SSC CGL Admit Card 2024 : एसएससी सीजीएल टियर-1 एग्जामिनेशन के लिए जारी एडमिट कार्ड रीजन वाइस कर सकते हैं डाउनलोड

SSC CGL Admit Card 24: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) 2024 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. रीजन के अनुसार उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जारी हुए हैं. इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी तुरंत ही वेबसाइट पर जाकर लॉग इन डिटेल दर्ज करके प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं. परीक्षा का आयोजन 9 से 26 सितंबर 2024 तक किया जायेगा.

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के द्वारा सीजीएल टियर 1 परीक्षा (CGL Tier 1 Exam) के लिए रीजन के आधार पर एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. उम्मीदवार SSC की रीजनल वेबसाइट के माध्यम से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.

SSC CGL 2024 Admit Card: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा एसएससी सीजीएल टियर 1 के लिए उम्मीदवार के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं. वह अपने रीजन की एसएससी वेबसाइट के माध्यम से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को लॉग इन डिटेल दर्ज करना होगा. परीक्षा का आयोजन 9 से 26 सितंबर 2024 तक किया जायेगा.

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की जानें पूरी प्रक्रिया

  • एसएससी सीजीएल एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए आपको सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाना है.
  • इसके बाद आप अपने रीजन की वेबसाइट पर विजिट करें.
  • अब यहां आपको एडमिट कार्ड से संबंधित लिंक दिखाई देगा जिस पर आपको क्लिक करना होगा.
  • इसके बाद आपको मांगी गई डिटेल रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर एवं डेट ऑफ बर्थ दर्ज करके सबमिट करना होगा.
  • जानकारी दर्ज करते ही आपका प्रवेश पत्र स्क्रीन पर ओपन हो जायेगा जहां से आप इसे डाउनलोड करके इसका प्रिंटआउट निकाल सकते हैं.


इन रीजन के उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड जारी होना बाकी है

एसएससी सीजीएल टियर 1 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड रीजन के आधार पर जारी हुए हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड रीजन के लिए अभी तक एडमिट कार्ड नहीं जारी किए गए हैं.

जानें, परीक्षा पैटर्न कैसा होगा?

SSC CGL TIER 1 परीक्षा में जनरल इंटेलिजेंस, जनरल अवेयरनेस, क्वांटेटिव एप्टीट्यूड और अंग्रेजी विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे. हर सेक्शन से 25 सवाल पेपर में पूछे जाएंगे और हर सेक्शन के लिए अधिकतम मार्क्स 50 होगा. टियर 1 परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप और मल्टीपल चॉइस टाइप के प्रश्न पूछे जाएंगे. इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग के तहत हर एक गलत जवाब पर 0.50 मार्क्स काटे जाएंगे.

चार पालियों में आयोजित होगी परीक्षा

परीक्षा 4 पालियों पर होगी. प्रत्येक शिफ्ट में प्रश्न पत्र हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 1 घंटे का समय दिया जाएगा. पहली पाली की परीक्षा सुबह 9 से 10 तक, द्वितीय पाली की परीक्षा सुबह 11.45 से दोपहर 12.45 तक, तीसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2.30 से 3.30 तक एवं चौथी पाली की परीक्षा शाम 5.15 से 6.15 तक करायी जाएगी. ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर डिटेल्स देख सकते हैं.

Kolkata Doctor Murder: ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में सीबीआई ने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज की FIR, जांच शुरु

Kolkata Doctor Murder : ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर देने के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के आदेश के बाद सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरु की है.

Kolkata Murder Case : ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या से जुड़े मामले में सीबीआई संदीप घोष से लगातार पूछताछ कर रही है. कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने आज सुबह निजाम पैलेस स्थित सीबीआई कार्यालय जाकर सीबीआई को सभी दस्तावेज सौंपे है. वहीं, एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है.

