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Kolkata Rail : पूर्व रेलवे ने एक दर्दनाक हादसे के बाद यात्रियों से सख्त अपील जारी की है कि वे रेलवे ट्रैक पार करने जैसे खतरनाक शॉर्टकट से बचें और केवल फुट ओवरब्रिज का ही इस्तेमाल करें. यह अपील एक ऐसी घटना के बाद सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक व्यक्ति बल्कि उसके पूरे परिवार की जिंदगी को प्रभावित कर दिया. रेलवे ने इस घटना को उदाहरण बनाते हुए यात्रियों को आगाह किया है कि कुछ मिनट बचाने की जल्दबाज़ी कभी-कभी जिंदगी भर का नुकसान बन सकती है.
प्रबीर पॉल (परिवर्तित नाम) नाम के एक यात्री प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अपनी ट्रेन के आगमन की घोषणा होते ही जल्दबाज़ी में ट्रैक पार करने लगे. समय बचाने के प्रयास में उन्होंने फुट ओवरब्रिज का उपयोग नहीं किया और सीधे ट्रैक पर उतर गए. इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए. इस हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया, जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है.
एक क्षण की जल्दबाज़ी, जीवन भर का संकट
यह दुर्घटना केवल शारीरिक चोट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी सामने आए हैं. पॉल अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, ऐसे में इस हादसे ने उनके घर को आर्थिक असुरक्षा और मानसिक तनाव के दौर में धकेल दिया है. परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर भविष्य की योजनाओं तक सब कुछ प्रभावित हुआ है. यह घटना इस बात का कड़ा उदाहरण बनकर उभरी है कि थोड़ी सी लापरवाही किस तरह पूरे परिवार के जीवन को संकट में डाल सकती है.
पूर्व रेलवे ने इस घटना को साझा करते हुए कहा है कि यदि फुट ओवरब्रिज का उपयोग किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था. रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को यह समझना होगा कि ट्रैक पार करना सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि अपनी जान को जोखिम में डालना है.
सुरक्षा के लिए बढ़ाया जा रहा बुनियादी ढांचा
यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्व रेलवे लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान चारों मंडलों में कुल 10 नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया है. इन पुलों का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और ऊंचा मार्ग उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें ट्रैक पर उतरने की आवश्यकता न पड़े.
हावड़ा मंडल में साईंथिया, बरगोपीनाथपुर, डानकुनि और जयरामबाती स्टेशनों पर नए फुट ओवरब्रिज चालू कर दिए गए हैं. सियालदह मंडल में बसुलडांगा स्टेशन पर नई सुविधा शुरू की गई है. आसनसोल मंडल में जसीडीह, सीतारामपुर और नवाब मोड़ पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया गया है, जबकि मालदा मंडल में मुरारपुर और अभयपुर स्टेशनों पर भी नए पुल यात्रियों की सेवा में शुरू हो चुके हैं. रेलवे का मानना है कि इन सुविधाओं के जरिए यात्रियों को सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ उठाना उनकी जिम्मेदारी भी है.
“कुछ कदम आपकी पूरी ज़िंदगी बचा सकते हैं”
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने में भले ही कुछ अतिरिक्त कदम चलने पड़ते हों, लेकिन यही कदम किसी की पूरी जिंदगी बचा सकते हैं. उन्होंने कहा कि जल्दबाज़ी का एक पल जीवन भर का पछतावा बन सकता है, इसलिए यात्रियों को हमेशा सुरक्षित रास्ता चुनना चाहिए.
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रैक केवल ट्रेनों के संचालन के लिए बनाए गए हैं, न कि पैदल चलने के लिए. प्रशासन जहां एक ओर तेजी से नई सुविधाएं विकसित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
पूर्व रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें, फुट ओवरब्रिज का ही इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के खतरनाक शॉर्टकट से बचें. यह केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने और अपने परिवार के भविष्य की सुरक्षा का सवाल है.
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