Middle East Crisis: गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर बुधवार को एक भारतीय तेल टैंकर सुरक्षित पहुँच गया, जिसमें 80,886 टन कच्चा तेल लदा हुआ था. पोत पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की दुर्घटना या घटना नहीं हुई.
पिछले कुछ दिनों में भारत की समुद्री आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए कई जहाज मिडिल ईस्ट से रवाना हुए थे, जिनमें शिवालिक, नंदा देवी, जग प्रकाश और जग लाडकी शामिल हैं. इन जहाजों की सुरक्षित वापसी भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए राहत की खबर है.
#WATCH भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात में अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पहुंचा।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 18, 2026
इसमें UAE से मंगाया गया लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) क्रूड ऑयल था, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया।
(वीडियो सोर्स: अडानी पोर्ट) pic.twitter.com/b52Wki0MjN
फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाज
फिलहाल फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इनमें 22 जहाज स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पश्चिमी किनारे पर और दो जहाज पूर्वी किनारे पर स्थित हैं. पश्चिमी किनारे पर फंसे जहाजों में छह एलपीजी जहाज, एक LNG टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद ले जाने वाला जहाज, तीन कंटेनर जहाज और दो थोक वाहक शामिल हैं. इसके अलावा एक ड्रेजर और एक खाली जहाज भी खड़ा है. तीन जहाज नियमित रखरखाव के लिए बंदरगाह पर हैं.
स्ट्रेट ऑफ हार्मुज और वैश्विक स्थिति
स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में करीब 500 टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें कच्चा तेल, ऑयल प्रोडक्ट, रासायनिक उत्पाद और अन्य माल ले जाने वाले जहाज शामिल हैं. ईरान केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिनका स्वामित्व और संचालन अमेरिका या उसके सहयोगियों से संबद्ध नहीं है. इस कदम का उद्देश्य खाड़ी में सुरक्षा बनाए रखना है.
नाविकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि फंसे हुए जहाजों और उनके नाविकों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी जारी है. भारत की ऊर्जा आपूर्ति में किसी प्रकार की व्यवधान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद भारत की समुद्री आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है.
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