एफआईआर दर्ज, जांच शुरू

सीबीआई को कोलकाता पुलिस से दस्तावेज मिली और इसके साथ ही संदीप घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. एफआईआर की एक कॉपी पहले ही अलीपुर सीजेएम कोर्ट में जमा कर दी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अगर एक ही व्यक्ति के खिलाफ अलग-अलग एजेंसियां जांच करेंगी तो इससे जटिलता पैदा होगी और जांच प्रक्रिया में भी देरी होगी. आरजी कर अस्पताल में जूनियर महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना से जुड़े एक मामले में सीबीआई अभी संदीप घोष से लगातार पूछताछ कर रही है.

Unified Pension Scheme: कैबिनेट में मिली मंजूरी, जानिए पेंशन स्कीम की खासियत

Unified Pension Scheme: कैबिनेट में न्यू पेंशन स्कीम की मंजूरी मिलने से सरकारी कर्मचारी लाभांवित होंगे. यह उनके लिए किसी तोहफा से कम नहीं है. केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस पेशन स्कीम को मंजूरी दी है. नयी पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से शुरू होगी.

Unified Pension Scheme: कैबिनेट में न्यू पेंशन स्कीम की मंजूरी मिली है. इससे सरकारी कर्मचारी को लाभ होगा. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को शनिवार को बड़ा तोहफा दिया है. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दी है. केंद्र सरकार के लगभग 23 लाख कर्मचारी इस एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) से लाभांवित होंगे. कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नयी पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दी जायेगी.

जानें, इस न्यू पेंशन स्कीम की विशेषता

विशेषताएं :

  • अगर किसी कर्मचारी ने न्यूनतम 25 साल तक काम किया तो रिटायरमेंट के तुरंत पहले के अंतिम 12 महीने के औसत वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा.
  • अगर किसी पेंशनभोगी को मौत होती है तो उसके परिवार को मृत्यु के वक्त मिलने वाली पेंशन का 60 प्रतिशत परिवार को मिलेगा.
  • अगर 10 साल के बाद नौकरी छोड़ते हैं तो दस हजार रुपए पेंशन मिलेगी.
  • कर्मचारियों को अलग से अंशदान नहीं करना होगा, केंद्र सरकार 18 प्रतिशत अंशदान करेगी, कर्मचारी का अंशदान एनपीएस की ही तरह दस प्रतिशत होगा.
  • महंगाई इंडेक्सेशन का लाभ मिलेगा.
  • रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी के अलावा इकट्ठा राशि अलग से मिलेगा.
  • हर छह महीने की सेवा के बदले मासिक वेतन (वेतन+डीए) का दसवां हिस्सा जुड़ कर रिटायरमेंट पर मिलेगा.
  • पीएस के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन.
  • 25 साल नौकरी करने पर पूरी पेंशन मिलेगी.
  • केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एनपीएस या यूपीएस में से एक चुनने का विकल्प होगा.

Unified Pension Scheme : सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा, 10 साल काम करने पर 10 हजार रुपये पेंशन

New Pension Scheme: यूनिफाइड पेंशन स्कीम को 24 अगस्त,2024 शनिवार को मंजूरी मिल गयी है. यह मंजूरी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दी है. न्यू पेंशन स्कीम के तहत अब 25 साल काम करने पर सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन मिलेगी. कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. जानिए, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा ?

News Pension Scheme: यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी गयी है. नयी पेंशन स्कीम सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा. केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस पेशन स्कीम को मंजूरी दी है. कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुनिश्चित पेंशन प्रदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना को मंजूरी दे दी है. 50% सुनिश्चित पेंशन योजना का पहला पिलर है. दूसरा पिलर सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन होगी. केंद्र सरकार के लगभग 23 लाख कर्मचारी इस एकीकृत पेंशन योजना से लाभांवित होंगे. 2004 से 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा.

जानिए, 10 साल काम करने वालों को कितना मिलेगा पेंशन

कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और इसमें उन्होंने बताया कि नयी पेंशन स्कीम तहत 10 साल काम करने वालों को 10 हजार रुपये पेंशन मिलेगी. बेसिक सैलरी का 20 प्रतिशत निश्चित पेंशन मिलेगी. फैमिली पेंशन 60 प्रतिशत दी जाएगी. ये भी बताया कि 25 साल काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन दी जाएगी.

