इस खबर में क्या है?
Bihar News : राज्य के विश्वविद्यालयों में खाली पड़े प्रतिकुलपति पदों को भरने की कवायद तेज होने जा रही है. कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित मानकों को लागू किया जाएगा, लेकिन जब तक इन मानकों को पूरी तरह अपनाया नहीं जाता, तब तक बहाली पटना विश्वविद्यालय अधिनियम और बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के प्रावधानों के तहत ही की जाएगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
लंबे समय से खाली हैं अहम पद
प्रदेश के अधिकांश पारंपरिक विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति का पद काफी समय से रिक्त है. तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में यह पद वर्ष 2021 से खाली पड़ा है. उस समय इस पद पर प्रोफेसर रमेश कुमार कार्यरत थे, जिनका कार्यकाल पूरा होने के बाद नए प्रतिकुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी.
अस्थायी व्यवस्था से चल रहा काम
पद खाली रहने की स्थिति में विश्वविद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत काम चलाया जा रहा है. जब कुलपति मुख्यालय से बाहर रहते हैं, तो वरिष्ठ शिक्षक को नियमित कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है. अब नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को स्थायी रूप देने की उम्मीद जताई जा रही है.
इसे भी पढ़ें-बीएयू सबौर का भव्य दीक्षांत, 443 छात्रों को डिग्री—महामहिम ने कृषि और तकनीक पर दिया बड़ा विजन
इसे भी पढ़ें-विधानसभा में सम्राट की ‘जोरदार जीत’, विश्वास मत पास—विपक्ष के आरोप रह गए पीछे
इसे भी पढ़ें-निशांत कुमार की राज्यव्यापी यात्रा तय, मई से गांव-गांव पहुंचेंगे, जनता से करेंगे मुलाकात
इसे भी पढ़ें-प्रशांत किशोर का बड़ा दावा—बिहार में जल्द खत्म होगी शराबबंदी; आर्थिक संकट की आहट!

