Noamundi News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक और सड़क हादसा सामने आया, जहां जामपानी पाराबुरु घाटी में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार परिवार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में पति, पत्नी और उनका छोटा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिससे कुछ समय तक घायलों को सड़क पर ही मदद का इंतजार करना पड़ा. घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिला.
मुखिया ने दिखाई तत्परता, तुरंत पहुंचाई मदद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया हीरा मोहन पूर्ति मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत कार्य शुरू कराया. उन्होंने टीएसएफ के जरिए एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को तुरंत टिस्को अस्पताल, नोवामुंडी भेजा गया. अस्पताल में सभी का इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है, जहां उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है. स्थानीय लोगों ने मुखिया की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की और इसे मानवता की मिसाल बताया.
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ओडिशा निवासी है घायल परिवार
घायलों की पहचान रेनसो मुंडा (28), लक्ष्मी मुंडा (25) और उनके पांच वर्षीय बेटे रेंसु मुंडा के रूप में हुई है. बताया गया कि ये सभी ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल थाना क्षेत्र के बड़ा जामदा कारा केंद्र के रहने वाले हैं. हादसे में रेनसो मुंडा को हाथ और पैर के दाहिने हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं. वहीं लक्ष्मी मुंडा का दाहिना हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया है, आंख के ऊपर गहरी चोट है और पैर में भी चोट लगी है. बच्चे के सिर और हाथ में चोट बताई जा रही है. परिजनों के अनुसार, परिवार चंपुआ स्थित एक स्कूल में अपनी बेटी सविता मुंडा से मिलकर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया.
समाज सेवा में सक्रिय रहते हैं मुखिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हीरा मोहन पूर्ति हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक भटकी हुई बुजुर्ग महिला को उसके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा एक अन्य सड़क दुर्घटना में भी उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय सहयोग किया था. उनके इस रवैये को लेकर इलाके में उनकी सराहना की जाती है.
लगातार हादसों से बढ़ी चिंता
इलाके में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर सुरक्षा उपायों को सख्त किया जाए और तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.
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