पिछले साल गठित हुई थी समिति

वित्त मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना की समीक्षा करने और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के मौजूदा ढांचे में बदलाव का सुझाव देने के लिए एक समिति गठित की गयी थी. यह समिति पिछले गठित हुई थी. वित्त सचिव टी वी सोमनाथन की अध्यक्षता में समिति बनी थी.

नयी पेंशन योजना 1 अप्रैल 2025 से होगी लागू

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह नयी पेंशन स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी. कर्मचारियों के पास एनपीएस और यूपीएस के बीच चयन करने का विकल्प होगा. 25 साल काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन दी जाएगी.

Jharkhand Politics : चंपाई सोरेन ने बयां किया दर्द, बोले-बेदाग राजनैतिक सफर में मैं पहली बार भीतर से टूट गया

Jharkhand Politics: झारखंड में बढ़ती जा रही सियासी तपिश के बीच पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने कहा कि सीएम पद से हटाकर अपमान किया. विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन उन्हें बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था. उनसे इस्तीफा मांगा गया. 

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने अपना दर्द सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने कहा है कि विधायक दल की बैठक में उनसे इस्तीफा मांगा गया था. उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि क्या लोकतंत्र में इससे बड़ा कोई अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? अपमान का यह कड़वा घूंट उन्होंने पीया. उन्होंने कहा कि समाचार देखने के बाद आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे. आखिर ऐसा क्या हुआ? जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया. अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक, मैंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है.

हमने जनहित में कई फैसले लिए

31 जनवरी को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद इंडिया गठबंधन ने मुझे झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा करने के लिए चुना. अपने कार्यकाल के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन (3 जुलाई) तक मैंने पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. इस दौरान हमने जनहित में कई फैसले लिए और हमेशा की तरह हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहा. बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों एवं समाज के हर तबके तथा राज्य के हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हमने जो निर्णय लिए, उसका मूल्यांकन राज्य की जनता करेगी.

कार्यकमों को रद्द कर कुछ इस तरह नियमों में बांधा

हूल दिवस के अगले दिन मुझे पता चला कि अगले दो दिनों के मेरे सभी कार्यक्रमों को पार्टी नेतृत्व द्वारा स्थगित करवा दिया गया है. इसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम दुमका में था, जबकि दूसरा कार्यक्रम पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का था. पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा 3 जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है, तब तक आप सीएम के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते.

क्या लोकतंत्र में इस से अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? अपमान का यह कड़वा घूंट पीने के बावजूद मैंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सुबह है, जबकि दोपहर में विधायक दल की बैठक होगी, तो वहां से होते हुए मैं उसमें शामिल हो जाऊंगा. लेकिन उधर से साफ इंकार कर दिया गया.

बेदाग राजनैतिक सफर में मैं पहली बार भीतर से टूट गया

पिछले चार दशकों के अपने बेदाग राजनैतिक सफर में मैं पहली बार भीतर से टूट गया. समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं. दो दिन तक चुपचाप बैठ कर आत्म-मंथन करता रहा. पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती तलाशता रहा. सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता?

जब वर्षों से पार्टी की केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो रही है और एकतरफा आदेश पारित किए जाते हैं, तो फिर किसके पास जाकर अपनी तकलीफ बताता? इस पार्टी में मेरी गिनती वरिष्ठ सदस्यों में होती है, बाकी लोग जूनियर हैं और मुझ से सीनियर सुप्रीमो जो हैं, वे अब स्वास्थ्य की वजह से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, फिर मेरे पास क्या विकल्प था? अगर वे सक्रिय होते, तो शायद अलग हालात होते.

कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था. बैठक के दौरान मुझसे इस्तीफा मांगा गया. मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था.

