ माह पहले गंदा काम करने का आरोप लगाया था. इसके बाद स्कूल प्रशासन ने शिक्षक व छात्र दोनों को सस्पेंड कर दिया था. साथ ही स्कूल ने भी अपने स्तर से जांच की थी. लेकिन आरोप सत्य नहीं पाया गया था. इसके बाद छात्र को अलग सेक्शन में पढ़ाई करायी जाने लगी थी.

Indira Ekadashi 2024: इंदिरा एकादशी का व्रत बेहद पुण्यदायी, चौमुखी दीपक जलाने का है बड़ा महत्व, बरसेगी कृपा

Indira Ekadashi 2024: साल में कुल 24 एकादशी तिथि पड़ती हैं जिसमें हर एकादशी का अपना एक विशेष महत्व है. इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 28 सितंबर को मनाई जायेगी. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सभी तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं. एकादशी पर चौमुखी दीप प्रज्वलित करना बहुत ही शुभ माना जाता है.

Indira Ekadashi 2024: इंदिरा एकादशी का व्रत बेहद पुण्यदायी, चौमुखी दीपक जलाने का है बड़ा महत्व, बरसेगी कृपा Indira Ekadashi 2
इंदिरा एकादशी का व्रत 28 सितंबर को मनाई जायेगी.

Indira Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी का व्रत बेहद पुण्यदायी माना गया है.  यह दिन भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित हैं. आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस व्रत के दौरान भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि जो इस तिथि (Indira Ekadashi 2024) पर कठिन व्रत रखते हैं और विष्णु जी के साथ मां तुलसी की पूजा विधिपूर्वक करते हैं, उन्हें विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है. इसलिए इस शुभ अवसर पर तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं. एकादशी के दिन चौमुखी दीपक जलाने का महत्व है. ऐसा करने से जीवन के हर संकट से छुटकारा मिलता है.

जानें चौमुखी दीपक जलाने का महत्व

कहा जाता है कि यह दीपक चारों दिशाओं – पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है. जब आप इस दीपक को प्रज्वलित करते हैं, तो इसका प्रकाश चारों दिशाओं में फैलता है. इसे चार वेदों का प्रतीक भी माना जाता है और भगवान विष्णु को चार वेदों का स्वामी माना जाता है. जब आप यह दीपक जलाते हैं, तो आपको श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है. इंदिरा एकादशी के अवसर पर चौमुखी दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है.

पूजा शुभ मुहूर्त

 इंदिरा एकादशी के दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त का समय चौघड़िया शुभ मुहूर्त 28 सितंबर को सुबह 7.42 से शुरू होकर 9.12 तक रहेगा. अमृत चौघड़िया शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 3.11 से शुरू होकर 4.30 तक रहेगा. जिसको भी अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा अर्चना पिंडदान अनुष्ठान करने हैं. यह शुभ मुहूर्त उनके लिए सबसे अच्छे हैं.

पारण का समय

उन्होंने बताया कि जो भी इंसान इस एकादशी के दिन व्रत रखना चाहते हैं, उनके व्रत के पारण का समय 29 सितंबर को सुबह 6:13 से लेकर 8:36 तक रहेगा. इस दौरान वह अपने व्रत का पारण कर सकते हैं. इंदिरा एकादशी के दिन दो शुभ योग भी बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. 28 सितंबर को सिद्धि योग सुबह 11: 51 बजे बजे तक रहेगा. उसके उपरांत साध्य योग सुबह अगले दिन तक रहेगा.

जानें विधि

भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है. भगवान विष्णु को फूल, फल, मिठाई आदि अर्पित करते हैं. व्रत रखने वाले लोग उपवास करते हैं यानी, पूरे दिन कुछ भी नहीं खाते-पीते हैं या केवल फलाहार करते हैं. दान देने के महत्व के बारे में भी शास्त्रों में उल्लेख किया गया है. यदि आप गरीबों को भोजन, वस्त्र आदि दान करते हैं, तो इसका आपको कई गुना लाभ प्राप्त होता है.

