Bihar Revenue Department Update: बिहार सरकार अब राजस्व प्रशासन को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. राज्य सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा पहले से अधिक तेज और पारदर्शी तरीके से किया जा सके.
म्यूटेशन और जमीन विवाद के मामलों में आएगी तेजी
राजस्व विभाग की योजना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से म्यूटेशन अपील और बीएलडीआर एक्ट से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज किया जाए. इसके जरिए लंबित मामलों को कम करने और तय समय के भीतर निर्णय देने की दिशा में काम किया जाएगा.
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सरकार का मानना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी और आम लोगों को भी समय पर राहत मिल सकेगी. जमीन से जुड़े विवाद और अपील के मामलों में अक्सर देरी की शिकायतें आती रही हैं, ऐसे में एआई के उपयोग से प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की कोशिश की जा रही है.
अधिकारियों को दी जा रही नई तकनीक की ट्रेनिंग
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है. इस पहल के तहत अधिकारियों को बताया जा रहा है कि किस तरह एआई आधारित तकनीक का उपयोग राजस्व मामलों के विश्लेषण और निष्पादन में किया जा सकता है.
इससे उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी.
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताई योजना
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है.
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से म्यूटेशन अपील और बीएलडीआर एक्ट से संबंधित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी. इससे लोगों को समय पर न्याय मिलने की संभावना भी बढ़ेगी और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी.
डीसीएलआर के लिए आयोजित की गई विशेष वर्कशॉप
राजस्व विभाग की ओर से इस दिशा में पहल करते हुए पटना के पुराने सचिवालय में राज्य के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) के लिए एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की गई. इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को एआई आधारित तकनीक के उपयोग से परिचित कराना और राजस्व कार्यों में इसके उपयोग को बढ़ावा देना था.
वर्कशॉप के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि किस तरह नई तकनीक की मदद से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाया जा सकता है. इस कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और तकनीक आधारित प्रशासन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की.
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