भावुक होकर मैं आंसुओं को संभालने में लगा था

पिछले तीन दिनों से हो रहे अपमानजनक व्यवहार से भावुक होकर मैं आंसुओं को संभालने में लगा था, लेकिन उन्हें सिर्फ कुर्सी से मतलब था. मुझे ऐसा लगा, मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है. कोई अस्तित्व ही नहीं है. जिस पार्टी के लिए हमने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. इस बीच कई ऐसी अपमानजनक घटनाएं हुईं, जिसका जिक्र फिलहाल नहीं करना चाहता. इतने अपमान एवं तिरस्कार के बाद मैं वैकल्पिक राह तलाशने के लिए मजबूर हो गया.

मैंने भारी मन से विधायक दल की उसी बैठक में कहा कि “आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है ” इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे. पहला, राजनीति से संन्यास लेना, दूसरा, अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा, इस राह में अगर कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना. उस दिन से लेकर आज तक तथा आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों तक इस सफर में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं.

Jharkhand Politics: सोशल मीडिया ‘एक्स’ से झामुमो गायब, तस्वीर में भी झामुमो का जिक्र नहीं

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन कोलकाता के रास्ते दिल्ली पहुंचे. दिल्ली पहुंचने पर उनसे पत्रकारों ने जब सवाल पूछा, तो सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक ने कहा कि वह निजी काम से दिल्ली आए हैं. वहीं, चंपाई सोरेन के दिल्ली पहुंचने से अटकलों का बाजार अभी भी गरम है.

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के दिल्ली पहुंचने पर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा है कि वह निजी काम से आए हैं. इस बीच, उनके ‘एक्स’ अकाउंट से झामुमो गायब हो गया है. चंपाई सोरेन के सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ से उनका बायो बदल गया. ‘एक्स’ पर अब उनके बायो में झारखंड मुक्ति मोर्चा का जिक्र नहीं है. चंपाई सोरेन ने अपने नाम के साथ सिर्फ झारखंड का पूर्व मुख्यमंत्री लिख लिया है. तस्वीर में भी झामुमो का जिक्र नहीं है. उनके बैकग्राउंड पोस्टर पर सिर्फ झारखंड का पूर्व मुख्यमंत्री (Champai Soren, Former Chief Minister, Jharkhand) लिखा है.

Jharkhand Politics: सोशल मीडिया ‘एक्स’ से झामुमो गायब, तस्वीर में भी झामुमो का जिक्र नहीं Champai Soren Twitter 2
‘एक्स’ अकाउंट से झामुमो गायब.

घर से झंडा भी हटाया गया

सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा स्थित चंपाई सोरेन का पैतृक आवास है और यहां से भी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का झंडा हटा लिया गया है. गांव में सभी जगहों से झंडा को हटा लिया गया है. गांव में परिवार के लोग हैं, लेकिन कोई इस बारे में बात करने के लिए तैयार नहीं है. चंपाई सोरेन देर रात निजी कार से अपने पर्सनल ड्राइवर मुन्ना के साथ कोलकाता रवाना हुए. इसके बाद कोलकाता से उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी.

Jharkhand Politics : कोलकाता के रास्ते दिल्ली पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, अटकलों का बाजार गर्म

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कोल्हान टाईगर के नाम से मशहूर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता चंपाई सोरेन रविवार को दिल्ली पहुंच गए हैं. वह कोलकाता के रास्ते दिल्ली पहुंचे हैं. चंपाई सोरेन के दिल्ली पहुंचने से अटकलों का बाजार गरम है. पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कोल्हान प्रमंडल के कई विधायकों के भी दिल्ली जाने की खबर है.