पूजा का विधि विधान

इंदिरा एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके मंदिर में भगवान विष्णु के आगे देसी घी का दीपक जलाएं और उनकी पूजा अर्चना करें. इस दौरान जो भी इंसान व्रत रखना चाहता है. वह व्रत रखने का प्रण लें. पूजा के दौरान भगवान विष्णु के आगे पीले रंग के फल फूल वस्त्र मिठाई अर्पित करें. दिन में एकादशी की कथा करें. शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने के बाद गरीबों को भोजन कराएं. अपनी इच्छा अनुसार उनका दान करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. HelloCities24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Bihar News: भागलपुर समेत सुपौल और मुजफ्फरपुर में लगेंगे दही बनाने के संयंत्र, 23 करोड़ होंगे खर्च

Bihar News: बिहार के भागलपुर सहित सुपौल व मुजफ्फरपुर में दही बनाने के संयंत्र लगेंगे. इस संयंत्र के इस्टॉलेशन पर 23 करोड़ खर्च होंगे. इप तीनों जिले के लोगों को उच्च तकनीक से तैयार दही मिलेगा.

Bihar News: बिहार के भागलपुर सहित सुपौल और मुजफ्फरपुर जिले में दही बनाने के संयंत्र लगेंगे. मुख्यालय से मंजूरी मिल गयी है. इस संयंत्र के इस्टॉलेशन पर 23 लाख रुपये खर्च होंगे. इससे तीनों जिले के लाखों लोगों उच्च तकनीक से तैयार दही मिलेगा. बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की संयुक्त सचिव स्मिता सिन्हा ने महालेखाकार को पत्र लिखा है. पत्र में बताया कि राज्य योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक दो वर्षों में कॉम्फेड के माध्यम से कुल रुपये 23 करोड़ की लागत से भागलपुर, सुपौल और मुजफ्फरपुर में दही बनाने के संयंत्र लगाये जायेंगे.

2025 के सावन से पहले होगा शुभारंभ

सुधा डेयरी के एमडी शिवेंद्र सिंह के अनुसार यह संयंत्र सात निश्चिय प्रोग्राम पार्ट-टू के तहत लगेगा और इसका लाभ भागलपुर प्रक्षेत्र के भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका, गोड्डा, देवघर, साहेबगंज, जामताड़ा व दुमका के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा. अगले सावन अर्थात 2025 के सावन से पहले इस संयंत्र का शुभारंभ हो जायेगा.

ऑटोमेटिक होगी मशीन

यह मशीन पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से युक्त व ऑटोमेटिक होगी. इसमें कम से कम ह्यूमेन पावर का काम होगा. कम से कम लोगों का इंवॉल्वमेंट होने के कारण दही गुणवत्तापूर्ण होगी. दही हाइजेनिक होगी.

जानें, तीनों जिले में कितना दही होगा तैयार

एमडी शिवेंद्र सिंह के अनुसार भागलपुर व सुपौल की मशीन से प्रतिदिन 10 मैट्रिक टन दही तैयार किया जायेगा, जबकि मुजफ्फरपुर में 20 मैट्रिक टन दही तैयार करने की मशीन लगेगी.

Bihar News: स्मार्ट मीटर के विरोध में 01 अक्तूबर को राजद का आंदोलन, कांग्रेस पार्टी का मिला साथ

Bihar News : स्मार्ट मीटर के विरोध में राजद का एक अक्तूबर को राज्यव्यापी आंदोलन है. कांग्रेस भी इसके खिलाफ कर रही है. दाेनों पार्टियां मिलकर सरकार को घेरने का काम करेंगी.

Bihar News : स्मार्ट मीटर के विरोध में राजद का एक अक्टूबर को राज्यव्यापी आंदोलन है. इस आंदोलन में कांग्रेस पार्टी का भी राजद को साथ मिला है. दोनों पार्टियां मिलकर सरकार को घेरने का काम करेगी. स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में घपलेबाजी होने का आरोप दोनों पार्टियां लगाती रही हैं. दोनों दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अब इस मामले में साझा संघर्ष करने का निर्णय लिया है. इस संदर्भ में एक उच्चस्तरीय बैठक गुरुवार को राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गयी. दोनों दलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच करीब एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई.

