22.1 C
Delhi
Saturday, November 29, 2025
- Advertisment -

ब्रेकिंग वीडियो

Bhagalpur News: टीएमबीयू के एमओयू सिर्फ कागजों तक सीमित, छात्रों और शिक्षकों को लाभ नहीं

Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में कई एमओयू साइन हुए, लेकिन छात्रों और शिक्षकों को इसका कोई ठोस लाभ नहीं मिला. प्रशासन द्वारा किए गए समझौते केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं.

Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) जरूर हुए, लेकिन अब तक इसका जमीनी लाभ छात्रों और शिक्षकों तक नहीं पहुंच पाया है. प्रशासन ने लगभग आधा दर्जन संस्थानों के साथ समझौते किए, लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं हो सका.

पूर्व कुलपति ने किए थे एमओयू

टीएमबीयू के प्रो जवाहर लाल के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय, ग्लोबल लीडर फाउंडेशन (नई दिल्ली) और वीरेंद्र विश्वविद्यालय, राजशाही (बांग्लादेश) के साथ एमओयू साइन हुए. हालांकि, एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इन समझौतों के तहत कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसके चलते टीएमबीयू के शिक्षक और छात्र इन एमओयू का लाभ नहीं उठा पाए और बाहर के संस्थानों के शिक्षक और छात्र भी विश्वविद्यालय नहीं आए.

इसे भी पढ़ें-डॉ. पूशन मोहापात्रा ने NEET PG 2025 में बनाया इतिहास, रैंक 1 के साथ 707 अंक

पहले हुए समझौते भी ठंडे पड़े

पूर्व में टीएमबीयू ने बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, श्री गौशाला समिति और बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के साथ भी एमओयू किए थे. इनमें छात्रों और शिक्षकों को रिसर्च और लैब सुविधाओं का लाभ मिलने का अवसर था, लेकिन इसकी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई.

वर्मी कंपोस्ट प्रोजेक्ट भी अधूरा

टीएमबीयू का बीएयू सबौर और श्री गौशाला समिति के साथ एमओयू में, छात्रों और किसानों तक सस्ता जैविक खाद (वर्मी कंपोस्ट) पहुंचाने का प्रोजेक्ट भी शामिल था. पहले यूनिट में सह किट तैयार की गई और पीजी जूलॉजी विभाग में दूसरा यूनिट बनाया गया. उद्देश्य था कि किसानों को लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने वाला वर्मी कंपोस्ट उपलब्ध कराया जाए. लेकिन जमीन पर इसका कोई ठोस परिणाम नहीं दिखा, और किसानों को तकनीकी सहयोग नहीं मिल पाया.

इसे भी पढ़ें-बैंक ऑफिसर बनने की रेस में रहना है आगे, तो फटाफट भरें फॉर्म

सवाल अब उठने लगे हैं

इन परिस्थितियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या टीएमबीयू केवल एमओयू के नाम पर दिखावा कर रहा है या वास्तव में छात्रों और शिक्षकों के हित में कदम उठा रहा है. विशेषज्ञों और शिक्षकों का कहना है कि एमओयू का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब इसके कार्यान्वयन पर ध्यान दिया जाएगा.

इसे भी पढ़ें-डाकघरों में 1854 से चली आ रही रजिस्ट्री सेवा होगी बंद, स्पीड पोस्ट बनेगा विकल्प

- Advertisement -
HelloCities24
HelloCities24
HelloCities24 हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, खेल और मनोरंजन से जुड़ी ताजा खबरें लाता है. अपने शहर की बड़ी खबरें सबसे पहले पाएं HelloCities24 पर — भरोसेमंद हिंदी न्यूज प्लेटफॉर्म.
संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

- Advertisment -
Patna
haze
23 ° C
23 °
23 °
56 %
0kmh
22 %
Sat
22 °
Sun
26 °
Mon
26 °
Tue
26 °
Wed
27 °

ट्रेंडिंग टॉपिक्स

- Advertisment -

अन्य खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here