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले चंपाई सोरेन का दिल्ली पहुंचना इत्तफाक नहीं बताया जा रहा है. कोलकाता के रास्ते उनके दिल्ली पहुंचे की खबर मात्र से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है. अटकलों का बाजार गर्म है. चंपाई सोरेन कुछ विधायकों के साथ शनिवार की सड़क मार्ग से झारखंड से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे और रात में वहीं ठहरे. इसके बाद 18 अगस्त रविवार को कोलकाता से दिल्ली के लिए उड़ान भरी. चंपाई सोरेन के साथ झामुमो के कितने विधायक दिल्ली गए हैं, हालांकि, इसकी अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

चंपाई सोरेन पत्रकारों से सिर्फ यही बोलते रहे- हमें कुछ नहीं पता

इसके पहले शनिवार को चंपाई सोरेन ने पत्रकारों से कहा था कि वह यहीं हैं. जब उनसे पूछा गया कि उनके पाला बदलने की चर्चा तेज है, तो उन्होंने कहा कि क्या अफवाहें हैं, नहीं हैं, यह हमें नहीं पता. यह पूछने पर कि खबर है कि आप अपने समर्थकों के साथ किसी अन्य दल में शामिल होने वाले हैं, तो चंपाई सोरेन ने कहा कि हमको कुछ नहीं पता.

चंपाई सोरेन ने कहा-हम जहां हैं, अभी वहीं हैं

चंपाई सोरेन ने कहा कि हम जहां हैं, अभी वहीं हैं. क्या सच है, क्या झूठ है, मुझे कुछ नहीं पता. यह पूछने पर कि लोबिन हेम्ब्रम ने कह दिया है कि वह भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं और आप भी ऐसा ही करने वाले हैं. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे कुछ भी नहीं मालूम. हम जहां पर हैं, वहीं पर हैं. ठीक है.

Sultanganj-Aguwani Ganga Bridge: पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा धराशाई, देखें वीडियो

Bihar Bridge Collapse: भागलपुर जिले में बन रहे सुलतानगंज-अगुवानी घाट गंगा ब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा शनिवार को धराशाई हो गया. इस पुल का काम एक साल से बंद है. तेज आवाज चली, तो इससे सपोर्टिंग पार्ट पानी के तेज बहाव में गिर गया.

Bihar Bridge Collapse: सुलतानगंज-अगुवानी घाट गंगा ब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा शनिवार को गंगा में गिर गया. यह तेज हवा के साथ गंगा के बहाल में धराशाई हो गयी. हालांकि, इससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. लेकिन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ने के कारण तेज बहाव से पुल का एक क्षतिग्रस्त हिस्सा पानी में बह गया है, जिसे हटाने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका था. इस पुल का निर्माण अब नये सिरे होगा. निर्माण की दिशा में प्रक्रिया अपनायी जा रही है.

गंगा पुल के लिए नया डिजाइन तैयार कराया जा रहा है. इसकी प्रक्रिया पूरे होते ही फिर से पुल बनने लगेगा. निगम ने कहा कि पुल के डिजाइन की जिम्मेवारी एजेंसी की थी. पुल का पहला भाग 30अप्रैल, 2022 को क्षतिग्रस्त हुआ था. इसे तोड़कर हटाने का निर्देश दिया गया था. इसके डिजाइन की जांच आइआइटी रूड़की द्वारा करायी गयी थी. इसके अलावा पुल के सब स्ट्रक्चर एवं फाउंडेशन की भी जांच करायी जा रही है.

हटाया जाना था गंगा में गिरा हिस्सा

पुल निर्माण निगम ने कहा कि कि गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं तेज बहाव होने के कारण शनिवार को क्षतिगस्त हो गया. यह भाग पूर्व के क्षतिग्रस्त भाग, जिसे हटाया जाना था. यह उसी का ही एक हिस्सा था. इस पुल पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराया जा रहा है. पुल का दूसरा भाग चार जून, 2023 को क्षतिग्रस्त हो गया था और इसके बाद से पुल का काम बंद है.

क्षतिग्रस्त हिस्सा गिरने से उठी तेज लहर

शनिवार सुबह जैसे ही क्षतिग्रस्त हिस्से का बचा हुआ स्ट्रक्चर गिरा, तो पानी में जोर की आवाज आई. मौजूद लोग भी अचंभित रह गए. अपने भारी-भरकम वजन के कारण गिरते हुए पिलरों के साथ गंगा के पानी में लगभग 100 फीट ऊंचा उछाल आया. ऐसा लगा मानो सूनामी आया हो. गंगा की लहरें लगभग दो किलोमीटर तक भयानक हिलोरें लेने लगीं.