राजद द्वारा स्मार्ट मीटर से जुड़ी गड़बड़ियों के विरोध में एक अक्तूबर को आंदोलन किया जाना है. जानकारों के अनुसार कांग्रेस ने राजद नेता तेजस्वी यादव की इस घोषणा का समर्थन किया है कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी तो 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त में दी जायेगी.

बैठक में मौजूद रहे

राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी मोहन प्रकाश , प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह , डॉ तनवीर हसन , प्रदेश के प्रधान महासचिव रणविजय साहू , प्रदेश कोषाध्यक्ष मो कामरान एवं प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन और कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौर मौजूद रहे.

Karwa Chauth Vrat 2024: इस दिन मनाया जाएगा करवा चौथ, जानें सही तिथि, मुहूर्त, महत्व और चंद्रोदय का समय

Karwa Chauth 2024 Date: करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है. यह व्रत काफी कठिन माना जाता है. करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को चंद्रोदय के बाद अर्ध्य दे कर और अपने पति के चेहरे को देखकर उपवास तोड़ती हैं.

Karwa Chauth Vrat 2024: इस दिन मनाया जाएगा करवा चौथ, जानें सही तिथि, मुहूर्त, महत्व और चंद्रोदय का समय Karwa Chauth Vrat 2024 2
यह व्रत काफी कठिन माना जाता है.

Karwa Chauth 2024 Date: करवा चौथ का व्रत काफी कठिन माना जाता है. अक्टूबर का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को चंद्रमा के उदय के बाद अर्ध्य देकर और अपने पति के चेहरे को देखकर उपवास समाप्त करती हैं. जो महिलाएं पहली बार यह व्रत करने जा रही हैं उन्हें इस व्रत के बारे में जानना जरूरी है. इतना ही नहीं जो लोग सालों से ये व्रत कर रही हैं उन्हें भी इसके नियम सही तरह से पता नहीं होते हैं. करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. 

जानें, कब रखा जायेगा करवा चौथ का व्रत ?

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत किया जाता है. चतुर्थी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 46 मिनट से होगा. चतुर्थी तिथि समाप्त 21 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में इस साल करवा चौथ का व्रत 20 सितंबर 2024 को रखा जायेगा. इस दिन व्यतीपात योग के साथ कृत्तिका नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इस व्रत की महत्ता को और भी बढ़ा रहा है.

करवा चौथ 2024: पूजा, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

  • करवा चौथ पूजा मुहूर्त- 20 अक्टूबर 2024 को शाम 5 बजकर 46 मिनट से शाम 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा.
  • करवा चौथ व्रत समय – सुबह 6 बजकर 25 मिनट से शाम 7 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
  • करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय- 20 अक्टूबर 7 बजकर 54 मिनट पर. 

व्रत का महत्व

धार्मिक मान्यता है कि जो महिलाएं 16 श्रृंगार कर के करवा चौथ की पूजा करती है उनके पति की आयुं लंबी होती है. साथ ही उनके दांपत्य जीवन में मधुरता आती हैं. करवा चौथ का व्रत करने से पति पर आने वाला हर संकट दूर हो जाता है और पति-पत्नी का रिश्ता अटूट हो जाता है. इस वजह करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करती हैं. कहते हैं कि इसके बिना पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. HelloCities24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Diwali 2024: दिवाली के पर्व की डेट को लेकर असमंजस में हैं? जानें सही तिथि और धनतेरस की तारीख

Diwali 2024 Date: दिवाली आमतौर पर हिंदू चन्द्र-सौर महीनों अश्विन और कार्तिक के दौरान मनाई जाती है, जो आमतौर पर अक्टूबर के मध्य और नवंबर के मध्य में आते हैं. इस बार दिवाली के पर्व की डेट को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बन रही है. आइए हिंदू पंचांग के अनुसार बताएंगे कि दिवाली का त्योहार किस तारीख को मनाया जाएगा? 

