Patna News: पटना में खुले में मांस और मछली बेचने की परंपरा अब खत्म होने की ओर बढ़ रही है. नगर निगम ने इस व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर शहरभर में एक व्यापक सर्वे कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में दुकानों की स्थिति की जांच की गई. इस कार्रवाई का मकसद साफ-सफाई के मानकों को लागू करना और अनियंत्रित ढंग से हो रही बिक्री पर रोक लगाना है. शुरुआती जांच में सामने आया कि अधिकांश दुकानदार तय नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके बाद निगम ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
1420 दुकानों की पहचान, बड़ी संख्या में नोटिस
नगर निगम द्वारा चलाए गए इस सर्वे अभियान में कुल 1420 मांस और मछली बेचने वाली दुकानों को चिन्हित किया गया. इनमें से 1135 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
इन दुकानों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी. राजधानी के अलग-अलग अंचलों में टीमों ने लगातार निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है.
लाइसेंस सिस्टम लागू, लेकिन उदासीनता बरकरार
नगर निगम ने मांस दुकानों के लिए लाइसेंस की व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है, ताकि कारोबार व्यवस्थित ढंग से हो सके. इसके बावजूद दुकानदारों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई दे रही है.
एक महीने के भीतर केवल 12 दुकानदारों ने ही लाइसेंस के लिए आवेदन कर उसे हासिल किया है. कई आवेदनों को मानकों पर खरा न उतरने के कारण खारिज भी किया गया है. निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस के कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
686 दुकानों पर तत्काल रोक
सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में दुकानदार सड़क किनारे खुले में मांस और मछली बेच रहे थे. ऐसे करीब 686 दुकानों को चिन्हित कर उन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
अलग-अलग अंचलों में कार्रवाई के दौरान राजधानी क्षेत्र में 299, पाटलिपुत्र में 145 और बांकीपुर में 139 दुकानों पर प्रतिबंध लगाया गया है. पटना सिटी और अजीमाबाद इलाकों में भी निरीक्षण के दौरान अवैध ठेले और गुमटियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
साफ-सफाई और ढांचे पर जोर
नगर निगम ने मांस दुकानों के लिए स्पष्ट मानक तय किए हैं. इसके तहत दुकानों को ढके हुए स्थान पर संचालित करना, साफ-सफाई बनाए रखना और पारदर्शी शीशों के पीछे बिक्री करना अनिवार्य किया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य केवल व्यवस्था सुधारना ही नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
आगे और तेज होगा अभियान
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि किसी भी धार्मिक स्थल या स्कूल के 100 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी.
आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा. जिन दुकानदारों ने नोटिस मिलने के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया या लाइसेंस नहीं लिया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें सामान जब्त करने के साथ भारी जुर्माना भी शामिल होगा.
इसे भी पढ़ें-गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्राया मोतिहारी, कारोबारी के घर पर हमला, गांव में दहशत
इसे भी पढ़ें-गोपालगंज में रेस्टोरेंट सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ – पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा
इसे भी पढ़ें-रेलवे का बड़ा फैसला: आनंद विहार समेत कई रूटों की स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की अवधि बढ़ी
इसे भी पढ़ें-बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा में विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, मतदान के बाद फिर लौटे जेल
इसे भी पढ़ें-मतदान के बीच कांग्रेस के 3 विधायक गायब; कमरूल होदा का दावा- सभी विधायक रास्ते में हैं
इसे भी पढ़ें-बिहार विधानसभा में मतदान जारी, पहली बार वोट डालने पहुंचीं मैथिली ठाकुर