Doctors Strike: ट्रेनी डॉक्टर मर्डर केस के मामले में देशभर में आज डॉक्टरों की हड़ताल, सिर्फ ये सेवाएं चालू

Kolkata Doctor Murder : कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर देने के मामले के विरोध में हॉस्पिटल बंद करने का फैसला लिया गया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. डॉक्टर 24 घंटे के लिए 17 अगस्त की सुबह 6 बजे से हड़ताल पर रहेंगे. शनिवार सुबह 6 बजे से हड़ताल शुरू होगी और यह अगले दिन रविवार सुबह 6 बजे तक चलेगी.

Doctors Strike: ट्रेनी डॉक्टर मर्डर केस के मामले में देशभर में आज डॉक्टरों की हड़ताल, सिर्फ ये सेवाएं चालू Kolkata Doctor 02
Doctors Strike.

Kolkata Doctor Murder : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की ओर से जारी देशव्यापी हड़ताल की घोषणा के बाद डॉक्टर 24 घंटे के लिए 17 अगस्त की सुबह 6 बजे से हड़ताल चले गए हैं. डॉक्टरों का हड़ताल रविवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा. इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ओपीडी के साथ बाकी सेवाएं बंद रहेंगी. अस्पताल जाने से पहले यह पता करना बेहद जरूरी है कि वह खुला है या फिर बंद.

डॉक्टरों की हड़ताल रविवार सुबह छह बजे तक

आईएमए के अनुसार, डॉक्टरों की हड़ताल शनिवार सुबह 6 बजे से अगले दिन रविवार सुबह 6 बजे तक चलेगी. इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ओपीडी के साथ बाकी सेवाएं बंद रहेंगी.

West Bengal : डॉक्टरों के प्रदर्शन से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

पश्चिम बंगाल में राज्यभर के चिकित्सक आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हो गए हैं. इस वजह से शनिवार को स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभारित रहीं. .सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने 14 अगस्त को आरजी कर अस्पताल में की गई तोड़फोड़ का भी विरोध किया, जिससे बाह्य रोगी विभागों में सेवाएं प्रभावित हुईं. प्रदर्शन में शामिल एक चिकित्सक ने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. मांगें पूरी करवाने का यही एकमात्र तरीका है. पुलिस की मौजूदगी में लोग अस्पताल के अंदर कैसे घुस सकते हैं और हम पर हमला कर सकते हैं? हम तोड़फोड़ के असली मकसद को समझते हैं.

प्रदर्शन की वजह से अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित

प्रदर्शन के कारण सरकारी एसएसकेएम अस्पताल, शंभूनाथ पंडित अस्पताल और कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में गैर-जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं. राज्य में निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में भी कमोबेश यही हालात रहे. पिछले सप्ताह आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु चिकित्सक की कथित रूप से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी और वहां तोड़फोड़ भी की गई थी, जिससे पूरे देश में उबाल है.

Bihar : बिहार के सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा और सामान्य कार्य ठप

बिहार के सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवा और सामान्य कार्य ठप हैं. इमरजेंसी सेवा चालू है, लेकिन वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों के परिजन परेशान हैं. कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा की दुष्कर्म के बाद हुई हत्या के विरोध में चिकित्सक संघ ने शनिवार को देशव्यापी हड़ताल (Strike In Bihar Hospital) की घोषणा कर रखी है. इसके पहले भी 14 अगस्त को अस्पतालों में ओपीडी सेवा ठप की गई थी. अपनी सुरक्षा को लेकर देश भर के डॉक्टर आन्दोलन पर उतर गए हैं. दरअसल, पश्चिम बंगाल में महिला डॉक्टर से हैवानियत पर बिहार के डॉक्टर काफी गुस्से में हैं.

हड़ताल में सरकारी और प्राइवेट अस्पताल भी शामिल

डॉक्टरों की हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों पर भी देखने को मिलेगा. आईएमए के आह्वान पर देश के सभी छोटे बड़े अस्पतालों के डॉक्टर आज कोलकाला मर्डर को लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.