Diwali 2024: दिवाली के पर्व की डेट को लेकर असमंजस में हैं? जानें सही तिथि और धनतेरस की तारीख Diwali 2024 Date 2
पूजा का आयोजन शुभ समय में करना आवश्यक है.

Diwali 2024 Date: दिवाली हर साल भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष वनवास बिताने के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है. कुछ लोग दिवाली 31 अक्टूबर की बता रहे हैं. वहीं कुछ जानकार दिवाली 01 नवंबर (Diwali 2024 Kab hai) को मनाने की बात कह रहे हैं. दिवाली के पर्व की डेट को लेकर इस बार लोगों में असमंजस की स्थिति बन रही है. यह एक हिंदू धार्मिक त्यौहार है जिसे “रोशनी के त्यौहार” के रूप में मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश यानी अच्छाई की शक्तियों की जीत का प्रतीक है.  इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी के संग राम परिवार के पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है. मान्यता है कि उपासना करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं. 

दिवाली 2024 डेट  : जानें कब मनाई जाएगी दीवाली और धनतेरस?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 01 नवंबर को संध्याकाल 06 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में 01 नवंबर (Diwali 2024 Date) को दिवाली मनाई जाएगी.

जानें शुभ मुहूर्त के बारे में

द्रिकपंचांग के अनुसार दिवाली मनाने का सबसे अनुकूल समय शाम 5:36 बजे से शाम 6:16 बजे तक रहेगा.

ऐसे करें पूजा

  • पूजा का आयोजन शुभ समय में करना आवश्यक है.
  • घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें.
  • संध्या के समय चौकी पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें.
  • फूलों की माला, रोली और चंदन अर्पित करें.
  • दीप जलाकर आरती करें और मंत्रों का जाप करें.
  • फल और मिठाई का भोग अर्पित करें.
  • जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें.

ये कार्य करें

  • दिवाली पर एक थाली में पांच दीपक दीपक जलाएं. इन दीपक को मंदिर में रखें. पूजा-अर्चना करें. दीपकों को घर के अलग-अलग हिस्सों में रखें. इस कार्य को करना शुभ माना जाता है.  

Bokaro Train Accident: झारखंड के बोकारो में मालगाड़ी डिरेल, 02 डिब्बे पटरी से उतरे, वंदे भारत सहित कई ट्रेनें हुईं प्रभावित

Bokaro Train Accident: झारखंड के बोकारो में मालगाड़ी डिरेल हो गयी. तुपकडीह स्टेशन पार करते वक्त यह दुर्घटना हुई है. बहादुरगढ़ डाऊन मालगाड़ी की दो बोगियां पलट गईं, जिससे ओवरहेड तार और मास्क क्षतिग्रस्त हो गए. इस दुर्घटना के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ है.

Bokaro Train Accident: झारखंड के बोकारो में मालगाड़ी डिरेल, 02 डिब्बे पटरी से उतरे, वंदे भारत सहित कई ट्रेनें हुईं प्रभावित Bokaro Train Accident 00
बोकारो में मालगाड़ी डिरेल, 02 डिब्बे पटरी से उतरे. (Source Image ANI)

Bokaro Train Accident : झारखंड के बोकारो में तुपकाडीह स्टेशन पार करते वक्त एक मालगाड़ी डिरेल हो गयी. इसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए. इस वजह से उस रूट का पूरा यातायात प्रभावित हुआ है. हादसा राजबेड़ा स्टेशन के पास तुपकाडीह-चंद्रपुरा मेन लाइन पर बुधवार का देर रात हुआ है. इस मालगाड़ी में लगभग 50 डिब्बे थे. यह मालगाड़ी बोकारो से लोहा लेकर जा रही थी. इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. लेकिन, आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

बोकारो से लोहा लेकर जा रही थी यह मालगाड़ी

यह मालगाड़ी बोकारो से लोहा लेकर जा रही थी. तभी तुपकाडीह-चंद्रपुरा मेन लाइन डिरेल हो गयी. जानकारी के अनुसार, ट्रेन का लोहा चारों तरफ फैल गया है. रास्ता क्लीयर करने का काम जारी है. बचाव दल मौके पर पहुंच गया है. इसमें इंजन सहित करीब 50 कोच लगे हुए थे.

