Harivansh: राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने एक अहम फैसले के तहत निवर्तमान उपसभापति हरिवंश (Harivansh) को फिर से राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया है. उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद उच्च सदन में यह स्थान रिक्त हो गया था. अब उन्हें इस खाली सीट को भरने के लिए नामित किया गया है.
गोगोई के रिटायरमेंट के बाद खाली हुई थी सीट
यह नामांकन उस रिक्ति को भरने के लिए किया गया है, जो पूर्व प्रधान न्यायाधीश Ranjan Gogoi के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्पन्न हुई थी. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में संविधान के अनुच्छेद 80 के प्रावधानों का हवाला देते हुए इस फैसले की जानकारी दी गई.
अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए नामित श्रेणी में खाली हुई सीट को भरने के लिए हरिवंश को फिर से उच्च सदन का सदस्य नियुक्त किया है.
पहले भी निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
हरिवंश पहले भी राज्यसभा के सदस्य के रूप में दो कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और इस दौरान उन्होंने बिहार का प्रतिनिधित्व किया. इसके अलावा वे उच्च सदन के उपसभापति पद पर भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं, जहां उन्होंने संसदीय कार्यवाही के संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी.
उनकी दोबारा एंट्री को संसदीय अनुभव और निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उच्च सदन के कामकाज में उनकी भूमिका एक बार फिर अहम मानी जा रही है.
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