बिहार के भागलपुर में यंगस्टर पर रहेगी पुलिस की विशेष नजर, नशीले पदार्थ के कारोबार पर लगेगा रोक

Bihar News : बिहार के भागलपुर में यंगस्टर पर अब पुलिस की विशेष नजर रहेगी. नशा खत्म करने को लेकर वार्ड स्तर पर कमेटी भी बनायी जायेगी. जिलाधिकारी ने कहा कि जितने भी यंगस्टर हैं उन सब पर निगरानी रखने की जरूरत है, खासकर अंधेरे वाले स्थान, उजड़े पुराने भवन के इर्द गिर्द, उच्च विद्यालयों के समीप, हवाई अड्डा के आसपास, रात्रि में भीड़ वाली चाय एवं पान के दुकानों के समीप लगातार गस्ती होनी चाहिए.

बिहार के भागलपुर में यंगस्टर पर रहेगी पुलिस की विशेष नजर, नशीले पदार्थ के कारोबार पर लगेगा रोक NCORD Meeting 2
जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने NCORD को लेकर की बैठक.

Bhagalpur News : भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने वरीय पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में NCORD (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकॉट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) को लेकर सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी के साथ समीक्षा भवन में बैठक आयोजित की गई. बैठक में नशीले पदार्थ के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर गंभीर विमर्श किया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि जितने भी यंगस्टर हैं उन सब पर निगरानी रखने की जरूरत है, खासकर अंधेरे वाले स्थान, उजड़े पुराने भवन के इर्द गिर्द, उच्च विद्यालयों के समीप, हवाई अड्डा के आसपास, रात्रि में भीड़ वाली चाय एवं पान के दुकानों के समीप लगातार गस्ती होनी चाहिए. यदि कोई पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध अच्छी तरह से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दोबारा वह व्यक्ति इस कार्य को ना करें.

सड़क एवं रेल मार्ग से पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों से आता ड्रग्स

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भागलपुर के पांच सबसे बड़ी समस्या में ड्रग्स का कारोबार भी आता है. सड़क एवं रेल मार्ग से बंगाल एवं अन्य राज्यों से ड्रग्स लाया जाता है. ड्रग्स की बड़ी-बड़ी खेप (एक-एक किलोग्राम तक) जिसकी कीमत 50 लाख रुपया से अधिक है और पकड़ा जाता है. उन्होंने कहा कि खासकर 09वें वर्ग से 12वें वर्ग के बच्चे इस का आसानी से शिकार हो जाते हैं. कुछ दिनों तक आदत लगाने के लिए उन्हें फ्री में ड्रग्स दिया जाता है, जब वह आदि हो जाते हैं तो फिर बिना ड्रग्स के वह नहीं रह सकते. फिर ड्रग्स हासिल करने के लिए कोई भी घृणित अपराध करने को लेकर तैयार हो जाते हैं.

अपराध किसी भी समाज के लिए अभिशाप है : डीएम

जिलाधिकारी ने कहा कि अपराध किसी भी समाज के लिए अभिशाप है. इसे पूर्णतया समाप्त करने के लिए वार्ड स्तर पर कमेटी बनाई जाये. इसमें थाना के सेक्टर पदाधिकारी, वार्ड पार्षद, पूर्व वार्ड पार्षद, हारा हुआ वार्ड पार्षद के साथ उसे वार्ड के गणमान्य लोगों, शिक्षकों नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को शामिल किया जाये. जो नशा करने वाले और अंधेरे वाले या संदिग्ध स्थलों की सूची उपलब्ध कराएंगे. साथ ही जन जागरूकता भी करेंगे. वहां प्रकाश और गश्ती की व्यवस्था कराई जाएगी.
नशे की आदत छुड़ाने के लिए नशामुक्ति केंद्र को और सक्रिय किया जाएगा. इसके साथ ही रात्रि में चलने वाले चाय-गुटके की दुकान, बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन, सलम एरिया पर भी अनुमंडल स्तर से छापामारी करायी जाये.