वंदे भारत एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

मालगाड़ी के डिरेल होने की वजह से इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस, धनबाद इंटरसिटी, झालदा-मुरी सहित अन्य ट्रेन का परिचालन प्रभावित हुआ है. तुपकाडीह रेलवे स्टेशन बोकारो जिले में आता है. यह एक प्रमुख रेल रूट है.

Bihar News: स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही मनमानी के विरुद्ध 01 अक्तूबर को राजद करेगा आंदोलन

Bihar News: बिहार में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही मनमानी के विरुद्ध राजद ने आंदाेलन करने का फैसला लिया है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि पूरे बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर मनमानी की जा रही है और अब इसके खिलाफ राजद राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर एक अक्टूबर को आंदोलन करेगा.

Bihar News: बिहार में स्मार्ट मीटर के नाम पर मनमानी करने का अरोप राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने लगाया है और कहा है कि इस मनमानी के खिलाफ राजद पूरे राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर एक अक्टूबर को आंदोलन करेगा. साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तरफ से 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने के संकल्प को पूरा किया जायेगा. उन्होंने यह बात बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही है. उन्होंने कहा कि राजद यह मांग करती है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाये.

विरोध जनता को राहत दिलाने के लिए

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि थर्ड पार्टी रिव्यू कमेटी का गठन किया जाये, ताकि स्मार्ट मीटर की प्रासंगिकता और इसकी खामियों को समझा जा सके. उन्होंने कहा कि हमारा फर्ज बनता है कि जनता की कठिनाइयों को लेकर सड़क से सदन तक इसका विरोध करे, ताकि जनता को राहत दिलायी जा सके. बिहार सरकार की अदूरदर्शिता का नतीजा ही है कि 2019 से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है. मार्च, 2025 तक सभी उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने को कहा गया है. इसलिए जबरन अधिकारी स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं. ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इन कंपनियों ने सरकार के लोगों को फायदा पहुंचाया है.

स्मार्ट मीटर आफत साबित हो रहा

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हालात ठीक नहीं है. स्मार्ट मीटर आफत साबित हो रहे हैं. पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर से बढ़ा हुआ बिल उपभोक्ताओं के पास आ रहा है. गरीब परिवार के घरों की ही नहीं पूरे गांव की ही बिजली काटी जा रही है. 2022 का रिसर्च गेट के माध्यम से यह पता चल रहा है कि लगभग 70 प्रतिशत ग्रामीण जनता के पास स्मार्ट फोन नहीं है.

इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव बिनु यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव मुख्य रूप से उपस्थित थे.

Bhagalpur News: ट्रेन परिचालन ठप रहने की अवधि में मालदा रेलवे ने कराए कई महत्वपूर्ण कार्य, अब सुखद होगी यात्रा

Bhagalpur News: बाढ़ की वजह से ट्रेन परिचालन ठप रहने की अवधि में मालदा रेल डिवीजन ने कई महत्वपूर्ण कार्य कराए हैं. इससे अब ट्रेन की यात्रा और ज्यादा सुखद होगी. रेलवे ने आपदा को अवसर में बदलने का काम किया है. लंबित कार्यों को पूरा किया है.

Bhagalpur News: ट्रेन परिचालन ठप रहने की अवधि में मालदा रेलवे ने कराए कई महत्वपूर्ण कार्य, अब सुखद होगी यात्रा malda 01
ट्रेनों के परिचालन ठप रहने की अवधि में पूरा किया लंबित कार्य.

