Srishti Goyal Success Story: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही देशभर में कई घरों में खुशियों का माहौल बन गया. इसी सूची में मध्य प्रदेश के ग्वालियर की सृष्टि गोयल का नाम भी शामिल है, जिन्होंने ऑल इंडिया रैंक 160 हासिल कर अपने परिवार और शहर को गौरवान्वित किया है. उनकी सफलता की खबर मिलते ही घर में जश्न का माहौल बन गया और बधाइयों का तांता लग गया.
ग्वालियर की रहने वाली सृष्टि, परिवार में पहली सरकारी अधिकारी
सृष्टि गोयल मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के चिक संतर इलाके की निवासी हैं. उनका परिवार लंबे समय से सराफा कारोबार से जुड़ा हुआ है. उनके पिता सुनील गोयल पारिवारिक ज्वेलरी व्यवसाय संभालते हैं, जबकि उनकी मां अंजू गोयल गृहिणी हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को संभालती हैं.
सृष्टि की उपलब्धि परिवार के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वह अपने घर की पहली सदस्य हैं, जिन्होंने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास कर सरकारी सेवा में जगह बनाई है. परिणाम घोषित होते ही रिश्तेदारों और परिचितों ने घर पहुंचकर बधाई दी और परिवार की खुशी कई गुना बढ़ गई.
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इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान बदला करियर का लक्ष्य
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सृष्टि ने भी अन्य छात्रों की तरह इंजीनियरिंग को अपना करियर चुना और उसी क्षेत्र में स्नातक की डिग्री हासिल की. लेकिन कॉलेज के दिनों में ही उनकी सोच धीरे-धीरे बदलने लगी.
पढ़ाई के दौरान उन्होंने एक सामाजिक संगठन के साथ काम करना शुरू किया. लोगों की समस्याओं को करीब से देखने और उनकी मदद करने के अनुभव ने उनके भीतर समाज के लिए कुछ बड़ा करने की इच्छा पैदा की. इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवा में जाने का विचार मजबूत हो गया.
कई असफलताओं के बाद मिली बड़ी सफलता
सृष्टि की यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत और लगातार संघर्ष की कहानी छिपी है. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में कुल पांच बार प्रयास किया.
इनमें से तीन बार वह मुख्य परीक्षा पास कर इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सकीं. बार-बार अंतिम चरण में रुकने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. आखिरकार पांचवें प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 160वीं रैंक के साथ परीक्षा में सफलता हासिल कर ली.
उनकी यह कहानी बताती है कि धैर्य, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति दृढ़ विश्वास हो तो बड़ी से बड़ी मंजिल भी हासिल की जा सकती है.
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