Bhagalpur News: आपदा को अवसर में बदलते हुए, पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने जल स्तर में वृद्धि के मद्देनजर ट्रेनों की आवाजाही स्थगित होने की अवधि के दौरान विभिन्न आवश्यक लंबित कार्यों को पूरा किया है. गंगा नदी के कारण आई भीषण बाढ़ के परिणामस्वरूप 21 सितंबर, 2024 को रात 11.30 बजे से 24 सितंबर, 2024 को शरम 4.00 बजे तक सुल्तानगंज-रतनपुर खंड के बीच यातायात स्थगित होना इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती थी लेकिन, इसे एक बाधा के रूप में देखने के बजाय, टीम मालदा ने रेलवे नेटवर्क के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण रखरखाव और उन्नयन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए अवसर का लाभ उठाया.

यातायात के अस्थायी ठहराव ने टीम मालदा को आवश्यक कार्य करने के लिए एक अमूल्य अवसर प्रदान किया जो नियमित संचालन के दौरान चुनौतीपूर्ण होता. प्राकृतिक आपदा को बुनियादी ढांचे में सुधार के अवसर में बदलने की उनकी क्षमता रेलवे नेटवर्क को सुरक्षित, कुशल और भविष्य के लिए तैयार रखने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है. इस अवधि के दौरान पूरा किया गया कार्य न केवल परिचालन विश्वसनीयता को बढ़ाएगा, बल्कि यात्रियों के लिए एक सहज और सुरक्षित यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित करेगा.

बाढ़ निलंबन अवधि के दौरान, टीम मालदा ने अपनी सावधानीपूर्वक योजना और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन करते हुए कई स्टेशनों और अनुभागों में परियोजनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को सफलतापूर्वक निष्पादित किया.

ट्रेन परिचालन ठप रहने की अवधि में कराए गए कार्य

1) मुरारपुर में एक नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का शुभारंभ: मुरारपुर स्टेशन पर कनेक्टिविटी में सुधार और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बहुत जरूरी पैदल यात्री बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्य को पूरा किया गया.

2) जमालपुर (जेएमपी) यार्ड में डायमंड क्रॉसिंग का पूर्ण सेट में परिवर्तन: टीम ने जेएमपी यार्ड में डायमंड क्रॉसिंग डबल स्लिप को सफलतापूर्वक पूर्ण सेट में परिवर्तित कर दिया, एक महत्वपूर्ण उन्नयन जिसने कंपाउंड जोड़ों के 6 सेट को समाप्त कर दिया. इसके परिणामस्वरूप सुचारू संचालन, रखरखाव की कम आवश्यकताएं और स्थायित्व में वृद्धि होगी.

3) स्विच परिवर्तन: महत्वपूर्ण स्विच प्रतिस्थापन किए गए, जिससे ट्रैक सुरक्षा और विश्वसनीयता में वृद्धि हुई. दशरथपुर (डीआरटीपी) और धनौरी (डीएनआरई) स्टेशनों पर दो पारंपरिक स्विच परिवर्तन किए गए.

4) चार ट्रैक विंग स्विच (TWS) परिवर्तन: अकबरनगर रेलवे स्टेशन (AKN) और धनौरी रेलवे स्टेशन (DNRE) पर दो –दो स्विच परिवर्तन किए गए.

5) बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) संचालन: सुचारू और सुरक्षित ट्रेन आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, धरहरा (डीआरएच) – अभयपुर (एएचए) अप लाइन पर और डीआरएच स्टेशन की सीमा के भीतर 900 मीटर की गहरी स्क्रीनिंग पूरी की गई. इसके अलावा, प्वाइंट एंड क्रॉसिंग (पी एंड सी) के दो सेटों की गहन जांच की गई, जिससे पटरियों की ताकत और दीर्घायु में वृद्धि हुई.

6) प्वाइंट और क्रॉसिंग टैंपिंग मशीन (पीसीटीएम): जेएमपी यार्ड में प्वाइंट जिंग के आठ सेट और 600 मीटर एप्रोच ट्रैक का रखरखाव किया गया, जिससे इस महत्वपूर्ण जंक्शन पर सुचारू और सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित हुआ.

7) डुओमैटिक ट्रैक रिकॉर्डिंग कार (डीटीआरसी) निरीक्षण: डुओमैटिक ट्रैक रिकॉर्डिंग कार का उपयोग करके 5700 मीटर ट्रैक का व्यापक निरीक्षण किया गया. ये निरीक्षण सक्रिय रखरखाव की अनुमति देंगे और भविष्य में ट्रैक समस्याओं की संभावना को कम करेंगे.

8) एसकेवी वेल्डिंग: रेलवे नेटवर्क की अखंडता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कुल 46 वेल्ड पूरे किए गए. वेल्डिंग विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर की गई.

Video: भागलपुर में ऊफनाई गंगा नदी, आंखों के सामने बह गया खून-पसीने की कमाई से बना 2 मंजिला मकान

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में गंगा का पानी स्थिर तो हो गया है लेकिन, परेशानी अभी भी बरकरार है. रोजाना दो-चार मकान नदी में समा रहे हैं. सबौर प्रखंड का लगभग पूरा मसाढ़ू गांव बाढ़ से घिरा है और गंगा कटाव की जद में है. खून-पसीने की कमाई से बना एक दो मंजिला मकान गंगा में समा गया.

Video: भागलपुर में ऊफनाई गंगा नदी, आंखों के सामने बह गया खून-पसीने की कमाई से बना 2 मंजिला मकान Video fierce 02
गंगा नदी में समाया एक दो मंजिला मकान.

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में गंगा अभी भी ऊफनाई हुई है. इस जिले के सबौर प्रखंड की बात करें, तो इसका लगभग पूरा मसाढ़ू गांव गंगा कटाव की जद में है. खून-पसीने की कमाई से बना एक दो मंजिला मकान पूरे गांव वालो के आंखों के सामने गंगा नदी में समा गया. इस तरह की घटनाएं रोजाना देखने को मिल रही है. अपना आशियाने को डूबता देख लोग सिर्फ सिसकियां ही भरकर रह जा रहे हैं. कुछ कर नहीं पा रहे हैं. लोगों का कहना है कि मेहनत की कमाई के बाद बड़ी मुश्किल से पक्का मकान बना पाते हैं लेकिन, बाढ़ चंद सेकेंडों में जिंदगीभर की कमाई बहा ले जा रहा है. ममलखा पंचायत के मसाढ़ू में कटाव की जद में आये तीन और मकान गंगा में समा गए. लोगों ने इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया जो काफी अधिक वायरल हो रहा है.

बाढ़ का पानी गांव से लेकर शहर तक फैला है

भागलपुर में बाढ़ का पानी गांव से लेकर शहर तक फैल गया है. इसके चलते स्कूल, कॉलेज और हाइवे तक जलमग्न हैं. एनएच-80 पर आवागमन प्रभावित है. गंगा का जलस्तर घटने की रफ्तार धीमी है. जिससे लोगों की चिंता बढ़ी हुई है. सबौर प्रखंड के मसाडू गांव का अस्तित्व मानो खत्म ही करके नदी मानेगी. यहां का आलम कुछ ऐसा ही फिलहाल है. गंगा में कई मकान अबतक समा चुके हैं. कटाव की मार से लोग त्रस्त हैं.

आशियाने को डूबता देख लोग सिर्फ सिसकियां भरकर रह गए

मंगलवार को गंगा में तीन मकान महज 10 से 15 मिनट के अंदर समा गए. अपने आशियाने को डूबता देख लोग सिर्फ सिसकियां ही भरकर रह गये. ये तीनों पक्के मकान किसान व पशुपालकों के थे. इन तीनों मकान के गंगा में समाने के बाद आसपास के लोगों में भी दहशत है. कब गंगा किनके मकान को लीन लेगी, कोई नहीं जानता है.

डेंजर लेवल के ऊपर अभी भी गंगा का जलस्तर

भागलपुर में गंगा नदी के जलस्तर में आंशिक कमी आयी है. जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के ऊपर है और बाढ़ की स्थिति जस की तस है. बुधवार से ही जलस्तर में तेजी से कमी आने की उम्मीद जतायी गयी है. बाढ़ के कारण गंगाघाट से सटे शहर के मोहल्लों में पानी की तेज धार का दबाव बरकरार है.